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Monu chandel
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- उपयोगकर्ता ने अपनी एक नई पोस्ट साझा की है और अपने सभी दोस्तों से अपील की है कि वे इसे लाइक करें और उन्हें फॉलो करें। पोस्ट में इस अनुरोध को बार-बार दोहराया गया है।1
- विदिशा में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को बाबड़ी वाले बाबा सहित विभिन्न सवारियाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कर्बला के लिए रवाना होंगी। इस अवसर पर, बाबड़ी वाले बाबा की सवारी सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश करेगी, क्योंकि वर्षों से एक हिंदू कुशवाहा परिवार इसकी सेवा करता आ रहा है। बड़े बाजार स्थित बाबड़ी वाले बाबा की मजार लोगों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जिसके ठीक सामने बजरंगबली मंदिर है। यहाँ दोनों धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं, जो विदिशा की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। कुशवाहा परिवार के अनुसार, उनके पूर्वजों ने बाबा की सेवा शुरू की थी और अब परिवार की पाँचवीं पीढ़ी इस परंपरा को निभा रही है। हर साल परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य के सिर पर बाबा की सवारी उठाई जाती है, और फूलों तथा पारंपरिक सजावट से सजी इस सवारी को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। परिवार का कहना है कि इस आयोजन के लिए किसी भी तरह का चंदा नहीं लिया जाता है, बल्कि पूरी व्यवस्था परिवार द्वारा स्वयं की जाती है। श्रद्धालु अपनी इच्छा से सेवा और भंडारे में सहयोग करते हैं। इस साल भी सवारी के लिए मुंबई से पारंपरिक ढोल और दिल्ली से सेहरा मंगवाया गया है। परिवार के सदस्य रोहित कुशवाहा ने बताया कि यह सवारी अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विदिशा की पहचान बन चुकी है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय समान रूप से भाग लेते हैं। स्थानीय निवासी विनोद कुमार सोनी के अनुसार, यह परंपरा दशकों से बिना किसी रुकावट के चली आ रही है और आज भी सामाजिक एकता व भाईचारे का संदेश देती है।4
- बीना रिफाइनरी के आसपास पांच किलोमीटर क्षेत्र में लागू नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) को हटाने की मांग अब ज़ोर पकड़ने लगी है। सर्वदलीय नो डेवलपमेंट जोन हटाओ समिति ने एक प्रेसवार्ता में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक ओर जहां ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने की भी अनुमति नहीं दी जाती, वहीं दूसरी ओर बड़ी निर्माण कंपनियों को खुलेआम निर्माण कार्य करने की खुली छूट दी जा रही है। समिति ने इस स्थिति को ग्रामीणों के साथ अन्याय करार देते हुए एक बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी है। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, रिफाइनरी की स्थापना के बाद से लागू हुए इस प्रतिबंध के कारण 52 गांवों के लगभग एक लाख लोग पिछले 17 वर्षों से लगातार प्रभावित हैं। ग्रामीणों को मकान निर्माण, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य विकास कार्यों को पूरा करने में लगातार भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि पड़ोसी विदिशा जिले में इस तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं है, जबकि सागर जिले के ग्रामीण निरंतर इस समस्या से जूझ रहे हैं। प्रेसवार्ता में नेताओं ने कंपनियों को निर्माण की अनुमति देने और ग्रामीणों पर प्रतिबंध लगाने को दोहरा मापदंड बताया, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी नाराजगी है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और आर-पार का आंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल, नो डेवलपमेंट जोन का यह मुद्दा एक बार फिर गर्मा गया है, और अब यह देखना होगा कि प्रशासन और सरकार ग्रामीणों की इन मांगों पर क्या फैसला लेते हैं।1
- बीना में शुक्रवार को मोहर्रम का त्यौहार बड़े उल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए ताजियों के भव्य जुलूस निकाले, जिससे शहरभर में गम और शोक का माहौल रहा। इस अवसर पर आपसी भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली। सुबह से ही विभिन्न मोहल्लों से ताजिये निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे। जुलूस में शामिल अजादार 'या हुसैन, या हुसैन' के नौहे पढ़ते हुए चल रहे थे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, वहीं हिंदू समुदाय के लोगों ने भी जगह-जगह शरबत और पानी पिलाकर जुलूस का स्वागत किया। इस मौके पर असलम शेर खान ने मोहर्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह महीना इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन ने सत्य और इंसानियत के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी, और उनका पैगाम था कि जुल्म के सामने कभी नहीं झुकना चाहिए। खान ने जोर दिया कि मोहर्रम हमें आपसी भाईचारा, अमन और इंसानियत बनाए रखने की सीख देता है, और यह त्यौहार गम का होते हुए भी अन्याय के खिलाफ खड़े होने का एक सार्वभौमिक संदेश देता है। जुलूस के दौरान जगह-जगह सबील भी लगाई गईं। शहर के गणमान्य नागरिकों ने भी कर्बला पहुंचकर शांति और भाईचारे के लिए दुआ की। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मोहर्रम का त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।4
- आज बीना में ब्लॉक अधिवक्ता संघ के चुनाव को लेकर वकीलों में खासा उत्साह देखा गया। मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के निर्देशन में आयोजित इस चुनाव में कुल 269 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। बीना बार में इस लोकतांत्रिक महापर्व के माध्यम से नए पदाधिकारियों का फैसला किया जाएगा।1
- विदिशा के लवकुश नगर में एक शादी समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग ने खुशियों को मातम में बदल दिया। इस दर्दनाक घटना में रायसेन के 35 वर्षीय किराना व्यापारी राकेश सेन की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। राकेश अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए विदिशा आए थे। जश्न के बीच देसी कट्टे से चली गोली सीधे उन्हें जा लगी। इस मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मृतक के भांजे 'अन्नी' को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अब हथियार की वैधता की जांच की जा रही है। मृतक राकेश सेन अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं, जिससे शादी की खुशियां पूरी तरह से मातम में तब्दील हो गईं।1
- 'सेफ क्लिक' अभियान के तहत, पुलिस ने मुशकाबाद स्थित इंदिरा आवास आंगनबाड़ी केंद्र पर महिलाओं और किशोरियों को जागरूक किया।1
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