बार-बार छापे के बावजूद जारी संचालन, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल जनपद फर्रुखाबाद के कस्बा राजपुर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ओम पॉलीक्लिनिक पर अचानक छापा मार दिया। डीओ के नेतृत्व में पहुंची टीम की कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने आनन-फानन में अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। बताया जा रहा है कि टीम के पहुंचते ही ओम पॉलीक्लिनिक के बाहर वाहन खड़ा कर अधिकारी अंदर गए। इसी दौरान क्लीनिक संचालक डॉ. संजय बंगाली ने शटर नीचे गिरा दिया। शटर बंद होने के बाद अंदर क्या गतिविधि हुई, इसे लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं और संदेह का माहौल बना रहा। आपको बता दें कि इससे पहले भी एडिशनल सीएमओ द्वारा इस क्लीनिक की जांच की जा चुकी है, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके बावजूद रविवार, 19 अप्रैल 2016 को एक बार फिर जांच की गई। लगातार जांच के बावजूद क्लीनिक का संचालन जारी रहने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और छापेमारी के बावजूद यदि कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे विभाग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर संदेह उत्पन्न होता है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष विभाग के डॉ. विजय यादव ने जानकारी दी कि ओम पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण किया गया है, जिसमें क्लीनिक के सभी दस्तावेजों की जांच की गई। संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी डिग्री सहित सभी आवश्यक दस्तावेज आयुष विभाग में निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करें। ऐसा न करने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि जब स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच कर रहा है, तो फिर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
बार-बार छापे के बावजूद जारी संचालन, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल जनपद फर्रुखाबाद के कस्बा राजपुर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ओम पॉलीक्लिनिक पर अचानक छापा मार दिया। डीओ के नेतृत्व में पहुंची टीम की कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने आनन-फानन में अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। बताया जा रहा है कि टीम के पहुंचते ही ओम पॉलीक्लिनिक के बाहर वाहन खड़ा कर अधिकारी अंदर गए। इसी दौरान क्लीनिक संचालक डॉ. संजय बंगाली ने शटर नीचे गिरा दिया। शटर बंद होने के बाद अंदर क्या गतिविधि हुई, इसे लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं और संदेह का माहौल बना रहा। आपको बता दें कि इससे पहले भी एडिशनल सीएमओ द्वारा इस क्लीनिक की जांच की जा चुकी है, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके बावजूद रविवार, 19 अप्रैल 2016 को एक बार फिर जांच की गई। लगातार जांच के बावजूद क्लीनिक का संचालन जारी रहने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और छापेमारी के बावजूद यदि कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे विभाग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर संदेह उत्पन्न होता है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष विभाग के डॉ. विजय यादव ने जानकारी दी कि ओम पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण किया गया है, जिसमें क्लीनिक के सभी दस्तावेजों की जांच की गई। संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी डिग्री सहित सभी आवश्यक दस्तावेज आयुष विभाग में निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करें। ऐसा न करने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि जब स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच कर रहा है, तो फिर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
- Post by Prahlad Singh Pal1
- कानपुर समाचार कानपुर सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाला शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कूटरचित दस्तावेज बरामद थाना चकेरी पुलिस एवं सर्विलांस टीम द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए थाना चकेरी पर पंजीकृत अभियोग में एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त शिवम यादव उर्फ कुणाल सिंह निवासी पिपरही जनपद गोरखपुर द्वारा सेना में खेल कोटे से नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी खेल प्रमाण पत्र तैयार कर लोगों को कूटरचित दस्तावेज उपलब्ध कराकर धोखाधड़ी की जा रही थी। जनपद उन्नाव से सुमन मिश्रा की रिपोर्ट1
- कमालगंज सोमवार शाम को कमालगंज में बाइक की टक्कर से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे जिला अस्पताल लोहिया के लिए रेफर कर दिया गया1
- फर्रूखाबाद ब्रेकिंग - प्रेम प्रसंग के चलते युवती की हत्या का खुलासा प्रेमी ने युवती को उतारा था मौत के घाट हत्या कर युवती का शव फेका था काली नदी के किनारे प्रेमी युवक ने चाकू से गोद कर युवती की थी हत्या जनपद कन्नौज के छिबरामऊ की निवासी थी मृतक युवती एसओजी समेत पुलिस ने किया घटना का खुलासा आरोपी प्रेमी को पुलिस ने किया गिरफ्तार थाना जहानगंज क्षेत्र का मामला4
- फतेहगढ़ में सनसनीखेज खुलासा 🚨 प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, वांछित आरोपी गिरफ्तार 👮♂️ एसओजी/सर्विलांस व जहानगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चाकू, गमछा और 🏍️ बाइक बरामद फर्रुखाबाद हत्या के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसओजी, सर्विलांस और थाना जहानगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी को आलाकत्ल के साथ दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि मामला प्रेम प्रसंग और विवाद से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई, अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह और डीआईजी हरीश चंद्र के निर्देशन में यह बड़ी सफलता मिली। नदी किनारे मिला था शव, 17 अप्रैल को काली नदी किनारे अज्ञात युवती का शव मिला था, बाद में उसकी पहचान कन्नौज निवासी के रूप में हुई। भाई की तहरीर पर केस दर्ज, 19 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। प्रेम प्रसंग में हत्या कबूल, आरोपी ने बताया कि 2-3 साल से प्रेम संबंध था, लेकिन युवती द्वारा बात बंद करने से नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। आलाकत्ल बरामद, चाकू, सफेद गमछा और मोटरसाइकिल बरामद1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडों को लेकर विवाद, एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने दी चेतावनी जलालाबाद क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडे और पार्टी लोगो लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने बयान जारी करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप चौक किसी भी राजनीतिक पार्टी की व्यक्तिगत धरोहर या संपत्ति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा चौक स्थल पर लगाए गए झंडों और लोगो की निंदा की। अर्पित भामाशाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के झंडे या अन्य प्रचार सामग्री महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा के आसपास पाई गई, तो सार्वजनिक विरोध के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय बजरंग दल परशुरामपुरी के नेतृत्व में हिंदू समाज के सहयोग से बनाया गया है। इसके लिए उन्होंने एक वर्ष तक लोगों से ₹50 और ₹100 का चंदा एकत्र किया और कड़ी मेहनत के बाद महाराणा प्रताप चौक की स्थापना कराई। उन्होंने कहा कि यह चौक किसी राजनीतिक दल जैसे कांग्रेस, सपा, भाजपा या बसपा का नहीं, बल्कि हिंदू समाज का है।1
- Post by Prahlad Singh Pal1