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पीएम मोदी का आधी रात को एक संदेश जारी हुआ है। इस संदेश में आज केंद्रीय कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया गया है। इसके साथ ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का संदेश भी दिया गया है।
राम जी दीक्षित पत्रकार
पीएम मोदी का आधी रात को एक संदेश जारी हुआ है। इस संदेश में आज केंद्रीय कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया गया है। इसके साथ ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का संदेश भी दिया गया है।
- Rahul katheriyaफर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेशफर्जी बातें है जब समस्या आ गई कुर्सी पर1 hr ago
- Anish kumar padihariतमनार, रायगढ़, छत्तीसगढ़are harami tere koi फ्रेंड्स nhi हम log tere jaise kutte का दोस्त banna भी deshdrohi कहलाना hai harami3 hrs ago
- Rajan Deviबांदा, बांदा, उत्तर प्रदेशकार्रवाई भर से कुछ नहीं होगा फांसी की सजाए होने से जल्दी ठीक होगा3 hrs ago
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- पीएम मोदी का आधी रात को एक संदेश जारी हुआ है। इस संदेश में आज केंद्रीय कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया गया है। इसके साथ ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का संदेश भी दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में रामनगर विधानसभा से सपा विधायक हाजी फरीद महफूज किदवाई ने मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से असत्य और निराधार बताया है। पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने रामनगर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल 'महादेवा' के मंच से उन पर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने आज तक क्षेत्र के विकास के लिए शासन को कोई प्रस्ताव नहीं दिया, जो पूरी तरह से गलत है। सपा विधायक ने पत्रकारों के सामने प्रमाण रखते हुए कहा कि वे रामनगर के विधायक के रूप में विधानसभा के प्रश्नकाल और पत्राचार के माध्यम से शासन को सौंपे गए सभी विकास प्रस्तावों की प्रतियां साथ लेकर आए हैं। उन्होंने 20 जुलाई 2026 को महादेवा पधारे मुख्यमंत्री के बयानों पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे निराधार आरोपों से उनके हृदय को गहरा आघात लगा है। जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए गए। इस मौके पर प्रदेश सचिव लल्लन वर्मा, मौलाना असलम, सुरेश चंद गौतम, राष्ट्रीय प्रवक्ता फैजान किदवाई और जिला प्रवक्ता वीरेंद्र प्रधान सहित पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- बाराबंकी के थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित मोहल्ला पीरबटावन पूर्वी में सफर के महीने के अवसर पर बुधवार शाम 5 बजे नाते पाक महफ़िल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ भाजपा नेता सीकों सुलेमान ने किया। महफ़िल के दौरान पूरा माहौल नात और दुरूद शरीफ की आवाज़ से गूंजता रहा। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, उलमा और गणमान्य नागरिक शामिल हुए और उन्होंने बड़े ध्यान व एहतराम के साथ नाते पाक सुनी। कार्यक्रम के दौरान पत्रकार सुहैल अहमद अंसारी ने अपनी पुरकशिश आवाज में नाते ए पाक पढ़कर सुनाई। महफ़िल के अंत में वरिष्ठ भाजपा नेता सीकों सुलेमान व अन्य लोगों ने पत्रकार सुहैल अहमद अंसारी को माला पहनाकर और दुआओं से नवाजते हुए सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि सफर माह में आयोजित होने वाली इस तरह की महफ़िलें समाज में मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देती हैं।1
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा। सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार के साथ लंबी बातचीत और देश में संभावित तनाव की स्थिति को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही उन्होंने सभी छात्रों और युवाओं से शांति बनाए रखने तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील भी की। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा में होने वाले पेपर लीक और नकल माफिया पर कड़ी कार्रवाई के लिए और अधिक सख्त कानून लाने जा रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसमें दोषियों के लिए कठोर दंड और मामलों के त्वरित निस्तारण के प्रावधान शामिल होंगे। हालांकि, वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी अन्य मांगों को लेकर आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। छात्र संगठनों का कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक और स्थायी सुधार भी बेहद जरूरी हैं।1
- भारत में गहराते जल संकट के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस समस्या से निपटने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। सूखे का पूर्वानुमान लगाने से लेकर पानी के वितरण को बेहतर बनाने और रियल-टाइम में लीक का पता लगाने तक, AI से संचालित समाधान एक नई उम्मीद दे रहे हैं। विशाल डेटासेट का विश्लेषण करके AI सरकारों और एजेंसियों को जल संसाधनों का अधिक कुशलता से प्रबंधन करने, पानी की बर्बादी घटाने और भविष्य के लिए बेहतर योजना बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसे लागू करने, बुनियादी ढांचे और नीतिगत समर्थन जैसी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।1
- लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जीवन और दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का जीवन संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत है और उनके विचार आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। समारोह को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज से ऊंच-नीच, जात-पात और भेदभाव के कुचक्र को समाप्त करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने हमेशा प्रेम, करुणा और सामाजिक समरसता की बात कही। उन्होंने बताया कि संत रविदास जी ने सिखाया कि कोई भी व्यक्ति अपने जन्म या जाति से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से महान बनता है। संत रविदास जी की अमर पंक्तियों 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मन की शुद्धता और सेवा भाव ही सच्चा धर्म है। उन्होंने 'बेगमपुरा' का सपना देखते हुए एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहाँ कोई दुःखी या पीड़ित न हो और सभी को समानता व न्याय का अधिकार मिले। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन और उनकी वाणी मानवता की सेवा तथा समाज में एकता बनाए रखने का मार्ग दिखाती है और उनके बताए रास्तों को अपनाकर ही एक सशक्त व समरस समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनसमूह से संत रविदास जी की शिक्षाओं को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि संत रविदास जी के सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।1
- जंतर मंतर पर जारी शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन और पुलिस द्वारा पूरे दिन प्रयास किए गए। प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट सपोर्टर्स के साथ बेहद बदसलूकी की गई और उन पर बिना किसी वजह के दबाव बनाया गया। पुलिस ने जगह-जगह बैरीकेडिंग लगाकर साथियों को रोकने की कोशिश की, जिससे कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मासूम छात्रों पर किए गए इस जुल्म और अन्याय से साफ जाहिर होता है कि सरकार उनकी आवाज से डरी हुई है। आंदोलन को खराब करने और भड़काने की कोशिशों के बावजूद छात्र समर्थकों ने समझदारी और हिम्मत से काम लिया। इतने अत्याचार के बाद भी कोई साथी पीछे नहीं हटा है और वे अपनी मांगों व हक की लड़ाई के लिए जंतर मंतर पर डटे हुए हैं। 'विद्यार्थी शक्ति जिंदाबाद' और 'इनकलाब जिंदाबाद' के नारों के साथ आंदोलन को आगे भी जारी रखने का ऐलान किया गया है।1