सदर तहसील अयोध्या में आम जनता के लिए पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल स्थिति में है। तहसील परिसर में लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए दो वाटर कूलर अब सिर्फ दिखावा बनकर रह गए हैं, क्योंकि उनमें पानी तक उपलब्ध नहीं है। इसके चलते अपनी समस्याओं को लेकर तहसील पहुँचने वाले फरियादी प्यासे ही लौटने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये वाटर कूलर जनता के टैक्स के पैसे से लगाए गए थे, न कि किसी अधिकारी या उनके परिवार के निजी खर्च से, फिर भी इनकी देखरेख की कोई जिम्मेदारी लेता नजर नहीं आ रहा। विडंबना यह है कि परिसर में एक नया वाटर कूलर भी स्थापित किया गया है, लेकिन उसमें भी पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जहाँ SDM से लेकर तहसीलदार और अन्य अधिकारी आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मौजूद रहते हैं, वहीं उनके कार्यालय से कुछ ही मीटर दूर जनता की बुनियादी जरूरत – पीने के पानी – की इस गंभीर समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया। हैरानी की बात यह भी है कि वाटर कूलर किस विभाग द्वारा लगाया गया, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं है, जिससे जिम्मेदारी तय करके शिकायत करना भी संभव नहीं हो पा रहा। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी दावों में जनता की सुविधा और जनहित की बातें की जाती हैं, तो फिर जमीनी हकीकत इतनी खराब क्यों है। दावों में कितनी सच्चाई है और कितनी केवल कागजी व्यवस्था, इसका फैसला जनता अब खुद कर रही है।
सदर तहसील अयोध्या में आम जनता के लिए पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल स्थिति में है। तहसील परिसर में लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए दो वाटर कूलर अब सिर्फ दिखावा बनकर रह गए हैं, क्योंकि उनमें पानी तक उपलब्ध नहीं है। इसके चलते अपनी समस्याओं को लेकर तहसील पहुँचने वाले फरियादी प्यासे ही लौटने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये वाटर कूलर जनता के टैक्स के पैसे से लगाए गए थे, न कि किसी अधिकारी या उनके परिवार के निजी खर्च से, फिर भी इनकी देखरेख की कोई जिम्मेदारी लेता नजर नहीं आ रहा। विडंबना यह है कि परिसर में एक नया वाटर कूलर भी स्थापित किया गया है, लेकिन उसमें भी पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जहाँ SDM से लेकर तहसीलदार और अन्य अधिकारी आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मौजूद रहते हैं, वहीं उनके कार्यालय से कुछ ही मीटर दूर जनता की बुनियादी जरूरत – पीने के पानी – की इस गंभीर समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया। हैरानी की बात यह भी है कि वाटर कूलर किस विभाग द्वारा लगाया गया, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं है, जिससे जिम्मेदारी तय करके शिकायत करना भी संभव नहीं हो पा रहा। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी दावों में जनता की सुविधा और जनहित की बातें की जाती हैं, तो फिर जमीनी हकीकत इतनी खराब क्यों है। दावों में कितनी सच्चाई है और कितनी केवल कागजी व्यवस्था, इसका फैसला जनता अब खुद कर रही है।
- राम मंदिर से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है, जिसमें एक शहीद की बेटी ने अपनी आवाज बुलंद की है।1
- सनातन रक्षक संघ के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए चेतावनी दी है कि यदि राम मंदिर घोटाला साबित हुआ, तो वे राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेंगे और कार्यकारिणी से भी अलग हो जाएँगे। त्रिपाठी का यह बयान राम मंदिर से जुड़े कथित विवाद और घोटाले की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए यह कड़ा संकल्प व्यक्त किया है।1
- महंत संतदास राजेश सिंह मानव ने चढ़ावा घोटाले के मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले पर जोर देते हुए कहा है कि चढ़ावे के एक-एक रुपए का हिसाब-किताब होना चाहिए।1
- भारत सरकार द्वारा संचालित जल जीवन मिशन के तहत, देश के अनेक राज्यों के गाँवों और कस्बों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नल टोटी लगाए जा रहे हैं। इस पहल का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ पानी की पहुँच सुनिश्चित करना है। इस संबंध में लखनऊ से लाल चंद सोनी ने आज सुबह टाइम्स टीम के लिए रिपोर्टिंग की है।1
- रामनगरी अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित ₹7 करोड़ की हेराफेरी के आरोपों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने बेहद आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने कथित चोरों पर सख्त रुख अपनाते हुए सीधे-सीधे कहा, "ये जितने भी हैं न, सब चोर हैं, इनकी छुट्टी करो..." कटियार ने आगे चेतावनी दी कि "कल डंडा चलेगा और सबको वहाँ से भगा देंगे।" उन्होंने मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी के दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की कड़ी मांग की है, जो इस मामले पर उनके बेहद आक्रामक रवैये को दर्शाता है।1
- जेष्ठ पुरुषोत्तम मास के सातवें बड़े मंगलवार के उपलक्ष्य में, अयोध्या धाम के लता मंगेशकर चौक, नया घाट पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। यह आयोजन श्री बजरंगबली महाराज की कृपा से सब मंगलमय होने की श्रद्धा, आस्था और भाव के साथ किया जा रहा है। भंडारे का प्रसाद 16 जून 2026, मंगलवार के दिन सुबह 10:00 बजे से प्रभु की इच्छा तक निरंतर जारी रहेगा। आयोजकों ने सभी श्री हनुमान जी के भक्ति श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस विशाल भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें। इस आयोजन में श्रीमती रोली सिंह, जिला पंचायत अध्यक्षा अयोध्या, उनके प्रतिनिधि श्री आलोक सिंह रोहित, एवं क्षेत्रवासी मित्रागण सहयोगी के रूप में जुड़े हैं।2
- ज्येष्ठ मास के सातवें बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर अयोध्या धाम के लता मंगेशकर चौक पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए प्रातः 10 बजे से रात्रि तक प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है, जो हरि इच्छा तक जारी रहेगी। यह दिव्य भंडारा जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह और प्र. जिला पंचायत अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह रोहित के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने अयोध्या सहित आसपास के क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करें और इस पावन धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनें।1
- राम मंदिर के दानपात्र से पैसे निकालने को लेकर सामने आए आरोपों के संबंध में एक बड़ा बयान सामने आया है।1