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ग्राम पंचायत राजपुरकरना में एक परिवार इन दिनों मोदी सरकार की कॉलोनी के लिए दर-दर भटक रहा है। आवास सुविधा पाने की उम्मीद में यह परिवार लगातार संघर्ष कर रहा है।

11 hrs ago
user_Sahil kumar
Sahil kumar
छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

ग्राम पंचायत राजपुरकरना में एक परिवार इन दिनों मोदी सरकार की कॉलोनी के लिए दर-दर भटक रहा है। आवास सुविधा पाने की उम्मीद में यह परिवार लगातार संघर्ष कर रहा है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश सरकार को 14 गौ रक्षकों की तत्काल रिहाई के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस निर्धारित अवधि के भीतर गौ रक्षकों को रिहा नहीं किया जाता है, तो पूरा हिंदू समाज मध्य प्रदेश के खिलाफ "कुछ करेगा"। यह एक सीधा अल्टीमेटम है, जिसमें मांग पूरी न होने पर गंभीर परिणामों की धमकी दी गई है।
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    मध्य प्रदेश सरकार को 14 गौ रक्षकों की तत्काल रिहाई के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस निर्धारित अवधि के भीतर गौ रक्षकों को रिहा नहीं किया जाता है, तो पूरा हिंदू समाज मध्य प्रदेश के खिलाफ "कुछ करेगा"। यह एक सीधा अल्टीमेटम है, जिसमें मांग पूरी न होने पर गंभीर परिणामों की धमकी दी गई है।
    user_Sahil kumar
    Sahil kumar
    छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में मंगलवार को इमाम हुसैन की याद में अलम का एक जुलूस निकाला गया। यह आयोजन मोहर्रम की सात तारीख को हुआ। इस दौरान, जुलूस में शामिल लोगों ने पूरे उत्साह के साथ 'या हुसैन' के नारे लगाए।
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    छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में मंगलवार को इमाम हुसैन की याद में अलम का एक जुलूस निकाला गया। यह आयोजन मोहर्रम की सात तारीख को हुआ। इस दौरान, जुलूस में शामिल लोगों ने पूरे उत्साह के साथ 'या हुसैन' के नारे लगाए।
    user_पत्रकार विकास दीक्षित
    पत्रकार विकास दीक्षित
    Local News Reporter छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कन्नौज के सौरिख में मोहर्रम की सात तारीख को हज़रत इमाम हुसैन की याद में अलम का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस कबीरपुर से शुरू होकर राजापुर पहुंचा, जहां मजलिस का आयोजन हुआ। इसके बाद कबीरपुर, राजापुर और सौरिख की अंजुमनों ने इमामबाड़ा से नौहाख्वानी और मातम करते हुए सी.एस.बी. रोड से सदर बाज़ार होते हुए मोहल्ला ऊंचा सौरिख के दोनों इमामबाड़ों तक यात्रा की। दोनों इमामबाड़ों पर नौहा मातम के बाद, अलम का जुलूस मोहल्ला अधैती, शिखाना और पुजारीवाली गली से होते हुए थाने के सामने से पाल तिराहा पहुंचा, जहाँ फिर से नौहा मातम किया गया। राजापुर और सौरिख के जुलूस अपने-अपने इमामबाड़ों पर पहुँचकर समाप्त हुए। इस अवसर पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य अली अब्बास नकवी ने बताया कि मोहर्रम सिर्फ़ इस्लामी साल का पहला महीना नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार, नाइंसाफ़ी और तमाम बुराइयों के ख़िलाफ़ एक आंदोलन का नाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ दुनिया के अन्य कैलेंडर नए साल में खुशियाँ लाते हैं, वहीं इस्लामी कैलेंडर ग़म का पैग़ाम लेकर आता है। यह ग़म सोए हुए इंसान को झिंझोड़ता है, दिल के ज़ख्मों पर मरहम लगाता है, मजलूमों में उम्मीद जगाता है और ज़ालिम के खिलाफ आवाज़ उठाने का हौसला देता है। नकवी ने बताया कि लगभग चौदह सौ साल पहले, सन इकसठ हिजरी में, कर्बला (इराक) के बियाबान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके इकहत्तर साथियों को ज़ालिम यज़ीदी फौजों ने बेदर्दी से शहीद कर दिया था। यज़ीद उस समय का 'सुपर पावर' माना जाता था, जिसकी हुकूमत अरब देशों, इराक, ईरान, सीरिया (शाम राजधानी) और कुछ यूरोपीय देशों के हिस्सों तक फैली थी। यज़ीद जानता था कि इमाम हुसैन का समर्थन मिले बिना वह कामयाब नहीं होगा, इसलिए उसने समर्थन लेने का आदेश दिया। लेकिन इमाम हुसैन अपने इकहत्तर साथियों के साथ उठ खड़े हुए और यज़ीद को उसके नाजायज मकसद में कामयाब नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी जान दे दी, पर यज़ीद का समर्थन नहीं किया। आज यज़ीद का नाम कोई लेने वाला नहीं है, जबकि इमाम हुसैन का नाम पूरी दुनिया में लिया जा रहा है, और उन्हीं की याद में यह अलम का जुलूस निकाला जाता है। इस मौके पर मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष अली अब्बास नकवी सहित नाज़िम हुसैन, हुसैन हैदर, रईसुल हसन, दिलदार हुसैन, शब्बर अली, निशात हुसैन, हैदर अब्बास और अनवार हैदर जैसे कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। नगर पंचायत द्वारा साफ-सफाई और जुलूस के रास्तों पर चूना डलवाने की व्यवस्था की गई, जबकि पुलिस प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा इंतज़ाम किए।
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    कन्नौज के सौरिख में मोहर्रम की सात तारीख को हज़रत इमाम हुसैन की याद में अलम का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस कबीरपुर से शुरू होकर राजापुर पहुंचा, जहां मजलिस का आयोजन हुआ। इसके बाद कबीरपुर, राजापुर और सौरिख की अंजुमनों ने इमामबाड़ा से नौहाख्वानी और मातम करते हुए सी.एस.बी. रोड से सदर बाज़ार होते हुए मोहल्ला ऊंचा सौरिख के दोनों इमामबाड़ों तक यात्रा की।

दोनों इमामबाड़ों पर नौहा मातम के बाद, अलम का जुलूस मोहल्ला अधैती, शिखाना और पुजारीवाली गली से होते हुए थाने के सामने से पाल तिराहा पहुंचा, जहाँ फिर से नौहा मातम किया गया। राजापुर और सौरिख के जुलूस अपने-अपने इमामबाड़ों पर पहुँचकर समाप्त हुए। इस अवसर पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य अली अब्बास नकवी ने बताया कि मोहर्रम सिर्फ़ इस्लामी साल का पहला महीना नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार, नाइंसाफ़ी और तमाम बुराइयों के ख़िलाफ़ एक आंदोलन का नाम है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ दुनिया के अन्य कैलेंडर नए साल में खुशियाँ लाते हैं, वहीं इस्लामी कैलेंडर ग़म का पैग़ाम लेकर आता है। यह ग़म सोए हुए इंसान को झिंझोड़ता है, दिल के ज़ख्मों पर मरहम लगाता है, मजलूमों में उम्मीद जगाता है और ज़ालिम के खिलाफ आवाज़ उठाने का हौसला देता है। नकवी ने बताया कि लगभग चौदह सौ साल पहले, सन इकसठ हिजरी में, कर्बला (इराक) के बियाबान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके इकहत्तर साथियों को ज़ालिम यज़ीदी फौजों ने बेदर्दी से शहीद कर दिया था। यज़ीद उस समय का 'सुपर पावर' माना जाता था, जिसकी हुकूमत अरब देशों, इराक, ईरान, सीरिया (शाम राजधानी) और कुछ यूरोपीय देशों के हिस्सों तक फैली थी।

यज़ीद जानता था कि इमाम हुसैन का समर्थन मिले बिना वह कामयाब नहीं होगा, इसलिए उसने समर्थन लेने का आदेश दिया। लेकिन इमाम हुसैन अपने इकहत्तर साथियों के साथ उठ खड़े हुए और यज़ीद को उसके नाजायज मकसद में कामयाब नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी जान दे दी, पर यज़ीद का समर्थन नहीं किया। आज यज़ीद का नाम कोई लेने वाला नहीं है, जबकि इमाम हुसैन का नाम पूरी दुनिया में लिया जा रहा है, और उन्हीं की याद में यह अलम का जुलूस निकाला जाता है। इस मौके पर मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष अली अब्बास नकवी सहित नाज़िम हुसैन, हुसैन हैदर, रईसुल हसन, दिलदार हुसैन, शब्बर अली, निशात हुसैन, हैदर अब्बास और अनवार हैदर जैसे कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। नगर पंचायत द्वारा साफ-सफाई और जुलूस के रास्तों पर चूना डलवाने की व्यवस्था की गई, जबकि पुलिस प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा इंतज़ाम किए।
    user_पत्रकार Munish Singh
    पत्रकार Munish Singh
    Grain Wholesaler छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का एक मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। इस घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
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    अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का एक मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। इस घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    10 min ago
  • फर्रुखाबाद में डीजीजीआई ने शंख छाप तम्बाकू से जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है।
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    फर्रुखाबाद में डीजीजीआई ने शंख छाप तम्बाकू से जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है।
    user_CITY NEWS
    CITY NEWS
    Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • बुधवार सुबह फर्रुखाबाद के कायमगंज तहसील क्षेत्र में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने तंबाकू व्यापार से जुड़े बड़े कारोबारियों पर एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की। करीब एक दर्जन वाहनों के काफिले के साथ सुबह लगभग 6 बजे पहुंची DGGI की कई टीमों ने तीन प्रमुख तंबाकू कारोबारियों और उनके दो मुनीमों के आवासों तथा गोदामों समेत कुल 12 ठिकानों पर दबिश दी। इस कार्रवाई की सूचना फैलते ही पूरे क्षेत्र के तंबाकू कारोबारियों में हड़कंप मच गया, और स्थानीय व्यापारी इसे जीएसटी अनुपालन व संभावित टैक्स चोरी की जांच से जोड़कर देख रहे हैं। छापेमारी के प्रमुख ठिकानों में शमशाबाद-फैजबाग रोड स्थित 'शंख छाप तंबाकू' का गोदाम और उसके मालिक कृष्ण गोपाल रस्तोगी का मोहल्ला मूलचंद्र स्थित आवास शामिल थे, जहां टीमों ने स्टॉक, माल की आवाजाही के रिकॉर्ड और अन्य व्यापारिक दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके अतिरिक्त, कृष्ण गोपाल रस्तोगी के मुनीम अखिलेश मिश्रा और संजू शाक्य के ताड़ वाली हवेली स्थित घरों की भी तलाशी ली गई। मोहल्ला पाठक निवासी तंबाकू कारोबारी अभिषेक अग्रवाल के घर भी टीम पहुंची, जहां उनकी पत्नी ने दरवाजा खोला, जबकि मोहल्ला लोकमन निवासी दूसरे तंबाकू कारोबारी रचित गुप्ता के घर उनकी मां मौजूद मिलीं, जिन्होंने अपने दामाद भगवानदीन गुप्ता को बुलाया, जिनकी मौजूदगी में अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की। DGGI अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी; हर ठिकाने पर पहुंचते ही मुख्य दरवाजे बंद कर दिए गए और जांच पूरी होने तक किसी को भी अंदर-बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। छापेमारी की खबर फैलते ही कायमगंज और आसपास के तंबाकू व्यापारिक समुदाय में अफरा-तफरी मच गई और कई व्यापारियों ने अपने दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों से चल रही गुप्त जानकारी के आधार पर की गई है, जिसमें जीएसटी रिटर्न, इनपुट टैक्स क्रेडिट और स्टॉक की बुकिंग में अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। अभी तक DGGI की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और जांच अभी जारी है। टीमों द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और स्टॉक की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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    बुधवार सुबह फर्रुखाबाद के कायमगंज तहसील क्षेत्र में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने तंबाकू व्यापार से जुड़े बड़े कारोबारियों पर एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की। करीब एक दर्जन वाहनों के काफिले के साथ सुबह लगभग 6 बजे पहुंची DGGI की कई टीमों ने तीन प्रमुख तंबाकू कारोबारियों और उनके दो मुनीमों के आवासों तथा गोदामों समेत कुल 12 ठिकानों पर दबिश दी। इस कार्रवाई की सूचना फैलते ही पूरे क्षेत्र के तंबाकू कारोबारियों में हड़कंप मच गया, और स्थानीय व्यापारी इसे जीएसटी अनुपालन व संभावित टैक्स चोरी की जांच से जोड़कर देख रहे हैं।

छापेमारी के प्रमुख ठिकानों में शमशाबाद-फैजबाग रोड स्थित 'शंख छाप तंबाकू' का गोदाम और उसके मालिक कृष्ण गोपाल रस्तोगी का मोहल्ला मूलचंद्र स्थित आवास शामिल थे, जहां टीमों ने स्टॉक, माल की आवाजाही के रिकॉर्ड और अन्य व्यापारिक दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके अतिरिक्त, कृष्ण गोपाल रस्तोगी के मुनीम अखिलेश मिश्रा और संजू शाक्य के ताड़ वाली हवेली स्थित घरों की भी तलाशी ली गई। मोहल्ला पाठक निवासी तंबाकू कारोबारी अभिषेक अग्रवाल के घर भी टीम पहुंची, जहां उनकी पत्नी ने दरवाजा खोला, जबकि मोहल्ला लोकमन निवासी दूसरे तंबाकू कारोबारी रचित गुप्ता के घर उनकी मां मौजूद मिलीं, जिन्होंने अपने दामाद भगवानदीन गुप्ता को बुलाया, जिनकी मौजूदगी में अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की।

DGGI अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी; हर ठिकाने पर पहुंचते ही मुख्य दरवाजे बंद कर दिए गए और जांच पूरी होने तक किसी को भी अंदर-बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। छापेमारी की खबर फैलते ही कायमगंज और आसपास के तंबाकू व्यापारिक समुदाय में अफरा-तफरी मच गई और कई व्यापारियों ने अपने दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों से चल रही गुप्त जानकारी के आधार पर की गई है, जिसमें जीएसटी रिटर्न, इनपुट टैक्स क्रेडिट और स्टॉक की बुकिंग में अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।

अभी तक DGGI की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और जांच अभी जारी है। टीमों द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और स्टॉक की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
    user_Aryan bajpai
    Aryan bajpai
    Local News Reporter फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • फर्रुखाबाद कोतवाली पुलिस ने चोरी की एक बड़ी घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार महिला के कब्जे से चोरी किए गए दो पीली धातु के कंगन और 6 लाख 36 हजार 150 रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि कोतवाली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई जांच और एक मुखबिर की सूचना पर महिला अभियुक्ता को पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान, अभियुक्ता की निशानदेही पर चोरी की गई नकदी और आभूषणों की बरामदगी हुई। बरामदगी के बाद, पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए अभियुक्ता को न्यायालय के समक्ष पेश किया। इस सफल कार्रवाई से पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत मिली है, वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और दक्षता की सराहना की है।
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    फर्रुखाबाद कोतवाली पुलिस ने चोरी की एक बड़ी घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार महिला के कब्जे से चोरी किए गए दो पीली धातु के कंगन और 6 लाख 36 हजार 150 रुपये नकद बरामद किए हैं।

मामले का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि कोतवाली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई जांच और एक मुखबिर की सूचना पर महिला अभियुक्ता को पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान, अभियुक्ता की निशानदेही पर चोरी की गई नकदी और आभूषणों की बरामदगी हुई।

बरामदगी के बाद, पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए अभियुक्ता को न्यायालय के समक्ष पेश किया। इस सफल कार्रवाई से पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत मिली है, वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और दक्षता की सराहना की है।
    user_Panchal News
    Panchal News
    Court reporter फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर भरत तिवारी से जुड़े एक मामले को लेकर यह प्रश्न पूछा गया है कि उनके साथ जो हुआ, वह सही था या गलत। इस सवाल के साथ भावुकता भी व्यक्त की गई है।
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    सोशल मीडिया पर भरत तिवारी से जुड़े एक मामले को लेकर यह प्रश्न पूछा गया है कि उनके साथ जो हुआ, वह सही था या गलत। इस सवाल के साथ भावुकता भी व्यक्त की गई है।
    user_Sahil kumar
    Sahil kumar
    छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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