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सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत, गौरझामर, का विकास मुश्किलों से घिरा है, खासकर स्वच्छता और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर। ग्राम की आबादी की जल निकासी पूरी तरह से नालियों पर निर्भर करती है, लेकिन उनमें सालों का कचरा जमा होने के कारण बरसात के मौसम में पानी ठीक से नहीं निकल पाता। इससे जल प्रवाह की जगह जमाव होता है और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। यह गंभीर समस्या मुख्य बस स्टैंड के नजदीक, सरस्वती शिशु मंदिर प्राथमिक शाला के पास और ग्राम की आधी आबादी के पेयजल सप्लाई केंद्र 'टंकी' के नजदीक के मोहल्ले को प्रभावित करती है। यही मार्ग शासकीय अस्पताल तक भी पहुँचता है। जल निकासी के लिए नालियों पर बनी लगभग 2 फीट चौड़ी पुलियाएँ, जिनसे तेज बहाव का पानी निकलना पहले ही कठिन होता है, वे भी आधी कचरे से जमी हुई हैं। इस अवरोध के कारण गौरझामर की आधी आबादी का पानी निकलने की जगह जाम हो जाती है और बारिश के पानी के साथ सड़क पर तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

12 hrs ago
user_Akhlesh jain Reportar
Akhlesh jain Reportar
Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत, गौरझामर, का विकास मुश्किलों से घिरा है, खासकर स्वच्छता और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर। ग्राम की आबादी की जल निकासी पूरी तरह से नालियों पर निर्भर करती है, लेकिन उनमें सालों का कचरा जमा होने के कारण बरसात के मौसम में पानी ठीक से नहीं निकल पाता। इससे जल प्रवाह की जगह जमाव होता है और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। यह गंभीर समस्या मुख्य बस स्टैंड के नजदीक, सरस्वती शिशु मंदिर प्राथमिक शाला के पास और ग्राम की आधी आबादी के पेयजल सप्लाई केंद्र 'टंकी' के नजदीक के मोहल्ले को प्रभावित करती है। यही मार्ग शासकीय अस्पताल तक भी पहुँचता है। जल निकासी के लिए नालियों पर बनी लगभग 2 फीट चौड़ी पुलियाएँ, जिनसे तेज बहाव का पानी निकलना पहले ही कठिन होता है, वे भी आधी कचरे से जमी हुई हैं। इस अवरोध के कारण गौरझामर की आधी आबादी का पानी निकलने की जगह जाम हो जाती है और बारिश के पानी के साथ सड़क पर तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by User3213
    1
    Post by User3213
    user_User3213
    User3213
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सांई खेड़ा नगर में सीएम राइज विद्यालय बनकर तैयार हो गया है। यह विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक बड़ी सौगात थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे बढ़ाया। क्षेत्रीय विधायक मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के प्रयासों से यह विद्यालय जल्द ही बनकर तैयार हो गया है, जिसमें करोड़ों रुपये की लागत आई है। शासकीय विद्यालय सांदीपनि नाम से तैयार हुए इस संस्थान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलेगा।
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    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सांई खेड़ा नगर में सीएम राइज विद्यालय बनकर तैयार हो गया है। यह विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक बड़ी सौगात थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे बढ़ाया। क्षेत्रीय विधायक मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के प्रयासों से यह विद्यालय जल्द ही बनकर तैयार हो गया है, जिसमें करोड़ों रुपये की लागत आई है। शासकीय विद्यालय सांदीपनि नाम से तैयार हुए इस संस्थान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलेगा।
    user_विनायक न्यूज़ मध्य प्रदेश
    विनायक न्यूज़ मध्य प्रदेश
    Voice of people Gadarwara, Narsinghpur•
    6 hrs ago
  • छतरपुर से सामने आई जानकारी के अनुसार, एक राज्य मंत्री के भाई पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के साथ ही एक युवक ने अपनी जान को खतरा बताते हुए 'फर्जी एनकाउंटर' किए जाने की आशंका व्यक्त की है।
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    छतरपुर से सामने आई जानकारी के अनुसार, एक राज्य मंत्री के भाई पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के साथ ही एक युवक ने अपनी जान को खतरा बताते हुए 'फर्जी एनकाउंटर' किए जाने की आशंका व्यक्त की है।
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “एक्सप्रेस” की एक रिपोर्ट का “ग्लोबल” असर सियासत में “गज़ब है भैया!” वाली स्थिति पैदा कर चुका है। मुख्यमंत्री पर सवाल उठने के बाद, आरोपों से बचने के लिए “सनातन” को ढाल बना लिया गया है।
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    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “एक्सप्रेस” की एक रिपोर्ट का “ग्लोबल” असर सियासत में “गज़ब है भैया!” वाली स्थिति पैदा कर चुका है। मुख्यमंत्री पर सवाल उठने के बाद, आरोपों से बचने के लिए “सनातन” को ढाल बना लिया गया है।
    user_KHABAR WITH KK
    KHABAR WITH KK
    Local News Reporter सिलवानी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Sagar tu udsha rod and light pink color mein background photo Sagar tu udsha
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    Sagar tu udsha rod and light pink color mein background photo 
Sagar tu udsha
    user_Sangita Sahu vlog
    Sangita Sahu vlog
    City Star सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • शुक्रवार को बीना में मोहर्रम का त्यौहार बड़े उल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए ताजियों के भव्य जुलूस निकाले। इन जुलूसों में 'या हुसैन' की गूंज सुनाई दी, जिससे पूरे शहर में गम और शोक का माहौल बना रहा। इस अवसर पर शांति और भाईचारे की बेहतरीन मिसाल भी देखने को मिली।
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    शुक्रवार को बीना में मोहर्रम का त्यौहार बड़े उल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए ताजियों के भव्य जुलूस निकाले। इन जुलूसों में 'या हुसैन' की गूंज सुनाई दी, जिससे पूरे शहर में गम और शोक का माहौल बना रहा। इस अवसर पर शांति और भाईचारे की बेहतरीन मिसाल भी देखने को मिली।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के साईं खेड़ा नगर में अखाड़े वाले बाबा का एक महत्वपूर्ण दरबार स्थापित है, जिसका निर्माण इनायत चाचा ने करवाया था। यह स्थान भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। इनायत चाचा के निधन के बाद, उनके बच्चे जो मध्य प्रदेश के परासिया से आते हैं, इस दरबार में सेवा दे रहे हैं। मोहर्रम के अवसर पर इस दरबार में कौमी एकता की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जहाँ इनायत चाचा को विशेष रूप से याद किया गया। इस दौरान, दरबार में उनके बेटों और बाबा को मानने वाले श्रद्धालुओं से भी चर्चा की गई। यह मान्यता है कि अखाड़े वाले बाबा के इस दरबार में आने वालों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
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    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के साईं खेड़ा नगर में अखाड़े वाले बाबा का एक महत्वपूर्ण दरबार स्थापित है, जिसका निर्माण इनायत चाचा ने करवाया था। यह स्थान भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है।

इनायत चाचा के निधन के बाद, उनके बच्चे जो मध्य प्रदेश के परासिया से आते हैं, इस दरबार में सेवा दे रहे हैं। मोहर्रम के अवसर पर इस दरबार में कौमी एकता की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जहाँ इनायत चाचा को विशेष रूप से याद किया गया। इस दौरान, दरबार में उनके बेटों और बाबा को मानने वाले श्रद्धालुओं से भी चर्चा की गई। यह मान्यता है कि अखाड़े वाले बाबा के इस दरबार में आने वालों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
    user_विनायक न्यूज़ मध्य प्रदेश
    विनायक न्यूज़ मध्य प्रदेश
    Voice of people Gadarwara, Narsinghpur•
    6 hrs ago
  • सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत, गौरझामर, का विकास मुश्किलों से घिरा है, खासकर स्वच्छता और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर। ग्राम की आबादी की जल निकासी पूरी तरह से नालियों पर निर्भर करती है, लेकिन उनमें सालों का कचरा जमा होने के कारण बरसात के मौसम में पानी ठीक से नहीं निकल पाता। इससे जल प्रवाह की जगह जमाव होता है और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। यह गंभीर समस्या मुख्य बस स्टैंड के नजदीक, सरस्वती शिशु मंदिर प्राथमिक शाला के पास और ग्राम की आधी आबादी के पेयजल सप्लाई केंद्र 'टंकी' के नजदीक के मोहल्ले को प्रभावित करती है। यही मार्ग शासकीय अस्पताल तक भी पहुँचता है। जल निकासी के लिए नालियों पर बनी लगभग 2 फीट चौड़ी पुलियाएँ, जिनसे तेज बहाव का पानी निकलना पहले ही कठिन होता है, वे भी आधी कचरे से जमी हुई हैं। इस अवरोध के कारण गौरझामर की आधी आबादी का पानी निकलने की जगह जाम हो जाती है और बारिश के पानी के साथ सड़क पर तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
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    सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत, गौरझामर, का विकास मुश्किलों से घिरा है, खासकर स्वच्छता और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर। ग्राम की आबादी की जल निकासी पूरी तरह से नालियों पर निर्भर करती है, लेकिन उनमें सालों का कचरा जमा होने के कारण बरसात के मौसम में पानी ठीक से नहीं निकल पाता। इससे जल प्रवाह की जगह जमाव होता है और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है।

यह गंभीर समस्या मुख्य बस स्टैंड के नजदीक, सरस्वती शिशु मंदिर प्राथमिक शाला के पास और ग्राम की आधी आबादी के पेयजल सप्लाई केंद्र 'टंकी' के नजदीक के मोहल्ले को प्रभावित करती है। यही मार्ग शासकीय अस्पताल तक भी पहुँचता है। जल निकासी के लिए नालियों पर बनी लगभग 2 फीट चौड़ी पुलियाएँ, जिनसे तेज बहाव का पानी निकलना पहले ही कठिन होता है, वे भी आधी कचरे से जमी हुई हैं। इस अवरोध के कारण गौरझामर की आधी आबादी का पानी निकलने की जगह जाम हो जाती है और बारिश के पानी के साथ सड़क पर तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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