logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, घुमारवीं द्वारा 17 जून से 26 जून तक आयोजित किए गए "नशा मुक्त भारत अभियान" का समापन कार्यक्रम 26 जून को माँ संतोषी प्राइवेट आईटीआई लुहारवीं में संपन्न हुआ। इस अभियान के अंतिम समारोह में उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) घुमारवीं, गौरव चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं, राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं, बी.एड. कॉलेज घुमारवीं, माँ संतोषी प्राइवेट आईटीआई लुहारवीं, संतोषी आईटीआई घुमारवीं, संख्यान आईटीआई और हिम्स आईटीआई घुमारवीं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए नशा मुक्त समाज का संदेश दिया, और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि गौरव चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, और उन्हें किसी भी प्रकार के नशे एवं नशीले पदार्थों से दूर रहकर अपने लक्ष्य एवं करियर पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से आह्वान किया कि यदि वे अपने आसपास किसी व्यक्ति को नशे के अवैध कारोबार या नशे की गतिविधियों में संलिप्त पाएं, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस एवं संबंधित प्रशासन को दें, ताकि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। एसडीएम ने यह भी कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी मिल सके और वे स्वयं भी जागरूक होकर दूसरों को प्रेरित कर सकें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी कमलकांत, सीडीपीओ रंजना शर्मा, दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

7 hrs ago
user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
7 hrs ago

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, घुमारवीं द्वारा 17 जून से 26 जून तक आयोजित किए गए "नशा मुक्त भारत अभियान" का समापन कार्यक्रम 26 जून को माँ संतोषी प्राइवेट आईटीआई लुहारवीं में संपन्न हुआ। इस अभियान के अंतिम समारोह में उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) घुमारवीं, गौरव चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं, राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं, बी.एड. कॉलेज घुमारवीं, माँ संतोषी प्राइवेट आईटीआई लुहारवीं, संतोषी आईटीआई घुमारवीं, संख्यान आईटीआई और हिम्स आईटीआई घुमारवीं के विद्यार्थियों ने

उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए नशा मुक्त समाज का संदेश दिया, और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि गौरव चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, और उन्हें किसी भी प्रकार के नशे एवं

नशीले पदार्थों से दूर रहकर अपने लक्ष्य एवं करियर पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से आह्वान किया कि यदि वे अपने आसपास किसी व्यक्ति को नशे के अवैध कारोबार या नशे की गतिविधियों में संलिप्त पाएं, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस एवं संबंधित प्रशासन को दें, ताकि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। एसडीएम ने यह भी कहा कि विद्यालयों,

महाविद्यालयों तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी मिल सके और वे स्वयं भी जागरूक होकर दूसरों को प्रेरित कर सकें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी कमलकांत, सीडीपीओ रंजना शर्मा, दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • हमीरपुर भाजपा मंडल के महामंत्री तेन सिंह ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के हमीरपुर जिले से होने के बावजूद यहां की जनता को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तेन सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से हमीरपुर नगर परिषद को जल्दबाजी में नगर निगम का दर्जा दे दिया, जिसके चलते अब लोगों के काम-काज नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम बनने के बाद यहां मात्र एक जेई (जूनियर इंजीनियर) कार्यरत है, जो विभिन्न कार्यों को देख रहा है। इस स्थिति में लोगों को अपने काम करवाने के लिए नगर निगम के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन फिर भी उनके कार्य पूरे नहीं हो रहे हैं। इसके साथ ही तेन सिंह ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की सेवाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तेन सिंह के अनुसार, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को अब हर मेडिकल इक्विपमेंट के लिए पैसे चुकाने पड़ रहे हैं, जो पहले कभी नहीं होता था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को यहां मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
    1
    हमीरपुर भाजपा मंडल के महामंत्री तेन सिंह ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के हमीरपुर जिले से होने के बावजूद यहां की जनता को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तेन सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से हमीरपुर नगर परिषद को जल्दबाजी में नगर निगम का दर्जा दे दिया, जिसके चलते अब लोगों के काम-काज नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम बनने के बाद यहां मात्र एक जेई (जूनियर इंजीनियर) कार्यरत है, जो विभिन्न कार्यों को देख रहा है। इस स्थिति में लोगों को अपने काम करवाने के लिए नगर निगम के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन फिर भी उनके कार्य पूरे नहीं हो रहे हैं।

इसके साथ ही तेन सिंह ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की सेवाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तेन सिंह के अनुसार, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को अब हर मेडिकल इक्विपमेंट के लिए पैसे चुकाने पड़ रहे हैं, जो पहले कभी नहीं होता था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को यहां मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। इस केस में टिन्नू यादव सहित कुल 8 लोगों के नाम शामिल हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण खबर में, उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम का भी ऐलान किया गया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेनेजुएला में आए भूकंप के कारण 164 लोगों की मौत होने की जानकारी मिली है।
    1
    ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। इस केस में टिन्नू यादव सहित कुल 8 लोगों के नाम शामिल हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण खबर में, उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम का भी ऐलान किया गया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेनेजुएला में आए भूकंप के कारण 164 लोगों की मौत होने की जानकारी मिली है।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter Hamirpur, Himachal Pradesh•
    19 hrs ago
  • पीपलू मेले पर कंवर द्वारा हमला किया गया है।
    1
    पीपलू मेले पर कंवर द्वारा हमला किया गया है।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पिपलू में आयोजित मेले के समापन दिवस शुक्रवार को, कुटलैहड़ के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर श्री नरसिंह नारायण मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां विधिवत पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान, उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उन्हें मेले की शुभकामनाएं भी दीं। मेले के सांस्कृतिक माहौल के बीच, वीरेंद्र कंवर ने अपने समर्थकों के साथ पारंपरिक टमक भी बजाया, जिससे मेले का उत्साह और बढ़ गया। उनके टमक वादन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और पूरा माहौल भक्तिमय तथा उत्सवमय बन गया।
    1
    कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पिपलू में आयोजित मेले के समापन दिवस शुक्रवार को, कुटलैहड़ के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर श्री नरसिंह नारायण मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां विधिवत पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान, उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उन्हें मेले की शुभकामनाएं भी दीं।

मेले के सांस्कृतिक माहौल के बीच, वीरेंद्र कंवर ने अपने समर्थकों के साथ पारंपरिक टमक भी बजाया, जिससे मेले का उत्साह और बढ़ गया। उनके टमक वादन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और पूरा माहौल भक्तिमय तथा उत्सवमय बन गया।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर क्षेत्र के रहने वाले एक 25 वर्षीय युवक की विदेश में डूबने से दुखद मौत हो गई है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
    1
    हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर क्षेत्र के रहने वाले एक 25 वर्षीय युवक की विदेश में डूबने से दुखद मौत हो गई है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
    user_Hem Singh Chauhan
    Hem Singh Chauhan
    Engineer Balh, Mandi•
    8 hrs ago
  • केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित ग्राम जी' करने और इसमें नए प्रावधान लागू करने पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आरोप लगाया है कि केंद्र ने राज्यों से राय लिए बिना यह फैसला एकतरफा तरीके से थोप दिया है। मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अनुसार, पहले मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, लेकिन अब इसे हिमाचल जैसे विशेष राज्यों के लिए 90:10 और अन्य राज्यों के लिए 60:40 कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण हिमाचल प्रदेश पर हर साल ₹164.63 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिससे मौजूदा रोजगार पर ₹12.54 करोड़ का वार्षिक अतिरिक्त खर्च आएगा। कुल मिलाकर, राज्य की वार्षिक देनदारी ₹800 से ₹1000 करोड़ तक पहुंच सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मजदूरों की दिहाड़ी ₹320 से घटाकर ₹247 कर दी गई है, जो देश के इतिहास में पहली बार मजदूरी बढ़ाने की बजाय घटाई जा रही है। अब टॉप-अप के लिए भी केंद्र की अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके अलावा, मांग आधारित योजना खत्म कर डिमांड ड्रिवन और सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे पहाड़ी राज्य में काम करना मुश्किल होगा। अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि फरवरी से मनरेगा स्टाफ, जिसमें जीआरएस, कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर अकाउंटेंट शामिल हैं, उनका ₹20 करोड़ का बकाया केंद्र सरकार पर है। योजना की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है, जहां पहले पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद से प्लान पास होता था, वहीं अब 'विकसित ग्राम पंचायत प्लान' बनाना अनिवार्य है, जिसे पीएम गति शक्ति से जोड़ा जाएगा। मंत्री ने मनरेगा को गरीब का सहारा बताते हुए यह भी स्मरण कराया कि यह योजना सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल सरकार को मजबूरी में इन नए प्रावधानों को अपनाना पड़ेगा, अन्यथा राज्य को इस महत्वपूर्ण योजना से बाहर कर दिया जाएगा।
    3
    केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित ग्राम जी' करने और इसमें नए प्रावधान लागू करने पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आरोप लगाया है कि केंद्र ने राज्यों से राय लिए बिना यह फैसला एकतरफा तरीके से थोप दिया है।

मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अनुसार, पहले मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, लेकिन अब इसे हिमाचल जैसे विशेष राज्यों के लिए 90:10 और अन्य राज्यों के लिए 60:40 कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण हिमाचल प्रदेश पर हर साल ₹164.63 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिससे मौजूदा रोजगार पर ₹12.54 करोड़ का वार्षिक अतिरिक्त खर्च आएगा। कुल मिलाकर, राज्य की वार्षिक देनदारी ₹800 से ₹1000 करोड़ तक पहुंच सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मजदूरों की दिहाड़ी ₹320 से घटाकर ₹247 कर दी गई है, जो देश के इतिहास में पहली बार मजदूरी बढ़ाने की बजाय घटाई जा रही है। अब टॉप-अप के लिए भी केंद्र की अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके अलावा, मांग आधारित योजना खत्म कर डिमांड ड्रिवन और सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे पहाड़ी राज्य में काम करना मुश्किल होगा।

अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि फरवरी से मनरेगा स्टाफ, जिसमें जीआरएस, कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर अकाउंटेंट शामिल हैं, उनका ₹20 करोड़ का बकाया केंद्र सरकार पर है। योजना की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है, जहां पहले पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद से प्लान पास होता था, वहीं अब 'विकसित ग्राम पंचायत प्लान' बनाना अनिवार्य है, जिसे पीएम गति शक्ति से जोड़ा जाएगा। मंत्री ने मनरेगा को गरीब का सहारा बताते हुए यह भी स्मरण कराया कि यह योजना सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल सरकार को मजबूरी में इन नए प्रावधानों को अपनाना पड़ेगा, अन्यथा राज्य को इस महत्वपूर्ण योजना से बाहर कर दिया जाएगा।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    21 hrs ago
  • पिपलू मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री नरसिंह नारायण का आशीर्वाद प्राप्त किया।
    1
    पिपलू मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री नरसिंह नारायण का आशीर्वाद प्राप्त किया।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज देशभर में 1975 में लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया। इस अवसर पर शिमला में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव से अवगत कराना था। कार्यक्रमों की श्रृंखला में, मॉल रोड स्थित रोटरी टाउन हॉल के सामने आपातकाल पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने किया। इस प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र पर हुए असर, प्रेस सेंसरशिप, लोगों के संघर्ष तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं चित्रों को प्रदर्शित किया गया। इसके उपरांत कालीबाड़ी हॉल, शिमला में एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज ने की। इस कार्यक्रम में वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया गया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बचाने के लिए तत्कालीन सरकार ने पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया, जिसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पूरी तरह से दबाया गया। डॉ. बिंदल ने आगे कहा कि आज हम सौभाग्यशाली हैं कि 19 महीनों के लंबे संघर्ष के बाद देश में पुनः लोकतंत्र की स्थापना हुई, जो उन लाखों देशभक्तों के त्याग, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है जिन्होंने जेलों में अमानवीय यातनाएं सहते हुए भी लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प नहीं छोड़ा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास से अवगत कराना समय की आवश्यकता है, क्योंकि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा केवल कानूनों से नहीं बल्कि जागरूक नागरिकों से होती है। इसलिए आपातकाल की घटनाओं, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और उनके बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
    1
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज देशभर में 1975 में लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया। इस अवसर पर शिमला में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव से अवगत कराना था।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में, मॉल रोड स्थित रोटरी टाउन हॉल के सामने आपातकाल पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने किया। इस प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र पर हुए असर, प्रेस सेंसरशिप, लोगों के संघर्ष तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं चित्रों को प्रदर्शित किया गया। इसके उपरांत कालीबाड़ी हॉल, शिमला में एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज ने की। इस कार्यक्रम में वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया गया।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बचाने के लिए तत्कालीन सरकार ने पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया, जिसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पूरी तरह से दबाया गया।

डॉ. बिंदल ने आगे कहा कि आज हम सौभाग्यशाली हैं कि 19 महीनों के लंबे संघर्ष के बाद देश में पुनः लोकतंत्र की स्थापना हुई, जो उन लाखों देशभक्तों के त्याग, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है जिन्होंने जेलों में अमानवीय यातनाएं सहते हुए भी लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प नहीं छोड़ा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास से अवगत कराना समय की आवश्यकता है, क्योंकि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा केवल कानूनों से नहीं बल्कि जागरूक नागरिकों से होती है। इसलिए आपातकाल की घटनाओं, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और उनके बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    21 hrs ago
  • कुल्लू की ग्राम पंचायत चौकी डोभी में शुक्रवार को एक ‘एंटी चिट्टा’ नशा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और एक नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में समाजसेवी मीरा आचार्य ने लोकप्रिय नेता अनिल राणा की उपस्थिति को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। राणा ने युवा पीढ़ी को खोखला कर रहे खतरनाक ‘चिट्टा’ नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और समाज से इस खतरे के प्रति जागरूक और सजग रहने का आग्रह किया। मीरा आचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि नशे के बढ़ते चलन को रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, साथ ही उन्होंने अनिल राणा के सामाजिक और राजनीतिक आह्वान को जन-जन तक पहुँचाने को सभी का कर्तव्य बताया। इस जागरूकता कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने एक नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। उन्होंने युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ाने और नशे से दूर रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया।
    1
    कुल्लू की ग्राम पंचायत चौकी डोभी में शुक्रवार को एक ‘एंटी चिट्टा’ नशा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और एक नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में समाजसेवी मीरा आचार्य ने लोकप्रिय नेता अनिल राणा की उपस्थिति को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। राणा ने युवा पीढ़ी को खोखला कर रहे खतरनाक ‘चिट्टा’ नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और समाज से इस खतरे के प्रति जागरूक और सजग रहने का आग्रह किया। मीरा आचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि नशे के बढ़ते चलन को रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, साथ ही उन्होंने अनिल राणा के सामाजिक और राजनीतिक आह्वान को जन-जन तक पहुँचाने को सभी का कर्तव्य बताया।

इस जागरूकता कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने एक नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। उन्होंने युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ाने और नशे से दूर रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.