नरसिंहपुर जिला अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र में करीब एक घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से अस्पताल में भर्ती मरीज अत्यधिक परेशान हो गए और उन्हें गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिससे वहाँ एक तरह का हाहाकार मच गया था। सौभाग्य से, लगभग एक घंटे के बाद बिजली बहाल हो गई और पंखे भी चालू हो गए, जिससे मरीजों को थोड़ी राहत मिली। पोस्ट करने वाले ने सरकारी जिला अस्पताल में एक-एक घंटे की लगातार बिजली कटौती पर चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि मरीजों की इस गंभीर परेशानी के प्रति सरकार मौन है और उदासीन दिख रही है। यह घटना नरसिंहपुर जिला अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित है, जिसका एक वीडियो पोस्ट करने वाले के पास है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो अभी तक अपलोड नहीं किया गया है, लेकिन यदि लोग इस पर टिप्पणी करते हैं तो वे इसे साझा कर देंगे।
नरसिंहपुर जिला अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र में करीब एक घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से अस्पताल में भर्ती मरीज अत्यधिक परेशान हो गए और उन्हें गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिससे वहाँ एक तरह का हाहाकार मच गया था। सौभाग्य से, लगभग एक घंटे के बाद बिजली बहाल हो गई और पंखे भी चालू हो गए, जिससे मरीजों को थोड़ी राहत मिली। पोस्ट करने वाले ने सरकारी जिला अस्पताल में एक-एक घंटे की लगातार बिजली कटौती पर चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि मरीजों की इस गंभीर परेशानी के प्रति सरकार मौन है और उदासीन दिख रही है। यह घटना नरसिंहपुर जिला अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित है, जिसका एक वीडियो पोस्ट करने वाले के पास है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो अभी तक अपलोड नहीं किया गया है, लेकिन यदि लोग इस पर टिप्पणी करते हैं तो वे इसे साझा कर देंगे।
- नरसिंहपुर जिला अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र में करीब एक घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से अस्पताल में भर्ती मरीज अत्यधिक परेशान हो गए और उन्हें गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिससे वहाँ एक तरह का हाहाकार मच गया था। सौभाग्य से, लगभग एक घंटे के बाद बिजली बहाल हो गई और पंखे भी चालू हो गए, जिससे मरीजों को थोड़ी राहत मिली। पोस्ट करने वाले ने सरकारी जिला अस्पताल में एक-एक घंटे की लगातार बिजली कटौती पर चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि मरीजों की इस गंभीर परेशानी के प्रति सरकार मौन है और उदासीन दिख रही है। यह घटना नरसिंहपुर जिला अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित है, जिसका एक वीडियो पोस्ट करने वाले के पास है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो अभी तक अपलोड नहीं किया गया है, लेकिन यदि लोग इस पर टिप्पणी करते हैं तो वे इसे साझा कर देंगे।1
- मध्य प्रदेश में मौसम ने आफत का रूप ले लिया है, जहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं, वहीं राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।1
- गड़रवारा में राष्ट्रवादी किसान आर्मी ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तुत किया गया, हालांकि ज्ञापन में उठाई गई विशिष्ट मांगों का विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सांई खेड़ा नगर में सीएम राइज विद्यालय बनकर तैयार हो गया है। यह विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक बड़ी सौगात थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे बढ़ाया। क्षेत्रीय विधायक मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के प्रयासों से यह विद्यालय जल्द ही बनकर तैयार हो गया है, जिसमें करोड़ों रुपये की लागत आई है। शासकीय विद्यालय सांदीपनि नाम से तैयार हुए इस संस्थान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलेगा।1
- rob ka kam nal kam hona chahiye nivedan hai1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में मूंग खरीदी की नीति को लेकर किसानों ने एक विशाल आंदोलन किया। हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों के साथ सड़कों पर उतर आए और पहले जवाहर कृषि उपज मंडी में एक जनसभा को संबोधित किया, जिसके बाद वे गाडरवारा एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी मांगें रखी गईं। किसानों की मुख्य मांग है कि प्रदेश में 100 प्रतिशत मूंग की खरीदी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कि सरकार ने केवल 25 प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा की है, जबकि पिछले साल पूरी 100 प्रतिशत मूंग की खरीदी की गई थी। किसानों ने मूंग खरीदी की प्रक्रिया, पंजीयन और उपज की खरीद को लेकर अपनी आपत्तियों को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस जंगी प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे प्रदेश स्तरीय एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इस दौरान किसान रोहित ढिमोले, कृष्णकांत गुर्जर और गाडरवारा के एसडीएम मणिंद्र सिंह के बयान भी इस खबर का हिस्सा थे।1
- जिला चिकित्सालय में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत, शून्य से पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को दवा पिलाई गई।1
- भोपाल में हुई पहली ही बारिश ने शहर की सड़कों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। शिव नगर के वार्ड 73 में मात्र आधे घंटे की बारिश से गलियाँ तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे नगर निगम के सभी दावे पानी में बह गए। अब देखना यह होगा कि आगे क्या होता है।1