*मानपुर सहर पहुंचा बांधवगढ़ का विशालकाय बाघ* *नगरपरिषद कार्यालय के सामने 3 मवेशियों को मार बाघ हो गया फरार* उमरिया/ जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र मुख्यालय स्थित विश्वविख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में प्रबंधन के तानाशाही से परेशान होकर बाघ पहले तो गांव अब मानपुर सहर की ओर अपना रुख मोड़ लिए हैं जो भ्रमण कर जघन्य वारदात को अंजाम देकर बड़े ही आसानी से फरार होने में सफल हो गया हैं मिली जानकारी अनुसार शनिवार की सुबह उस समय क्षेत्र में हड़कंप मच गया जब मानपुर मुख्यालय के नगरपरिषद कार्यालय के ठीक सामने परिषद के अध्यक्ष के खेत में एक साथ तीन मवेशियों को मृत अवस्था में देखा गया स्थानीय लोगों द्वारा जब मौके पर पता तलास किया गया तो पता चला की मवेशियों का शिकार किसी जंगली जानवर द्वारा किया गया है घटना की जानकारी तत्काल मानपुर रेंजर को दी गई जिसके बाद मौके पर पहुंचे वन कर्मियों द्वारा की गई खोज बीन में जगह जगह बाघ के पग मार्क देखने को मिले मौका पंचनामा तैयार कर क्षेत्र में मेल टाइगर द्वारा घटना को अंजाम देने की पुष्टि की गई साथ ही बताया गया की पग मार्क देख कर अंदाजा लगाया जा रहा है की उक्त नर बाघ भारी विशालकाय है वह इधर केसे पहुंचा और घटना की वारदात को अंजाम देकर किस तरफ निकल गया जिसका पता तलास किया जा रहा है वहीं लोगों को सतर्क रहने की नसीहत देते हुए घटना की बारीकियों से जांच चल ही रही थी की पता चला की मानपुर के डंडी टोला में भी बाघ खूंटे पर बंधे मवेशी को उठा ले गया है वन अमले की टीम डंडी टोला पहुंच बताए गए स्थान पर देखा तो वहां भी मौके पर बाघ के पगमार्क मिले और वहां भी बाघ द्वारा घटना को अंजाम देकर फरार हो जाने की पुष्टि की गई मिली जानकारी अनुसार जिस रास्ते से उक्त बाघ नगर परिषद कार्यालय तक पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया वहां पहले से कुछ खाना बदोश मजदूर लोग पेढ़ के नीचे मामूली झुग्गी बना कर अपने परिवार के साथ सो रहे थे गनीमत रही की बाघ उनके करीब से ही निकल गया और परिवार को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाया वहीं घटना की जानकारी सहर में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ इकट्ठी हो गई और तरह तरह की चर्चाएं होने लगी बस्ती के लोगों ने बताया की अभी कुछ दिनों पहले ही जंगल से भटक कर एक भालू सहर की घनी आबादी वाले बस्तियों में घूम रहा था जो दिन में झाड़ियों में रहता और शाम होते ही बस्तियों में आ जाता जिसे वन विभाग की टीम ने कई दिनों बाद बड़ी मुश्किल से रेस्क्यू किया और उसे पकड़ कर जंगल में छोड़ दिया अब सहर में बाघ की मौजूदगी की सूचना से लोग खासा दहशत में हैं वन विभाग के जिम्मेदारों से जनापेक्षा है की समय रहते उक्त विशालकाय बाघ का पता तलास कर उसे पकड़ लिया जाए ताकि होने वाली किसी भी बड़ी घटना दुर्घटना को रोका जा सके
*मानपुर सहर पहुंचा बांधवगढ़ का विशालकाय बाघ* *नगरपरिषद कार्यालय के सामने 3 मवेशियों को मार बाघ हो गया फरार* उमरिया/ जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र मुख्यालय स्थित विश्वविख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में प्रबंधन के तानाशाही से परेशान होकर बाघ पहले तो गांव अब मानपुर सहर की ओर अपना रुख मोड़ लिए हैं जो भ्रमण कर जघन्य वारदात को अंजाम देकर बड़े ही आसानी से फरार होने में सफल हो गया हैं मिली जानकारी अनुसार शनिवार की सुबह उस समय क्षेत्र में हड़कंप मच गया जब मानपुर मुख्यालय के नगरपरिषद कार्यालय के ठीक सामने परिषद के अध्यक्ष के खेत में एक साथ तीन मवेशियों को मृत अवस्था में देखा गया स्थानीय लोगों द्वारा जब मौके पर पता तलास किया गया तो पता चला की मवेशियों का शिकार किसी जंगली जानवर द्वारा किया गया है घटना की जानकारी तत्काल मानपुर रेंजर को दी गई जिसके बाद मौके पर पहुंचे वन कर्मियों द्वारा की गई खोज बीन में जगह जगह बाघ के पग मार्क देखने को मिले मौका पंचनामा तैयार कर क्षेत्र में मेल टाइगर द्वारा घटना को अंजाम देने की पुष्टि की गई साथ ही बताया गया की पग मार्क देख कर अंदाजा लगाया जा रहा है की उक्त नर बाघ भारी विशालकाय है वह इधर केसे पहुंचा और घटना की वारदात को अंजाम देकर किस तरफ निकल गया जिसका पता तलास किया जा रहा है वहीं लोगों को सतर्क रहने की नसीहत देते हुए घटना की बारीकियों से जांच चल ही रही थी की पता चला की मानपुर के डंडी टोला में भी बाघ खूंटे पर बंधे मवेशी को उठा ले गया है वन अमले की टीम डंडी टोला पहुंच बताए गए स्थान पर देखा तो वहां भी मौके पर बाघ के पगमार्क मिले और वहां भी बाघ द्वारा घटना को अंजाम देकर फरार हो जाने की पुष्टि की गई मिली जानकारी अनुसार जिस रास्ते से उक्त बाघ नगर परिषद कार्यालय तक पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया वहां पहले से कुछ खाना बदोश मजदूर लोग पेढ़ के नीचे मामूली झुग्गी बना कर अपने परिवार के साथ सो रहे थे गनीमत रही की बाघ उनके करीब से ही निकल गया और परिवार को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाया वहीं घटना की जानकारी सहर में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ इकट्ठी हो गई और तरह तरह की चर्चाएं होने लगी बस्ती के लोगों ने बताया की अभी कुछ दिनों पहले ही जंगल से भटक कर एक भालू सहर की घनी आबादी वाले बस्तियों में घूम रहा था जो दिन में झाड़ियों में रहता और शाम होते ही बस्तियों में आ जाता जिसे वन विभाग की टीम ने कई दिनों बाद बड़ी मुश्किल से रेस्क्यू किया और उसे पकड़ कर जंगल में छोड़ दिया अब सहर में बाघ की मौजूदगी की सूचना से लोग खासा दहशत में हैं वन विभाग के जिम्मेदारों से जनापेक्षा है की समय रहते उक्त विशालकाय बाघ का पता तलास कर उसे पकड़ लिया जाए ताकि होने वाली किसी भी बड़ी घटना दुर्घटना को रोका जा सके
- प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाएं - मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया स्वच्छ जल अभियान का शुभारंभ दो चरणों में 31 मई तक निरंतर चलेगा अभियान जीआईएस मैप आधारित एप से होगी जल शोधन यंत्र और पेयजल टंकियों की निगरानी स्वच्छ पेयजल प्रदाय के कार्य में ढिलाई बरते जाने पर की जाएगी कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी द्वारा प्रदेश के स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों को दिए निर्देश उमरिया । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ जल पेयजल उपलब्ध करवाना नगरीय निकायों का दायित्व है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में स्वच्छ जलप्रदाय सुनिश्चित किया जाए। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो, दूषित होने पर वैकल्पिक व्यवास्था करें। किसी भी स्थिति में दूषित पेयजल स्पलाई न हो। यह बड़ी चुनौती है लेकिन गंभीरता से सामना करें जिससे देश में एक आदर्श प्रस्तुत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की शाम सागर जिले के प्रवास से लौटने के बाद राज्य विमानतल के सभा कक्ष में उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रांतव्यापी स्वच्छ जल अभियान का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर उमरिया एनआईसी मे कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता , नगर पालिका अध्यक्ष पाली शंकुतला प्रधान, नगर पालिका अध्यक्ष चंदिया पुरूर्षाेत्तम कोल, सीएमओ उमरिया किशन सिंह , पाली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।1
- सलवार खेरो में आदिवासी करमा गीत गाया गया जो गोंड आदिवासियों का परम्परागत प्राकृतिक धरोहर है1
- मझगवा कटनी में ट्रकों का जमावड़ा। कभी भी हो सकती है दुघर्टना। जिम्मेदार बेखबर। सड़क के दोनों तरफ ट्रक ही ट्रक। कई बार वहां पर दुर्घटनाए घट चुकी है।1
- चैनल आज तक24×7 कटनी से संवाददाता मुकेश कुमार यादव की कलम से लोकेशन जिला कटनी शासकीय उच्चतर मूल्य मर्यादित प्रियदर्शनी सहकारिता समिति बिजरावगढ़ केंद्र बरही प्रभारी कपिल करेला केंद्र प्रभारी(m.k) के द्वारा खुलेआम किसानों को लूट रहे हैं सरकारी मानक रिकॉर्ड में 40 किलोग्राम बोरियों में पैकिंग करने का आदेश है जिसमें प्रभारी के द्वारा 41 किलो 500 ग्राम की भर्ती कराई जा रही है जिसमें भी किसानों को 39 किलो ग्राम की ही रसीद दी जाती है जिन किसानों की स्लॉट की डेट खत्म होने को है पर उनके वजह व्यापारियों की हजारों क्विंटल धान मोटी रकम लेकर वेयरहाउस गोदाम में शिफ्ट किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर किसानों के बोलने पर उनसे अभद्रता से बात कर मारपीट किया जा रहा है जबकि देश का ही अन्नदाता है किसान देश की अर्थव्यवस्था इन्हीं किसानों से चलती है फिर भी किसानों को ही चारों तरफ से घसीटा जा रहा है और भ्रष्टाचारीयों का ही बोलबाला है फिर भी इनके खिलाफकोई भी विभागीय कार्यवाही नहीं हो रही और यह लोग करोड़ों रुपए का हेरा फेरी कर अपने निजी प्रॉपर्टी बना रहे हैं किसान यूनिटी यूनियन की भी कोई सुनने वाला नहीं आपको दिखा रहे हैं आंखों देखा हाल सभी क्षेत्र वासियों और किसानों के साथ किसानों को न्याय मिले यही है प्रशासन से सवाल ना चले भ्रष्टाचारियों का राज2
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट सतना मध्य प्रदेश1
- Saraswati Mata ki Jay🙏💐💐🌹1
- शूरु ऐप से पत्रकार प्रवीण शुक्ला1
- जिले में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाये जाने के उपलक्ष्य में कृषि रथ का संचालन 11 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ उमरिया/कृषि उपसंचालक संग्राम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्ष 2026 को 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के रूप में कृषि वर्ष मनाया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को नई तकनीक, योजनाओं (जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आदि) और नवाचारों की जानकारी देने के लिए कृषि रथ का संचालन 11 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ किया जा रहा है। जो उमरिया जिले के अंतर्गत सभी विकासखण्डो के ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कृषको के बीच जागरूकता फैलाएगा और इसके लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। कृषि रथ संचालन के मुख्य उद्देश्यः किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार सृजित करना, और कृषि को टिकाऊ व तकनीकी रूप से उन्नत बनाना। गतिविधियाँ: कृषि रथ जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीज, कीट-रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता और पराली प्रबंधन जैसी जानकारी देगा। रबी सीजन के दौरान प्रत्येक विकासखंड में एक माह तक रथों का संचालन होगा और प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों में भ्रमण किया जाएगा। कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय और एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय समितियां बनाई गई हैं, और प्रत्येक रथ के साथ कृषि अधिकारियों और विशेषज्ञों की एक टीम होगी जो ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि को लाभकारी बनाने के लिए जागरूकता फैलाऐंगे।1