प्रतापगढ़ जिले के रामपुर संग्रामगढ़ विकास क्षेत्र स्थित संग्रामगढ़–मंगरहर–हिरई का पुरवा संपर्क मार्ग लंबे समय से अत्यंत बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। मरम्मत के अभाव में पूरी सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जो बारिश के दिनों में जलभराव के कारण तालाब की तरह नजर आने लगते हैं। हिरई का पुरवा में ग्राम प्रधान के घर के पास सड़क की स्थिति सबसे अधिक खराब है, जहाँ जलभराव के चलते आए दिन दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर रहे हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं सहित क्षेत्रीय लोगों को रोजाना इसी खतरनाक रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासी आजाद पांडेय, वहीद, पिंटू लाला और संदीप पटेल समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की इस दुर्दशा की जानकारी कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की माँग की है। इस संबंध में विकासखंड अधिकारी विजय शंकर मणि ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान विश्वनाथ पटेल से वार्ता कर जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
प्रतापगढ़ जिले के रामपुर संग्रामगढ़ विकास क्षेत्र स्थित संग्रामगढ़–मंगरहर–हिरई का पुरवा संपर्क मार्ग लंबे समय से अत्यंत बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। मरम्मत के अभाव में पूरी सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जो बारिश के दिनों में जलभराव के कारण तालाब की तरह नजर आने लगते हैं। हिरई का पुरवा में ग्राम प्रधान के घर के पास सड़क की स्थिति सबसे अधिक खराब है, जहाँ जलभराव के चलते आए दिन दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर रहे हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं सहित क्षेत्रीय लोगों को रोजाना इसी खतरनाक रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासी आजाद पांडेय, वहीद, पिंटू लाला और संदीप पटेल समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की इस दुर्दशा की जानकारी कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की माँग की है। इस संबंध में विकासखंड अधिकारी विजय शंकर मणि ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान विश्वनाथ पटेल से वार्ता कर जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
- प्रतापगढ़ के कुंडा विकास खंड अंतर्गत साधन सहकारी समिति डंडौली में यूरिया और डी.ए.पी. खाद की भीषण किल्लत से किसानों का गुस्सा चरम पर है। धान की रोपाई और फसल की देखरेख के एन वक्त पर सरकारी समिति से खाद न मिलने के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ज़िला अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल ने ज़िला प्रशासन और कृषि विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थानीय प्रशासन, L.I.U. तथा ज़िला कृषि अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह का समय दिया है। संगठन के अनुसार सरकार द्वारा यूरिया का आधिकारिक मूल्य ₹266.50 से ₹267 प्रति बोरी तय किया गया है, लेकिन समिति पर खाद न होने का फायदा उठाकर निजी दुकानदार कालाबाजारी कर रहे हैं। मजबूरन किसानों को प्राइवेट दुकानों से ₹400 से ₹500 प्रति बोरी तक के अत्यधिक दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है और कृषि विभाग की अनदेखी से क्षेत्र में खाद की लूट चल रही है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 दिनों के भीतर साधन सहकारी समिति डंडौली में पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डी.ए.पी. खाद की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो संगठन ज़िला कृषि अधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करेगा। संगठन का कहना है कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आंदोलन होने पर इसकी संपूर्ण ज़िम्मेदारी ज़िला कृषि अधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन की होगी।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर बहन कुमारी मायावती जी ने सरकार के सामने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार को खुद आकर इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और उन्हें न्याय दिलाना चाहिए।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करना भारी पड़ गया है। इस मामले में पीएम मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद यह स्थिति सामने आई है और टिप्पणी करना भारी साबित हुआ है।1
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की आवाज़ को लेकर चल रहे देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में अब प्रयागराज के छात्र भी मैदान में उतर आए हैं। छात्रों ने पुलिस प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगें शासन के समक्ष रखी हैं। आंदोलनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और मामले में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है।1
- प्रयागराज के मनौरी गांव में भारी जलभराव हो गया है। गांव में पानी भरने से परेशान ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन और जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई है। PRIME 18 NEWS के लिए सुनील साहू की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय ग्रामीण जलभराव की इस समस्या से राहत पाने के लिए अधिकारियों से सहायता की मांग कर रहे हैं।1
- कौशांबी जिले के थाना कड़ाधाम और एसओजी की पुलिस टीम ने एक कार्रवाई के दौरान चोरी की बोलेरो के साथ 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों को चोरी की वाहन सहित हिरासत में लेकर आगे की प्रक्रिया की जा रही है।1
- प्रतापगढ़ जिले के रामपुर संग्रामगढ़ विकास क्षेत्र स्थित संग्रामगढ़–मंगरहर–हिरई का पुरवा संपर्क मार्ग लंबे समय से अत्यंत बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। मरम्मत के अभाव में पूरी सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जो बारिश के दिनों में जलभराव के कारण तालाब की तरह नजर आने लगते हैं। हिरई का पुरवा में ग्राम प्रधान के घर के पास सड़क की स्थिति सबसे अधिक खराब है, जहाँ जलभराव के चलते आए दिन दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर रहे हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं सहित क्षेत्रीय लोगों को रोजाना इसी खतरनाक रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासी आजाद पांडेय, वहीद, पिंटू लाला और संदीप पटेल समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की इस दुर्दशा की जानकारी कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की माँग की है। इस संबंध में विकासखंड अधिकारी विजय शंकर मणि ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान विश्वनाथ पटेल से वार्ता कर जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।1