केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में E100 फ्यूल के लिए नियमों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रात 8 बजे फाइल पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद E100 फ्यूल कानूनी रूप से देश में उपयोग के लिए तैयार है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पेट्रोल महंगा है, डीजल का भविष्य अनिश्चित है, और इलेक्ट्रिक वाहनों में अभी भी रेंज एंजायटी की समस्या बनी हुई है। सरकार का दावा है कि यह भारत की तेल आयात पर निर्भरता को कम करने में मदद करेगा, हालांकि इसके पूरी तरह से पेट्रोल को बदलने की राह में कई चुनौतियां हैं। E100 एक ऐसा ईंधन है जिसमें लगभग 100 प्रतिशत इथेनॉल होता है और इसमें पारंपरिक पेट्रोल नहीं मिलाया जाता। इथेनॉल गन्ना, मक्का, चावल और कृषि अपशिष्ट जैसे उत्पादों से तैयार किया जाता है। भारत में पहले से ही E20 पेट्रोल का इस्तेमाल हो रहा है, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। हालांकि, E20 के इस्तेमाल को लेकर वाहन मालिकों द्वारा माइलेज में गिरावट और मेंटेनेंस लागत बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने भी सोशल नेटवर्किंग साइट 'X' पर स्वीकार किया है कि इथेनॉल की कम एनर्जी डेंसिटी के कारण माइलेज में 1-2% (E10 के लिए डिज़ाइन किए गए और E20 के लिए कैलिब्रेट किए गए चार पहिया वाहनों के लिए) और अन्य वाहनों के लिए लगभग 3-6% की कमी आती है। सरकार का जोर है कि E100 से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों को भी गन्ना और मक्का जैसे कृषि उत्पादों की बढ़ी हुई मांग से लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार, इथेनॉल कार्यक्रम से अब तक कच्चे तेल के आयात में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है और किसानों को लगभग 80,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आने वाले डेढ़-दो महीनों में हुंडई, टोयोटा और एमजी मोटर जैसी कंपनियां अपनी फ्लेक्स फ्यूल कारों को पेश करेंगी। उन्होंने हाल ही में मारुति सुजुकी की वैनगआर के फ्लेक्स फ्यूल वर्जन को भी पेश किया था, जिसे शुरुआत में फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और बाद में निजी वाहनों के लिए भी। हालांकि, E100 फ्यूल सैद्धांतिक रूप से पेट्रोल की जगह ले सकता है, लेकिन यह बदलाव तुरंत संभव नहीं है। इसके लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वाहनों की आवश्यकता होगी, जबकि मौजूदा करोड़ों पेट्रोल वाहन E100 फ्यूल पर चलने के लिए तैयार नहीं हैं। अनुमान है कि आने वाले समय में E20 और E100 फ्यूल दोनों साथ-साथ मौजूद रहेंगे, और E100 का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद ही संभव हो पाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में E100 फ्यूल के लिए नियमों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रात 8 बजे फाइल पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद E100 फ्यूल कानूनी रूप से देश में उपयोग के लिए तैयार है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पेट्रोल महंगा है, डीजल का भविष्य अनिश्चित है, और इलेक्ट्रिक वाहनों में अभी भी रेंज एंजायटी की समस्या बनी हुई है। सरकार का दावा है कि यह भारत की तेल आयात पर निर्भरता को कम करने में मदद करेगा, हालांकि इसके पूरी तरह से पेट्रोल को बदलने की राह में कई चुनौतियां हैं। E100 एक ऐसा ईंधन है जिसमें लगभग 100 प्रतिशत इथेनॉल होता है और इसमें पारंपरिक पेट्रोल नहीं मिलाया जाता। इथेनॉल गन्ना, मक्का, चावल और कृषि अपशिष्ट जैसे उत्पादों से तैयार किया जाता है। भारत में पहले से ही E20 पेट्रोल का इस्तेमाल हो रहा है, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। हालांकि, E20 के इस्तेमाल को लेकर वाहन मालिकों द्वारा माइलेज में गिरावट और मेंटेनेंस लागत बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने भी सोशल नेटवर्किंग साइट 'X' पर स्वीकार किया है कि इथेनॉल की कम एनर्जी डेंसिटी के कारण माइलेज में 1-2% (E10 के लिए डिज़ाइन किए गए और E20 के लिए कैलिब्रेट किए गए चार पहिया वाहनों के लिए) और अन्य वाहनों के लिए लगभग 3-6% की कमी आती है। सरकार का जोर है कि E100 से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों को भी गन्ना और मक्का जैसे कृषि उत्पादों की बढ़ी हुई मांग से लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार, इथेनॉल कार्यक्रम से अब तक कच्चे तेल के आयात में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है और किसानों को लगभग 80,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आने वाले डेढ़-दो महीनों में हुंडई, टोयोटा और एमजी मोटर जैसी कंपनियां अपनी फ्लेक्स फ्यूल कारों को पेश करेंगी। उन्होंने हाल ही में मारुति सुजुकी की वैनगआर के फ्लेक्स फ्यूल वर्जन को भी पेश किया था, जिसे शुरुआत में फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और बाद में निजी वाहनों के लिए भी। हालांकि, E100 फ्यूल सैद्धांतिक रूप से पेट्रोल की जगह ले सकता है, लेकिन यह बदलाव तुरंत संभव नहीं है। इसके लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वाहनों की आवश्यकता होगी, जबकि मौजूदा करोड़ों पेट्रोल वाहन E100 फ्यूल पर चलने के लिए तैयार नहीं हैं। अनुमान है कि आने वाले समय में E20 और E100 फ्यूल दोनों साथ-साथ मौजूद रहेंगे, और E100 का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद ही संभव हो पाएगा।
- Bablu sahRohtas, Bihar🙏1 day ago
- हरिकृष्ण सोनीबीना, सागर, मध्य प्रदेश🙏1 day ago
- Ashish SharmaMaihar, Satna🤝2 days ago
- गाजियाबाद के आदर्श नगर खोड़ा में आरोपी जानी ने घर में घुसकर दो सगी बहनों को गोली मार दी है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपी जानी ने कबूल किया है कि उसने यह वारदात शादी टूटने के कारण अंजाम दी।1
- थाना दयालपुर इलाके के नेहरू विहार D 2 में राशिद की गोली मारकर की गई हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने कई स्रोतों से सबूत जुटाए, उनका विश्लेषण किया और जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर दो आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अयान (21 साल) पुत्र खालिद, निवासी गली नंबर 1, चांद बाग दिल्ली, और इमरान (20 साल) पुत्र इकरार, निवासी गली नंबर 19, खजूरी खास दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से अपराध में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी भी बरामद की है, जो विस्तृत जांच में नूर-ए-इलाही इलाके से चोरी की पाई गई।1
- ले आए तो पकड़ रहूंगी1
- "सीधी बात, No बकवास: सच वही जो साफ़ हो!""सीधी बात - No बकवास, मुद्दे की बात सीधे आपके साथ!" या थोड़ा दमदार अंदाज़ में: "सीधी बात 🖐️ No बकवास — सच बिना लाग-लपेट के!"1
- अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु का गद्दार' घोषित करते हुए, उनका बहिष्कार करने की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ, अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पंजाब में बहिष्कार का आह्वान किया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है, लेकिन दुनिया वर्तमान में विश्वास की कमी का सामना कर रही है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित जी-7 देशों के नेताओं से स्पष्ट किया कि देशों के बीच साझेदारी का भविष्य इसी विश्वास को फिर से मजबूत करने पर निर्भर करेगा। अपने संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट को समाप्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने होर्मुज जलमार्ग की स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की, खासकर यह देखते हुए कि इस संघर्ष में भारतीय नाविकों समेत कई भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "हम पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष के कारण क्षेत्र के हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। होर्मुज़ जलमार्ग में समुद्री व्यापार बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। कई भारतीय नागरिकों की भी जान गई है।" उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।4
- सिरी फोर्ट में एक जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जहाँ सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दक्षिण दिल्ली से संबंधित कानून व्यवस्था से लेकर विकास तक की विभिन्न समस्याओं पर गहन मंथन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, मानवता और साहस का असाधारण प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों, दमकल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।1
- न्याय दिलाने के प्रयास में एक व्यक्ति के घर में एक बेटी और दो भाइयों से जुड़ी तीन घटनाएँ होने की बात सामने आई है। इन घटनाओं के लिए सीधे तौर पर सादाबाद के योगेश को जिम्मेदार ठहराया गया है। यह भी बताया गया है कि सादाबाद के थाना इंचार्ज को इस मामले की 'सही खबर' है। इस बीच, न्याय के लिए यह लड़ाई लगातार जारी है।1
- भारतीय वायुसेना के एक बड़े अधिकारी की पत्नी, जो खुद एक प्रॉपर्टी डीलर हैं, को ड्रग्स, जादू-टोना और शराब का सहारा लेकर कथित तौर पर फंसाया गया, उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और फिर दूसरा निकाह करवा दिया गया। इस घटना से जुड़ा एक बेहद हैरान करने वाला और परेशान करने वाला वीडियो भी सामने आया है। पीड़िता ने रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण के दबाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अय्याज ताज मादरे और आमीन शेख नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तामिया निवासी एक मौलाना अभी फरार बताया जा रहा है। पीड़िता के पति भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं और वर्तमान में दूसरे शहर में तैनात हैं। महिला का आरोप है कि पिछले साल फरवरी में मुख्य आरोपी अय्याज, जो उनके साथ स्कूल में पढ़ता था और एक प्लॉट खरीदने के सिलसिले में मिला था, उन्हें वर्धा रोड स्थित एक होटल में ले गया। आरोप है कि वहां उसने जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया, जिसके बाद पीड़िता के बेहोश होने पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए गए। शिकायत के मुताबिक, आरोपी बाद में इन्हीं वीडियो और तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर महिला को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। आरोप है कि इस दौरान उसका लगातार यौन शोषण किया गया और उससे तीन लाख रुपये से अधिक, यानि करीब चार लाख रुपये की उगाही भी की गई। इसके बाद पिछले महीने आरोपी महिला को नागपुर के कमलेश्वर ले गया, जहां 'हजरत मौलाना' ने कथित तौर पर सम्मोहन और तिलस्मी रस्मों के जरिए महिला का धर्म परिवर्तन कराया और अय्याज़ के साथ जबरन निकाह पढ़वा दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे गौमांस खाने पर भी मजबूर किया गया। फिलहाल, पुलिस ने अय्याज़ ताज़ मदारे और उसके साथी अमीन शेख को गिरफ्तार कर लिया है। छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश का रहने वाला हजरत मौलाना अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन धर्मांतरण के साथ-साथ महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य मानवीय अनिष्टकारी व अघोरी प्रथाएं और जादू-टोना विरोधी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, और मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।2