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नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में काराखूंट जंगल के पास धनारजय नदी के किनारे से उत्पाद विभाग की टीम ने अज्ञात अवस्था में खड़ी एक बोलेरो से भारी मात्रा में बियर बरामद की है। उत्पाद अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद उत्पाद विभाग के निरीक्षक अमृत कुमार गुप्ता ने टीम के साथ मौके पर छापेमारी की। वहां नदी किनारे खड़ी उजले रंग की महिंद्रा बोलेरो से कुल 192 केन बियर जब्त की गई, जिसकी कुल मात्रा 96 लीटर बताई गई है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बरामद की गई बियर और गाड़ी को समेकित जांच चौकी पर लाया गया है। विभाग ने इस मामले में फरार अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
Prafull Kumar Suman
नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में काराखूंट जंगल के पास धनारजय नदी के किनारे से उत्पाद विभाग की टीम ने अज्ञात अवस्था में खड़ी एक बोलेरो से भारी मात्रा में बियर बरामद की है। उत्पाद अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद उत्पाद विभाग के निरीक्षक अमृत कुमार गुप्ता ने टीम के साथ मौके पर छापेमारी की। वहां नदी किनारे खड़ी उजले रंग की महिंद्रा बोलेरो से कुल 192 केन बियर जब्त की गई, जिसकी कुल मात्रा 96 लीटर बताई गई है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बरामद की गई बियर और गाड़ी को समेकित जांच चौकी पर लाया गया है। विभाग ने इस मामले में फरार अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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- कोडरमा जिले के नगर पंचायत डोमचांच के वार्ड संख्या 13 में बुधवार को बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जब 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर राधे कुमार के घर की छत पर गिर गया। तार गिरने से पूरे घर में करंट दौड़ गया, हालांकि परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग ने आपूर्ति तो बंद कर दी, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को 1 बजे आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने करीब दो वर्ष पहले ही घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को सड़क किनारे स्थानांतरित करने की मांग की थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। बिजली बंद रहने के कारण गांव में पेयजल संकट गहरा गया है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल बिजली बहाल करने और हाईटेंशन लाइन को घरों के ऊपर से हटाकर सड़क किनारे स्थानांतरित करने की मांग की है।1
- झारखंड में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने छह घंटे चले एक ऑपरेशन के बाद तीन साल के पियूष को बाहर निकाल लिया है। इस अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को तीन साल के पियूष को बाहर निकालने के लिए पूरे छह घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाना पड़ा।1
- नवादा के रजौली स्थित अंबेडकर आवासीय विद्यालय में जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी पहुंचीं। विद्यालय पहुंचने के बाद जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी ने वहां के विद्यालय प्रशासन की जमकर क्लास लगा दी।1
- बिहार के गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र अंतर्गत रंगूनगर गांव में गुरुवार की शाम करीब 6 बजे खेलते समय एक खुले बोरवेल में गिरे तीन वर्षीय मासूम पियूष मांझी को करीब 6 घंटे चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई थी और परिजन बदहवास हो गए थे। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और देर रात तक चले अथक प्रयास के बाद मासूम को सुरक्षित बचा लिया गया। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। इस बेहद संकरे बोरवेल से बच्चे को बाहर निकालने में NDRF और SDRF के जवानों ने अद्भुत साहस, धैर्य और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। वहीं, तीन वर्षीय पियूष मांझी ने भी घंटों तक अंदर फंसे रहने के बावजूद असाधारण हिम्मत दिखाई और अपना हौसला नहीं खोया। फिलहाल पियूष को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और उसकी हालत स्थिर है। इस सफल रेस्क्यू अभियान की पूरे इलाके में खूब सराहना हो रही है और लोगों का कहना है कि जवानों ने न केवल एक बच्चे को बचाया, बल्कि एक मां की ममता, पिता की उम्मीद और पूरे परिवार की खुशियां लौटा दी हैं। इस बीच, रेस्क्यू के दौरान स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फतेहपुर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौके पर जो ऑक्सीजन सिलेंडर भेजा गया था, वह पूरी तरह से खाली था। लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, हालांकि इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है और स्पष्ट किया है कि यदि लापरवाही सामने आती है, तो स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और नल-जल योजना के संवेदक सहित सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रशासन ने खुले बोरवेल को लेकर भी सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं।1
- झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित पिहरा का नजारा बेहद सुहाना और खूबसूरत लग रहा है। पिहरा का यह पूरा दृश्य देखने में अत्यंत मनमोहक और सुंदर प्रतीत हो रहा है।1
- कोडरमा के नवलशाही थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलवारिया पंचायत निवासी भातु पासी (पिता स्वर्गीय बाबूलाल पासी) ने अपनी जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे नवलशाही थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन सौंपकर न्याय और कार्रवाई की गुहार लगाई है। आवेदन के माध्यम से भातु पासी ने अवगत कराया कि खाता संख्या 23, प्लॉट संख्या 2829 एवं 2844 स्थित उनकी भूमि पर कुछ लोग जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोग इस जमीन पर अवैध निर्माण करने की तैयारी में भी हैं, जिससे उनके स्वामित्व वाले भूखंड पर अतिक्रमण का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कब्जे की इस कोशिश को तत्काल रोका जाए और दोषियों के विरुद्ध कानून सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि उनकी जमीन सुरक्षित रह सके। इस मामले में स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पीड़ित का आवेदन प्राप्त हो चुका है और शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में एक होटल में पति को दूसरी युवती के साथ मिलने पर पत्नी द्वारा हंगामा किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, हालांकि इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि पत्नी ने खुद होटल पहुंचकर पति का कड़ा विरोध किया और वहां हंगामा करने के बाद वह उसे पकड़कर सीधे थाने तक ले गई। पत्नी का आरोप है कि उन दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद से उसका पति लगातार उससे तलाक की बात करने लगा था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।1
- बिहार के गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र अंतर्गत रंगूनगर गांव में गुरुवार की शाम करीब 6 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन वर्षीय पीयूष मांझी खेलते-खेलते एक खुले बोरवेल में गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए। सूचना मिलने के तुरंत बाद जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। देर रात तक करीब 6 घंटे तक लगातार चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जवानों ने कड़ी मशक्कत कर मासूम पीयूष को बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। इस बेहद संकरे बोरवेल में चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने अद्भुत साहस, धैर्य और तकनीकी सूझबूझ का परिचय दिया। वहीं, तीन वर्षीय पीयूष मांझी ने भी असाधारण बहादुरी दिखाई और घंटों तक बोरवेल में फंसे रहने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। फिलहाल पीयूष को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और उसकी शारीरिक स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पूरे इलाके में इस सफल रेस्क्यू अभियान और जवानों के हौसले की जमकर सराहना हो रही है। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में लापरवाही पाए जाने पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और नल-जल योजना के संवेदक समेत अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने आरोप लगाया कि फतेहपुर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मौके पर जो ऑक्सीजन सिलेंडर भेजा गया था, वह पूरी तरह से खाली था। ग्रामीणों ने इसे विभाग की बड़ी संवेदनहीनता और लापरवाही करार देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- रांची में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा के दौरान आस्था का एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला है। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरे शहर में एक अनोखा भक्तिमय माहौल बन गया और चारों तरफ 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।1