वरिष्ठ शिक्षक देवी प्रसाद मिश्र के निज निवास पर सजी साहित्यिक महफिल, न्यूज़ नंबर 2 बाराबंकी साहित्य की सुरम्य संध्या में कविताओं ने बाँधा समाँ, काव्य गोष्ठी में बही अविरल धारा बाराबंकी साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का संवाहक भी है। जब शब्दों में संवेदना का स्पर्श और कविता में हृदय की धड़कन समाहित हो जाती है, तब साहित्यिक आयोजन केवल गोष्ठी नहीं, बल्कि भावनाओं का उत्सव बन जाता है। कुछ ऐसा ही मनोरम दृश्य श्री शंख साहित्य सेवा संस्थान एवं मानव कल्याण समिति के तत्वावधान में वरिष्ठ शिक्षक देवी प्रसाद मिश्र के निज निवास पर आयोजित काव्य गोष्ठी में देखने को मिला। काव्य, विचार और संवेदनाओं से सजी इस साहित्यिक संध्या में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा नेता मनोज श्रीवास्तव ने की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन हरिहर दत्त पांडेय एवं कवि प्रमोद पंकज ने किया। दोनों संचालकों ने अपनी साहित्यिक अभिव्यक्ति और सधे हुए अंदाज से आयोजन को गरिमा प्रदान की तथा काव्यधारा को निरंतर प्रवाहमान बनाए रखा।गोष्ठी में हरिहर दत्त पांडेय, डॉ. संजय तिवारी ‘अमर’, शिवेश राजा, राघवेंद्र तिवारी ‘प्रियम’, पल्लवी गुप्ता, जान्हवी ओझा, निर्भय निश्चल एवं विशाल मिश्रा सहित अनेक कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया। कवियों की विविध भावभूमि से जुड़ी रचनाओं ने कहीं जीवन के यथार्थ को स्वर दिया, तो कहीं मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों की महत्ता को रेखांकित किया। शब्दों की इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित साहित्यप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। काव्य पाठ के दौरान वातावरण साहित्यिक ऊर्जा, आत्मीयता और भावनात्मक अनुराग से सराबोर रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मनोज श्रीवास्तव ने साहित्यिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक चेतना के प्रसार का सशक्त माध्यम बताया। गोष्ठी ने यह संदेश दिया कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने, विचारों को परिष्कृत करने और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत बनाए रखने का प्रभावी माध्यम भी है।इस अवसर पर राजेश शुक्ला, योगेंद्र गुप्ता, शरद श्रीवास्तव एवं नवल किशोर तिवारी सहित अनेक गणमान्य एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। आत्मीयता, सौहार्द और साहित्यिक अनुराग से परिपूर्ण इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि कविता की शक्ति लोगों के हृदयों को जोड़ने और समाज में संवेदना के दीप प्रज्वलित करने में निहित है।काव्य की इस अविस्मरणीय संध्या ने साहित्य के प्रति अनुराग को नई ऊर्जा प्रदान की और उपस्थित जनों के मन में शब्दों की मधुर स्मृतियाँ अंकित कर दीं।
वरिष्ठ शिक्षक देवी प्रसाद मिश्र के निज निवास पर सजी साहित्यिक महफिल, न्यूज़ नंबर 2 बाराबंकी साहित्य की सुरम्य संध्या में कविताओं ने बाँधा समाँ, काव्य गोष्ठी में बही अविरल धारा बाराबंकी साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का संवाहक भी है। जब शब्दों में संवेदना का स्पर्श और कविता में हृदय की धड़कन समाहित हो जाती है, तब साहित्यिक आयोजन केवल गोष्ठी नहीं, बल्कि भावनाओं का उत्सव बन जाता है। कुछ ऐसा ही मनोरम दृश्य श्री शंख साहित्य सेवा संस्थान एवं मानव कल्याण समिति के तत्वावधान में वरिष्ठ शिक्षक देवी प्रसाद मिश्र के निज निवास पर आयोजित काव्य गोष्ठी में देखने को मिला। काव्य, विचार और संवेदनाओं से सजी इस साहित्यिक संध्या में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा नेता मनोज श्रीवास्तव ने की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन हरिहर दत्त पांडेय एवं कवि प्रमोद पंकज ने किया। दोनों संचालकों ने अपनी साहित्यिक अभिव्यक्ति और सधे हुए अंदाज से आयोजन को गरिमा प्रदान की तथा काव्यधारा को निरंतर प्रवाहमान बनाए रखा।गोष्ठी में हरिहर दत्त पांडेय, डॉ. संजय तिवारी ‘अमर’, शिवेश राजा, राघवेंद्र तिवारी ‘प्रियम’, पल्लवी गुप्ता, जान्हवी ओझा, निर्भय निश्चल एवं विशाल मिश्रा सहित अनेक कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया। कवियों की विविध भावभूमि से जुड़ी रचनाओं ने कहीं जीवन के यथार्थ को स्वर दिया, तो कहीं मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों की महत्ता को रेखांकित किया। शब्दों की इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित साहित्यप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। काव्य पाठ के दौरान वातावरण साहित्यिक ऊर्जा, आत्मीयता और भावनात्मक अनुराग से सराबोर रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मनोज श्रीवास्तव ने साहित्यिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक चेतना के प्रसार का सशक्त माध्यम बताया। गोष्ठी ने यह संदेश दिया कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने, विचारों को परिष्कृत करने और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत बनाए रखने का प्रभावी माध्यम भी है।इस अवसर पर राजेश शुक्ला, योगेंद्र गुप्ता, शरद श्रीवास्तव एवं नवल किशोर तिवारी सहित अनेक गणमान्य एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। आत्मीयता, सौहार्द और साहित्यिक अनुराग से परिपूर्ण इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि कविता की शक्ति लोगों के हृदयों को जोड़ने और समाज में संवेदना के दीप प्रज्वलित करने में निहित है।काव्य की इस अविस्मरणीय संध्या ने साहित्य के प्रति अनुराग को नई ऊर्जा प्रदान की और उपस्थित जनों के मन में शब्दों की मधुर स्मृतियाँ अंकित कर दीं।
- वरिष्ठ शिक्षक देवी प्रसाद मिश्र के निज निवास पर सजी साहित्यिक महफिल, न्यूज़ नंबर 2 बाराबंकी साहित्य की सुरम्य संध्या में कविताओं ने बाँधा समाँ, काव्य गोष्ठी में बही अविरल धारा बाराबंकी साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का संवाहक भी है। जब शब्दों में संवेदना का स्पर्श और कविता में हृदय की धड़कन समाहित हो जाती है, तब साहित्यिक आयोजन केवल गोष्ठी नहीं, बल्कि भावनाओं का उत्सव बन जाता है। कुछ ऐसा ही मनोरम दृश्य श्री शंख साहित्य सेवा संस्थान एवं मानव कल्याण समिति के तत्वावधान में वरिष्ठ शिक्षक देवी प्रसाद मिश्र के निज निवास पर आयोजित काव्य गोष्ठी में देखने को मिला। काव्य, विचार और संवेदनाओं से सजी इस साहित्यिक संध्या में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा नेता मनोज श्रीवास्तव ने की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन हरिहर दत्त पांडेय एवं कवि प्रमोद पंकज ने किया। दोनों संचालकों ने अपनी साहित्यिक अभिव्यक्ति और सधे हुए अंदाज से आयोजन को गरिमा प्रदान की तथा काव्यधारा को निरंतर प्रवाहमान बनाए रखा।गोष्ठी में हरिहर दत्त पांडेय, डॉ. संजय तिवारी ‘अमर’, शिवेश राजा, राघवेंद्र तिवारी ‘प्रियम’, पल्लवी गुप्ता, जान्हवी ओझा, निर्भय निश्चल एवं विशाल मिश्रा सहित अनेक कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया। कवियों की विविध भावभूमि से जुड़ी रचनाओं ने कहीं जीवन के यथार्थ को स्वर दिया, तो कहीं मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों की महत्ता को रेखांकित किया। शब्दों की इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित साहित्यप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। काव्य पाठ के दौरान वातावरण साहित्यिक ऊर्जा, आत्मीयता और भावनात्मक अनुराग से सराबोर रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मनोज श्रीवास्तव ने साहित्यिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक चेतना के प्रसार का सशक्त माध्यम बताया। गोष्ठी ने यह संदेश दिया कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने, विचारों को परिष्कृत करने और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत बनाए रखने का प्रभावी माध्यम भी है।इस अवसर पर राजेश शुक्ला, योगेंद्र गुप्ता, शरद श्रीवास्तव एवं नवल किशोर तिवारी सहित अनेक गणमान्य एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। आत्मीयता, सौहार्द और साहित्यिक अनुराग से परिपूर्ण इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि कविता की शक्ति लोगों के हृदयों को जोड़ने और समाज में संवेदना के दीप प्रज्वलित करने में निहित है।काव्य की इस अविस्मरणीय संध्या ने साहित्य के प्रति अनुराग को नई ऊर्जा प्रदान की और उपस्थित जनों के मन में शब्दों की मधुर स्मृतियाँ अंकित कर दीं।1
- महर्षि वाल्मीकि जयंती पर गूंजा सामाजिक समरसता का संदेश, भेदभाव मिटाने का आह्वान नैनी, प्रयागराज। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर खरकोनी जहांगीराबाद में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। नैनी महिला मोर्चा की महामंत्री श्रीमती सुमन गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि जी को नमन कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में भाजपा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि केवल रामायण के रचयिता ही नहीं, बल्कि ज्ञान, तप, साधना और सामाजिक चेतना के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। उनके आदर्शों को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महिला मोर्चा महामंत्री श्रीमती सुमन गुप्ता ने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में फैली ऊंच-नीच और भेदभाव की दीवारों को तोड़ने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सामाजिक समरसता का सपना अधूरा रहेगा। महर्षि वाल्मीकि के विचारों को केवल आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवहार में उतारना जरूरी है। कार्यक्रम में प्रियंका भारतीय, मुस्कान भारतीय, सौरभ यादव, पार्वती भारतीय, मंजू प्रजापति, उर्मिला प्रजापति और सुषमा प्रजापति ने भी अपने विचार रखे। उपस्थित लोगों ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलने तथा समाज में समानता, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया।1
- संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर की ओ पी डी में 580नये पुराने मरीजों को उपचार मिला सिरौलीगौसपुर।। संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर की ओ पी डी में मरीजों की उमडी भीड़ मौसम बदलते ही बुखार जुकाम खांसी इत्यादि बीमारियों से ग्रसित महिला, पुरुष,बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर दवायें दी गई। सोमवार को संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर की ओ पी डी में करीब 580 नये पुराने मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण डाक्टर एम के गुप्ता, डाक्टर नीरज वर्मा, डाक्टर अजीत सिंह, डाक्टर हसन सलीम, डाक्टर तथीर फातिमा आदि चिकित्सकों ने करके दवायें दी हैं।3
- *जिलाधिकारी ने धान की क्रॉप कटिंग का किया निरीक्षण* *क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़े कृषि नीति निर्धारण में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका–डीएम* बाराबंकी, 26 अक्टूबर 2026। जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह ने तहसील नवाबगंज अंतर्गत ग्राम गदिया में खरीफ फसल के तहत धान की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। क्रॉप कटिंग के दौरान प्राप्त आंकड़ों के अनुसार धान की उत्पादकता 30 कुंतल प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग के माध्यम से फसल उत्पादन का सटीक एवं वास्तविक आकलन प्राप्त होता है, जो कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, फसल बीमा दावों के निस्तारण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से संबंधित निर्णयों तथा कृषि नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही, प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में फसल उत्पादन की स्थिति का तुलनात्मक विश्लेषण कर कृषि संबंधी योजनाओं एवं संसाधनों का बेहतर नियोजन किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के अन्य ग्रामों में भी क्रॉप कटिंग का कार्य निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए, ताकि फसल उत्पादकता का सटीक एवं विश्वसनीय आकलन सुनिश्चित हो सके। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल, तहसीलदार नवाबगंज सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सैदनपुर गांव के पास अनियंत्रित कार ने ऑटो में मारी जोरदार टक्कर 2 युवक गंभीर रूप से घायल बताते चले बाराबंकी जनपद के थाना सफदरगंज क्षेत्र अंतर्गत सैदनपुर गांव के पास अनियंत्रित कार ने ऑटो में मारी जोरदार टक्कर 2 युवक गंभीर रूप से घायल1
- *आज जनपद बाराबंकी के कस्बा शहादतगज के रामलीला मैदान में हुआ राम रावण के बीच युद्ध जिसमें असत्य पर सत्य की विजय हुई* *आज जनपद बाराबंकी के कस्बा शहादतगज के रामलीला मैदान में हुआ राम रावण के बीच युद्ध जिसमें असत्य पर सत्य की विजय हुई* आपको बता दे खबर उत्तर प्रदेश जनपद बाराबंकी तहसील सिरौली गौसपुर थाना मसौली क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा सहादतगंज के रामलीला मैदान में राम रावण के बीच हुआ युद्ध जिसमें रावण की सेना की तरफ से जोरदार राम और लक्ष्मण के ऊपर अस्त्र शास्त्र बणो से प्रहार किया गया मगर रावण मायावी राक्षस था वह अपनी शक्ति के द्वारा राम को पराजित करना चाहता था मगर रावण की एक माया भी नहीं चली जो की राम और लक्ष्मण की सेना बंदर और भालूओं कीथी रावण लड़ते लड़ते अंत में राम के द्वारा मारा गया तथा यह मेला हर वर्ष की भांति कस्बा सहादतगंज के रामलीला मैदान में लगता है तथा *मेला कमेटी अध्यक्ष* श्री दिलीप कुमार दीक्षित और श्यामनाथ जी अन्य कमेटी के करकमलो द्वारा उनके सहयोग से और सभी सहादतगंज के ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी की मौजूदगी में मेला होता है तथा मसौली थाना कोतवाल छोटे लाल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था एवं भारी पुलिस तैनात रही की आने वाले मेला यात्रियों को कोई कठिनाई न हो सके1
- निंदूरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बंदरों का आतंक, किसान और दुकानदार परेशान धान की तैयार फसल को पहुंचा रहे नुकसान, लोगों के हाथों से सामान छीनकर भाग रहे बंदर बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदरों के उत्पात से ग्रामीण के साथ-साथ किसानों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं बंदर लोगों के हाथों से सामान छीनकर भाग जाते हैं, वहीं खेतों में पहुंचकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों के मुताबिक, बंदरों के झुंड गांवों की गलियों, घरों की छतों और आसपास के खेतों में घूमते रहते हैं। कई बार बंदर लोगों के हाथों में मौजूद खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान छीनकर भाग जाते हैं। अचानक बंदरों के सामने आ जाने से लोग घबरा जाते हैं। इस कारण लोगों को घरों से बाहर निकलते समय भी सतर्क रहना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के आतंक के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय बंदरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने से उनकी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा बना रहता है। बंदरों को खेतों से भगाने के लिए किसानों को बार-बार खेतों की ओर दौड़ना पड़ता है। इसके बावजूद बंदर कुछ समय बाद दोबारा खेतों में पहुंच जाते हैं। इससे किसानों का समय और मेहनत दोनों खर्च हो रहे हैं। कस्बों और बाजारों में भी बढ़ी परेशानी बंदरों का आतंक केवल गांवों और खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि कस्बों और बाजारों में भी दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानों के आसपास बंदरों के पहुंचने से सामान को सुरक्षित रखना चुनौती बन गया है। खाने-पीने की वस्तुओं की दुकानों पर विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है। बंदरों के अचानक दुकानों के पास पहुंचने से दुकानदारों को अपने सामान की निगरानी करनी पड़ती है। इससे उनके रोजमर्रा के कारोबार पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों, किसानों और दुकानदारों का कहना है कि बंदरों की बढ़ती समस्या से निजात दिलाने के लिए संबंधित विभाग को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों के आतंक पर रोक लगाने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और किसानों की तैयार फसल को नुकसान से बचाया जा सके1
- उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सरोज ने फरियादियों की समस्यायों को सुना और गुणवत्ता युक्त निस्तारण करने के निर्देश दिए सिरौलीगौसपुर।। उपजिलाधिकारी सिरौलीगौसपुर ने अपने कार्यालय में फरियादियों की समस्यायों को मनोयोग पूर्वक सुनकर शिकायतों के निस्तारण हेतु सम्बंधित पटलों को गुणवत्ता युक्त निस्तारण के आदेश दिए हैं। भारतीय किसान यूनियन अम्बावता गुट के रामदत्त शर्मा, राजापुर की गरीब महिला ने पिता की सम्पत्ति में परिवारिक जनों द्वारा अवैध कब्जा करने की शिकायत किया। उपजिलाधिकारी ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बदोसरांय राम अवतार सरोज को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।इस मौके पर बार एसोसिएशन सिरौलीगौसपुर के अध्यक्ष काशीप्रसाद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।4