अंधविश्वास या बेबसी? बहराइच में प्रसव पीड़ा से बेहाल महिला ने खुद के पेट पर चलाया चाकू, अस्पताल में मची खलबली अंधविश्वास या बेबसी? बहराइच में प्रसव पीड़ा से बेहाल महिला ने खुद के पेट पर चलाया चाकू, अस्पताल में मची खलबली स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश लोकेशन: लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश लखीमपुर खीरी/बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है। ममता और दर्द की एक ऐसी दास्तां, जिसने चिकित्सा जगत और समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहाँ एक गर्भवती महिला ने प्रसव पीड़ा असहनीय होने पर अस्पताल ले जाने के बजाय, घर में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से खुद का पेट काट लिया। इस खौफनाक कदम के बाद महिला की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। असहनीय दर्द और खौफनाक कदम घटना बहराइच के एक ग्रामीण इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, महिला को प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हुई थी। दर्द इतना तीव्र और असहनीय था कि महिला अपना मानसिक संतुलन खो बैठी। परिजनों का कहना है कि दर्द से तड़पती महिला को कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसी बेबसी और पीड़ा के बीच उसने रसोई में रखा सब्जी काटने वाला चाकू उठाया और खुद के पेट पर वार कर दिया। महिला ने खुद ही अपना पेट चीरने की कोशिश की, ताकि वह उस असहनीय दर्द से निजात पा सके। जैसे ही परिजनों ने खून से लथपथ महिला को देखा, घर में कोहराम मच गया। अस्पताल में सफल प्रसव, पर हालत गंभीर गंभीर स्थिति में महिला को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के लिए भी यह केस किसी चुनौती से कम नहीं था। महिला के पेट पर गहरा जख्म था और अंदर नवजात की जान भी खतरे में थी। चिकित्सकों की टीम ने बिना देर किए ऑपरेशन थिएटर में महिला का इलाज शुरू किया। राहत की बात यह रही कि अस्पताल में महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, खुद पर किए गए हमले के कारण महिला की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और वह डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है। चिकित्सकों की राय और जागरूकता की कमी इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी पर भी सवाल खड़े किए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्रसव के दौरान होने वाला दर्द प्राकृतिक है, लेकिन कभी-कभी यह सहनशक्ति से बाहर हो जाता है। ऐसी स्थिति में परिजनों को तुरंत डॉक्टरी सहायता लेनी चाहिए। खुद से ऐसा कदम उठाना जानलेवा साबित हो सकता था। बहराइच की इस घटना ने लखीमपुर खीरी समेत आसपास के जिलों में सनसनी फैला दी है। लोग हैरान हैं कि आखिर किस स्तर की पीड़ा ने उस महिला को इतना आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। संजय कुमार राठौर का विशेष विश्लेषण स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर की इस रिपोर्ट का उद्देश्य समाज को जागरूक करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी प्रसव को लेकर कई भ्रांतियां और जानकारी का अभाव है। > सोचिए— अगर समय रहते इस महिला को सही चिकित्सा परामर्श मिला होता, तो शायद उसे इस भयावह स्थिति से न गुजरना पड़ता। यह घटना हमें सिखाती है कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में लापरवाही या देरी कितनी घातक हो सकती है। फिलहाल बच्चा सुरक्षित है, लेकिन मां जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। बहराइच पुलिस और प्रशासन भी इस मामले की जानकारी ले रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई अन्य घरेलू कारण तो नहीं था। लेकिन प्राथमिक रूप से यह मामला असहनीय प्रसव पीड़ा के कारण उठाए गए आत्मघाती कदम का ही लग रहा है।
अंधविश्वास या बेबसी? बहराइच में प्रसव पीड़ा से बेहाल महिला ने खुद के पेट पर चलाया चाकू, अस्पताल में मची खलबली अंधविश्वास या बेबसी? बहराइच में प्रसव पीड़ा से बेहाल महिला ने खुद के पेट पर चलाया चाकू, अस्पताल में मची खलबली स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश लोकेशन: लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश लखीमपुर खीरी/बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है। ममता और दर्द की एक ऐसी दास्तां, जिसने चिकित्सा जगत और समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहाँ एक गर्भवती महिला ने प्रसव पीड़ा असहनीय होने पर अस्पताल ले जाने के बजाय, घर में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से खुद का पेट काट लिया। इस खौफनाक कदम के बाद महिला की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। असहनीय दर्द और खौफनाक कदम घटना बहराइच के एक ग्रामीण इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, महिला को प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हुई थी। दर्द इतना तीव्र और असहनीय था कि महिला अपना मानसिक संतुलन खो बैठी। परिजनों का कहना है कि दर्द से तड़पती महिला को कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसी बेबसी और पीड़ा के बीच उसने रसोई में रखा सब्जी काटने वाला चाकू उठाया और खुद के पेट पर वार कर दिया। महिला ने खुद ही अपना पेट चीरने की कोशिश की, ताकि वह उस असहनीय दर्द से निजात पा सके। जैसे ही परिजनों ने खून से लथपथ महिला को देखा, घर में कोहराम मच गया। अस्पताल में सफल प्रसव, पर हालत गंभीर गंभीर स्थिति में महिला को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के लिए भी यह केस किसी चुनौती से कम नहीं था। महिला के पेट पर गहरा जख्म था और अंदर नवजात की जान भी खतरे में थी। चिकित्सकों की टीम ने बिना देर किए ऑपरेशन थिएटर में महिला का इलाज शुरू किया। राहत की बात यह रही कि अस्पताल में महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, खुद पर किए गए हमले के कारण महिला की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और वह डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है। चिकित्सकों की राय और जागरूकता की कमी इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी पर भी सवाल खड़े किए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्रसव के दौरान होने वाला दर्द प्राकृतिक है, लेकिन कभी-कभी यह सहनशक्ति से बाहर हो जाता है। ऐसी स्थिति में परिजनों को तुरंत डॉक्टरी सहायता लेनी चाहिए। खुद से ऐसा कदम उठाना जानलेवा साबित हो सकता था। बहराइच की इस घटना ने लखीमपुर खीरी समेत आसपास के जिलों में सनसनी फैला दी है। लोग हैरान हैं कि आखिर किस स्तर की पीड़ा ने उस महिला को इतना आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। संजय कुमार राठौर का विशेष विश्लेषण स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर की इस रिपोर्ट का उद्देश्य समाज को जागरूक करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी प्रसव को लेकर कई भ्रांतियां और जानकारी का अभाव है। > सोचिए— अगर समय रहते इस महिला को सही चिकित्सा परामर्श मिला होता, तो शायद उसे इस भयावह स्थिति से न गुजरना पड़ता। यह घटना हमें सिखाती है कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में लापरवाही या देरी कितनी घातक हो सकती है। फिलहाल बच्चा सुरक्षित है, लेकिन मां जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। बहराइच पुलिस और प्रशासन भी इस मामले की जानकारी ले रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई अन्य घरेलू कारण तो नहीं था। लेकिन प्राथमिक रूप से यह मामला असहनीय प्रसव पीड़ा के कारण उठाए गए आत्मघाती कदम का ही लग रहा है।
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- धौरहरा, खीरी। सिसैया–ढखेरवा हाईवे स्थित ग्राम महादेव में मां वैष्णो शुगर इन्स्टीट्यूट में बैगास भरते समय बिजली के तार की चपेट में आने से दो नाबालिग झुलस गए। 16 वर्षीय रिंकू को गंभीर हालत में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ रेफर किया गया है। वहीं 15 वर्षीय अजय का इलाज अवतार हॉस्पिटल में चल रहा है। हादसे के बाद प्लांट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।1
- लखीमपुर खीरी, 21 फरवरी। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल पर 1.136 करोड़ रुपये से घोसियाना मुक्तिधाम मार्ग का निर्माण पूरा कर लोकार्पण किया गया। विधायक योगेश वर्मा ने इसे बड़ी राहत बताया। 660 मीटर लंबी सीसी सड़क, इंटरलॉकिंग व नालियों के निर्माण से अंतिम यात्रा में अब सुगम आवागमन होगा और शहर का ट्रैफिक दबाव भी घटेगा। साथ ही 1.94 करोड़ से विकसित गढ़ी मार्ग अब शहर को जोड़ने वाला नया बाईपास बन गया है, जहां स्ट्रीट लाइट व साइनज की भी व्यवस्था की गई है।1
- aa gya अक्कू पंडित जेल से बाहर 🙏 जय श्री राम जय परशुराम 🙏🙏1
- महिला ने कोतवाली में दी तहरीर, पति व दूसरी महिला पर हत्या के प्रयास की जताई आशंका 21/02/2026 पलिया कलां (खीरी)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम श्रीनगर निवासी एक महिला ने अपने पति पर दूसरी महिला से अवैध संबंध रखने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पलिया कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर पति व संबंधित महिला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम श्रीनगर निवासी सितवन्ती पत्नी संजय कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके पति का एक अन्य महिला से नाजायज संबंध है। इसकी जानकारी उसे पति के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और फोटो के माध्यम से हुई। जब उसने इस बात का विरोध किया तो पति ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि उसकी छह वर्षीय पुत्री साधना भी खतरे में है। उसने आरोप लगाया कि पूर्व में भी उसके पति ने उसे जान से मारने का प्रयास किया था। अब पति कथित रूप से दूसरी महिला के साथ मिलकर उसे और उसकी बेटी को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहा है। घटना के बाद से वह दहशत में है। महिला ने तहरीर में यह भी उल्लेख किया है कि यदि समय रहते उसके पति व संबंधित महिला के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो उसके साथ कोई गंभीर वारदात हो सकती है। उसने बताया कि संबंधित महिला की फोटो उसके पास साक्ष्य के रूप में मौजूद है। पीड़िता ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है, मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
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- #थाना कोतवाली सदर क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु की घटना के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर विवेक तिवारी की बाइट.....1