हड़रुख फीडर पर तैनात कर्मचारी ने किसानों के साथ की मारपीट और दी जान से मारने की धमकी, हड़रुख फीडर पर तैनात कर्मचारी मलखान यादव ने किसानों के साथ की मारपीट और दी जान से मारने की धमकी, कुठौंद जालौन, विकासखंड कुठौंद क्षेत्र अंतर्गत हदरूख फीटर पर तैनात कर्मचारी मलखान ने किसानों के साथ की मारपीट, जबकि हिंदुओं के त्योहार होली पर बिजली न आने से और किसानों के खेत सूखने पर किसानों के मांग करने पर, हदरूख फीडर पर तैनात कर्मचारी मलखान यादव ने किसानों व आम जनता के साथ की मारपीट, गोविंद सिंह पुत्र राम सहाय सिंह शेखपुर बुजुर्ग अवधेश कुमार राजवीर सिंह रूपेंद्र सिंह आदि किसानों के साथ एसडीओ के आदेश पर कर्मचारियों ने खुलेआम किसानों के साथ की मारपीट, किसानों के साथ मारपीट करते हुए सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल, एसडीओ जालौन को जब लगाया फोन तो उन्होंने नहीं उठाया फोन और ना जरूरत समझी बात करने की!!!!!
हड़रुख फीडर पर तैनात कर्मचारी ने किसानों के साथ की मारपीट और दी जान से मारने की धमकी, हड़रुख फीडर पर तैनात कर्मचारी मलखान यादव ने किसानों के साथ की मारपीट और दी जान से मारने की धमकी, कुठौंद जालौन, विकासखंड कुठौंद क्षेत्र अंतर्गत हदरूख फीटर पर तैनात कर्मचारी मलखान ने किसानों के साथ की मारपीट, जबकि हिंदुओं के त्योहार होली पर बिजली न आने से और किसानों के खेत सूखने पर किसानों के मांग करने पर, हदरूख फीडर पर तैनात कर्मचारी मलखान यादव ने किसानों व आम जनता के साथ की मारपीट, गोविंद सिंह पुत्र राम सहाय सिंह शेखपुर बुजुर्ग अवधेश कुमार राजवीर सिंह रूपेंद्र सिंह आदि किसानों के साथ एसडीओ के आदेश पर कर्मचारियों ने खुलेआम किसानों के साथ की मारपीट, किसानों के साथ मारपीट करते हुए सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल, एसडीओ जालौन को जब लगाया फोन तो उन्होंने नहीं उठाया फोन और ना जरूरत समझी बात करने की!!!!!
- हड़रुख फीडर पर तैनात कर्मचारी मलखान यादव ने किसानों के साथ की मारपीट और दी जान से मारने की धमकी, कुठौंद जालौन, विकासखंड कुठौंद क्षेत्र अंतर्गत हदरूख फीटर पर तैनात कर्मचारी मलखान ने किसानों के साथ की मारपीट, जबकि हिंदुओं के त्योहार होली पर बिजली न आने से और किसानों के खेत सूखने पर किसानों के मांग करने पर, हदरूख फीडर पर तैनात कर्मचारी मलखान यादव ने किसानों व आम जनता के साथ की मारपीट, गोविंद सिंह पुत्र राम सहाय सिंह शेखपुर बुजुर्ग अवधेश कुमार राजवीर सिंह रूपेंद्र सिंह आदि किसानों के साथ एसडीओ के आदेश पर कर्मचारियों ने खुलेआम किसानों के साथ की मारपीट, किसानों के साथ मारपीट करते हुए सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल, एसडीओ जालौन को जब लगाया फोन तो उन्होंने नहीं उठाया फोन और ना जरूरत समझी बात करने की!!!!!1
- जनपद जालौन के ग्राम गायर में उस समय हड़कंप मच गया जब कूड़ा घर के पास किसी अज्ञात व्यक्ति या महिला द्वारा कूड़ा फेंक दिया गया। बताया जा रहा है कि फेंके गए कूड़े में पहले से आग सुलग रही थी, जिससे वहां मौजूद सूखे कूड़े ने आग पकड़ ली। आग की लपटें उठती देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए पानी डालकर आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की तत्परता के चलते बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा आग आसपास के क्षेत्र में फैल सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कूड़ा घर के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए और लापरवाही से कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की न हो।1
- जालौन जिले के उरई रामनगर स्थित एक मंदिर में प्रसाद के रूप में बांटे गए पेड़े खाने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बुधवार तक कुछ बच्चे उपचाराधीन बताए गए। आरोप स्थानीय “टिक्कू पेड़ा” दुकान से मंगवाए गए पेड़ों पर लगे हैं। घटना की सूचना मिलते ही सिटी सीओ राजीव कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। खाद्य विभाग की टीम ने दुकान पर पहुंचकर पेड़ों के नमूने जांच के लिए सील किए। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि खाद्य सामग्री में कोई कमी थी या नहीं। मामले में तीन पक्ष सामने आए हैं। पहला पक्ष: मंदिर में प्रसाद मंगवाने वाले युवक का आरोप है कि पेड़े खराब थे। दूसरा पक्ष: दुकान संचालक ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उनके उत्पाद सुरक्षित हैं और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। तीसरा पक्ष: कुछ परिजनों का कहना है कि वितरण के दौरान भी किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस और खाद्य विभाग पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।3
- रुरा थाना क्षेत्र के कस्बा रुरा के ओवर ब्रिज पर का है।जहां बुधवार की दोपहर तेज रफ्तार दो बाइकों में आमने सामने जोरदार टक्कर हो गई।जिससे बाइक सवार चार घायल हो गए, जिसमें से लोग गंभीर रूप से घायल है।वहीं सूचना पर चौकी प्रभारी रुरा विनोद कुमार हमराही सिपाही सुधीर छौकर के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को उपचार हेतु सीएचसी रुरा भिजवाया।1
- लहरा के पास भीषण सड़क हादसा: आमने-सामने भिड़ीं दो गाड़ियां, तीन युवक गंभीर तेज रफ्तार का कहर, चीख-पुकार से गूंजा इलाका — दो की हालत नाजुक कुरारा, हमीरपुर। जनपद हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेरी चौकी के लहरा गांव के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार दो गाड़ियां आमने-सामने इतनी जोरदार भिड़ीं कि टक्कर की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें दो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों वाहन काफी तेज गति में थे। बताया जा रहा है कि मोड़ के पास अचानक सामने से आ रहे वाहन को संभालने का मौका नहीं मिला और जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर लंबा जाम लग गया। ये हुए घायल हादसे में बड़गांव निवासी दीपू निषाद, तथा लहरा निवासी आसाराम पाल और अवधेश गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद आसाराम पाल और अवधेश की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया। दीपू निषाद का इलाज जारी है। बेरी चौकी जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।4
- Post by Rajendra Singh1
- उरई के रामनगर में ‘टिंकू पेड़ा’ विवाद: प्रसाद के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी, जांच के घेरे में मशहूर दुकान उरई शहर के मोहल्ला रामनगर में प्रसाद के रूप में बांटे गए पेड़ों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूजा के बाद बच्चों और युवाओं में बांटे गए पेड़े खाने के कुछ ही घंटों में कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा। बुधवार तक कुछ बच्चे उपचाराधीन बताए गए। घटना सामने आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और चर्चा का केंद्र बन गया मशहूर “टिंकू पेड़ा”। मामला मंगलवार का बताया जा रहा है। रामनगर स्थित एक मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद के लिए टिंकू पेड़ा की दुकान से पेड़े मंगवाए गए थे। आरोप है कि प्रसाद ग्रहण करने के कुछ समय बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने आशंका जताई कि पेड़े खराब थे या उनमें कोई गड़बड़ी थी। जैसे ही शिकायतें बढ़ीं, स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और खाद्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। सिटी सीओ राजीव कुमार शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने दुकान पर पहुंचकर पेड़ों के नमूने भर लिए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने बताया कि शिकायत के आधार पर सैंपलिंग की गई है और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या मिलावट सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में तीन पक्ष खुलकर सामने आए हैं। पहला पक्ष उस युवक का है जिसने मंदिर में पूजा कराई और प्रसाद के लिए पेड़े मंगवाए थे। उसका आरोप है कि पेड़े खराब थे, जिसके कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी। दूसरा पक्ष टिंकू पेड़ा संचालक का है, जिन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी दुकान की प्रतिष्ठा वर्षों पुरानी है और वे स्वयं निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उनका कहना है कि पेड़े पूरी गुणवत्ता के साथ बनाए गए थे और यदि जरूरत पड़ी तो वे हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। तीसरा पक्ष बच्चों और उनके परिजनों का है, जिनका कहना है कि पेड़ों में कुछ मिलाया गया हो सकता है या वितरण के दौरान कोई गड़बड़ी हुई हो सकती है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है। पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रही है, वहीं खाद्य विभाग की लैब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इलाके के नागरिकों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई हो सके। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी—पेड़ों की गुणवत्ता या फिर कोई अन्य कारण।1
- जालौन में आपसी विवाद के चलते दबंगों ने महिला के सिर पर कुल्हाड़ी से किया जानलेवा हमला, डायल 112 के सिपाहियों को महिला बता रही थी घटनाक्रम, तभी पुलिस के सामने ही दबंगों ने महिला पर किया हमला, महिला की मारपीट करने वाले 10-15 युवक मौके से हो गए फरार, पुलिस बनी रही मूकदर्शक, गांव के ही युवक रवि कुशवाहा व उसके भाइयों ने अपने मित्रों संग दिया घटना को अंजाम, आनन फानन में लहूलुहान हालत में महिला को एंबुलेंस द्वारा ले जाया गया अस्पताल, महिला की हालत गंभीर, घटना के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुकरगांव का मामला।1