झाँसा देकर नकली आभूषण बेचने वाले 3 आरोपियों को थाना सौजना पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक, संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक, कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी महरौनी, अरविन्द कुमार पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना सौजना पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0स0-105/2026 धारा 318(4) BNS में वांछित दीपचन्द्र अहिरवार पुत्र छत्ता उम्र करीब 21वर्ष निवासी ग्राम सड़कौरा . हनुमत अहिरवार पुत्र भदुआ उम्र करीब 36वर्ष नि0ग्राम पण्डाखेरा, नारायण सिहं पुत्र भगवतसिहं उम्र करीब 52वर्ष नि0ग्राम कुआघोषी थाना महरौनी , को गिरफ्तार कर, न्यायालय के समक्ष पेश किया है । वादी द्वारा थाना सौजना पर तहरीर देकर अवगत कराया गया कि अभियुक्तगण द्वारा उसे झाँसे में लेकर 70,000/- रुपये में नकली चाँदी के आभूषण उसके पास गिरवी रख दिये गये हैं।आरोपियों ने पूछने पर बताया गया कि साहब हम लोगों का एक गिरोह है । हम लोग नकली सफेद धातु के बने आभूषण पायल, चैन, कमरबन्द आदि बाहर से खरीदकर लाते हैं और जगह-जगह घूमकर सीधे-साधे लोगों को टारगेट करके, उनको अपनी झूठी बातों में फसाकर नकली आभूषण को चाँदी के बताकर उन्हे बेच देते हैं या गिरवी रख देते हैं । इससे हमें जो रुपये प्राप्त होते हैं, उन्हे हम आपस में बाटकर अपने ऐशो आराम पर खर्च करते हैं । 21.जुलाई को मजरा निबुआखेड़ा थाना सौजना के रहने वाले मुकेश यादव को पैसों की आवश्यकता बताकर 70,000/- रुपये में नकली आभूषण गिरवी रख दिये थे और उन रुपयों को आपस में बांट लिया था । गिरफ्तार करने वाली टीम में सुधाकर पाण्डेय थानाध्यक्ष सौजना, उ0नि0 निखिल मलिक , रि0का0 शुभम दिवाकर ,का0 गौरव कुमार , रि0 कां0 गजेन्द्र सिंह , का0 शौर्य प्रताप , म0का0 सुधा शामिल रहे।
झाँसा देकर नकली आभूषण बेचने वाले 3 आरोपियों को थाना सौजना पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक, संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक, कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी महरौनी, अरविन्द कुमार पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना सौजना पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0स0-105/2026 धारा 318(4) BNS में वांछित दीपचन्द्र अहिरवार पुत्र छत्ता उम्र करीब 21वर्ष निवासी ग्राम सड़कौरा . हनुमत अहिरवार पुत्र भदुआ उम्र करीब 36वर्ष नि0ग्राम पण्डाखेरा, नारायण सिहं पुत्र भगवतसिहं उम्र करीब 52वर्ष नि0ग्राम
कुआघोषी थाना महरौनी , को गिरफ्तार कर, न्यायालय के समक्ष पेश किया है । वादी द्वारा थाना सौजना पर तहरीर देकर अवगत कराया गया कि अभियुक्तगण द्वारा उसे झाँसे में लेकर 70,000/- रुपये में नकली चाँदी के आभूषण उसके पास गिरवी रख दिये गये हैं।आरोपियों ने पूछने पर बताया गया कि साहब हम लोगों का एक गिरोह है । हम लोग नकली सफेद धातु के बने आभूषण पायल, चैन, कमरबन्द आदि बाहर से खरीदकर लाते हैं और जगह-जगह घूमकर सीधे-साधे लोगों को टारगेट करके, उनको अपनी झूठी बातों में फसाकर नकली आभूषण को चाँदी के बताकर उन्हे बेच
देते हैं या गिरवी रख देते हैं । इससे हमें जो रुपये प्राप्त होते हैं, उन्हे हम आपस में बाटकर अपने ऐशो आराम पर खर्च करते हैं । 21.जुलाई को मजरा निबुआखेड़ा थाना सौजना के रहने वाले मुकेश यादव को पैसों की आवश्यकता बताकर 70,000/- रुपये में नकली आभूषण गिरवी रख दिये थे और उन रुपयों को आपस में बांट लिया था । गिरफ्तार करने वाली टीम में सुधाकर पाण्डेय थानाध्यक्ष सौजना, उ0नि0 निखिल मलिक , रि0का0 शुभम दिवाकर ,का0 गौरव कुमार , रि0 कां0 गजेन्द्र सिंह , का0 शौर्य प्रताप , म0का0 सुधा शामिल रहे।
- फिर सोशल मीडिया पर आये पीएम मोदी, विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के सूचितापूर्ण आयोजन एवं नकल विरोधी कठोर कानून बनाने को लेकर संसद के दोनों सदनों में विषयक पारित होने पर सांसदों का आभार व्यक्त करते हुये भारत की Gen z पीढ़ी को की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया गया। देखें वीडियो...1
- झाँसा देकर नकली आभूषण बेचने वाले 3 आरोपियों को थाना सौजना पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक, संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक, कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी महरौनी, अरविन्द कुमार पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना सौजना पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0स0-105/2026 धारा 318(4) BNS में वांछित दीपचन्द्र अहिरवार पुत्र छत्ता उम्र करीब 21वर्ष निवासी ग्राम सड़कौरा . हनुमत अहिरवार पुत्र भदुआ उम्र करीब 36वर्ष नि0ग्राम पण्डाखेरा, नारायण सिहं पुत्र भगवतसिहं उम्र करीब 52वर्ष नि0ग्राम कुआघोषी थाना महरौनी , को गिरफ्तार कर, न्यायालय के समक्ष पेश किया है । वादी द्वारा थाना सौजना पर तहरीर देकर अवगत कराया गया कि अभियुक्तगण द्वारा उसे झाँसे में लेकर 70,000/- रुपये में नकली चाँदी के आभूषण उसके पास गिरवी रख दिये गये हैं।आरोपियों ने पूछने पर बताया गया कि साहब हम लोगों का एक गिरोह है । हम लोग नकली सफेद धातु के बने आभूषण पायल, चैन, कमरबन्द आदि बाहर से खरीदकर लाते हैं और जगह-जगह घूमकर सीधे-साधे लोगों को टारगेट करके, उनको अपनी झूठी बातों में फसाकर नकली आभूषण को चाँदी के बताकर उन्हे बेच देते हैं या गिरवी रख देते हैं । इससे हमें जो रुपये प्राप्त होते हैं, उन्हे हम आपस में बाटकर अपने ऐशो आराम पर खर्च करते हैं । 21.जुलाई को मजरा निबुआखेड़ा थाना सौजना के रहने वाले मुकेश यादव को पैसों की आवश्यकता बताकर 70,000/- रुपये में नकली आभूषण गिरवी रख दिये थे और उन रुपयों को आपस में बांट लिया था । गिरफ्तार करने वाली टीम में सुधाकर पाण्डेय थानाध्यक्ष सौजना, उ0नि0 निखिल मलिक , रि0का0 शुभम दिवाकर ,का0 गौरव कुमार , रि0 कां0 गजेन्द्र सिंह , का0 शौर्य प्रताप , म0का0 सुधा शामिल रहे।3
- झांसा देकर नकली आभूषण बेचने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 70 हजार रुपये की ठगी का खुलासा झांसा देकर नकली आभूषण बेचने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 70 हजार रुपये की ठगी का खुलासा ललितपुर, थाना सौजना पुलिस ने आम लोगों को झांसा देकर नकली आभूषण चांदी के बताकर बेचने और गिरवी रखने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से सफेद गिलट धातु के तीन जोड़ी पायल और दो कमरबंद बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी महरौनी अरविन्द कुमार पाण्डेय के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, थाना सौजना में दर्ज मुकदमा संख्या 105/2026 के तहत दीपचन्द्र अहिरवार (21), हनुमत अहिरवार (36) और नारायण सिंह (52) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। 70 हजार रुपये में गिरवी रखे थे नकली जेवर पीड़ित मुकेश यादव निवासी मजरा निबुआखेड़ा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने चांदी के आभूषण बताकर नकली जेवर 70 हजार रुपये में उसके पास गिरवी रख दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पूछताछ में किया खुलासा पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक गिरोह के रूप में काम करते हैं। बाहर से नकली सफेद धातु के आभूषण खरीदकर अलग-अलग स्थानों पर सीधे-साधे लोगों को अपना निशाना बनाते थे। चांदी के आभूषण बताकर उन्हें बेचते या गिरवी रखकर रुपये ऐंठ लेते थे और रकम आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन जोड़ी नकली पायल और दो नकली कमरबंद बरामद किए हैं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- केंद्रीय विद्यालय बड़ामलहरा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व🙏 बड़ामलहरा - केंद्रीय विद्यालय बड़ामलहरा में आज *गुरु पूर्णिमा* का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धाभाव से मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को बताना था। कार्यक्रम की झलकियां 1. *दीप प्रज्वलन एवं गुरु पूजन* कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य महोदय, शिक्षकों एवं छात्र प्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलन और गुरुजनों के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। 2. *छात्रों की प्रस्तुति* विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर भाषण, कविता पाठ, गीत और नाटिका प्रस्तुत की। छोटे बच्चों ने "गुरु बिन ज्ञान कहां" जैसे भजन गाकर सभी का मन मोह लिया। 3. *गुरुजनों का संबोधन* प्राचार्य ने कहा _"गुरु ही वह दीपक है जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। जीवन में सफलता के लिए गुरु का सम्मान और अनुशासन जरूरी है।"_ शिक्षकों ने भी अप केंद्रीय विद्यालय बड़ामलहरा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व🙏 बड़ामलहरा - केंद्रीय विद्यालय बड़ामलहरा में आज *गुरु पूर्णिमा* का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धाभाव से मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को बताना था। कार्यक्रम की झलकियां 1. *दीप प्रज्वलन एवं गुरु पूजन* कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य महोदय, शिक्षकों एवं छात्र प्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलन और गुरुजनों के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। 2. *छात्रों की प्रस्तुति* विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर भाषण, कविता पाठ, गीत और नाटिका प्रस्तुत की। छोटे बच्चों ने "गुरु बिन ज्ञान कहां" जैसे भजन गाकर सभी का मन मोह लिया। 3. *गुरुजनों का संबोधन* प्राचार्य ने कहा _"गुरु ही वह दीपक है जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। जीवन में सफलता के लिए गुरु का सम्मान और अनुशासन जरूरी है।"_ शिक्षकों ने भी अप1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल में खुली लूट: इमरजेंसी में भर्ती मासूम के परिजनों से डॉ. अरविंद ने ऐंठे ₹6000 प्रेमा मेडिसिन स्टोर' के पीछे चल रही डॉक्टर साहब की अवैध दुकान, कैमरे पर कंपाउंडर ने उगला सच, सरकारी ड्यूटी के समय चला रहे प्राइवेट क्लीनिक. जिला अस्पताल, जो गरीबों के लिए संजीवनी होना चाहिए था, वह अब भ्रष्ट डॉक्टरों की कमाई का अड्डा बन चुका है। शासन-प्रशासन भले ही मुफ्त इलाज के लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं सरकारी डॉक्टर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर खुलेआम अपनी जेबें भर रहे हैं। ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला टीकमगढ़ जिला अस्पताल से सामने आया है। बीती रात अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मासूम बच्चे के परिजनों से सरकारी डॉक्टर ने इलाज के नाम पर अवैध वसूली की। मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद, अस्पताल में पदस्थ ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिंह ने परिजनों को डराया कि इलाज के लिए झांसी से मशीन (इंस्ट्रूमेंट) मंगवानी पड़ेगी। सरकारी बेड पर तड़प रहे मरीज की जान बचाने की एवज में डॉ. सिंह ने खुलेआम 6,000 रुपये कैश वसूल लिए। यह पैसा सीधे डॉक्टर के हाथों में नहीं, बल्कि उनके प्राइवेट क्लीनिक में बैठे कंपाउंडर के हाथों में दिया गया। जी हां, डॉ. अरविंद सिंह का भ्रष्टाचार सिर्फ अस्पताल के अंदर तक सीमित नहीं है। अस्पताल के पास ही स्थित 'प्रेमा मेडिसिन स्टोर' के ठीक पीछे डॉक्टर साहब का आलीशान प्राइवेट क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहा है। यहां बकायदा 'मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक्स' का बड़ा बोर्ड लगाकर मरीजों की जेब काटी जा रही है। इस पूरी लूट का पर्दाफाश तब हुआ जब परिजनों ने इस गोरखधंधे को कैमरे में कैद कर लिया। वायरल वीडियो में जब कैमरे के सामने डॉक्टर से सवाल किए गए, तो वे खुद को बचाते नजर आए और बोले- "मेरा कोई प्राइवेट अस्पताल नहीं है, मेरा अस्पताल सरकारी वाला है।" इसके बाद उन्होंने सारी जिम्मेदारी अपने स्टाफ पर टाल दी। लेकिन क्लीनिक पर मौजूद उनके कंपाउंडर कृष्णकांत राजपूत (निवासी- नारगुड़ा) ने सारा कच्चा चिट्ठा खोल दिया। कंपाउंडर ने बेखौफ होकर कैमरे पर कबूल किया कि मरीज से लिया गया कैश उसी के पास जमा हुआ है। कंपाउंडर ने यह भी बताया कि सरकारी ड्यूटी के समय को धता बताते हुए, डॉ. अरविंद सिंह सुबह 8 से 9, दोपहर 2 से 5 और शाम 7 से 8 बजे तक इसी प्राइवेट क्लीनिक पर बैठते हैं और मरीजों से मोटी फीस वसूलते हैं। मुख्य तथ्य: आरोपी: डॉ. अरविंद सिंह (MBBS MS - ENT) अवैध वसूली: झांसी से मशीन मंगवाने के नाम पर ₹6000 नकद। मरीज की स्थिति: बच्चा अस्पताल के सरकारी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती था, फिर भी प्राइवेट वसूली की गई। अवैध क्लीनिक: प्रेमा मेडिकल स्टोर के पीछे (बोर्ड में मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक्स दर्ज)। कंपाउंडर का कबूलनामा: नारगुड़ा निवासी कृष्णकांत राजपूत ने कैमरे पर कैश लेने और डॉक्टर के प्राइवेट बैठने की बात स्वीकारी। टीकमगढ़ जिला अस्पताल में खुली लूट: इमरजेंसी में भर्ती मासूम के परिजनों से डॉ. अरविंद ने ऐंठे ₹6000 प्रेमा मेडिसिन स्टोर' के पीछे चल रही डॉक्टर साहब की अवैध दुकान, कैमरे पर कंपाउंडर ने उगला सच, सरकारी ड्यूटी के समय चला रहे प्राइवेट क्लीनिक. जिला अस्पताल, जो गरीबों के लिए संजीवनी होना चाहिए था, वह अब भ्रष्ट डॉक्टरों की कमाई का अड्डा बन चुका है। शासन-प्रशासन भले ही मुफ्त इलाज के लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं सरकारी डॉक्टर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर खुलेआम अपनी जेबें भर रहे हैं। ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला टीकमगढ़ जिला अस्पताल से सामने आया है। बीती रात अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मासूम बच्चे के परिजनों से सरकारी डॉक्टर ने इलाज के नाम पर अवैध वसूली की। मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद, अस्पताल में पदस्थ ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिंह ने परिजनों को डराया कि इलाज के लिए झांसी से मशीन (इंस्ट्रूमेंट) मंगवानी पड़ेगी। सरकारी बेड पर तड़प रहे मरीज की जान बचाने की एवज में डॉ. सिंह ने खुलेआम 6,000 रुपये कैश वसूल लिए। यह पैसा सीधे डॉक्टर के हाथों में नहीं, बल्कि उनके प्राइवेट क्लीनिक में बैठे कंपाउंडर के हाथों में दिया गया। जी हां, डॉ. अरविंद सिंह का भ्रष्टाचार सिर्फ अस्पताल के अंदर तक सीमित नहीं है। अस्पताल के पास ही स्थित 'प्रेमा मेडिसिन स्टोर' के ठीक पीछे डॉक्टर साहब का आलीशान प्राइवेट क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहा है। यहां बकायदा 'मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक्स' का बड़ा बोर्ड लगाकर मरीजों की जेब काटी जा रही है। इस पूरी लूट का पर्दाफाश तब हुआ जब परिजनों ने इस गोरखधंधे को कैमरे में कैद कर लिया। वायरल वीडियो में जब कैमरे के सामने डॉक्टर से सवाल किए गए, तो वे खुद को बचाते नजर आए और बोले- "मेरा कोई प्राइवेट अस्पताल नहीं है, मेरा अस्पताल सरकारी वाला है।" इसके बाद उन्होंने सारी जिम्मेदारी अपने स्टाफ पर टाल दी। लेकिन क्लीनिक पर मौजूद उनके कंपाउंडर कृष्णकांत राजपूत (निवासी- नारगुड़ा) ने सारा कच्चा चिट्ठा खोल दिया। कंपाउंडर ने बेखौफ होकर कैमरे पर कबूल किया कि मरीज से लिया गया कैश उसी के पास जमा हुआ है। कंपाउंडर ने यह भी बताया कि सरकारी ड्यूटी के समय को धता बताते हुए, डॉ. अरविंद सिंह सुबह 8 से 9, दोपहर 2 से 5 और शाम 7 से 8 बजे तक इसी प्राइवेट क्लीनिक पर बैठते हैं और मरीजों से मोटी फीस वसूलते हैं। मुख्य तथ्य: आरोपी: डॉ. अरविंद सिंह (MBBS MS - ENT) अवैध वसूली: झांसी से मशीन मंगवाने के नाम पर ₹6000 नकद। मरीज की स्थिति: बच्चा अस्पताल के सरकारी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती था, फिर भी प्राइवेट वसूली की गई। अवैध क्लीनिक: प्रेमा मेडिकल स्टोर के पीछे (बोर्ड में मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक्स दर्ज)। कंपाउंडर का कबूलनामा: नारगुड़ा निवासी कृष्णकांत राजपूत ने कैमरे पर कैश लेने और डॉक्टर के प्राइवेट बैठने की बात स्वीकारी।1
- नकली चांदी बेचने वाला गिरोह पकड़ा, तीन गिरफ्तारः सौजना पुलिस ने असली चांदी बताकर ग्रामीणों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। ललितपुर में थाना सौजना पुलिस ने असली चांदी के नाम पर नकली आभूषण बेचकर ग्रामीणों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से लगभग एक किलोग्राम नकली चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपचन्द्र अहिरवार (21 वर्ष, निवासी ग्राम सडकौरा, थाना सौजना), हनुमंत अहिरवार (36 वर्ष, निवासी पंडाखेरा, थाना सौजना) और नारायण सिंह (52 वर्ष, निवासी कुआघोसी, थाना महरौनी) के रूप में हुई है। तीनों को 29 जुलाई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 105/2026, धारा 318 (4) बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सस्ती सफेद धातु से बने आभूषण खरीदते थे। इसके बाद वे इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में असली चांदी बताकर बेचते थे और लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन जोड़ी पायल और दो कमरबंद सहित करीब एक किलोग्राम नकली चांदी के आभूषण जब्त किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया है। मामले की जांच जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। इस गिरफ्तारी अभियान में थाना प्रभारी सुधाकर पाण्डेय, उपनिरीक्षक मलिक, आरक्षी शुभम दिवाकर, कांस्टेबल गौरव कुमार, कांस्टेबल गजेन्द्र सिंह, कांस्टेबल शौर्य प्रताप एवं महिला कांस्टेबल सुधा शामिल थीं।1