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मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सांई खेड़ा नगर में सीएम राइज विद्यालय बनकर तैयार हो गया है। यह विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक बड़ी सौगात थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे बढ़ाया। क्षेत्रीय विधायक मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के प्रयासों से यह विद्यालय जल्द ही बनकर तैयार हो गया है, जिसमें करोड़ों रुपये की लागत आई है। शासकीय विद्यालय सांदीपनि नाम से तैयार हुए इस संस्थान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलेगा।
विनायक न्यूज़ मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सांई खेड़ा नगर में सीएम राइज विद्यालय बनकर तैयार हो गया है। यह विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक बड़ी सौगात थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे बढ़ाया। क्षेत्रीय विधायक मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के प्रयासों से यह विद्यालय जल्द ही बनकर तैयार हो गया है, जिसमें करोड़ों रुपये की लागत आई है। शासकीय विद्यालय सांदीपनि नाम से तैयार हुए इस संस्थान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलेगा।
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- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सांई खेड़ा नगर में सीएम राइज विद्यालय बनकर तैयार हो गया है। यह विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक बड़ी सौगात थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे बढ़ाया। क्षेत्रीय विधायक मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के प्रयासों से यह विद्यालय जल्द ही बनकर तैयार हो गया है, जिसमें करोड़ों रुपये की लागत आई है। शासकीय विद्यालय सांदीपनि नाम से तैयार हुए इस संस्थान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलेगा।1
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा शहर में शनिवार को दिनदहाड़े बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में चोरी का प्रयास किया गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना के संबंध में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- छतरपुर से सामने आई जानकारी के अनुसार, एक राज्य मंत्री के भाई पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के साथ ही एक युवक ने अपनी जान को खतरा बताते हुए 'फर्जी एनकाउंटर' किए जाने की आशंका व्यक्त की है।1
- नगर के वार्ड क्रमांक 12, साईंखेड़ा में देवाधिदेव महादेव और संकटमोचन हनुमान जी का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। विद्वान आचार्य शिवेंद्र जी त्रिवेदी और उनके सहयोगी विद्वान मंडल ने वैदिक मंत्रोच्चार तथा शास्त्रोक्त विधि-विधान से भगवान महादेव एवं हनुमान जी के विग्रहों की प्राण-प्रतिष्ठा कराई। इस शुभ अवसर पर नगर और आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर नव प्रतिष्ठित विग्रहों के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत महाआरती एवं पूर्णाहुति का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से हिस्सा लिया। इसके बाद एक विशाल भंडारा आयोजित हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान, मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण लगातार "हर-हर महादेव" और "जय श्रीराम" के जयघोष से गूँजता रहा। इस दिव्य आयोजन में परमपूज्य अंघोरा वाले पागल बाबा जी, पूज्य श्री सुतीक्ष्ण दास जी महाराज सहित परमपूज्य पांसी वाले संतों का सान्निध्य और आशीर्वाद भक्तों को मिला। संतों ने इस अवसर पर धर्म, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया, साथ ही सभी भक्तों को शुभाशीष प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि महोत्सव के अंतर्गत एक दिन पूर्व भगवान की भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई थी, जिसमें नगरभर के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था। यह धार्मिक आयोजन समस्त वार्डवासियों और आयोजन समिति के सहयोग से संपन्न हुआ, जो श्रद्धा, सामाजिक एकता और सनातन परंपरा का एक प्रेरणादायी उदाहरण बना। आयोजन समिति ने कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने वाले सभी श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और सहयोगियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।2
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में किसानों ने मूंग खरीदी के मुद्दे को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों के साथ पहले जवाहर कृषि उपज मंडी पहुंचे, जहाँ एक जनसभा को संबोधित किया गया, जिसके बाद वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे। किसानों ने सरकार की इस घोषणा पर तीव्र नाराजगी जताई कि इस बार केवल 25 फीसदी मूंग की खरीदी की जाएगी, जबकि पिछले साल 100 प्रतिशत मूंग खरीदी गई थी। किसानों ने अपने ज्ञापन में इस वर्ष भी 100 प्रतिशत मूंग की खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान, किसानों ने मूंग खरीदी की प्रक्रिया, पंजीयन और उपज की खरीद को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस जंगी प्रदर्शन को देखते हुए, प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। किसानों ने प्रशासन के सामने स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को भी रखा, जिनमें खाद टोकन व्यवस्था बंद करने और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त पूर्ति जैसी मांगें शामिल थीं। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मूंग खरीदी से संबंधित उनकी मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में उनके आंदोलन को और भी बड़ा किया जाएगा।1
- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “एक्सप्रेस” की एक रिपोर्ट का “ग्लोबल” असर सियासत में “गज़ब है भैया!” वाली स्थिति पैदा कर चुका है। मुख्यमंत्री पर सवाल उठने के बाद, आरोपों से बचने के लिए “सनातन” को ढाल बना लिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के साईं खेड़ा नगर में अखाड़े वाले बाबा का एक महत्वपूर्ण दरबार स्थापित है, जिसका निर्माण इनायत चाचा ने करवाया था। यह स्थान भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। इनायत चाचा के निधन के बाद, उनके बच्चे जो मध्य प्रदेश के परासिया से आते हैं, इस दरबार में सेवा दे रहे हैं। मोहर्रम के अवसर पर इस दरबार में कौमी एकता की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जहाँ इनायत चाचा को विशेष रूप से याद किया गया। इस दौरान, दरबार में उनके बेटों और बाबा को मानने वाले श्रद्धालुओं से भी चर्चा की गई। यह मान्यता है कि अखाड़े वाले बाबा के इस दरबार में आने वालों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।1
- सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत, गौरझामर, का विकास मुश्किलों से घिरा है, खासकर स्वच्छता और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर। ग्राम की आबादी की जल निकासी पूरी तरह से नालियों पर निर्भर करती है, लेकिन उनमें सालों का कचरा जमा होने के कारण बरसात के मौसम में पानी ठीक से नहीं निकल पाता। इससे जल प्रवाह की जगह जमाव होता है और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। यह गंभीर समस्या मुख्य बस स्टैंड के नजदीक, सरस्वती शिशु मंदिर प्राथमिक शाला के पास और ग्राम की आधी आबादी के पेयजल सप्लाई केंद्र 'टंकी' के नजदीक के मोहल्ले को प्रभावित करती है। यही मार्ग शासकीय अस्पताल तक भी पहुँचता है। जल निकासी के लिए नालियों पर बनी लगभग 2 फीट चौड़ी पुलियाएँ, जिनसे तेज बहाव का पानी निकलना पहले ही कठिन होता है, वे भी आधी कचरे से जमी हुई हैं। इस अवरोध के कारण गौरझामर की आधी आबादी का पानी निकलने की जगह जाम हो जाती है और बारिश के पानी के साथ सड़क पर तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।1