अलीगढ़ में ईद की नमाज़ इस बार अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई, जिसके कारण ईदगाह क्षेत्र को पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। ईदगाह के चारों ओर बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई थी, साथ ही पूरे इलाके पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी गई। सुरक्षा के इस कड़े बंदोबस्त के चलते नमाजियों को ईदगाह तक पहुंचने से काफी पहले ही रोक दिया गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ईदगाह के अंदर पर्याप्त जगह होने के बावजूद हजारों नमाजियों को लगभग एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया। इसके परिणामस्वरूप नमाज़ करीब 15 मिनट की देरी से शुरू हुई और कई लोग समय पर ईदगाह नहीं पहुंच पाए। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी ने भी प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि अलीगढ़ में इस बार ईद की नमाज इबादत कम और सुरक्षा घेरे में ज्यादा नजर आई। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदूकों और बैरिकेडिंग के साए में नमाज कराई गई, जिससे आम लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा और ईदगाह खाली पड़ी रही क्योंकि पुलिस प्रशासन ने लोगों को नमाज पढ़ने आने से रोका। हालांकि, जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना थी, और ईद की नमाज पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
अलीगढ़ में ईद की नमाज़ इस बार अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई, जिसके कारण ईदगाह क्षेत्र को पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। ईदगाह के चारों ओर बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई थी, साथ ही पूरे इलाके पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी गई। सुरक्षा के इस कड़े बंदोबस्त के चलते नमाजियों को ईदगाह तक पहुंचने से काफी पहले ही रोक दिया गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ईदगाह के अंदर पर्याप्त जगह होने के बावजूद हजारों नमाजियों को लगभग एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया। इसके परिणामस्वरूप नमाज़ करीब 15 मिनट की देरी से शुरू हुई और कई लोग समय पर ईदगाह नहीं पहुंच पाए। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी ने भी प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि अलीगढ़ में इस बार ईद की नमाज इबादत कम और सुरक्षा घेरे में ज्यादा नजर आई। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदूकों और बैरिकेडिंग के साए में नमाज कराई गई, जिससे आम लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा और ईदगाह खाली पड़ी रही क्योंकि पुलिस प्रशासन ने लोगों को नमाज पढ़ने आने से रोका। हालांकि, जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना थी, और ईद की नमाज पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
- जनपद अलीगढ़ के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को ईद मुबारक की शुभकामनाएँ दी गईं।1
- राष्ट्रीय हनुमान दल हरिगढ़ की टीम ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रावत के नेतृत्व में 84 कोस परिक्रमा के दौरान स्थापित एक सेवा शिविर में पहुंचकर श्रद्धालुओं की सेवा की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष हरिगढ़ प्रमोद सारस्वत भी अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे, जहां दल ने परिक्रमा में शामिल हुए श्रद्धालुओं के लिए सेवा, सहयोग और व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान, संगठन के पदाधिकारियों ने यह दोहराया कि धर्म और सेवा ही राष्ट्रीय हनुमान दल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने इस कार्य को सबसे बड़ा पुण्य बताते हुए कहा कि संगठन भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहेगा।1
- हाथरस जनपद में 28 मई को गुरुवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली, जहाँ तेज गरज-चमक के साथ कई इलाकों में ओले गिरे और बारिश हुई। इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लू से लोगों को बड़ी राहत मिली, लेकिन बेमौसम ओले गिरने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जनपद में बीते कई दिनों से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा था, जिससे लोग गर्मी से बेहाल थे। दोपहर करीब 3 बजे आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। लगभग 20 मिनट तक हुई इस बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर चने के आकार के ओले भी गिरे। इस मौसमी बदलाव के कारण तापमान में 6 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली और बाजारों तथा सड़कों पर निकलने वालों की संख्या में भी वृद्धि हुई। हालांकि, इस बेमौसम ओलावृष्टि से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि खेतों में खड़ी सब्जी और मूंग की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी हल्की बारिश की संभावना जताई है।4
- जेवर में 14 वर्षीय किशोर गोपाल की निर्मम हत्या का मामला इन दिनों तेजी से गर्माता जा रहा है, जहाँ चार दिन पूर्व बेरहमी से उसकी आँखें फोड़ दी गईं, जीभ काटकर बाहर निकाल ली गई, सिर कुचला गया और उसके गुप्तांग भी काट दिए गए थे। इस जघन्य मामले में क्षेत्रीय पुलिस पर पीड़ित परिवार को धमकाने और किसी को भी उनसे मिलने न देने का गंभीर आरोप लग रहा है। इन आरोपों के बीच, राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अध्यक्ष पंकज धबरैया आज दोपहर पुलिस को चकमा देते हुए, अपना भेष बदलकर और लंगड़ाते हुए पीड़ित परिवार से मिलने पहुँच गए, जिसे देखकर पुलिसकर्मी हक्के-बक्के रह गए। पंकज धबरैया ने मृतक गोपाल की दादी से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का वचन दिया। उन्होंने दादी को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि परिवार चाहेगा तो वे तुरंत चक्का जाम कर देंगे और न्याय दिलवा कर ही रहेंगे। धबरैया ने दादी से यह भी कहा कि उनके बेटे (गोपाल के पिता) को 'दलालों' ने डरा रखा है, और उनसे अपने बेटे से बात करके उन्हें जानकारी देने को कहा है।3
- सादाबाद के विधायक प्रदीप सिंह, जिन्हें गुड्डू चौधरी के नाम से भी जाना जाता है, ने स्पेक्टर और दारोगाओं को टेबलेट वितरित किए हैं। इस दौरान विधायक ने पुलिसकर्मियों को टेबलेट प्रदान किए।4
- सासनी कस्बे में स्थित रामवती पेट्रोल पंप के निकट आगरा-अलीगढ़ रोड पर खाली मैदान में गुरुवार की शाम 'विकास प्रदर्शनी' का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर, जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, और सभासद नीता गुप्ता व राकेश शर्मा राजा जी ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उद्घाटन के अवसर पर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे समाज को आपस में जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'विकास प्रदर्शनी' न केवल लोगों के मनोरंजन का एक साधन है, बल्कि यह आम जनता को सरकारी योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी उपलब्ध कराती है। अंजुला माहौर ने आगे ज़ोर दिया कि ऐसी प्रदर्शनियाँ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को एक मंच पर लाने का काम करती हैं, जिससे आपसी भाईचारा बढ़ता है और लोग एक-दूसरे से मेल-मिलाप करके समाज में एकता तथा अखंडता का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने आयोजकों का उत्साहवर्धन करते हुए यह भी कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास और जागरूकता के लिए इस तरह के आयोजनों को समय-समय पर होते रहना चाहिए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर विवेक वार्ष्णेय, गौरव चौधरी, नीलू पंडित, अविनाश तिवारी, शिवम, दीपेश वर्मा, विपुल लुहाड़िया, ठेकेदार हेमंत कुमार, अंकित कुमार, व्यवस्थापक शेर खान, मुकुल कुमार, सुनील और लक्ष्मण सहित कई अन्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद थे।4
- अलीगढ़ के मोहनलाल महिला जिला अस्पताल से एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल स्टाफ पर तीमारदारों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब भीषण गर्मी के बीच अस्पताल स्टाफ ने पंखा बंद कर दिया और तीमारदारों ने इसका विरोध किया। तीमारदारों द्वारा इस बात का विरोध करने पर स्टाफ ने उनके साथ मारपीट की।1
- अलीगढ़ में ईद की नमाज़ इस बार अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई, जिसके कारण ईदगाह क्षेत्र को पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। ईदगाह के चारों ओर बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई थी, साथ ही पूरे इलाके पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी गई। सुरक्षा के इस कड़े बंदोबस्त के चलते नमाजियों को ईदगाह तक पहुंचने से काफी पहले ही रोक दिया गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ईदगाह के अंदर पर्याप्त जगह होने के बावजूद हजारों नमाजियों को लगभग एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया। इसके परिणामस्वरूप नमाज़ करीब 15 मिनट की देरी से शुरू हुई और कई लोग समय पर ईदगाह नहीं पहुंच पाए। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी ने भी प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि अलीगढ़ में इस बार ईद की नमाज इबादत कम और सुरक्षा घेरे में ज्यादा नजर आई। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदूकों और बैरिकेडिंग के साए में नमाज कराई गई, जिससे आम लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा और ईदगाह खाली पड़ी रही क्योंकि पुलिस प्रशासन ने लोगों को नमाज पढ़ने आने से रोका। हालांकि, जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना थी, और ईद की नमाज पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।1