बनई पंचायत में विजयादशमी पर निभाई गई वर्षों पुरानी परंपरा, कड़ा बलि के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान गुमला के बसिया प्रखंड के बनई पंचायत अंतर्गत खास बनई में विजयादशमी के पावन अवसर पर वर्षों से चली आ रही पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया। इस अवसर पर परंपरा के अनुसार कड़ा बलि दी गई। धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ा यह आयोजन स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। विजयादशमी के अवसर पर क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। लोगों ने अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। बानई पंचायत में वर्षों से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र की लोक-संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं को दर्शाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी परंपराएं समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं। विजयादशमी के मौके पर आयोजित इस अनुष्ठान के माध्यम से लोगों ने अपनी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया।
बनई पंचायत में विजयादशमी पर निभाई गई वर्षों पुरानी परंपरा, कड़ा बलि के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान गुमला के बसिया प्रखंड के बनई पंचायत अंतर्गत खास बनई में विजयादशमी के पावन अवसर पर वर्षों से चली आ रही पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया। इस अवसर पर परंपरा के अनुसार कड़ा बलि दी गई। धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ा यह आयोजन स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। विजयादशमी के अवसर पर क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। लोगों ने अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। बानई पंचायत में वर्षों से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र की लोक-संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं को दर्शाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी परंपराएं समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं। विजयादशमी के मौके पर आयोजित इस अनुष्ठान के माध्यम से लोगों ने अपनी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया।
- सिसई : सिसई में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, उमड़ा जनसैलाब 1982 में महज 85 रुपये के बजट से शुरू हुई परंपरा आज बनी भव्य जन - उत्सव; आतिशबाजी और आकर्षक आयोजन ने मोहा मन सिसई (गुमला)। विजयादशमी के अवसर पर जागृति युवा क्लब रावण दहन समिति, सिसई के तत्वावधान में प्रखंड मुख्यालय स्थित रावण दहन मैदान में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक इस आयोजन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। भव्य आतिशबाजी और उत्सवी माहौल ने कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव एवं जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा शामिल हुए। वहीं विशिष्ट अतिथियों में हिंदू जागरण मंच के पूर्व प्रदेश परावर्तन प्रमुख सह समाजसेवी संजय वर्मा, जिला परिषद सदस्य विजयलक्ष्मी कुमारी, अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव, पूर्व सांसद प्रतिनिधि निरंजन सिंह, पूर्व प्रधानाध्यापक पीतांबर झा, समाजसेवी भगवान दास अग्रवाल, पंचायत समिति सदस्य सुनीता देवी, भदौली पंचायत की मुखिया अल्बिना देवी तथा बरगांव उत्तरी पंचायत की मुखिया सुनीता कुमारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। *आतिशबाजी ने बांधा समां, मेले जैसा रहा माहौल* कार्यक्रम की शुरुआत रंग-बिरंगी आतिशबाजी से हुई। आसमान में बिखरती रोशनी और रावण दहन को देखने के लिए मैदान में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों के लिए खिलौनों की दुकानें तथा खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए गए थे। लोगों ने उत्सवी माहौल में खरीदारी और व्यंजनों का आनंद लिया। *85 रुपये से शुरू हुई परंपरा, अब बना जन-उत्सव* सिसई के रावण दहन आयोजन का इतिहास वर्ष 1982 से जुड़ा है। स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसकी शुरुआत महज 85 रुपये के बजट से हुई थी। समय के साथ यह परंपरा भव्य आयोजन का रूप ले चुकी है। अब सिसई के अलावा भरनो और बसिया प्रखंड से भी बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचते हैं। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्र की सामाजिक एकजुटता, आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का माध्यम बन गया है। *सुरक्षा और पार्किंग के किए गए इंतजाम* कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। सिसई थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। वहीं, दूर-दराज से आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग के लिए पुराने और नए प्रखंड कार्यालय परिसर में व्यवस्था की गई थी। आयोजन की सफलता में जागृति युवा क्लब रावण दहन समिति के अध्यक्ष राहुल सिंह, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, पंकज साहू, रोहित शर्मा, विक्रम ताम्रकर, छोटेलाल ताम्रकर, रोहित घंटी, आशीष यादव, बसंत जायसवाल, रामानंद सिंह सहित समिति के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का योगदान रहा।4
- बनई पंचायत में विजयादशमी पर निभाई गई वर्षों पुरानी परंपरा, कड़ा बलि के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान गुमला के बसिया प्रखंड के बनई पंचायत अंतर्गत खास बनई में विजयादशमी के पावन अवसर पर वर्षों से चली आ रही पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया। इस अवसर पर परंपरा के अनुसार कड़ा बलि दी गई। धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ा यह आयोजन स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। विजयादशमी के अवसर पर क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। लोगों ने अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। बानई पंचायत में वर्षों से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र की लोक-संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं को दर्शाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी परंपराएं समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं। विजयादशमी के मौके पर आयोजित इस अनुष्ठान के माध्यम से लोगों ने अपनी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया।1
- भरनो में दुर्गा माता की प्रतिमा का किया गया नम आंखों से विसर्जन। *भरनो(गुमला)*:- प्रखण्ड मुख्यालय के सभी पूजा समितियों द्वारा बुधवार की देर शाम में दुर्गा पूजा पर जगत जननी माता दुर्गा जी का प्रतिमा का विषर्जन नम आँखो से भक्तो ने विदाई दी।भरनो प्रखण्ड में दुर्गा पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ और माँ की प्रतिमाओ का विसर्जन विधि -विधान से किया गया।जहां सभी पूजा समितियों के सदस्यों ने पुरे गांव में माँ की प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली,जो विभिन्न चौराहों में घूमने के बाद बस्ती स्थित तालाब पहुँची।भरनो में थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर मंटू चौधरी सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने शोभायात्रा में विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए के लिए बस्ती स्थित तालाब तक जाकर पूजा समिति के सदस्यों को समय पर प्रतिमा विसर्जन करावाया।जिसमें बस्ती विष्णु मंदिर स्थित पूजा समिति,हरिजन मुहल्ला स्थित श्रीदुर्गा मंदिर पूजा समिति,ब्लॉक चौक शक्ति क्लब दुर्गा पूजा समिति,स्कूल चौक शिवपुरी दुर्गा पूजा समिति के द्वारा प्रतिमा विसर्जन किया गया,जहाँ विधिवत आचार्य अवधेश मिश्रा एवं आचार्य नीतीश मिश्रा,सुदर्शन मिश्रा,गौतम मिश्रा पुरोहितो द्वारा मन्त्र उच्चारण के साथ माँ का जयकारे के साथ प्रतिमा विसर्जन किया गया।प्रतिमा विर्सजन के मौके पर हर कोई माँ के अंतिम दर्शन को बेताब दिख रहे थे,और नम आँखों से माँ को विदाई दी गयी।इस शोभायात्रा सह प्रतिमा विसर्जन को सफल बनाने में सभी पूजा समिति के सदस्यों ने अपनी अपनी योगदान दिया।इससे पूर्व सभी पूजा पंडालों में महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाया,और अभिभावकों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।1
- रांची के हरमू में नम आंखों से भक्तों ने दी मां दुर्गा को विदाई, विजया दशमी पर हुआ प्रतिमा विसर्जन रांची: शक्ति की आराधना का महापर्व दुर्गा पूजा इस वर्ष हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल के साथ संपन्न हो गया। रांची के हरमू क्षेत्र में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को विधि-विधान और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इसके साथ ही अगले साल फिर आने का संकल्प लेते हुए भक्तों ने अपनी आराध्य को नम आंखों से विदाई दी। नौ दिनों तक गूंजे मां के जयकारे पंचांग के अनुसार, इस वर्ष दुर्गा पूजा का शुभारंभ 11 अक्टूबर 2026 को कलश स्थापना और मां के पहले रूप मां शैलपुत्री की आराधना के साथ हुआ था। इसके बाद लगातार नौ दिनों तक हरमू समेत पूरे रांची शहर के पूजा पंडालों में मां के अलग-अलग नौ स्वरूपों—ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की विशेष पूजा-अर्चना की गई। दशमी तिथि यानी 20 अक्टूबर तक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन और महाआरती का लाभ उठाया। हरमू थाना क्षेत्र में दिखा विशेष उत्साह विसर्जन के दिन हरमू थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। 'शुभ विजया' की शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के बीच सिंदूर खेला की परंपरा भी निभाई गई, जहां सुहागिन महिलाओं ने मां को सिंदूर अर्पित कर सुखद वैवाहिक जीवन और लोक-कल्याण की कामना की। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की थाप और 'मां दुर्गा अमर रहें' व 'आ रहा है साल, फिर आना मैया' के जयकारों के साथ नम आंखों से विसर्जन यात्रा निकाली गई। शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हुआ विसर्जन विसर्जन जुलूस के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरमू थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से तय मार्ग और नियमों के अनुसार ही निर्धारित जलाशयों में प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रकार, मां दुर्गा के इस पावन पर्व ने एक बार फिर आपसी भाईचारे, संस्कृति और अटूट आस्था की अनूठी मिसाल पेश करते हुए शहरवासियों के दिलों में अमिट छाप छोड़ दी है।1
- भरनो में भव्य डांडिया नाइट शो भाग लेने वाले लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया1
- एक तरफ रावण दहन का उल्लास, तो दूसरी तरफ मां की विदाई से गमगीन हुआ पूरा गुमला!1
- सिसई के रावण दहन मैदान और मुर्गू में हुआ रावण दहन, देखने उमड़ी लोगों की भीड़ सिसई के रावण दहन मैदान और मुर्गू में हुआ रावण दहन, देखने उमड़ी लोगों की भीड़। सिसई प्रखंड क्षेत्र के रावण दहन मैदान और मुर्गू में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे। रावण दहन को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान मैदान में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रावण दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर लोगों ने आपसी भाईचारे, शांति और सद्भाव के साथ त्योहार मनाया। दोनों स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा।1
- गुमला में रावण दहन पर उमड़ा जनसैलाब, भीड़ ने तोड़े सारे रिकॉर्ड!1