जिले में सच कमजोर, आरोप मजबूत: वीडियो कुछ कह रहे, कार्रवाई कुछ और! लखीमपुर खीरी। जिले में हाल के दिनों में सामने आई तीन अलग-अलग घटनाओं ने कानून व्यवस्था, पुलिस की कार्यप्रणाली और सामाजिक व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इन घटनाओं से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें घटनाओं की अलग तस्वीर सामने आ रही है, जबकि आरोप और कार्रवाई कुछ और ही दिशा में जाती दिख रही है। कोल्हू हादसा या साजिश? वीडियो में फिसलने की बात, पर मुकदमा मालिक पर नीमगांव थाना क्षेत्र के मलिकपुर गांव में 11 मार्च को एक गन्ना कोल्हू पर दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें कुलदीप कुमार गौतम खौलते रस की कड़ाही में गिरकर गंभीर रूप से झुलस गए। इलाज के दौरान 23 मार्च को उनकी मौत हो गई। घटना से जुड़ा वायरल वीडियो बताता है कि घायल खुद चप्पल फिसलने से गिरने की बात कह रहे हैं, इसके बावजूद परिजनों की तहरीर पर कोल्हू संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला अब सवालों के घेरे में है— *क्या यह महज हादसा था या लापरवाही, या फिर मौत के बाद आरोपों की दिशा बदल दी गई? छात्र की मौत: पटाखा बताया, लखनऊ में निकली गोली शहर के छात्र अंश कुमार झा की रील बनाते समय तमंचे से चली गोली से मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। 30 मार्च को दोस्तों के साथ निकले अंश को 31 मार्च को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां परिजनों को बताया गया कि वह पटाखे से झुलस गया है। लेकिन जब उसे लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, तो एक्स-रे में पेट में गोली लगने का खुलासा हुआ और इलाज के दौरान 2 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दोस्तों पर साजिश, सच्चाई छुपाने और इलाज में देरी के आरोप लगाए हैं, जबकि वायरल वीडियो में रील बनाते समय गोली चलने की घटना साफ दिखाई दे रही है, जिससे पुलिस कार्रवाई और आरोपों की दिशा पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। विधवा महिलाओं पर हमला: वीडियो वायरल, कार्रवाई पर सवाल सिंगाही थाना क्षेत्र में विधवा और बुजुर्ग महिलाओं पर कथित हमले का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि दबंगों ने महिलाओं पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया और उनके घर में आगजनी की। घटना का वीडियो वायरल होने के बावजूद पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हीं पर मुकदमा दर्ज कर दिया, जबकि दूसरे पक्ष को राहत मिली, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना प्रभारी दिलीप कुमार चौबे पर भी दबाव में कार्रवाई करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। तीनों मामलों में एक सवाल—वीडियो दिखा रहे सच, फिर भी अनदेखी क्यों? तीनों घटनाओं में एक समान पहलू सामने आ रहा है— वीडियो में घटनाओं की जो तस्वीर दिखाई दे रही है, वह दर्ज मुकदमों और आरोपों से मेल नहीं खा रही, एक वीडियो में हादसा बताया जा रहा है पर मामला आपराधिक बना, दूसरे मामले में रील बनाते समय खुद से गोली चलने की घटना के बावजूद दोस्तों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई, जबकि तीसरे मामले में हमला दिखने के बावजूद पीड़ित पक्ष पर ही कार्रवाई का आरोप सामने आया है। स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने इन सभी मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तथ्यों और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए, तो न सिर्फ न्याय सुनिश्चित होगा बल्कि पुलिस पर जनता का भरोसा भी कायम रहेगा। जिले में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि सिर्फ आरोप या दबाव नहीं, बल्कि ठोस साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई ही न्याय का असली आधार बन सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इन मामलों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या सच्चाई सामने आ पाती है या नहीं।
जिले में सच कमजोर, आरोप मजबूत: वीडियो कुछ कह रहे, कार्रवाई कुछ और! लखीमपुर खीरी। जिले में हाल के दिनों में सामने आई तीन अलग-अलग घटनाओं ने कानून व्यवस्था, पुलिस की कार्यप्रणाली और सामाजिक व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इन घटनाओं से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें घटनाओं की अलग तस्वीर सामने आ रही है, जबकि आरोप और कार्रवाई कुछ और ही दिशा में जाती दिख रही है। कोल्हू हादसा या साजिश? वीडियो में फिसलने की बात, पर मुकदमा मालिक पर नीमगांव थाना क्षेत्र के मलिकपुर गांव में 11 मार्च को एक गन्ना कोल्हू पर दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें कुलदीप कुमार गौतम खौलते रस की कड़ाही में गिरकर गंभीर रूप से झुलस गए। इलाज के दौरान 23 मार्च को उनकी मौत हो गई। घटना से जुड़ा वायरल वीडियो बताता है कि घायल खुद चप्पल फिसलने से गिरने की बात कह रहे हैं, इसके बावजूद परिजनों की तहरीर पर कोल्हू संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला अब सवालों के घेरे में है— *क्या यह महज हादसा था या लापरवाही, या फिर मौत के बाद आरोपों की दिशा बदल दी गई? छात्र की मौत: पटाखा बताया, लखनऊ में निकली गोली शहर के छात्र अंश कुमार झा की रील बनाते समय तमंचे से चली गोली से मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। 30 मार्च को दोस्तों के साथ निकले अंश को 31 मार्च को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां परिजनों को बताया गया कि वह पटाखे से झुलस गया है। लेकिन जब उसे लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, तो एक्स-रे में पेट में गोली लगने का खुलासा हुआ और इलाज के दौरान 2 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दोस्तों पर साजिश, सच्चाई छुपाने और इलाज में देरी के आरोप लगाए हैं, जबकि वायरल वीडियो में रील बनाते समय गोली चलने की घटना साफ दिखाई दे रही है, जिससे पुलिस कार्रवाई और आरोपों की दिशा पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। विधवा महिलाओं पर हमला: वीडियो वायरल, कार्रवाई पर सवाल सिंगाही थाना क्षेत्र में विधवा और बुजुर्ग महिलाओं पर कथित हमले का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि दबंगों ने महिलाओं पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया और उनके घर में आगजनी की। घटना का वीडियो वायरल होने के बावजूद पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हीं पर मुकदमा दर्ज कर दिया, जबकि दूसरे पक्ष को राहत मिली, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना प्रभारी दिलीप कुमार चौबे पर भी दबाव में कार्रवाई करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। तीनों मामलों में एक सवाल—वीडियो दिखा रहे सच, फिर भी अनदेखी क्यों? तीनों घटनाओं में एक समान पहलू सामने आ रहा है— वीडियो में घटनाओं की जो तस्वीर दिखाई दे रही है, वह दर्ज मुकदमों और आरोपों से मेल नहीं खा रही, एक वीडियो में हादसा बताया जा रहा है पर मामला आपराधिक बना, दूसरे मामले में रील बनाते समय खुद से गोली चलने की घटना के बावजूद दोस्तों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई, जबकि तीसरे मामले में हमला दिखने के बावजूद पीड़ित पक्ष पर ही कार्रवाई का आरोप सामने आया है। स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने इन सभी मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तथ्यों और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए, तो न सिर्फ न्याय सुनिश्चित होगा बल्कि पुलिस पर जनता का भरोसा भी कायम रहेगा। जिले में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि सिर्फ आरोप या दबाव नहीं, बल्कि ठोस साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई ही न्याय का असली आधार बन सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इन मामलों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या सच्चाई सामने आ पाती है या नहीं।
- Post by Anurag Patel1
- निघासन क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है— लुधौरी पंचायत में शौचालय दिलाने के नाम पर ठगी करने पहुंचे तीन लोगों को ग्रामीणों ने मौके पर ही पकड़ लिया। इस दौरान गांव में हड़कंप मच गया और पूरी घटना का वीडियो भी बन गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि पकड़े जाने के बाद तीनों ठगों ने ग्रामीणों का पैसा वापस कर दिया और मौका पाकर वहां से भागने में सफल रहे। हैरानी की बात यह है कि इस गिरोह में एक महिला भी शामिल थी। ग्रामीणों के अनुसार, पकड़े गए लोगों में से महिला और एक पुरुष बौधिया गांव के बताए जा रहे हैं, जबकि तीसरे व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस और उच्च अधिकारियों से कर दी है, ताकि ऐसे ठगों पर सख्त कार्रवाई हो सके और आगे किसी के साथ धोखाधड़ी न हो।2
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- वाह छोरी वाह देखिए कैसे नशे में धुत लड़की टोल प्लाजा पर हंगामा कर रही है झांसी में लुहारी टोल प्लाजा का मामला1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- रील का जुनून बना जानलेवा: दोस्त, झूठ और गोली. अंश की मौत के पीछे क्या है असली सच?1
- ASTv24 digital शाहिद लखाही लखीमपुर खीरी के पढुआ थाना क्षेत्र के बैरिया गांव में शनिवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवाओं के चलते आग इतनी तेजी से फैली कि करीब 25 घर इसकी चपेट में आकर जलकर राख हो गए। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी जमील के घर से दोपहर में अचानक आग भड़क उठी। उस समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को और ज्यादा भड़का दिया। कुछ ही देर में आग ने आसपास के कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेज लपटों को देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर घरों से बाहर निकल आए। आग से हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। लेखपाल के अनुसार आग में 8 बकरियां जलकर मरी हैं, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि लगभग 18 बकरियों की जान गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा और राहत एवं बचाव कार्य में जुटा रहा। राजस्व विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया। लेखपाल द्वारा रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। निघासन के एसडीएम राजीव निगम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग से करीब 25 घर जलकर राख हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। प्रशासन द्वारा आग के कारणों की जांच की जा रही है। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि सभी प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। फिलहाल, आग से बेघर हुए ग्रामीणों के सामने अपने आशियाने को दोबारा बसाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।1
- "ये किसी थाने का थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट नहीं है.. एक मदरसे में छात्र की नॉर्मल पिटाई है.." मदरसा है सहारनपुर के गंगोह का.. वीडियो में दिख रहे हैं तीन लोग.. दो हाफिज हैं, एक मासूम बच्चा है.. पहले बच्चे को पेट के बल लिटा कर डंडे से पीट रहे हैं.. फिर उसके दोनों पैर उठवाकर तलवों पर डंडे चला रहे हैं.. जैसा अक्सर फिल्मों में हमने थानों की हवालात में अपराधियों के साथ होते देखा है.. अजब हाल हैं मदरसों में पढ़ने वाले मासूमों के.... वीडियो में देखिए कैसे धार्मिक गुरु इन मासूमो को इस तरह निर्ममता से पीट रहे हैं- दया भी नही आ रही जालिमो को मुकदमा दर्ज हो गया है1