निर्वाचन आयोग से रिटायर्ड बड़े भाई साहब आप के हमारी तरफ़ से समर्पित गीत: आदरणीय राजेश शुक्ला जी आप के लिए (मुखड़ा - ) अरे ओ साथियों सुनो ज़रा, एक नया पन्ना खुला है आज, ड्यूटियों के झंझट छूटे, अब उड़ने का है अंदाज़! राजेश शुक्ला जी ने भाई, पूरी कर ली अपनी ड्यूटी, अब तो घर-परिवार में बिखरेगी, खुशियों की अनूठी छटा और ब्यूटी! (अंतरा 1) सुबह-सुबह की भागम-भाग, और अलार्म का वो शोर, फाइलों के बंडलों का बोझ, और दफ़्तर की ओर वो दौर। अब वो सब इतिहास हुआ, जी लो अपनी हर इक इच्छा, पेंशन आएगी हर महीने, समझो पूरी हुई हर दीक्षा। बचपन सा फिरपन लौटेगा, जब मन चाहे सो जाना, बिन टिकट के अब तो यारों, हर दिन है जश्न मनाना! (अंतरा 2) कर्मठता की मिसाल रहे तुम, हर दिल पर सिक्का चलाया, सेवा का यह पावन पथ भी, तुमने खूब निभाया। अब आराम की कुर्सी पर बैठो, चाय की चुस्की के साथ, 'सोनी शुक्ला क्रांति' कहती, सदा रहे अपनों का साथ। घूमो-फिरो, मस्त रहो, और गाओ खुशियों के गीत, रिटायरमेंट की इस पिच पर, छक्के मारो जीत-ही-जीत! सुभकामनाओं सहित: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' (संस्थापक / राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति) निर्वाचन आयोग से रिटायर्ड बड़े भाई साहब आप के हमारी तरफ़ से समर्पित गीत: आदरणीय राजेश शुक्ला जी आप के लिए (मुखड़ा - ) अरे ओ साथियों सुनो ज़रा, एक नया पन्ना खुला है आज, ड्यूटियों के झंझट छूटे, अब उड़ने का है अंदाज़! राजेश शुक्ला जी ने भाई, पूरी कर ली अपनी ड्यूटी, अब तो घर-परिवार में बिखरेगी, खुशियों की अनूठी छटा और ब्यूटी! (अंतरा 1) सुबह-सुबह की भागम-भाग, और अलार्म का वो शोर, फाइलों के बंडलों का बोझ, और दफ़्तर की ओर वो दौर। अब वो सब इतिहास हुआ, जी लो अपनी हर इक इच्छा, पेंशन आएगी हर महीने, समझो पूरी हुई हर दीक्षा। बचपन सा फिरपन लौटेगा, जब मन चाहे सो जाना, बिन टिकट के अब तो यारों, हर दिन है जश्न मनाना! (अंतरा 2) कर्मठता की मिसाल रहे तुम, हर दिल पर सिक्का चलाया, सेवा का यह पावन पथ भी, तुमने खूब निभाया। अब आराम की कुर्सी पर बैठो, चाय की चुस्की के साथ, 'सोनी शुक्ला क्रांति' कहती, सदा रहे अपनों का साथ। घूमो-फिरो, मस्त रहो, और गाओ खुशियों के गीत, रिटायरमेंट की इस पिच पर, छक्के मारो जीत-ही-जीत! सुभकामनाओं सहित: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' (संस्थापक / राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति)
निर्वाचन आयोग से रिटायर्ड बड़े भाई साहब आप के हमारी तरफ़ से समर्पित गीत: आदरणीय राजेश शुक्ला जी आप के लिए (मुखड़ा - ) अरे ओ साथियों सुनो ज़रा, एक नया पन्ना खुला है आज, ड्यूटियों के झंझट छूटे, अब उड़ने का है अंदाज़! राजेश शुक्ला जी ने भाई, पूरी कर ली अपनी ड्यूटी, अब तो घर-परिवार में बिखरेगी, खुशियों की अनूठी छटा और ब्यूटी! (अंतरा 1) सुबह-सुबह की भागम-भाग, और अलार्म का वो शोर, फाइलों के बंडलों का बोझ, और दफ़्तर की ओर वो दौर। अब वो सब इतिहास हुआ, जी लो अपनी हर इक इच्छा, पेंशन आएगी हर महीने, समझो पूरी हुई हर दीक्षा। बचपन सा फिरपन लौटेगा, जब मन चाहे सो जाना, बिन टिकट के अब तो यारों, हर दिन है जश्न मनाना! (अंतरा 2) कर्मठता की मिसाल रहे तुम, हर दिल पर सिक्का चलाया, सेवा का यह पावन पथ भी, तुमने खूब निभाया। अब आराम की कुर्सी पर बैठो, चाय की चुस्की के साथ, 'सोनी शुक्ला क्रांति' कहती, सदा रहे अपनों का साथ। घूमो-फिरो, मस्त रहो, और गाओ खुशियों के गीत, रिटायरमेंट की इस पिच पर, छक्के मारो जीत-ही-जीत! सुभकामनाओं सहित: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' (संस्थापक / राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति) निर्वाचन आयोग से रिटायर्ड बड़े भाई साहब आप के हमारी तरफ़ से समर्पित गीत: आदरणीय राजेश शुक्ला जी आप के लिए (मुखड़ा - ) अरे ओ साथियों सुनो ज़रा, एक नया पन्ना खुला है आज, ड्यूटियों के झंझट छूटे, अब उड़ने का है अंदाज़! राजेश शुक्ला जी ने भाई, पूरी कर ली अपनी ड्यूटी, अब तो घर-परिवार में बिखरेगी, खुशियों की अनूठी छटा और ब्यूटी! (अंतरा 1) सुबह-सुबह की भागम-भाग, और अलार्म का वो शोर, फाइलों के बंडलों का बोझ, और दफ़्तर की ओर वो दौर। अब वो सब इतिहास हुआ, जी लो अपनी हर इक इच्छा, पेंशन आएगी हर महीने, समझो पूरी हुई हर दीक्षा। बचपन सा फिरपन लौटेगा, जब मन चाहे सो जाना, बिन टिकट के अब तो यारों, हर दिन है जश्न मनाना! (अंतरा 2) कर्मठता की मिसाल रहे तुम, हर दिल पर सिक्का चलाया, सेवा का यह पावन पथ भी, तुमने खूब निभाया। अब आराम की कुर्सी पर बैठो, चाय की चुस्की के साथ, 'सोनी शुक्ला क्रांति' कहती, सदा रहे अपनों का साथ। घूमो-फिरो, मस्त रहो, और गाओ खुशियों के गीत, रिटायरमेंट की इस पिच पर, छक्के मारो जीत-ही-जीत! सुभकामनाओं सहित: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' (संस्थापक / राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति)
- भारत के लिए गौरव का पल! ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के साथ ही 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी आधिकारिक तौर पर भारत को सौंप दी गई। अहमदाबाद में होने वाला यह आयोजन भारत के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और आयोजन क्षमता को दुनिया के सामने दिखाने का बड़ा मौका होगा।#CommonwealthGames2030 #Ahmedabad #India #CWG2030 #CommonwealthGames #SportsNews #IndiaPride #IndianSports #BreakingNews #UPNews9 भारत के लिए यह ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के साथ ही 2030 Commonwealth Games की मेजबानी आधिकारिक तौर पर भारत को सौंप दी गई है। अहमदाबाद इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करेगा। यह आयोजन भारत के विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, आयोजन क्षमता और वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का बड़ा अवसर माना जा रहा है। साथ ही इससे खेल, पर्यटन, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।1
- रुचिका सिंह की मां ने पहली बार मीडिया से की बातचीत* रुचिका सिंह की मां ने पूरे प्रकरण पर पहली बार मीडिया के सामने अपनी बात रखी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई अनुरोध किए *🏵️रुचिका सिंह की मां ने पहली बार मीडिया से की बातचीत* रुचिका सिंह की मां ने पूरे प्रकरण पर पहली बार मीडिया के सामने अपनी बात रखी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई अनुरोध किए उन्होंने कहा कि 20 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के इंस्टाग्राम इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाना चाहिए, साथ ही नाबालिगों के विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने पर भी रोक होनी चाहिए उन्होंने अपनी बेटी को माफ किए जाने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया और बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की अपील की, बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से अपनी बेटी को गोद लेने का अनुरोध भी किया1
- लखनऊ- चेहल्लुम को लेकर लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। 4 अगस्त को नाजिम शाह इमामबाड़ा से तालकटोरा कर्बला तक निकलेगा जुलूस। जुलूस में 40 से 50 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना। पूरे पश्चिमी जोन को 5 जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया। 10 कंपनी PAC, अर्द्धसैनिक बल और अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात। QRT, PRV, डायल-112 और क्लस्टर मोबाइल लगातार पेट्रोलिंग करेंगी। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और रूट मार्च कराया गया। ऊंची इमारतों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाई गई है। ड्रोन और CCTV कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर होगी कार्रवाई। जुलूस मार्ग पर विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। पुलिस ने संयुक्त ब्रीफिंग कर सभी अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपीं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पुलिस का सहयोग करने की अपील। लखनऊ पुलिस ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित चेहल्लुम कराने का भरोसा जताया।। रिपोर्टर & एडिटर मो. ज़ुनैद1
- निर्वाचन आयोग से रिटायर्ड बड़े भाई साहब आप के हमारी तरफ़ से समर्पित गीत: आदरणीय राजेश शुक्ला जी आप के लिए (मुखड़ा - ) अरे ओ साथियों सुनो ज़रा, एक नया पन्ना खुला है आज, ड्यूटियों के झंझट छूटे, अब उड़ने का है अंदाज़! राजेश शुक्ला जी ने भाई, पूरी कर ली अपनी ड्यूटी, अब तो घर-परिवार में बिखरेगी, खुशियों की अनूठी छटा और ब्यूटी! (अंतरा 1) सुबह-सुबह की भागम-भाग, और अलार्म का वो शोर, फाइलों के बंडलों का बोझ, और दफ़्तर की ओर वो दौर। अब वो सब इतिहास हुआ, जी लो अपनी हर इक इच्छा, पेंशन आएगी हर महीने, समझो पूरी हुई हर दीक्षा। बचपन सा फिरपन लौटेगा, जब मन चाहे सो जाना, बिन टिकट के अब तो यारों, हर दिन है जश्न मनाना! (अंतरा 2) कर्मठता की मिसाल रहे तुम, हर दिल पर सिक्का चलाया, सेवा का यह पावन पथ भी, तुमने खूब निभाया। अब आराम की कुर्सी पर बैठो, चाय की चुस्की के साथ, 'सोनी शुक्ला क्रांति' कहती, सदा रहे अपनों का साथ। घूमो-फिरो, मस्त रहो, और गाओ खुशियों के गीत, रिटायरमेंट की इस पिच पर, छक्के मारो जीत-ही-जीत! सुभकामनाओं सहित: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' (संस्थापक / राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति) निर्वाचन आयोग से रिटायर्ड बड़े भाई साहब आप के हमारी तरफ़ से समर्पित गीत: आदरणीय राजेश शुक्ला जी आप के लिए (मुखड़ा - ) अरे ओ साथियों सुनो ज़रा, एक नया पन्ना खुला है आज, ड्यूटियों के झंझट छूटे, अब उड़ने का है अंदाज़! राजेश शुक्ला जी ने भाई, पूरी कर ली अपनी ड्यूटी, अब तो घर-परिवार में बिखरेगी, खुशियों की अनूठी छटा और ब्यूटी! (अंतरा 1) सुबह-सुबह की भागम-भाग, और अलार्म का वो शोर, फाइलों के बंडलों का बोझ, और दफ़्तर की ओर वो दौर। अब वो सब इतिहास हुआ, जी लो अपनी हर इक इच्छा, पेंशन आएगी हर महीने, समझो पूरी हुई हर दीक्षा। बचपन सा फिरपन लौटेगा, जब मन चाहे सो जाना, बिन टिकट के अब तो यारों, हर दिन है जश्न मनाना! (अंतरा 2) कर्मठता की मिसाल रहे तुम, हर दिल पर सिक्का चलाया, सेवा का यह पावन पथ भी, तुमने खूब निभाया। अब आराम की कुर्सी पर बैठो, चाय की चुस्की के साथ, 'सोनी शुक्ला क्रांति' कहती, सदा रहे अपनों का साथ। घूमो-फिरो, मस्त रहो, और गाओ खुशियों के गीत, रिटायरमेंट की इस पिच पर, छक्के मारो जीत-ही-जीत! सुभकामनाओं सहित: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' (संस्थापक / राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति)1