156 वीं जयंती पर याद किए गए सोवियत क्रांति के नायक ब्लादिमीर लेनिन सोवियत क्रांति का असर भारत के स्वतंत्रता संग्राम पर भी पड़ा : संजय पासवान कोडरमा - सोवियत क्रांति के नायक ब्लादिमीर लेनिन की 156वीं जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि देते हुए मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि लेनिन मज़दूर वर्ग के विशाल हृदय में बस्ते हैं. वे हमारे शिक्षक हैं. उनके सिद्धांत आज भी हमारे साथ है. लेनिन पूरी दूनिया में सर्वहारा वर्ग के नेता हैं. मार्क्सवादी दर्शन को महान सोवियत क्रांति के माध्यम से पहली बार व्यवहार मे लाते हुए, गरीब मेहनतकश मज़दूर और किसान के राज्य को साकार किया. जिसके कारण पूरी दुनिया में साम्राज्यवाद विरोधी राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलनो को प्रेरणा प्राप्त हुई और जिसका असर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर भी पड़ा. सीटू नेता ने कहा कि क्रांतिकारी वैज्ञानिक भावना दोनों का मिलन ही मार्क्सवाद है. लेनिन ने कहा था कि ठोस परिस्थितियों का ठोस विश्लेषण के आधार पर ही वास्तविक क्रांति संभव है. चुनौतियों का मुकाबला इसी रास्ते से किया जा सकता है. हम लेनिन को ऐसे समय में याद कर रहे हैं, जब भारत में मजदूर वर्ग के विद्रोह की लहर तेजी से बढ़ रहा है. आज देश में भाजपा सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों के चलते भारत की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है. कमरतोड़ महंगाई व बेरोजगारी के गंभीर संकट से लोग परेशान हैं. देश की तमाम सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण कर पूंजीपतियों के हांथो में सौंप रही है. सरकारी नौकरियाँ समाप्त कर नौजवानों के भविष्य को बर्बाद किया जा रहा है. मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड में बदल दिया है. भारत की मेहनतकश जनता ने ब्रिटिश राज के खिलाफ ट्रेड यूनियन बनाने और हड़ताल का अधिकार हासिल किया था। श्रम संहिताओं ने मेहनतकश जनता के साथ विश्वासघात करके उन्हें मुनाफे के प्यासे कॉर्पोरेट घरानों की जंजीरों में बांध दिया है। जिसके खिलाफ ट्रेड यूनियनों द्वारा लगातार संघर्ष किया जा रहा है. कॉमरेड लेनिन की जयंती पर सीटू मजदूर वर्ग को आह्वान करता है कि मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमें मजदूर वर्ग की व्यापक एकता और संघर्ष को मजबूत करने के साथ साथ भारत की संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजदूर विरोधी नीतियों और लेबर कोड के खिलाफ आगामी 01 मई को व्यापक पैमाने पर मजदूर दिवस मनायें.
156 वीं जयंती पर याद किए गए सोवियत क्रांति के नायक ब्लादिमीर लेनिन सोवियत क्रांति का असर भारत के स्वतंत्रता संग्राम पर भी पड़ा : संजय पासवान कोडरमा - सोवियत क्रांति के नायक ब्लादिमीर लेनिन की 156वीं जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि देते हुए मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि लेनिन मज़दूर वर्ग के विशाल हृदय में बस्ते हैं. वे हमारे शिक्षक हैं. उनके सिद्धांत आज भी हमारे साथ है. लेनिन पूरी दूनिया में सर्वहारा वर्ग के नेता हैं. मार्क्सवादी दर्शन को महान सोवियत क्रांति के माध्यम से पहली बार व्यवहार मे लाते हुए, गरीब मेहनतकश मज़दूर और किसान के राज्य को साकार किया. जिसके कारण पूरी दुनिया में साम्राज्यवाद विरोधी राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलनो को प्रेरणा प्राप्त हुई और जिसका असर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर भी पड़ा. सीटू नेता ने कहा कि क्रांतिकारी वैज्ञानिक भावना दोनों का मिलन ही मार्क्सवाद है. लेनिन ने कहा था कि ठोस परिस्थितियों का ठोस विश्लेषण के आधार पर ही वास्तविक क्रांति संभव है. चुनौतियों का मुकाबला इसी रास्ते से किया जा सकता है. हम लेनिन को ऐसे समय में याद कर रहे हैं, जब भारत में मजदूर वर्ग के विद्रोह की लहर तेजी से बढ़ रहा है. आज देश में भाजपा सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों के चलते भारत की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है. कमरतोड़ महंगाई व बेरोजगारी के गंभीर संकट से लोग परेशान हैं. देश की तमाम सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण कर पूंजीपतियों के हांथो में सौंप रही है. सरकारी नौकरियाँ समाप्त कर नौजवानों के भविष्य को बर्बाद किया जा रहा है. मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड में बदल दिया है. भारत की मेहनतकश जनता ने ब्रिटिश राज के खिलाफ ट्रेड यूनियन बनाने और हड़ताल का अधिकार हासिल किया था। श्रम संहिताओं ने मेहनतकश जनता के साथ विश्वासघात करके उन्हें मुनाफे के प्यासे कॉर्पोरेट घरानों की जंजीरों में बांध दिया है। जिसके खिलाफ ट्रेड यूनियनों द्वारा लगातार संघर्ष किया जा रहा है. कॉमरेड लेनिन की जयंती पर सीटू मजदूर वर्ग को आह्वान करता है कि मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमें मजदूर वर्ग की व्यापक एकता और संघर्ष को मजबूत करने के साथ साथ भारत की संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजदूर विरोधी नीतियों और लेबर कोड के खिलाफ आगामी 01 मई को व्यापक पैमाने पर मजदूर दिवस मनायें.
- मानवता आज भी जिंदा है: पत्थलडीहा के समीप हुए सड़क दुर्घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने कहा एंबुलेंस कॉल नहीं उठाई तब हमलोग टोटो से इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज रहा हूं।1
- कोडरमा जिले में बढ़ते गर्मी के तापमान की वजह से विद्युत आपूर्ति भी काम हो गई है जिसे लेकर विद्युत अधिकारियों ने विद्युत उपकरण का इस्तेमाल नहीं करने पर बंद रखने की सलाह दी है ताकि विद्युत अनावश्यक खर्च ना हो।1
- *“ कोडरमा:झुमरी तिलैया स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल (MPS) में मंगलवार को 'विश्व पृथ्वी दिवस' (World Earth Day) के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न कलात्मक और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत नन्हे-मुन्ने बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता से हुई, जिसमें बच्चों ने प्रकृति के विभिन्न रूपों को जीवंत किया। इसके साथ ही कक्षा चौथी और पाँचवीं के लिए रोल प्ले तथा कक्षा छठी से आठवीं के विद्यार्थियों के बीच नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 9वीं से 12वीं) के छात्रों ने पीपीटी प्रदर्शनी के माध्यम से पर्यावरण चुनौतियों और उनके समाधानों को तकनीकी बारीकियों के साथ प्रस्तुत किया। *फैंसी ड्रेस (कक्षा 1)*: सार्थक (प्रथम), आधुनिक (द्वितीय), मिफरा (तृतीय)। *फैंसी ड्रेस (कक्षा 2)*: अमीषा (प्रथम), मयंक (द्वितीय), अमायरा और इनाया (तृतीय)। *रोल प्ले (कक्षा 4 व 5)*: इनाया (प्रथम), अजितेश (द्वितीय), अल्वी (तृतीय)। *नाटक प्रतियोगिता (कक्षा 6-8)*: रमन हाउस (प्रथम), आइंस्टीन हाउस (द्वितीय)। *पीपीटी प्रदर्शनी (कक्षा 9-12)*: रमन हाउस (प्रथम), भावा हाउस (द्वितीय)। रचनात्मकता और जागरूकता कक्षा 8वीं और 9वीं के छात्रों ने *"प्लास्टिक हटाओ, पेड़ लगाओ"* विषय पर एक मर्मस्पर्शी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के खतरों से आगाह किया। विद्यालय में आयोजित मॉडल प्रदर्शनी में बच्चों ने 'वेस्ट मटेरियल' का उपयोग कर सोलर सिटी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और इको-फ्रेंडली होम के शानदार मॉडल प्रदर्शित किए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में 50 से अधिक पौधे लगाए गए। विद्यालय के प्राचार्य श्री गुरु चरण वर्मा ने पौधरोपण के पश्चात कहा: "बच्चे ही हमारे भविष्य के संरक्षक हैं। यदि आज हम इन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बना देंगे, तो कल ये धरती को सुरक्षित रखने वाले प्रहरी बनेंगे। पृथ्वी दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी दैनिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।" विद्यालय की निदेशिका श्रीमती संगीता शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह धरती हमारा घर है और इसकी देखभाल करना हम सबका परम कर्तव्य है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे लगाए गए पौधों की देखभाल अपनी संतानों की तरह करें क्योंकि ये आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवनदायी ऑक्सीजन हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रा अनाया सिंहा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।1
- Post by Sunil Kumar journalist1
- Post by Prafull Kumar Suman2
- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1
- दर्शन गांव मे खलिहान में लगी भीषण आग, तीन पुंज जलकर राख — हजारों की संपत्ति नष्ट, नवादा जिला अंतर्गत गोविंदपुर थाना क्षेत्र के दर्शन गांव में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के खलिहान में रखे बिचाली की पुंज में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास रखे पुंजों को अपनी चपेट में ले लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दर्शन गांव निवासी गिरानी यादव एवं बालेश्वर यादव के कुल तीन पुंज आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग लगने की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने बाल्टी, पानी के सहारे आग पर काबू पाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उस पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक तीनों पुंज पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। इस घटना में पीड़ित किसानों को हजारों रुपये की आर्थिक नुकसान बताया जा रहा है । आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है,1
- कोडरमा जिले के सतगावां के कोठियार से सपही जोड़ने वाला रास्ता काफी दुर्गम है। रस्ते में पत्थरों का बोल्डर जमा है लोगो को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।1