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पश्चिम चंपारण जिले में हरित क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। 28 जून 2026 को, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 30 हजार सीड बॉल बिखेरे जाएंगे। यह कदम आगामी मानसून सत्र के दौरान पश्चिम चंपारण को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

8 hrs ago
user_Vivek Kumar
Vivek Kumar
Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
8 hrs ago

पश्चिम चंपारण जिले में हरित क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। 28 जून 2026 को, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 30 हजार सीड बॉल बिखेरे जाएंगे। यह कदम आगामी मानसून सत्र के दौरान पश्चिम चंपारण को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

More news from बिहार and nearby areas
  • मझौलिया थाना क्षेत्र के परसा डुमरिया निवासी और पूर्व कर्नल मो. मंजर साहब के पुत्र अत्ताउल हक़ ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 71वीं रैंक हासिल कर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल जिला बल्कि मझौलिया प्रखंड का नाम भी रोशन हुआ है और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। इस शानदार सफलता के लिए अत्ताउल हक़ को सम्मानित भी किया गया। कांग्रेस के बेतिया विधानसभा पूर्व विधायक प्रत्याशी वशी अहमद, पूर्व मंत्री डॉ. शमीम अहमद और रामनगर बनकट पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अरुण यादव ने उन्हें अंगवस्त्र, गुलदस्ता और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मौजूद सभी लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूर्व कर्नल मो. मंजर साहब ने इस दौरान कहा कि सच्ची लगन, अनुशासन और कठिन परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनका पुत्र ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज और राष्ट्र की सेवा करेगा। नवचयनित डीएसपी अत्ताउल हक़ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और सभी शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने विशेष रूप से अपने पिता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। अत्ताउल हक़ ने युवाओं से अपील की कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित करें और मेहनत तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। अत्ताउल हक़ की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा मानी जा रही है। उनकी उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र भी कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर उच्च प्रशासनिक पद प्राप्त कर सकते हैं। इस सम्मान समारोह में मुखिया शिवशंकर ठाकुर उर्फ पुतुल ठाकुर, मोहम्मद नसीम, पप्पू अजीज, मुन्ना मियां, जावेद आलम, इकरामुल हक़, रागिब हसन, प्रो. कलीमुल्लाह और तारीख जमाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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    मझौलिया थाना क्षेत्र के परसा डुमरिया निवासी और पूर्व कर्नल मो. मंजर साहब के पुत्र अत्ताउल हक़ ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 71वीं रैंक हासिल कर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल जिला बल्कि मझौलिया प्रखंड का नाम भी रोशन हुआ है और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।

इस शानदार सफलता के लिए अत्ताउल हक़ को सम्मानित भी किया गया। कांग्रेस के बेतिया विधानसभा पूर्व विधायक प्रत्याशी वशी अहमद, पूर्व मंत्री डॉ. शमीम अहमद और रामनगर बनकट पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अरुण यादव ने उन्हें अंगवस्त्र, गुलदस्ता और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मौजूद सभी लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पूर्व कर्नल मो. मंजर साहब ने इस दौरान कहा कि सच्ची लगन, अनुशासन और कठिन परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनका पुत्र ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज और राष्ट्र की सेवा करेगा। नवचयनित डीएसपी अत्ताउल हक़ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और सभी शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने विशेष रूप से अपने पिता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। अत्ताउल हक़ ने युवाओं से अपील की कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित करें और मेहनत तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।

अत्ताउल हक़ की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा मानी जा रही है। उनकी उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र भी कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर उच्च प्रशासनिक पद प्राप्त कर सकते हैं। इस सम्मान समारोह में मुखिया शिवशंकर ठाकुर उर्फ पुतुल ठाकुर, मोहम्मद नसीम, पप्पू अजीज, मुन्ना मियां, जावेद आलम, इकरामुल हक़, रागिब हसन, प्रो. कलीमुल्लाह और तारीख जमाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    12 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण जिले के किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अधिक मुनाफेदार फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका एक प्रेरणादायक उदाहरण नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव के किसान शिशिर दूबे हैं। उन्होंने बिहार में दुर्लभ मानी जाने वाली थाईलैंड वैरायटी की मौसंबी की बागवानी कर खेती के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बनाई है। करीब छह वर्ष पहले शुरू हुई यह बागवानी अब फल देने लगी है; पिछले साल जहां पेड़ों में फल लगना शुरू हुआ था, वहीं इस साल उत्पादन अपने चरम पर पहुंच गया है। मौसंबी को आमतौर पर उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का फल माना जाता है, लेकिन बिहार जैसी उष्णकटिबंधीय जलवायु में भी इसका शानदार उत्पादन किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। शिशिर दूबे ने अपनी तीन एकड़ जमीन पर लगभग 750 मौसंबी के पौधे लगाए थे, जो छह वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद अब पूर्ण विकसित पेड़ बन चुके हैं। वर्तमान में प्रत्येक पेड़ से करीब 40 किलोग्राम तक फल प्राप्त हो रहा है, और इस सीजन में उनकी बागवानी से लगभग 12 टन मौसंबी का उत्पादन होने का अनुमान है। मौसंबी की खेती का एक बड़ा फायदा यह भी है कि यह नींबू वर्गीय फल होने के कारण कीटों और रोगों से काफी हद तक सुरक्षित रहती है, और मवेशी भी इस फसल को नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे किसानों की चिंताएं कम होती हैं। बिहार में मौसंबी की खेती सीमित होने के कारण इसकी बाजार में अच्छी मांग है, और फल व्यापारी व जूस कारोबारी इसे खेत से ही 80 रुपये प्रति किलो तक की कीमत पर खरीद रहे हैं। शिशिर दूबे का कहना है कि जैसे-जैसे पेड़ों की उम्र बढ़ेगी, उत्पादन भी बढ़ता जाएगा, और आने वाले वर्षों में एक-एक पेड़ से एक क्विंटल तक फल मिलने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो मौसंबी की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में कई गुना अधिक लाभ देने वाली साबित होगी। वे अन्य किसानों को थाईलैंड वैरायटी के पौधों का चयन करने की सलाह देते हैं, क्योंकि उनके अनुसार इस किस्म का स्वाद सामान्य देसी मौसंबी की तुलना में अधिक मीठा और बाजार में अधिक पसंद किया जाता है। नौतन के इस किसान की सफलता यह साबित करती है कि नई तकनीक और फसलों को अपनाने का साहस करने पर खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि बेहतर आय और समृद्धि का मजबूत माध्यम भी बन सकती है, और बिहार में मौसंबी की यह सफल बागवानी अब दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
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    पश्चिम चंपारण जिले के किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अधिक मुनाफेदार फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका एक प्रेरणादायक उदाहरण नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव के किसान शिशिर दूबे हैं। उन्होंने बिहार में दुर्लभ मानी जाने वाली थाईलैंड वैरायटी की मौसंबी की बागवानी कर खेती के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बनाई है। करीब छह वर्ष पहले शुरू हुई यह बागवानी अब फल देने लगी है; पिछले साल जहां पेड़ों में फल लगना शुरू हुआ था, वहीं इस साल उत्पादन अपने चरम पर पहुंच गया है। मौसंबी को आमतौर पर उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का फल माना जाता है, लेकिन बिहार जैसी उष्णकटिबंधीय जलवायु में भी इसका शानदार उत्पादन किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है।

शिशिर दूबे ने अपनी तीन एकड़ जमीन पर लगभग 750 मौसंबी के पौधे लगाए थे, जो छह वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद अब पूर्ण विकसित पेड़ बन चुके हैं। वर्तमान में प्रत्येक पेड़ से करीब 40 किलोग्राम तक फल प्राप्त हो रहा है, और इस सीजन में उनकी बागवानी से लगभग 12 टन मौसंबी का उत्पादन होने का अनुमान है। मौसंबी की खेती का एक बड़ा फायदा यह भी है कि यह नींबू वर्गीय फल होने के कारण कीटों और रोगों से काफी हद तक सुरक्षित रहती है, और मवेशी भी इस फसल को नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे किसानों की चिंताएं कम होती हैं। बिहार में मौसंबी की खेती सीमित होने के कारण इसकी बाजार में अच्छी मांग है, और फल व्यापारी व जूस कारोबारी इसे खेत से ही 80 रुपये प्रति किलो तक की कीमत पर खरीद रहे हैं।

शिशिर दूबे का कहना है कि जैसे-जैसे पेड़ों की उम्र बढ़ेगी, उत्पादन भी बढ़ता जाएगा, और आने वाले वर्षों में एक-एक पेड़ से एक क्विंटल तक फल मिलने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो मौसंबी की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में कई गुना अधिक लाभ देने वाली साबित होगी। वे अन्य किसानों को थाईलैंड वैरायटी के पौधों का चयन करने की सलाह देते हैं, क्योंकि उनके अनुसार इस किस्म का स्वाद सामान्य देसी मौसंबी की तुलना में अधिक मीठा और बाजार में अधिक पसंद किया जाता है। नौतन के इस किसान की सफलता यह साबित करती है कि नई तकनीक और फसलों को अपनाने का साहस करने पर खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि बेहतर आय और समृद्धि का मजबूत माध्यम भी बन सकती है, और बिहार में मौसंबी की यह सफल बागवानी अब दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    15 hrs ago
  • ऋषभ पंत ने दिल्ली कैपिटल्स पहुँचने के बाद कुछ बयान दिया।
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    ऋषभ पंत ने दिल्ली कैपिटल्स पहुँचने के बाद कुछ बयान दिया।
    user_Chandan Cricket Hub
    Chandan Cricket Hub
    Cricket club Jogapatti, Pashchim Champaran•
    19 hrs ago
  • आज के समय में किसी भी गाड़ी की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है, खासकर चोरी होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए, अपनी गाड़ी को स्मार्ट सुरक्षा प्रदान करना अब आसान हो गया है। GPS ट्रैकर के माध्यम से मिलने वाली यह स्मार्ट सुरक्षा कई उन्नत सुविधाएँ देती है। इन सुविधाओं में लाइव लोकेशन ट्रैकिंग शामिल है, जिससे आप अपनी गाड़ी की वर्तमान स्थिति को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकते हैं। इसके साथ ही, यह डिवाइस रूट हिस्ट्री भी प्रदान करता है, जिससे गाड़ी के पिछले रास्तों की जानकारी मिल सके। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इसमें ओवरस्पीड अलर्ट और इंजन कट फीचर भी है, जो किसी भी आपात स्थिति में गाड़ी के इंजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह सेवा 24x7 मॉनिटरिंग की सुविधा भी देती है, जिससे हर समय आपकी गाड़ी पर नज़र रखी जा सके। Search Point Technology द्वारा 2018 से दी जा रही यह GPS समाधान सेवा उपलब्ध है। अपनी गाड़ी में GPS लगवाने और स्मार्ट सुरक्षा पाने के लिए आप 9931495415 पर कॉल या WhatsApp कर सकते हैं, क्योंकि सुरक्षा को बाद में नहीं, पहले प्राथमिकता देना ज़रूरी है।
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    आज के समय में किसी भी गाड़ी की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है, खासकर चोरी होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए, अपनी गाड़ी को स्मार्ट सुरक्षा प्रदान करना अब आसान हो गया है। GPS ट्रैकर के माध्यम से मिलने वाली यह स्मार्ट सुरक्षा कई उन्नत सुविधाएँ देती है।

इन सुविधाओं में लाइव लोकेशन ट्रैकिंग शामिल है, जिससे आप अपनी गाड़ी की वर्तमान स्थिति को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकते हैं। इसके साथ ही, यह डिवाइस रूट हिस्ट्री भी प्रदान करता है, जिससे गाड़ी के पिछले रास्तों की जानकारी मिल सके। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इसमें ओवरस्पीड अलर्ट और इंजन कट फीचर भी है, जो किसी भी आपात स्थिति में गाड़ी के इंजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह सेवा 24x7 मॉनिटरिंग की सुविधा भी देती है, जिससे हर समय आपकी गाड़ी पर नज़र रखी जा सके।

Search Point Technology द्वारा 2018 से दी जा रही यह GPS समाधान सेवा उपलब्ध है। अपनी गाड़ी में GPS लगवाने और स्मार्ट सुरक्षा पाने के लिए आप 9931495415 पर कॉल या WhatsApp कर सकते हैं, क्योंकि सुरक्षा को बाद में नहीं, पहले प्राथमिकता देना ज़रूरी है।
    user_Searchpoint Technology
    Searchpoint Technology
    Car factory गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    6 hrs ago
  • नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ के अवसर पर, माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति ने छात्र-छात्राओं को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह संदेश 28 जून, 2026 को जारी किया गया।
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    नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ के अवसर पर, माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति ने छात्र-छात्राओं को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह संदेश 28 जून, 2026 को जारी किया गया।
    user_Vivek Kumar
    Vivek Kumar
    Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    12 hrs ago
  • खान सर के बॉडीगार्ड के हथियारों को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, इन हथियारों से बिना किसी वैध परमिट के फायरिंग की गई थी। इस पूरे मामले की पुलिस जांच में भी कई चौंकाने वाली गड़बड़ियां पाई गई हैं।
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    खान सर के बॉडीगार्ड के हथियारों को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, इन हथियारों से बिना किसी वैध परमिट के फायरिंग की गई थी। इस पूरे मामले की पुलिस जांच में भी कई चौंकाने वाली गड़बड़ियां पाई गई हैं।
    user_Niraj Raj
    Niraj Raj
    बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • यह वीडियो निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) पर केंद्रित है, जिसमें इस दृष्टि दोष से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाएँगी। इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि निकट दृष्टि दोष क्या है, यह क्यों उत्पन्न होता है, और इसके होने के मुख्य कारण क्या-क्या हैं। इसके अतिरिक्त, वीडियो में निकट दृष्टि दोष के उपचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, जिसमें यह भी बताया जाएगा कि इसके इलाज के लिए किस विशिष्ट प्रकार के लेंस का प्रयोग किया जाता है।
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    यह वीडियो निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) पर केंद्रित है, जिसमें इस दृष्टि दोष से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाएँगी। इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि निकट दृष्टि दोष क्या है, यह क्यों उत्पन्न होता है, और इसके होने के मुख्य कारण क्या-क्या हैं। इसके अतिरिक्त, वीडियो में निकट दृष्टि दोष के उपचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, जिसमें यह भी बताया जाएगा कि इसके इलाज के लिए किस विशिष्ट प्रकार के लेंस का प्रयोग किया जाता है।
    user_विज्ञान शिक्षण संस्थान मिश्रबत
    विज्ञान शिक्षण संस्थान मिश्रबत
    Teacher फुलवरिया, गोपालगंज, बिहार•
    9 hrs ago
  • गोपालगंज पुलिस ने विशम्भरपुर थाना क्षेत्र में हुए एक खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले 'ब्लाइंड मर्डर केस' का खुलासा मात्र 15 दिनों में कर दिया है। यह घटना किसी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है, जहाँ दूसरों की मौत की सुपारी देने वाला शख्स ही अंततः उन्हीं हत्यारों का शिकार बन गया। इस 'खूनी खेल' में पुलिस ने गन्ने के खेत से एक कटा सिर बरामद किया था। मामले की जाँच में सामने आया कि जिस व्यक्ति ने दो लोगों की हत्या की सुपारी दी थी, वह खुद ही अपने बुने जाल में फँसकर शिकार बन गया।
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    गोपालगंज पुलिस ने विशम्भरपुर थाना क्षेत्र में हुए एक खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले 'ब्लाइंड मर्डर केस' का खुलासा मात्र 15 दिनों में कर दिया है। यह घटना किसी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है, जहाँ दूसरों की मौत की सुपारी देने वाला शख्स ही अंततः उन्हीं हत्यारों का शिकार बन गया।

इस 'खूनी खेल' में पुलिस ने गन्ने के खेत से एक कटा सिर बरामद किया था। मामले की जाँच में सामने आया कि जिस व्यक्ति ने दो लोगों की हत्या की सुपारी दी थी, वह खुद ही अपने बुने जाल में फँसकर शिकार बन गया।
    user_हथुआ हलचल
    हथुआ हलचल
    गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    4 hrs ago
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