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गाडरवारा में राष्ट्रवादी किसान आर्मी के तत्वावधान में एक विशाल किसान जनक्रांति आंदोलन का शुभारंभ हो गया है।
पं. सतीश लबानिया
गाडरवारा में राष्ट्रवादी किसान आर्मी के तत्वावधान में एक विशाल किसान जनक्रांति आंदोलन का शुभारंभ हो गया है।
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- गड़रवारा में राष्ट्रवादी किसान आर्मी ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तुत किया गया, हालांकि ज्ञापन में उठाई गई विशिष्ट मांगों का विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सांई खेड़ा नगर में सीएम राइज विद्यालय बनकर तैयार हो गया है। यह विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक बड़ी सौगात थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे बढ़ाया। क्षेत्रीय विधायक मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के प्रयासों से यह विद्यालय जल्द ही बनकर तैयार हो गया है, जिसमें करोड़ों रुपये की लागत आई है। शासकीय विद्यालय सांदीपनि नाम से तैयार हुए इस संस्थान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलेगा।1
- जिला चिकित्सालय में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत, शून्य से पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को दवा पिलाई गई।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने एक नया अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य "डिजिटल फॉरेस्ट" नामक गतिविधि के संबंध में जनता को जागरूक करना है। इस अभियान के तहत पुलिस ने स्पष्ट किया है कि "डिजिटल फॉरेस्ट" कोई कानूनी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह असल में एक साइबर फ्रॉड है।1
- डिजिटल इंडिया और विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुआंर के अटावारी गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहाँ देश को आजाद हुए सात दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी एक सुरक्षित और पक्की सड़क नहीं बन पाई है। यह स्थिति प्रशासनिक दावों और जनप्रतिनिधियों के वादों की पोल खोलती है, जिससे ग्रामीण आज भी एक बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने तो आते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वे अपनी सुख-सुविधाओं में व्यस्त हो जाते हैं और गाँव को भूल जाते हैं। शासन-प्रशासन की इस लगातार उपेक्षा से तंग आकर ग्रामीण हर साल अपनी किस्मत खुद बदलने पर मजबूर होते हैं। बरसात का मौसम आते ही गाँव की कच्ची सड़क दलदल में बदल जाती है, ऐसी मजबूरी में ग्रामवासी आपस में चंदा इकट्ठा करते हैं और पूरे गाँव के लोग मिलकर श्रमदान कर सड़क पर मुरम या ककंड डालकर उसे कम से कम पैदल चलने लायक बनाते हैं। यह सिलसिला सालों से यूं ही चला आ रहा है। इस सड़कविहीन स्थिति का सबसे बुरा असर गाँव के बच्चों और बीमार बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बारिश के दिनों में रास्ता पूरी तरह बंद हो जाने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान होता है। वहीं, अगर गाँव में कोई अचानक बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो, तो ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं, और कई बार समय पर इलाज न मिलने से स्थिति बेहद नाजुक हो जाती है। तमाम परेशानियों और प्रशासनिक उपेक्षा से जूझ रहे अटावारी के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है, और उन्होंने एक स्वर में जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि वे स्वयं संज्ञान लेकर ग्राम अटावारी के लिए पक्की सड़क मार्ग के निर्माण की स्वीकृति दें और उन्हें इस नारकीय जीवन से मुक्ति दिलाएँ। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस जायज और बुनियादी मांग को गंभीरता से लेता है, या फिर अटावारी के लोग इस साल भी कीचड़ और दलदल के बीच अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर होंगे।1
- नरसिंहपुर जिला अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र में करीब एक घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से अस्पताल में भर्ती मरीज अत्यधिक परेशान हो गए और उन्हें गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिससे वहाँ एक तरह का हाहाकार मच गया था। सौभाग्य से, लगभग एक घंटे के बाद बिजली बहाल हो गई और पंखे भी चालू हो गए, जिससे मरीजों को थोड़ी राहत मिली। पोस्ट करने वाले ने सरकारी जिला अस्पताल में एक-एक घंटे की लगातार बिजली कटौती पर चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि मरीजों की इस गंभीर परेशानी के प्रति सरकार मौन है और उदासीन दिख रही है। यह घटना नरसिंहपुर जिला अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित है, जिसका एक वीडियो पोस्ट करने वाले के पास है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो अभी तक अपलोड नहीं किया गया है, लेकिन यदि लोग इस पर टिप्पणी करते हैं तो वे इसे साझा कर देंगे।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान हजारों किसान ट्रैक्टरों, बैलगाड़ियों और पैदल मार्च के साथ सड़कों पर उतरे। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।1
- गाडरवारा में राष्ट्रवादी किसान आर्मी के तत्वावधान में एक विशाल किसान जनक्रांति आंदोलन का शुभारंभ हो गया है।1