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बिलासपुर में एक फर्जी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, जिसके संबंध में कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई है।
Bhupendra lahare
बिलासपुर में एक फर्जी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, जिसके संबंध में कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई है।
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- बिलासपुर में एक फर्जी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, जिसके संबंध में कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई है।1
- डभरा नगर में देर रात एक सूने मकान से महिला के रोने जैसी आवाजें सुनाई देने की चर्चा से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई निवासियों ने इस मकान की ओर से अजीब आवाजें सुनने का दावा किया है, जिसके बाद आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। हालांकि, इस घटना की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि ये आवाजें किस कारण से आ रही थीं। पुलिस या प्रशासन की ओर से भी फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और बिना पुष्टि के भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें, साथ ही मामले की सत्यता सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।1
- बिलासपुर यातायात पुलिस ने एक सराहनीय मानवीय पहल करते हुए बारिश के बीच एक गंभीर मरीज के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इस विशेष व्यवस्था के माध्यम से यातायात को सुचारू रखते हुए मरीज को सुरक्षित और समय पर एयरपोर्ट पहुंचाया गया, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सा मिल सके।3
- रायगढ़ में महिला सुरक्षा को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान एसएसपी शशिमोहन सिंह ने क्षेत्र में मानव तस्करी को पूरी तरह से रोकने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की है।1
- कबीरधाम जिले के बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बोड़ला विकासखंड के ग्राम मांदाभाटा से अगरी तक 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 3.50 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया था। यह सड़क ग्रामीणों को बारिश के दिनों में आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंचने में सुविधा देने वाली थी, लेकिन निर्माण के मात्र चार महीने बाद ही पहली बारिश में इसका एक हिस्सा धंस गया, जिससे ठेकेदार के काम की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। सड़क में वाहन का पहिया धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया। रायपुर से पहुंचे पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान उन्होंने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होना एक गंभीर लापरवाही है। प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि सड़क की मुख्य परत तो मानकों के अनुरूप है, लेकिन सड़क के दोनों किनारों (शोल्डर) का निर्माण गुणवत्ताहीन सामग्री से किया गया था, जिसके कारण बारिश में यह हिस्सा धंस गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह सड़क 12 टन भार क्षमता के लिए बनाई गई है, जबकि इस पर 60 टन तक रेत से लदे हाईवा वाहन गुजर रहे थे। इसके बावजूद, इतनी जल्दी सड़क का क्षतिग्रस्त होना अस्वीकार्य बताया गया है। सचिव ने सड़क निर्माण में उपयोग की गई सामग्री के नमूने लैब जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता सामने आता है, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।4
- ग्राम जटराज चंद्र नगर बसाहट में करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग ₹11 करोड़ का सरकारी प्रोजेक्ट ठेकेदार ने भारी डिस्काउंट देकर महज ₹6 करोड़ में हासिल कर लिया, जिसका सीधा असर अब काम की गुणवत्ता पर साफ दिखाई दे रहा है। पहली ही बारिश ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने बताया कि घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी लापरवाही के कारण नवनिर्मित सामुदायिक भवन पहली बारिश का दबाव भी नहीं झेल पाया और नीचे धंसने लगा है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में यह भवन ताश के पत्तों की तरह ढह सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होने की आशंका है। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों ने इस बदहाली को लेकर कई बार एसडीएम कटघोरा और महाप्रबंधक कुसमुंडा को लिखित और मौखिक रूप से शिकायतें दीं। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारियों ने ग्रामीणों की इन गंभीर शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। प्रशासन की इसी अनदेखी का नतीजा है कि ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं और घटिया निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उनकी स्पष्ट मांग है कि इस घटिया और गुणवत्ताहीन कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, और भ्रष्टाचार में लिप्त संबंधित ठेकेदार तथा उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब यह देखना बाकी है कि कुसमुंडा प्रबंधन और कटघोरा प्रशासन इस गंभीर शिकायत के बाद जागता है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।1
- कोरबा में अपोलो अस्पताल से जुड़े फर्जी डॉक्टर के मामले को लेकर जन आंदोलन की ओर से केसरवानी ने जिला पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को ज्ञापन सौंपा है। इस गंभीर मामले में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई पर जोर देते हुए केसरवानी ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। जन आंदोलन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आगे बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।1
- कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत आमापाली में स्थित देवांगन ऑटो पार्ट्स में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस आगजनी से देवांगन ऑटो पार्ट्स को काफी नुकसान पहुंचा है।1