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जेष्ठ पुरुषोत्तम मास के सातवें बड़े मंगलवार के उपलक्ष्य में, अयोध्या धाम के लता मंगेशकर चौक, नया घाट पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। यह आयोजन श्री बजरंगबली महाराज की कृपा से सब मंगलमय होने की श्रद्धा, आस्था और भाव के साथ किया जा रहा है। भंडारे का प्रसाद 16 जून 2026, मंगलवार के दिन सुबह 10:00 बजे से प्रभु की इच्छा तक निरंतर जारी रहेगा। आयोजकों ने सभी श्री हनुमान जी के भक्ति श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस विशाल भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें। इस आयोजन में श्रीमती रोली सिंह, जिला पंचायत अध्यक्षा अयोध्या, उनके प्रतिनिधि श्री आलोक सिंह रोहित, एवं क्षेत्रवासी मित्रागण सहयोगी के रूप में जुड़े हैं।
Vipin pandey ab news Ayodhya
जेष्ठ पुरुषोत्तम मास के सातवें बड़े मंगलवार के उपलक्ष्य में, अयोध्या धाम के लता मंगेशकर चौक, नया घाट पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। यह आयोजन श्री बजरंगबली महाराज की कृपा से सब मंगलमय होने की श्रद्धा, आस्था और भाव के साथ किया जा रहा है। भंडारे का प्रसाद 16 जून 2026, मंगलवार के दिन सुबह 10:00 बजे से प्रभु की इच्छा तक निरंतर जारी रहेगा। आयोजकों ने सभी श्री हनुमान जी के भक्ति श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस विशाल भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें। इस आयोजन में श्रीमती रोली सिंह, जिला पंचायत अध्यक्षा अयोध्या, उनके प्रतिनिधि श्री आलोक सिंह रोहित, एवं क्षेत्रवासी मित्रागण सहयोगी के रूप में जुड़े हैं।
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- देश की युवा पीढ़ी द्वारा स्नान करते समय अत्यधिक पानी की बर्बादी पर चिंता व्यक्त की गई है, जिसके मद्देनजर सभी को सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसी के साथ, भारत सरकार का जल जीवन मिशन देश के अनेक राज्यों के गांवों और कस्बों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल टोटी लगाने का कार्य कर रहा है। यह जानकारी 'आज सुबह टाइम्स टीम' लखनऊ से लाल चंद सोनी द्वारा रिपोर्ट की गई है।1
- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान मंदिर निर्माण कार्यों की ताजा प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में गठित एसआईटी (SIT) की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने 24 घंटे के भीतर तीन वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाकर अपनी तत्परता का स्पष्ट परिचय दिया है। मिश्र ने बताया कि इस एसआईटी को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों का भी उल्लेख किया, जिसके तहत लगभग 4 किलोमीटर लंबी आधुनिक बाउंड्री वॉल और 25 वॉच टावर बनाए जा रहे हैं। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा किए जा रहे इस कार्य को अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, नृपेंद्र मिश्र ने यह भी जानकारी दी कि राम मंदिर की फसाड लाइटें 15 अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि राम कथा संग्रहालय की 20 गैलरियों के लिए स्क्रिप्ट तैयार की जा चुकी है।1
- सांसद अवधेश प्रसाद ने श्रीराम मंदिर दान घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि “राम जी के चढ़वा की लूट हुई है” और इस गंभीर मामले में उच्चतम न्यायालय स्तर की जांच होनी चाहिए। सांसद प्रसाद ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया जाए।1
- भाजपा के वरिष्ठ नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चंदा/चढ़ावा चोरी के मामले पर बेहद आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने मंदिर के चढ़ावे में लगभग ₹7 करोड़ की कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और उन्हें जेल भेजने की मांग की है। इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी और गुस्से को व्यक्त करते हुए कटियार ने कहा, "ये जितने भी हैं न, सब चोर हैं, इनकी छुट्टी करो... कल डंडा चलेगा और सबको वहाँ से भगा देंगे।" यह बयान कथित अनियमितताओं को लेकर उनकी कठोर प्रतिक्रिया को दर्शाता है।1
- राम मंदिर में मिले चढ़ावे को लेकर एक बड़ा घमासान छिड़ गया है। यह स्थिति 'श्रद्धा' बनाम 'सवालों' की जंग में बदल गई है, जिसके चलते अब एक निष्पक्ष जांच की सबसे बड़ी और मुखर आवाज उठाई जा रही है।1
- अयोध्या की सदर तहसील में आम जनता के लिए पीने के पानी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जहाँ दो वाटर फ्रीजर लगे होने के बावजूद किसी में पानी उपलब्ध नहीं है। यह गंभीर स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि उच्चाधिकारी स्वयं सील-पैक पानी का इस्तेमाल करते हैं, जिसके चलते वे आम लोगों के लिए पानी की इस मूलभूत सुविधा पर कोई ध्यान नहीं देते। इन वाटर फ्रीजर को जनता के टैक्स के पैसे से स्थापित किया गया है, न कि किसी अधिकारी के व्यक्तिगत या पारिवारिक धन से। रिपोर्ट के अनुसार, जनता के हित में समय-समय पर ये वाटर कूलर लगाए गए थे, लेकिन अब ये केवल "सिस्टम की भेंट" चढ़ गए हैं। यह भी आरोप है कि किस विभाग ने इन्हें लगाया, यह बताना भी जरूरी नहीं समझा गया, शायद इसलिए ताकि लोग शिकायत न कर सकें। पहले पुराने कूलरों को यह सोचकर बदला गया था कि शायद जनता को मिल रहा पानी कम ठंडा हो या उसकी सप्लाई में समस्या हो, लेकिन नए लगाए गए वाटर कूलरों में भी अब पानी नहीं है। यह विडंबना है कि जहाँ एसडीएम से लेकर तहसीलदार तक जैसे अधिकारी, जनता की समस्याओं को खत्म करने के लिए लाखों की मोटी तनख्वाह पर AC केबिन में बैठे हैं, वहीं उन्हें अपने केबिन से चंद मीटर की दूरी पर स्थित जनता की पानी की समस्या दिखाई नहीं दे रही है। लाखों के बजट केवल खानापूर्ति बनकर रह गए हैं, और इस पूरी अव्यवस्था का जिम्मेदार कौन है, यह सवाल खड़ा होता है। पोस्ट में पूछा गया है कि क्या इस मामले में उचित कार्रवाई होगी, और यह स्थिति "सत्यमेव जयते" के सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है।2
- शहीद कारसेवक वासुदेव गुप्ता की बेटी सीमा गुप्ता ने ऐसे अनसुने सवाल उठाए हैं जो व्यवस्था को हिला देने का माद्दा रखते हैं। सीमा गुप्ता के इन प्रश्नों का संबंध उनके पिता की शहादत, मां की मौत और परिवार द्वारा झेली जा रही गंभीर आर्थिक तंगी से है। इसके साथ ही, उन्होंने कथित दानपात्र चोरी और उससे गायब हुए सिक्कों पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं। यह जानकारी इस श्रंखला के भाग 3 के रूप में प्रस्तुत की गई है।1
- सांसद अवधेश प्रसाद ने उत्तर प्रदेश में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में भर्तियां योग्यता और प्रतिभा के बजाय जाति के आधार पर की जा रही हैं, जिससे मेहनती युवाओं के साथ घोर अन्याय हो रहा है। अवधेश प्रसाद ने भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नौकरियां किसी विशेष जाति या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि वास्तव में योग्य अभ्यर्थियों को ही मिलनी चाहिए। सांसद ने सरकार से इन भर्ती प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा करने और युवाओं को उनका हक दिलाने की अपील की है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रोजगार के गंभीर मुद्दे पर युवाओं की आवाज को किसी भी सूरत में दबाया नहीं जा सकता।1
- सदर तहसील अयोध्या में आम जनता के लिए पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल स्थिति में है। तहसील परिसर में लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए दो वाटर कूलर अब सिर्फ दिखावा बनकर रह गए हैं, क्योंकि उनमें पानी तक उपलब्ध नहीं है। इसके चलते अपनी समस्याओं को लेकर तहसील पहुँचने वाले फरियादी प्यासे ही लौटने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये वाटर कूलर जनता के टैक्स के पैसे से लगाए गए थे, न कि किसी अधिकारी या उनके परिवार के निजी खर्च से, फिर भी इनकी देखरेख की कोई जिम्मेदारी लेता नजर नहीं आ रहा। विडंबना यह है कि परिसर में एक नया वाटर कूलर भी स्थापित किया गया है, लेकिन उसमें भी पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जहाँ SDM से लेकर तहसीलदार और अन्य अधिकारी आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मौजूद रहते हैं, वहीं उनके कार्यालय से कुछ ही मीटर दूर जनता की बुनियादी जरूरत – पीने के पानी – की इस गंभीर समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया। हैरानी की बात यह भी है कि वाटर कूलर किस विभाग द्वारा लगाया गया, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं है, जिससे जिम्मेदारी तय करके शिकायत करना भी संभव नहीं हो पा रहा। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी दावों में जनता की सुविधा और जनहित की बातें की जाती हैं, तो फिर जमीनी हकीकत इतनी खराब क्यों है। दावों में कितनी सच्चाई है और कितनी केवल कागजी व्यवस्था, इसका फैसला जनता अब खुद कर रही है।1