गंगापुर सिटी के कुशालगढ़ में भारत विकास परिषद, शाखा कुशालगढ़ गंगापुर सिटी के तत्वावधान में रविवार को गर्वमेंट हॉस्पीटल के ब्लड बैंक में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। दोपहर 2 बजे तक इस शिविर में करीब 42 यूनिट रक्त का सफलतापूर्वक संग्रहण किया जा चुका था। इस अवसर पर गर्वमेंट हॉस्पीटल के पीएमओ डॉ. विजेन्द्र गुप्ता ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रक्तदान से किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती, बल्कि नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। उन्होंने युवाओं और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करके जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने का आह्वान किया। परिषद के अध्यक्ष आनंद पेंगोरिया, सचिव विमल चंद जैन, कोषाध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, गतिविधि संयोजक सेवा राजेन्द्र कुमार मोदी, तथा कार्यक्रम संयोजक विकास अग्रवाल ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसूता महिलाओं और थैलेसीमिया सहित अन्य मरीजों के उपचार के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम के सहसंयोजक अशोक गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल एमआर, कृष्ण कुमार सिंघल और राहुल शर्मा पहलवान ने भी परिषद के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए शहरवासियों से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, बल्कि यह केवल मनुष्य के शरीर में ही बनता है, जिससे रक्तदान कर किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।
गंगापुर सिटी के कुशालगढ़ में भारत विकास परिषद, शाखा कुशालगढ़ गंगापुर सिटी के तत्वावधान में रविवार को गर्वमेंट हॉस्पीटल के ब्लड बैंक में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। दोपहर 2 बजे तक इस शिविर में करीब 42 यूनिट रक्त का सफलतापूर्वक संग्रहण किया जा चुका था। इस अवसर पर गर्वमेंट हॉस्पीटल के पीएमओ डॉ. विजेन्द्र गुप्ता ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रक्तदान से किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती, बल्कि नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। उन्होंने युवाओं और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करके जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने का आह्वान किया। परिषद के अध्यक्ष आनंद पेंगोरिया, सचिव विमल चंद जैन, कोषाध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, गतिविधि संयोजक सेवा राजेन्द्र कुमार मोदी, तथा कार्यक्रम संयोजक विकास अग्रवाल ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसूता महिलाओं और थैलेसीमिया सहित अन्य मरीजों के उपचार के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम के सहसंयोजक अशोक गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल एमआर, कृष्ण कुमार सिंघल और राहुल शर्मा पहलवान ने भी परिषद के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए शहरवासियों से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, बल्कि यह केवल मनुष्य के शरीर में ही बनता है, जिससे रक्तदान कर किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।
- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा रविवार को आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय एवं कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा गंगापुर सिटी के 17 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा, जहाँ सभी केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई। प्रथम पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुई, जिसमें कुल 5,544 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 4,197 उपस्थित रहे, जबकि 1,342 अनुपस्थित थे। दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें भी 5,544 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4,184 परीक्षा में शामिल हुए और 1,360 अनुपस्थित रहे। इस प्रकार दोनों सत्रों को मिलाकर कुल 8,381 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की भीड़ दिखाई दी, और निर्धारित समय से लगभग एक घंटे पहले ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से जांच, पहचान पत्रों के सत्यापन और अन्य सुरक्षा जाँचों के बाद ही केंद्रों में प्रवेश दिया गया। नकल रोकने के लिए सभी केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराई गई थी, साथ ही मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया कड़ी जांच और पुलिस निगरानी में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।2
- गंगापुर सिटी में सर्वश्रेष्ठ फाउंडेशन ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की है। यह पहल सर्वश्रेष्ठ फाउंडेशन परिवार के समाज सेवा के कार्यों में सदैव अग्रणी और तत्पर रहने के समर्पण को दर्शाती है।1
- राजस्थान के अलवर जिले के खेरली में एक मालगाड़ी के अंदर युवक-युवती के पकड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला खेरली रेलवे स्टेशन, अलवर से संबंधित है, जहाँ इस घटना को फिल्माया गया था।1
- गंगापुरसिटी में पिछले तीन सालों से एक नाला टूटा पड़ा है, जिसके कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई कब करेंगे।1
- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय/कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 रविवार को करौली शहर सहित पूरे जिले में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। यह परीक्षा जिला मुख्यालय के 12 केंद्रों पर दो पारियों में आयोजित की गई। परीक्षा की पहली पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुई। इसमें कुल 4512 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3350 उपस्थित रहे, जबकि 1162 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए। इस पारी में उपस्थिति का प्रतिशत 74.25 रहा, वहीं अनुपस्थिति 25.75 प्रतिशत दर्ज की गई। परीक्षा के सफल संचालन के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर महावीर सिंह को परीक्षा समन्वयक और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार गुप्ता को अतिरिक्त समन्वयक नियुक्त किया गया था। इन अधिकारियों ने परीक्षा से पहले सभी केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- पतंजलि रोड पर वीणा कैंपस के पास बड़ी संख्या में वाहनों की भीड़ जमा हो गई है, जिससे सड़क पूरी तरह से गाड़ियों से भरी हुई है। इस स्थिति के कारण वहां से गुजरने वाले लोग काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या को हल करने और सड़क को पूरी तरह से सुगम बनाने का अनुरोध किया है।1
- गंगापुर सिटी के कुशालगढ़ में भारत विकास परिषद, शाखा कुशालगढ़ गंगापुर सिटी के तत्वावधान में रविवार को गर्वमेंट हॉस्पीटल के ब्लड बैंक में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। दोपहर 2 बजे तक इस शिविर में करीब 42 यूनिट रक्त का सफलतापूर्वक संग्रहण किया जा चुका था। इस अवसर पर गर्वमेंट हॉस्पीटल के पीएमओ डॉ. विजेन्द्र गुप्ता ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रक्तदान से किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती, बल्कि नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। उन्होंने युवाओं और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करके जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने का आह्वान किया। परिषद के अध्यक्ष आनंद पेंगोरिया, सचिव विमल चंद जैन, कोषाध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, गतिविधि संयोजक सेवा राजेन्द्र कुमार मोदी, तथा कार्यक्रम संयोजक विकास अग्रवाल ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसूता महिलाओं और थैलेसीमिया सहित अन्य मरीजों के उपचार के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम के सहसंयोजक अशोक गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल एमआर, कृष्ण कुमार सिंघल और राहुल शर्मा पहलवान ने भी परिषद के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए शहरवासियों से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, बल्कि यह केवल मनुष्य के शरीर में ही बनता है, जिससे रक्तदान कर किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।1
- रविवार अल सुबह गंगापुर सिटी बस स्टैंड पर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया, जहाँ अज्ञात कारणों से खड़ी निजी बसों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिसमें दो निजी बसें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि पास खड़ी एक तीसरी बस को भी खासा नुकसान पहुंचा। आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझाए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि आसपास सैकड़ों अन्य बसें खड़ी थीं और आग के फैलने का खतरा था, जिससे भारी जन-धन की हानि हो सकती थी, जैसा कि प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया। घटना के बाद बस मालिकों ने आशंका जताई है कि यह आग असामाजिक तत्वों द्वारा लगाई गई है, क्योंकि उनके अनुसार, पहले भी निजी बसों में आगजनी की ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल उठाते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की जांच में जुटे हुए हैं।3