खुंटी जिला के मुरहू संच में पर्यावरण दिवस के अवसर पर एकल अभियान के तत्वावधान में एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा एक प्रभात फेरी के साथ हुई, जिसमें वे बैनर लेकर गली-मोहल्लों से गुजरे और 'पौधारोपण करें, पर्यावरण बचाएं, हरियाली लाएं, धरती बचाएं, पालीथीन बंद करो, प्रदूषित धुंआ से बचें, कचरें को सही जगह डालें' जैसे नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान, संच अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने गुरमी गांव में समिति, आचार्यगण और छात्रों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि धरती को बचाने के लिए पेड़ों का होना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. तिवारी ने बढ़ती हुई प्रदूषण की समस्या पर चिंता व्यक्त की, जिससे जल संकट, भीषण गर्मी और विभिन्न बीमारियाँ बढ़ रही हैं। उन्होंने कल-कारखानों के धुंए, जहरीले केमिकल, मोटर-गाड़ियों के प्रदूषण और कचरें को यत्र-तत्र फेंकने जैसी गतिविधियों को बंद करने का आह्वान किया। समिति ने पाँच हजार से अधिक पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत प्रत्येक गांव में पचास से सौ पेड़ लगाने की योजना है। इस कार्यक्रम में संच प्रशिक्षक महेंद्र नाग और ध्रुवेन्द्र भास्कर, आचार्या सुधा कुमारी, मनीषा कुमारी, रेमा कुमारी, अनिता देवी, कलावती देवी, अरुणा देवी, दुलारी देवी सहित कई भैया-बहन (छात्र-छात्राएँ) उपस्थित थे।
खुंटी जिला के मुरहू संच में पर्यावरण दिवस के अवसर पर एकल अभियान के तत्वावधान में एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा एक प्रभात फेरी के साथ हुई, जिसमें वे बैनर लेकर गली-मोहल्लों से गुजरे और 'पौधारोपण करें, पर्यावरण बचाएं, हरियाली लाएं, धरती बचाएं, पालीथीन बंद करो, प्रदूषित धुंआ से बचें, कचरें को सही जगह डालें' जैसे नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान, संच अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने गुरमी गांव में समिति, आचार्यगण और छात्रों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि धरती को बचाने के लिए पेड़ों का होना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. तिवारी ने बढ़ती हुई प्रदूषण की समस्या पर चिंता व्यक्त की, जिससे जल संकट, भीषण गर्मी और विभिन्न बीमारियाँ बढ़ रही हैं। उन्होंने कल-कारखानों के धुंए, जहरीले केमिकल, मोटर-गाड़ियों के प्रदूषण और कचरें को यत्र-तत्र फेंकने जैसी गतिविधियों को बंद करने का आह्वान किया। समिति ने पाँच हजार से अधिक पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत प्रत्येक गांव में पचास से सौ पेड़ लगाने की योजना है। इस कार्यक्रम में संच प्रशिक्षक महेंद्र नाग और ध्रुवेन्द्र भास्कर, आचार्या सुधा कुमारी, मनीषा कुमारी, रेमा कुमारी, अनिता देवी, कलावती देवी, अरुणा देवी, दुलारी देवी सहित कई भैया-बहन (छात्र-छात्राएँ) उपस्थित थे।
- खुंटी जिला के मुरहू संच में पर्यावरण दिवस के अवसर पर एकल अभियान के तत्वावधान में एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा एक प्रभात फेरी के साथ हुई, जिसमें वे बैनर लेकर गली-मोहल्लों से गुजरे और 'पौधारोपण करें, पर्यावरण बचाएं, हरियाली लाएं, धरती बचाएं, पालीथीन बंद करो, प्रदूषित धुंआ से बचें, कचरें को सही जगह डालें' जैसे नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान, संच अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने गुरमी गांव में समिति, आचार्यगण और छात्रों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि धरती को बचाने के लिए पेड़ों का होना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. तिवारी ने बढ़ती हुई प्रदूषण की समस्या पर चिंता व्यक्त की, जिससे जल संकट, भीषण गर्मी और विभिन्न बीमारियाँ बढ़ रही हैं। उन्होंने कल-कारखानों के धुंए, जहरीले केमिकल, मोटर-गाड़ियों के प्रदूषण और कचरें को यत्र-तत्र फेंकने जैसी गतिविधियों को बंद करने का आह्वान किया। समिति ने पाँच हजार से अधिक पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत प्रत्येक गांव में पचास से सौ पेड़ लगाने की योजना है। इस कार्यक्रम में संच प्रशिक्षक महेंद्र नाग और ध्रुवेन्द्र भास्कर, आचार्या सुधा कुमारी, मनीषा कुमारी, रेमा कुमारी, अनिता देवी, कलावती देवी, अरुणा देवी, दुलारी देवी सहित कई भैया-बहन (छात्र-छात्राएँ) उपस्थित थे।1
- कल्याणी से कोलकाता जाने के लिए अब एक नया शॉर्टकट मार्ग उपलब्ध है। यह मार्ग कल्याणी कचरापाड़ा रोड के माध्यम से है, जिसमें कल्याणी में बना एक नया ब्रिज शामिल है। यह नया ब्रिज कोलकाता तक पहुँचने का एक सीधा और तेज़ रास्ता प्रदान करता है।1
- झारखंड की राजधानी रांची में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समाज ने जनगणना 2026 में अपने लिए एक अलग कॉलम की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि ओबीसी समुदाय को 'अन्य' श्रेणी में रखना अस्वीकार्य है और जनगणना के दौरान उनकी एक विशिष्ट पहचान दर्ज की जानी चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, 'हम अन्य नहीं, हम ओबीसी हैं' और 'ओबीसी एकता जिंदाबाद' जैसे शक्तिशाली नारों से पूरा माहौल गूंज उठा, जो ओबीसी समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय की दिशा में उनकी दृढ़ एकता को दर्शाता है। यह प्रदर्शन ओबीसी समाज की प्रमुख मांगों में से एक है।1
- रांची में सिकिदरी के गुप्त झरने की ओर जाने वाले खतरनाक घाटी मार्ग पर एक ट्रक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया है। यह मार्ग अपनी जोखिम भरी बनावट के लिए जाना जाता है, और इसी पर यह दुर्घटना घटी है।1
- झारखंड में सरना और सनातन को लेकर बहस काफी तेज हो गई है, जिसने राज्य में सामाजिक चर्चा को गरमा दिया है। यह विवाद इस महत्वपूर्ण प्रश्न को उठा रहा है कि क्या यह सिर्फ धर्म से जुड़ा मुद्दा है, या इसमें आदिवासी समाज की पहचान और परंपरा का भी गहरा सवाल छिपा है। आदिवासी समाज, सरना आस्था और सनातन के संदर्भ में उठ रहे इन विभिन्न सवालों को समझना अत्यंत आवश्यक है। इस पूरे विवाद की जमीनी हकीकत को जानने के लिए देवानंद की रिपोर्ट देखना महत्वपूर्ण है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, भारतीय जनता पार्टी ठाकुरगांव मंडल ने आज शुक्रवार को चकमें पंचायत भवन और दुर्गा मंडप परिसर में बड़े उत्साह के साथ एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान 'एक पेड़ माँ के नाम' और 'पेड़ लगाएं, पर्यावरण बचाएं' जैसे प्रेरक नारों के साथ, मंडल के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता हरित भविष्य के लिए एकजुट होकर संकल्पित हुए। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष संतोष यादव ने वृक्षों को जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए समुदाय स्तर पर व्यापक पौधारोपण अनिवार्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी सिंचाई और संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा, ताकि वे बढ़कर आने वाली पीढ़ियों के लिए छांव और जीवनदायिनी बन सकें। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जागरण और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। सभी कार्यकर्ताओं ने पौधों की देखभाल करने और आसपास के लोगों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा स्थानीय प्रतिनिधि तपेश्वर मिश्रा, दिवाकर साहू, प्रकाश साहू, मुखिया रामवृत मुंडा, वरिष्ठ समाजसेवी प्रोफेसर वीरेंद्र साहू, प्रभात कुमार, मनोज कुमार यादव, ननकु महतो, बलदेव पहान, कुलदीप यादव, आनन्द यादव, शम्भू यादव, सुरज मूंड़ा, शैलेश लोहार, मनोज साहु सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मंडा पूजा समिति ने भी कार्यक्रम में सक्रिय योगदान दिया। भाजपा ठाकुरगांव मंडल ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पेड़ लगाकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाएं। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल वातावरण को हरा-भरा बनाएंगे बल्कि समाज में जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ाएंगे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक पौधारोपण और पौधों की जिम्मेदारी लेने की शपथ के साथ हुआ, जिसके माध्यम से भाजपा ठाकुरगांव मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड के उमेडंडा में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का महापर्व भक्तिमय माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस धार्मिक आयोजन के दौरान, भोक्ताओं ने कठिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की और दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी अटूट श्रद्धा एवं शिवभक्ति का परिचय दिया। पूरे आयोजन स्थल पर “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। दूर-दूर से मेला देखने आए श्रद्धालुओं ने मंडा पूजा की इस अनूठी परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ देखा, वहीं कमेटी द्वारा दर्शकों और श्रद्धालुओं के लिए रात्रि में रंगारंग नागपुरी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। इस दो दिवसीय आयोजन का मुख्य आकर्षण गुरुवार को हुआ झूलन कार्यक्रम रहा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे भोक्ताओं ने ऊँचे लठ के सहारे झूलते हुए नीचे खड़े श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए, जिन्हें लेने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। आस्था, परंपरा और भक्ति का अद्भुत संगम कही जाने वाली इस मंडा पूजा के दो दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में मंडा पूजा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके साथ ही यह महापर्व झूलन कार्यक्रम के साथ संपन्न हो गया।3
- आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर खुंटी में पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस लाइन में एक व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके दीर्घकालिक संरक्षण का संकल्प भी दिलाया, जिससे प्रकृति के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश स्पष्ट हुआ। कार्यक्रम में पुलिस लाइन परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारियों, जवानों और कर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाना, हरित एवं स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देना और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से प्रकृति संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश देना था। खुंटी पुलिस ने दोहराया कि वह पर्यावरण संरक्षण और 'हरित खुंटी' के निर्माण के लिए निरंतर जन-जागरूकता और वृक्षारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।1