प्रयागराज के यमुनानगर स्थित करछना तहसील के अंतर्गत घुरपुर थाना की करमा चौकी क्षेत्र के हथिगनी गांव में कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के समीप तालाबों और अन्य स्थलों पर हर शाम ढलते ही जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई शुरू हो जाती है, जो देर रात तक लगातार जारी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है। उनका दावा है कि तालाबों की खुदाई के नाम पर निकाली गई मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से आसपास के गांवों में बेचा जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह खनन कार्य मुख्य रूप से शाम के समय किया जाता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भारी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की निरंतर आवाजाही से गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, और उड़ती धूल से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, तालाबों की संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और भविष्य में जल संरक्षण पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका भी जताई गई है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनन कार्य करने वाले लोगों को कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त है। उनका मानना है कि यदि संबंधित विभागों द्वारा समय रहते कार्रवाई की जाती, तो इस तरह खुलेआम मिट्टी की खुदाई संभव नहीं हो पाती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस समाचार को लिखे जाने तक, संबंधित विभागों का पक्ष सामने नहीं आ सका था।
प्रयागराज के यमुनानगर स्थित करछना तहसील के अंतर्गत घुरपुर थाना की करमा चौकी क्षेत्र के हथिगनी गांव में कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के समीप तालाबों और अन्य स्थलों पर हर शाम ढलते ही जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई शुरू हो जाती है, जो देर रात तक लगातार जारी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है। उनका दावा है कि तालाबों की खुदाई के नाम पर निकाली गई मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से आसपास के गांवों में बेचा जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह खनन कार्य मुख्य रूप से शाम के समय किया जाता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भारी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की निरंतर आवाजाही से गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, और उड़ती धूल से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, तालाबों की संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और भविष्य में जल संरक्षण पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका भी जताई गई है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनन कार्य करने वाले लोगों को कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त है। उनका मानना है कि यदि संबंधित विभागों द्वारा समय रहते कार्रवाई की जाती, तो इस तरह खुलेआम मिट्टी की खुदाई संभव नहीं हो पाती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस समाचार को लिखे जाने तक, संबंधित विभागों का पक्ष सामने नहीं आ सका था।
- इटावा में एक अज्ञात व्यक्ति ने लोगों से अपील की है कि वे उनका साथ दें जो जनता के लिए संघर्ष करते हैं। उनका कहना है कि अगर उन्हें जनता का सहयोग मिले, तो वे शहर की मौजूदा तस्वीर को पूरी तरह से बदल सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में स्वास्थ्य महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कानपुर विजिलेंस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इटावा के ACMO श्री निवास यादव, जिन्हें डिप्टी सीएमओ भी बताया गया है, उन्हें पैथोलॉजी रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹55,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।1
- इटावा में विजिलेंस की टीम ने डिप्टी सीएमओ श्रीनिवास यादव को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीएमओ कार्यालय में की गई, जहाँ डिप्टी सीएमओ श्रीनिवास यादव को एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद, विजिलेंस टीम डिप्टी सीएमओ को लेकर थाना सिविल लाइन पहुंची।2
- जनपद इटावा में बुधवार को आई तेज़ आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई, खासकर फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में स्थित दिव्यांशी हॉस्पिटल के बाहर हड़कंप मच गया। तेज़ हवाओं के कारण हॉस्पिटल का एक टीन शेड अचानक उखड़कर हवा में उड़ गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय एक महिला वहीं से गुज़र रही थी और गनीमत रही कि उसने समय रहते सतर्कता दिखाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उड़ता हुआ टीन शेड महिला के बेहद करीब से गिरा और वह बाल-बाल बच गई। लोगों का कहना है कि अगर कुछ सेकंड की देरी हो जाती तो महिला की जान जा सकती थी। तेज़ हवाओं के कारण इटावा के इस क्षेत्र में कई अन्य स्थानों पर भी पेड़, होर्डिंग और अन्य टीन शेड क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों और अस्पतालों के बाहर लगे कमजोर टीन शेड और अस्थायी ढांचों की तुरंत जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।1
- सोशल मीडिया पर ग्वालियर के एक प्रेमी युगल का एक भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक और युवती अपने भविष्य तथा घर छोड़ने के फैसले को लेकर गहरी चिंता और भावनात्मक उथल-पुथल में दिख रहे हैं। वीडियो में युवक सेल्फी मोड में रिकॉर्डिंग कर रहा है, जबकि युवती उसके कंधे से लगकर लगातार रो रही है। वह अपने इस कदम पर पछताते हुए कहती है कि उनके घर छोड़कर आने से परिवार वाले बहुत दुखी होंगे। युवक उसे यह कहकर समझाने का प्रयास करता है कि यदि वे ऐसा नहीं करते, तो परिवार उन्हें कभी एक साथ रहने की अनुमति नहीं देता। इसके जवाब में, युवती भावुक होकर कहती है कि शायद परिवार उनके भले के लिए ही ऐसी बात कह रहा होगा। बातचीत के दौरान, दोनों के चेहरे पर भविष्य को लेकर स्पष्ट चिंता दिखाई देती है, जहाँ युवक नौकरी तलाशने, मेहनत करने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की बात करता है। वहीं, युवती की बातों से यह आभास होता है कि घर छोड़ने के बाद उसे परिवार की चिंता और जिम्मेदारियों का एहसास होने लगा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो के समय और स्थान की पुष्टि नहीं हो सकी है, और न ही वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हुई है। यह वीडियो युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश छोड़ता है कि भावनाओं में लिए गए बड़े फैसले वास्तविक जीवन की चुनौतियों से सीधे जुड़े होते हैं। घर छोड़ने के बाद केवल साथ होना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि रोजगार, रहने की व्यवस्था, आर्थिक सुरक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कठिन संघर्ष करना पड़ता है। इसलिए, किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले उसके सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करना अत्यंत आवश्यक है।1
- जसवंतनगर के कैस्त गाँव में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ 70 वर्षीय जवाहरलाल, पुत्र सरमन लाल, की खेत में काम करते समय तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह अपने खेत में मूंग की फसल से फलियां तोड़ रहे थे, तभी उन्हें अत्यधिक गर्मी और सीने में जलन महसूस हुई, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने जवाहरलाल को तुरंत घर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनका निधन हो गया था और अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉ. वीरेंद्र सिंह के अनुसार, प्रथम दृष्टया अधिक गर्मी लगने के कारण हार्ट अटैक आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक के बड़े पुत्र निरंजन सिंह (45) ने बताया कि उनके पिता खेती-किसानी का काम करते थे। परिवार में उनकी पत्नी मुन्नी देवी और छोटे पुत्र हर प्रसाद (25) हैं, जो निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, साथ ही जवाहरलाल की चार विवाहित बहनें भी हैं। इस घटना के बाद से मुन्नी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस दुखद घटना को देखते हुए ग्रामीणों ने भीषण गर्मी में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।1
- मेरठ के पत्रकार कुलदीप भारद्वाज ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय न मिलने की स्थिति में आत्मदाह की चेतावनी दी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने खुद पर डीजल डाल लिया और यह गंभीर कदम उठाने की बात कही, जिससे वहां हड़कंप मच गया। कुलदीप भारद्वाज का आरोप है कि स्थानीय खनन माफियाओं ने उन्हें लगभग चार घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने का प्रयास भी किया गया। पीड़ित पत्रकार ने बताया कि जब वह इस घटना के बाद न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचे, तो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया। पुलिस की इस कथित निष्क्रियता के कारण ही उन्होंने बेबस और लाचार होकर आत्मदाह जैसा चरम कदम उठाने की धमकी दी है। भारद्वाज ने सवाल उठाया है कि अगर समाज की आवाज उठाने वाले एक पत्रकार को ही न्याय के लिए ऐसी दयनीय स्थिति में पहुंचना पड़े, तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी। उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित पत्रकार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जहाँ विजयनगर रोड पर स्थित दिव्यांशी हॉस्पिटल के पास एक बड़ा हादसा टल गया। बताया गया कि तेज आंधी इतनी भीषण थी कि एक लोहे की चादर उड़कर सड़क पर आ गई और वहाँ से गुज़र रही एक महिला के बेहद क़रीब से निकली। गनीमत रही कि महिला चमत्कारिक रूप से बच गई, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना का खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग मौसम के ऐसे दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।1