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दतिया में कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं।
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दतिया में कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं।
- Akash PujariBhitarwar, Gwalior😡5 hrs ago
- Akash PujariBhitarwar, Gwalior😤5 hrs ago
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- दतिया के गोंदन थाना क्षेत्र के तैतना गांव से एक 50 वर्षीय महिला रहस्यमयी ढंग से लापता हो गई है। यह महिला 11 जुलाई की सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच अपने ही घर से अज्ञात कारणों के चलते कहीं चली गई, जिसके बाद उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों ने महिला की आसपास के क्षेत्रों और अपने रिश्तेदारों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद महिला के पति राकेश यादव ने गोंदन थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर संभावित स्थानों पर पूछताछ और जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिजन महिला की सुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठे हैं, हालांकि मंगलवार दोपहर 2 बजे तक लापता महिला का कोई सुराग नहीं लग सका था।1
- दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के दौरान किए गए शक्ति प्रदर्शन से क्षेत्र का चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।1
- दतिया उपचुनाव के बीच अवधेश नायक ने अपने भाजपा में जाने की अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने इन चर्चाओं का पूरी तरह से खंडन किया है। अवधेश नायक ने दृढ़ता से कहा कि वे कांग्रेस के सिपाही हैं, कांग्रेस में थे और कांग्रेस में ही रहेंगे। उनके इस बयान ने दल बदलने को लेकर उड़ रही तमाम अफवाहों और अटकलों को शांत कर दिया है।1
- मध्यप्रदेश की गूंगी-बहरी और मदहोश सत्ता के खिलाफ 'भोपाल चलो' का एलान किया गया है। आगामी 20 जुलाई 2026 को भोपाल में इस तानाशाही के विरोध में विधानसभा घेराव का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य 13 प्रतिशत चयनित अभ्यर्थियों के होल्ड को अनहोल्ड कराना है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारी ओबीसी वर्ग के 3 लाख रिक्त पदों को तत्काल भरने की मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, बिजली और पानी मुफ्त करने, संख्यानुपात आरक्षण जारी करने, मूलभूत अधिकार सुनिश्चित करने, एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, कॉलेजियम सिस्टम को बंद करने और भ्रष्टाचार खत्म करने की आवाज उठाई गई है। इस दौरान निशाना साधते हुए कहा गया कि गृह मंत्री रहते हुए जिसने पिछड़े वर्ग, दलितों और आदिवासियों को रुलाया और पुलिस से डंडे मरवाए, आज वही खुद आंसू बहाकर रो रहा है।2
- दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यमंत्री अवधेश नायक के निवास पर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। भले ही अवधेश नायक इस उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक भूमिका और अगला कदम भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की उनसे हुई सौजन्य मुलाकात के बाद दतिया की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। अवधेश नायक का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे और वर्ष 2003 में उमा भारती के नेतृत्व में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार थे, जिसके प्रचार की शुरुआत उमा भारती ने दतिया स्थित मां पीतांबरा पीठ से की थी। बाद में जब उमा भारती ने भारतीय जनशक्ति पार्टी का गठन किया, तो वे भी उनके साथ चले गए। मध्य प्रदेश में परिसीमन के बाद जब डॉ. नरोत्तम मिश्रा का प्रभाव बढ़ा, तब अवधेश नायक मध्य प्रदेश पथ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष रहे और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी प्राप्त था। भाजपा में उपेक्षा महसूस होने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर अंतिम समय में टिकट बदल दिया था और भरोसा दिया था कि अगली बार अवसर दिया जाएगा। इसी विश्वास के साथ उन्होंने इस उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र भी खरीदा था, लेकिन कांग्रेस ने अंततः कुंवर घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अवधेश नायक का ब्राह्मण समाज और अपने समर्थकों के बीच काफी अच्छा प्रभाव है। यही कारण है कि कांग्रेस उनकी नाराजगी को लेकर सतर्क है, जबकि भाजपा के कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी उनसे मुलाकात कर चुके हैं। इन तमाम अटकलों के बीच अवधेश नायक ने अभी तक अपने राजनीतिक रुख का खुलासा नहीं किया है और न ही किसी दल के समर्थन या चुनाव प्रचार को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई घोषणा की है। ऐसे में दतिया उपचुनाव में उनकी अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि उनका किसी भी एक पक्ष में जाना चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।1
- दतिया जिले की डीपार थाना पुलिस ने लूट की वारदात को अंजाम देने वाले ₹10,000 के इनामी शातिर बदमाश को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल द्वारा चलाए जा रहे गुंडा-बदमाशों की धरपकड़ अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह चावला के मार्गदर्शन और एसडीओपी सेवढ़ा अजय चानना के नेतृत्व में 13.07.26 को की गई। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर आरोपी बृजेश उर्फ बग्गे को कट्टे के साथ दबोचा। इस मामले की पृष्ठभूमि 22.04.26 की है, जब रात करीब 10 बजे सेवढ़ा मौ रोड पर पांचाली खदान के पास तीन अज्ञात बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। फरियादी मनजीत रजक ने 23.04.26 को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बदमाशों ने उसकी मोटरसाइकिल, मोबाइल, आधार कार्ड और उसके साथी छोटू कुशवाह का मोबाइल व ₹3000 नगद वाला पर्स लूट लिया था। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत बीएनएस की धारा 309(4) और 11/13 एमपीडीपीके एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। पूछताछ के दौरान आरोपी बृजेश उर्फ बग्गे ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने खुलासा किया कि उसने अपने साथी अंकित चौधरी यादव, अनिल मांझी और एक अपचारी बालक के साथ मिलकर इस लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर उसके पास से ₹1000 नगद जब्त किए हैं। इस सराहनीय कार्रवाई में डीपार थाना प्रभारी उपनिरीक्षक यादवेन्द्र सिंह गुर्जर के साथ उपनिरीक्षक सियाराम गोड, प्रधान आरक्षक राघवेंद्र, रामकेश बघेल, और आरक्षक निजाम खाँ, ईशुराज सिंह सोलंकी, अनुपेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र गिरी, प्रमोद गोयल, देवेंद्र गुर्जर, रविंद्र कुशवाह, साइबर आरक्षक वीरेंद्र और शुभम की मुख्य भूमिका रही।2