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डीजे की धुन… बिरजाभार का रंग… और कंधे पर कांवर! अनंत चतुर्दशी से पहले पकड़ीदयाल से अरेराज के लिए निकला आस्था का सैलाब!” #AnantChaturdashi #SomeshwarNath #Areraj #Kanwariya #KanwarYatra #Pakaridayal #EastChamparan #Motihari #BiharNews #Mahadev #HarHarMahadev #KhabarOfPoint
Khabar Of Point
डीजे की धुन… बिरजाभार का रंग… और कंधे पर कांवर! अनंत चतुर्दशी से पहले पकड़ीदयाल से अरेराज के लिए निकला आस्था का सैलाब!” #AnantChaturdashi #SomeshwarNath #Areraj #Kanwariya #KanwarYatra #Pakaridayal #EastChamparan #Motihari #BiharNews #Mahadev #HarHarMahadev #KhabarOfPoint
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- कलयुग के रावण को लगा चप्पल तो हंसी रोक नहीं पाया सोशल साइट पर वायरल हुआ वीडियो Bihar Gopalganj,कलयुग के रावण को एक चप्पल लग गया कार्यक्रम के दौरान इसके बाद वह अपनी हंसी नहीं रोक पाया इसके साथ यह वीडियो तेजी से सोशल साइट पर वायरल हो गया बता दे कि यह रावण बैकुंठपुर विधानसभा निवासी है कबूतर यादव उर्फ मनीष ऋषि अचानक उन्हें चप्पल लगती है और वह अपना हंसी नहीं रोक पाते हैं सोशल साइट पर मेंस की बाढ़ लग गई जहां लोग यह कह रहे हैं कि यह कलयुग का रावण है लोगों ने चप्पल मार तो क्या हुआ लेकिन हर गम को खुशी में उड़ा दिया और सोशल साइड के लोगों ने उसे अपने गले लगा लिया और काफी तेजी से वीडियो वायरल हुआ महा जे 72 घंटे में एक मिलियन यह वीडियो पर कर गया आप अंदाजा लगा सकते हैं किस तरह से यह वीडियो सोशल साइट पर वायरल हुआ है आपकी क्या राय है कमेंट बॉक्स में जरूर दें1
- हाल में हुई जमुई में घटना के बाद बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की जो स्लोगन कुछ नेताओं के द्वारा जो कहा जाता था वह अब कहीं से अच्छा नहीं लग रहा है इतना खिलौना हरकत1
- 21 मार्च और 23 सितंबर को पूरी दुनिया में दिन और रात बराबर होते हैं. 23 सितंबर को पृथ्वी पर एक दुर्लभ और खास खगोलीय घटना (Equinox / विषुव) होने जा रही है। दुर्लभ खगोलीय घटना: दिन और रात 12-12 घंटे के होंगे 23 सितंबर को सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी की भूमध्य रेखा (Equator) पर पड़ेंगी। इस अनोखी घटना को खगोल विज्ञान में 'शरद विषुव' (Autumnal Equinox) कहा जाता है। इस घटना की मुख्य खास बातें: दिन और रात की बराबर अवधि: इस दिन पूरी दुनिया में दिन और रात की अवधि बिल्कुल बराबर (लगभग 12-12 घंटे) होगी। ऋतु परिवर्तन: इसके बाद उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में आधिकारिक रूप से शरद ऋतु (Autumn) की शुरुआत हो जाएगी और दिन छोटे व रातें लंबी होने लगेंगी, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में वसंत ऋतु की शुरुआत होगी। साल में केवल दो बार: पृथ्वी पर ऐसा संतुलन साल में केवल दो ही बार बनता है—एक 21 मार्च को (वसंत विषुव) और दूसरा 23 सितंबर को (शरद विषुव)। (यह प्रकृति का एक दुर्लभ संतुलन है जब सूर्य ना तो उत्तरी ध्रुव की ओर झुका होता है और ना ही दक्षिणी ध्रुव की ओर।)1
- lalit kashyap tufan channel subscriber do lalit kashyap benipur channel1
- किताब-कलम छोड़ बच्चों के हाथ में झाड़ू! सरकारी स्कूलों में सफाई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल सरकारी विद्यालयों में बच्चों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, लेकिन सामने आए एक वायरल वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में स्कूली बच्चे विद्यालय परिसर में झाड़ू लगाते और साफ-सफाई करते नजर आ रहे हैं। वहीं, शिक्षक भी पढ़ाई कराने के बजाय विद्यालय परिसर और शौचालयों की सफाई करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम चंपारण जिले के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए जिन एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई थी, उन एजेंसियों को भुगतान किए बिना ही रातों-रात काम बंद कर दिया गया। इसके बाद कई विद्यालयों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी और अब विद्यालय परिसर, कक्षाओं तथा शौचालयों की सफाई की जिम्मेदारी कहीं न कहीं शिक्षकों और बच्चों पर आती दिखाई दे रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो बच्चे अपना भविष्य बनाने के लिए स्कूल पहुंचते हैं, आखिर उनके हाथों में झाड़ू क्यों दिखाई दे रही है? जिन शिक्षकों की जिम्मेदारी बच्चों को पढ़ाने और उनके भविष्य को संवारने की है, उन्हें सफाई व्यवस्था में क्यों लगना पड़ रहा है? विद्यालयों में साफ-सफाई बेहद जरूरी है, लेकिन अगर इसके लिए निर्धारित व्यवस्था को अचानक बंद कर दिया जाए और उसका असर बच्चों की पढ़ाई तथा शिक्षकों के शिक्षण कार्य पर पड़ने लगे, तो यह निश्चित तौर पर गंभीर चिंता का विषय है। खासकर बच्चों से सफाई कार्य कराया जाना शिक्षा व्यवस्था और बाल हितों से जुड़े कई सवाल खड़े करता है। स्थिति यह है कि जिन हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हीं हाथों में झाड़ू दिखाई दे रही है। बच्चे अपने भविष्य की तैयारी करने के लिए विद्यालय आते हैं, लेकिन अगर उनका समय विद्यालय की सफाई में बीत रहा है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। वहीं, शिक्षक भी बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ विद्यालय की सफाई व्यवस्था संभालने को मजबूर नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर शिक्षक पढ़ाई कराएं या स्कूल की सफाई व्यवस्था संभालें? अब निगाहें शिक्षा विभाग पर हैं। सवाल यह है कि क्या विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालयों में नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेगा? क्या सफाई एजेंसियों के भुगतान और काम से जुड़े मामले का समाधान किया जाएगा? या फिर बच्चों और शिक्षकों के हाथों में झाड़ू का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा? अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाता है। फिलहाल, हमारा चैनल इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो की वास्तविक स्थिति और इसकी सत्यता की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- राजस्थान के बीकानेर के पास महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास 2026 के तहत M777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर से लाइव फायरिंग की.1
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- पश्चिम चंपारण के स्कूलों में सफाई व्यवस्था प्रभावित, बच्चे और शिक्षक लगा रहे झाड़ू पश्चिम चंपारण जिले के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इन दिनों सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति सामने आ रही है।1
- किशोर की हत्या के बाद सड़क पर बवाल, शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन बेतिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लालगढ़ पंचायत स्थित धर्मपुर चौक पर सोमवार को मारपीट की घटना में एक किशोर की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। किशोर की हत्या के बाद सड़क पर बवाल, शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन बेतिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लालगढ़ पंचायत स्थित धर्मपुर चौक पर सोमवार को मारपीट की घटना में एक किशोर की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।1