किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में जिला पदाधिकारी के निर्देश पर सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। अंचल अधिकारी शशि कुमार द्वारा बुधवार को सभी दुकानदारों को एक सप्ताह के भीतर सड़क के दोनों ओर सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को खुद हटाने का निर्देश दिया गया था। प्रशासन के इस निर्देश के अनुपालन में गुरुवार से ही कई दुकानदारों ने अपनी-अपनी अस्थायी दुकानें और अतिक्रमित हिस्से को स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर सरकारी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाकर आवागमन को सुगम करना और यातायात व्यवस्था में सुधार लाना है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।
किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में जिला पदाधिकारी के निर्देश पर सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। अंचल अधिकारी शशि कुमार द्वारा बुधवार को सभी दुकानदारों को एक सप्ताह के भीतर सड़क के दोनों ओर सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को खुद हटाने का निर्देश दिया गया था। प्रशासन के इस निर्देश के अनुपालन में गुरुवार से ही कई दुकानदारों ने अपनी-अपनी अस्थायी दुकानें और अतिक्रमित हिस्से को स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर सरकारी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाकर आवागमन को सुगम करना और यातायात व्यवस्था में सुधार लाना है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में जिला पदाधिकारी के निर्देश पर सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। अंचल अधिकारी शशि कुमार द्वारा बुधवार को सभी दुकानदारों को एक सप्ताह के भीतर सड़क के दोनों ओर सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को खुद हटाने का निर्देश दिया गया था। प्रशासन के इस निर्देश के अनुपालन में गुरुवार से ही कई दुकानदारों ने अपनी-अपनी अस्थायी दुकानें और अतिक्रमित हिस्से को स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर सरकारी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाकर आवागमन को सुगम करना और यातायात व्यवस्था में सुधार लाना है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में जनता की बिजली संभालने वाला एक कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर शराब के नशे में पाया गया है। इस गंभीर लापरवाही का खुलासा तब हुआ जब विधायक तौसीफ आलम ने निरीक्षण किया। विधायक के इस निरीक्षण के दौरान ही ऑन-ड्यूटी शराब के नशे में धुत इस कर्मचारी की पोल खुलकर सामने आ गई।1
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आज 19वें दिन में पहुंच गई है, लेकिन सरकार अब तक चुप्पी साधे हुए है। लद्दाख विरोध प्रदर्शन और जलवायु सुरक्षा की मांग को लेकर जारी इस आंदोलन में अब सीधे तौर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर सरकार कब जागेगी? लद्दाख को बचाने और वहां के लोगों को न्याय दिलाने के लिए सोनम वांगचुक लगातार अनशन पर डटे हुए हैं और उनके इस संघर्ष को भारी समर्थन मिल रहा है, फिर भी सरकार की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है।1
- अररिया जिला बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष अधिवक्ता मो मसूद आलम बने हैं। वह इस एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।1
- Post by Dilshad Khan1
- बिहार के अररिया जिले के कुरसाकांटा में एआईटेक इनोवेशन स्मार्ट क्लासेस (AItech Innovation Smart Classes) का संचालन किया जा रहा है।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय परिसर में आयोजित भारतीय नागरिकता आवेदन शिविर से नेपाल मूल की कई विवाहित महिलाओं को बिना आवेदन जमा किए ही वापस लौटना पड़ा। बुधवार को आयोजित इस शिविर में भारत में विवाह के बाद रह रही नेपाल मूल की उमा देवी, रेखा देवी, मालती देवी, बसंती देवी, ज्ञानी देवी, गीता देवी और ललिता देवी समेत कई महिलाएं नागरिकता के लिए आवेदन करने की उम्मीद से पहुंची थीं। घंटों इंतजार करने के बाद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि विवाह का निबंधन होने के बाद ही नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी और उसके बाद ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। आवश्यक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इन महिलाओं को भारी निराशा के साथ वापस लौटना पड़ा। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने आवेदकों को जानकारी दी कि भारतीय नागरिकता के ऑनलाइन आवेदन से पहले विवाह निबंधन सहित सभी निर्धारित दस्तावेजों का पूरा होना अनिवार्य है और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी। इस परेशानी को देखते हुए महिलाओं ने मांग की है कि भविष्य में आयोजित होने वाले शिविरों से पहले आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता से जुड़ी जानकारी को व्यापक रूप से सार्वजनिक किया जाए, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।2
- बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में एक भीषण सड़क हादसा होने की खबर सामने आ रही है। इस पूरे मामले को लेकर लोगों से पूरी रिपोर्ट देखने की अपील की जा रही है और यह खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।1