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मैनपुरी जिले के कुरावली थाना क्षेत्र के सोनाई पोस्ट के अंतर्गत आने वाले राजलपुर गांव के ग्राम समाज ने एसडीएम साहब से एक विशेष अनुरोध किया है। ग्राम समाज ने एसडीएम साहब से यह सुनिश्चित करने की कृपा करने का आग्रह किया है कि 'ताल तक' किसी चीज को हटवाया जाए। उन्होंने इस कार्रवाई को अपनी महान कृपा बताते हुए इसे गांव की ओर से किया गया एक विनम्र निवेदन बताया है।
Vikas Gautam
मैनपुरी जिले के कुरावली थाना क्षेत्र के सोनाई पोस्ट के अंतर्गत आने वाले राजलपुर गांव के ग्राम समाज ने एसडीएम साहब से एक विशेष अनुरोध किया है। ग्राम समाज ने एसडीएम साहब से यह सुनिश्चित करने की कृपा करने का आग्रह किया है कि 'ताल तक' किसी चीज को हटवाया जाए। उन्होंने इस कार्रवाई को अपनी महान कृपा बताते हुए इसे गांव की ओर से किया गया एक विनम्र निवेदन बताया है।
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- मैनपुरी जिले के कुरावली थाना क्षेत्र के सोनाई पोस्ट के अंतर्गत आने वाले राजलपुर गांव के ग्राम समाज ने एसडीएम साहब से एक विशेष अनुरोध किया है। ग्राम समाज ने एसडीएम साहब से यह सुनिश्चित करने की कृपा करने का आग्रह किया है कि 'ताल तक' किसी चीज को हटवाया जाए। उन्होंने इस कार्रवाई को अपनी महान कृपा बताते हुए इसे गांव की ओर से किया गया एक विनम्र निवेदन बताया है।3
- मैनपुरी में कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ ने रविवार को एक पत्रकार वार्ता में केंद्र की भाजपा सरकार पर युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का भविष्य तय करने वाले युवा और छात्र वर्तमान में खुद को लाचार और बेबस महसूस कर रहे हैं। कुलश्रेष्ठ ने केंद्र सरकार पर वर्ष 2014 से अब तक देशभर में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं के लगभग 90 से 93 पेपर लीक होने का आरोप लगाया, जिससे करोड़ों युवाओं और छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शिक्षा माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र महंगी शिक्षा व्यवस्था से जूझ रहे हैं, जहां अधिकांश शिक्षा ऋण लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। रोजगार न मिलने की आशंका और ऋण चुकाने की चिंता के कारण युवाओं में तनाव बढ़ रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर सरकारी स्कूलों की उपेक्षा कर शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। गोपाल कुलश्रेष्ठ ने निजी स्कूलों द्वारा कथित मनमानी फीस वसूली के मुद्दे को भी उठाया, जिससे अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ ने स्पष्ट किया कि पार्टी छात्रों और युवाओं की आवाज को दबने नहीं देगी और उनके साथ हो रहे अन्याय तथा अत्याचार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी।1
- कवि कुमार विश्वास ने बिहार में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि क्या भरत तिवारी कोई आतंकवादी कसाब से भी ज्यादा खतरनाक था कि उस पर गोली चला दी गई। विश्वास ने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी आरोपी से खतरा था भी, तो क्या उसका एकमात्र जवाब गोली मारना ही था? गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर पहले दिन से ही विवादों में घिरा हुआ है। मृतक के परिजन और ग्रामीण लगातार इस घटना को फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं। बढ़ते विवाद के मद्देनजर, बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस जांच के परिणामों पर टिकी हैं कि सच्चाई क्या सामने आती है।1
- एटा शहर के परशुराम चौक पर स्थापित भगवान परशुराम के प्रतीक फरसा और धनुष का ढांचा, जिसका अभी लोकार्पण भी नहीं हुआ था, देर रात धराशायी हो गया। इस घटना को लेकर शहर में खासी चर्चा है और नगर पालिका द्वारा कराए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात चली हल्की हवा के दौरान यह फरसा और धनुष का ढांचा गिर गया। हालांकि, कुछ लोगों ने यह आशंका भी जताई है कि अज्ञात चोरों ने इसे काटने का प्रयास किया होगा, जिसके चलते यह घटना हुई। सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलने पर ब्राह्मण समाज के दिलीप पचोरी 'बिट्टू' सहित कई लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप होता तो हल्की हवा में इतनी बड़ी संरचना नहीं गिरती। यदि चोरी के प्रयास की बात सही है, तो यह शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना निर्माण में लापरवाही का नतीजा थी या किसी शरारती तत्व की करतूत।1
- उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले ने राज्य की ग्रामीण राजनीति में भूचाल ला दिया है। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में ग्राम प्रधानों को उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने से साफ इनकार कर दिया है। इस न्यायिक 'चक्रव्यूह' को तोड़ने के लिए, योगी सरकार ने अपना 'प्लान-बी' तैयार कर लिया है और अगले हफ्ते डबल बेंच का रुख करने वाली है। इसके साथ ही, यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या ओबीसी (OBC) आरक्षण सर्वे के कारण चुनाव नवंबर तक टाले जा सकते हैं, और क्या 13 जुलाई को चुनाव की तारीखें घोषित की जाएंगी। इस पूरे घटनाक्रम की 'इनसाइड स्टोरी' को सीधे और साफ शब्दों में प्रस्तुत किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के हाथरस में लगभग ₹548 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इसी अवसर पर, सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि आस्था वास्तव में महत्वपूर्ण है, तो उन्हें राम मंदिर आंदोलन की तरह ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए भी आगे आना चाहिए और साथ देना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद, प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। अब यह देखना होगा कि विपक्ष इस गंभीर चुनौती का क्या जवाब देता है, और क्या यह बयान महज एक राजनीतिक पैंतरा है या इसके पीछे कोई बड़ा वैचारिक संदेश छिपा है।1
- मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के मद्दापुर खास गांव निवासी शिल्पी (पत्नी सुमित, पुत्रवधू बेचेलाल शाक्य) की रविवार रात अचानक पेट में तेज दर्द होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने फर्रुखाबाद रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम पर गलत इलाज का आरोप लगाया है, जिससे उनकी तबीयत और बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, हालत गंभीर होने पर शिल्पी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बेवर ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिल्पी की शादी करीब दो माह पहले ही हुई थी और वह लगभग दो माह की गर्भवती भी थीं। नवविवाहिता की इस असमय मौत से परिवार में गहरा कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए जांच प्रारंभ कर दी है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि निजी नर्सिंग होम पर गलत इलाज के आरोप परिजनों द्वारा लगाए गए हैं, जिनकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच और चिकित्सकीय/पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।3