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उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर, जहाँ 500 वर्षों के वनवास के बाद प्रभु श्री राम को स्थान मिला, वहाँ मंदिर बनने के चंद वर्षों बाद ही इसके दानपात्र से चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। इस घटना से समस्त उत्तर प्रदेश शुब्ध है। इसे लेकर तल्ख टिप्पणी की गई है कि जहाँ 'योगी राज' है, वहाँ चोर को चोरी न करने की सजा मिले ऐसा हो ही नहीं सकता, बस एक बार पूरी घटना का प्रकरण सामने आने की देर है। इस चोरी के प्रकरण को लेकर समस्त देश में यह मांग उठ रही है कि इसमें शामिल व्यक्तियों को जल्द से जल्द पकड़कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इसी मामले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी गहरा रोष व्याप्त है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मेरठ में धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट किया।
PARUL SIROHI BC MEERUT
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर, जहाँ 500 वर्षों के वनवास के बाद प्रभु श्री राम को स्थान मिला, वहाँ मंदिर बनने के चंद वर्षों बाद ही इसके दानपात्र से चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। इस घटना से समस्त उत्तर प्रदेश शुब्ध है। इसे लेकर तल्ख टिप्पणी की गई है कि जहाँ 'योगी राज' है, वहाँ चोर को चोरी न करने की सजा मिले ऐसा हो ही नहीं सकता, बस एक बार पूरी घटना का प्रकरण सामने आने की देर है। इस चोरी के प्रकरण को लेकर समस्त देश में यह मांग उठ रही है कि इसमें शामिल व्यक्तियों को जल्द से जल्द पकड़कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इसी मामले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी गहरा रोष व्याप्त है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मेरठ में धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट किया।
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- उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर, जहाँ 500 वर्षों के वनवास के बाद प्रभु श्री राम को स्थान मिला, वहाँ मंदिर बनने के चंद वर्षों बाद ही इसके दानपात्र से चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। इस घटना से समस्त उत्तर प्रदेश शुब्ध है। इसे लेकर तल्ख टिप्पणी की गई है कि जहाँ 'योगी राज' है, वहाँ चोर को चोरी न करने की सजा मिले ऐसा हो ही नहीं सकता, बस एक बार पूरी घटना का प्रकरण सामने आने की देर है। इस चोरी के प्रकरण को लेकर समस्त देश में यह मांग उठ रही है कि इसमें शामिल व्यक्तियों को जल्द से जल्द पकड़कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इसी मामले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी गहरा रोष व्याप्त है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मेरठ में धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट किया।1
- मेरठ में 25 जून 2026 को बेटियां फाउंडेशन द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कैंट विधायक अमित अग्रवाल रहे। फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक डा. ज्योत्सना जैन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों की ताजपोशी करते हुए उन्हें समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और बेटियों के उत्थान के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई। साथ ही, फाउंडेशन की वार्षिक सामरिका 'बढ़ते कदम' का भी विमोचन किया गया।1
- मेरठ के मवाना थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में, एक युवक को पकड़ने आए एक दरोगा पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप सीधे उस पुलिसकर्मी पर लगाया गया है जो युवक को गिरफ्तार करने के लिए मौके पर पहुंचा था।3
- कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले, परीक्षाओं के रद्द होने, परिणामों में देरी और भर्ती प्रक्रियाओं में अड़चनों के कारण लाखों युवाओं का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पार्टी का कहना है कि इन घटनाओं ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और युवाओं का व्यवस्था पर से भरोसा कमजोर पड़ा है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए, कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही, कथित पेपर लीक नेटवर्क, इससे जुड़ी एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई गई है। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली के व्यापक ऑडिट, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और एक वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर को लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। कांग्रेस का दावा है कि हाल के वर्षों में कई परीक्षा घोटाले और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे करोड़ों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। पार्टी का मानना है कि युवाओं का भरोसा बहाल करने के लिए परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना अनिवार्य है। इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस एक 40 दिवसीय देशव्यापी अभियान चलाएगी, जो 30 जून से शुरू होकर विभिन्न शहरों में छात्र संपर्क कार्यक्रम, बैठकें और जनजागरण अभियान आयोजित करेगा। इस अभियान के तहत, 1 अगस्त को 28 शहरों में कलेक्ट्रेट घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके बाद 9 अगस्त को "दिल्ली चलो" कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों, जिसमें मेरठ भी शामिल है, में चलाया जाएगा और छात्रों, अभ्यर्थियों तथा युवाओं से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा। कांग्रेस ने छात्रों और युवाओं से इस अभियान से जुड़ने की अपील की है, इसे उनके भविष्य और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लड़ाई बताया है।3
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में थाना ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से एक महिला के कथित अपहरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। इस वायरल वीडियो को लेकर काफी चर्चा और चिंता का माहौल देखा गया था। वायरल होने के बाद, पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच की, जिसके बाद उन्होंने मामले से संबंधित तथ्यों का खुलासा किया।1
- मेरठ में लोहियानगर योजना को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है, जहाँ उन्होंने एक स्पष्ट चेतावनी जारी की है। किसानों ने कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उन्हें उनका मुआवजा और चेक वितरित नहीं किए गए, तो क्षेत्र में चल रहे किसी भी विकास कार्य को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा और सभी कार्य ठप कर दिए जाएँगे। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े मामलों का लंबे समय से कोई समाधान नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। आक्रोशित किसानों ने दृढ़ता से कहा है कि जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिलता, तब तक लोहियानगर योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों का विरोध जारी रहेगा, क्योंकि परियोजना को उचित भुगतान के बिना आगे बढ़ाया जा रहा है। इस मामले को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे किसानों की इन मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं। यदि समय रहते कोई समाधान नहीं निकलता है, तो आने वाले दिनों में लोहियानगर योजना में चल रहे विकास कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में स्थित प्रसिद्ध घंटाघर आज भी अपनी जगह पर कायम है। इसकी एक प्रमुख खासियत वह घड़ी है जिसे अंग्रेजों ने जर्मनी से लाकर यहाँ स्थापित किया था। हालांकि, यह घड़ी फिलहाल अस्त-व्यस्त और बंद हालत में है, फिर भी यह पूरा क्षेत्र आज भी घंटाघर के नाम से ही जाना जाता है। इस घंटाघर की प्रसिद्धि सन 1930 में विशेष रूप से बढ़ी थी, जब भारत आजाद नहीं हुआ था। यह वही ऐतिहासिक स्थान था जहाँ महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस ने आंदोलन की अलख जगाई और अपना पहला संबोधन दिया था। इसके बाद भी, यह स्थल अक्सर महत्वपूर्ण भाषणों और संबोधनों का केंद्र बना रहता था। आज वही इलाका इतना अस्त-व्यस्त हो चुका है कि उसके चारों तरफ भारी भीड़भाड़ और कारोबार दिखाई देता है। मेरठ शहर का यह जाना-माना प्रसिद्ध स्थल, जो कभी क्रांति का केंद्र था, आज भी लोगों के मन में यह सवाल पैदा करता है कि इसकी प्रसिद्धि का आखिर रहस्य क्या है, बावजूद इसके कि यह अब अव्यवस्था में घिरा है।1
- वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है, जिससे लगभग 1 लाख लोगों के मारे जाने की आशंका है। इन भूकंपों से कई ऊंची इमारतें जमींदोज हो गई हैं। भूकंप का केंद्र राजधानी काराकास से मात्र 16 किलोमीटर दूर होने के कारण, शहर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।1