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भोजपुर, बिहार के निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी एनकाउंटर में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग अब तेज़ हो गई है। इसी क्रम में, देवरिया में सामाजिक कार्यकर्ता आनंद द्विवेदी के नेतृत्व में एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया है। इस ज्ञापन में मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है, जिसमें सीबीआई या न्यायिक निगरानी में निष्पक्ष जांच, मृतक को शहीद का दर्जा, परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है। ज्ञापन में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
खबर पूर्वांचल न्यूज
भोजपुर, बिहार के निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी एनकाउंटर में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग अब तेज़ हो गई है। इसी क्रम में, देवरिया में सामाजिक कार्यकर्ता आनंद द्विवेदी के नेतृत्व में एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया है। इस ज्ञापन में मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है, जिसमें सीबीआई या न्यायिक निगरानी में निष्पक्ष जांच, मृतक को शहीद का दर्जा, परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है। ज्ञापन में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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- देवरिया पुलिस ने महिलाओं के उत्थान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'मिशन शक्ति अभियान' चलाया। इस पहल के तहत, पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न मुद्दों के प्रति जागरूक किया। अभियान का मुख्य फोकस उन्हें सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं के बारे में जानकारी देना था, ताकि वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।1
- देवरिया में किसानों ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने जिला अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनकी विभिन्न मांगों का उल्लेख था।1
- जनपद देवरिया के सुभाष चौक पर पिछले चार दिनों से धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समर्थन देने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय सोमवार को देवरिया पहुँचे। उन्होंने धरनास्थल पर पहुँचकर कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। अजय राय ने मांग की कि हार्मोज क्षेत्र में मारे गए शिवानंद चौरसिया के परिवार को सरकार तत्काल आर्थिक सहायता दे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करे। अजय राय ने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय और सहायता दिलाने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार सहायता राशि उपलब्ध नहीं कराती है, तो कांग्रेस पार्टी स्वयं चंदा एकत्र कर पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- जल दिवस के अवसर पर देवरिया जिला कलेक्ट्रेट परिसर में पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित करने की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन नदी, झील, चेकडैम, तालाब, बावड़ी, जोहड़ और कुआं जैसे जलस्रोतों के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने, जीव-जन्तु एवं वनस्पतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जलदोहन व जलप्रदूषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित करने से भारत को विश्व स्तर पर एक ऐतिहासिक सफलता मिलेगी, क्योंकि दुनिया के किसी भी देश ने सादे पानी को अपना राष्ट्रीय पेय नहीं बनाया है। उनका मानना है कि भारत ऐसा करके अन्य देशों को एक नया रास्ता दिखा सकता है। इस घोषणा से जलदोहन और जलप्रदूषण पर प्रभावी ढंग से रोक लगेगी, जिससे जल संकट की भयावह स्थिति से बचा जा सकेगा। 'पानी बचाओ महासंघ' ने सरकार से मांग की है कि एक महीने के भीतर पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित किया जाए। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे राष्ट्र निर्माण और जनहित में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जल संरक्षण हेतु धरना, प्रदर्शन, अनशन और जनजागरण अभियान चलाने को मजबूर होंगे।1
- देवरिया के कपरवार में रामलीला मैदान को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इस मामले में, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता विश्राम मणि ने गंभीर चेतावनी दी है कि यदि 30 तारीख तक रामलीला मैदान को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वह अगले दिन, यानी पहली तारीख को, वहीं आत्मदाह कर लेंगे। इसी के साथ, राष्ट्रीय जन संग्रह पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा उर्फ संतोष बाबा ने भी घोषणा की है कि अगर इस महीने की 30 तारीख तक रामलीला मैदान से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वह भी उनके साथ आत्मदाह करेंगे।1
- भारत में समोसा सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, जो सुबह की चाय से लेकर शाम की हल्की भूख तक हर मौके पर पसंद किया जाता है। हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने समोसा खाने वाले लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग हैरान हैं, तो कईयों ने बाहर के खाने की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता ज़ाहिर की है। वायरल वीडियो में एक शख्स बड़ी मात्रा में रखे समोसों पर ब्रश की मदद से रंग लगाता नज़र आ रहा है। वीडियो में साफ़ दिखाई देता है कि उसके पास समोसों का ढेर है और वह उन पर किसी तरह का रंग लगा रहा है। दावा किया जा रहा है कि समोसों को ज़्यादा आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए उन पर आर्टिफिशियल या केमिकल रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में इस्तेमाल किया गया पदार्थ वास्तव में केमिकल रंग ही है या नहीं, लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खाने की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है, जिस पर लोग अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि आजकल बाहर का खाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है और पैसा कमाने के लिए लोग ग्राहकों की सेहत से कोई मतलब नहीं रखते। लोगों ने यह भी कहा कि अगर वीडियो में किया जा रहा दावा सच है, तो यह लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। कई यूज़र्स ने प्रशासन और खाद्य विभाग से इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।1
- देवरिया नगर के सुभाष चौक पर युवा गांधीवादियों ने 'न्याय सत्याग्रह' शुरू किया है, जिसमें गल्फ ऑफ ओमान में अमेरिकी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले स्थानीय निवासी स्वर्गीय शिवानंद चौरसिया के परिवार के लिए न्याय की मांग की जा रही है। इस श्रद्धांजलि सभा और सत्याग्रह में बड़ी संख्या में गांधीवादी कार्यकर्ता, युवा और नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने स्वर्गीय शिवानंद चौरसिया को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा को संबोधित करते हुए रजत सिंह ने शिवानंद चौरसिया की मृत्यु को केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे देश की क्षति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश में कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले एक भारतीय नौजवान की इस दुखद मृत्यु के बाद भी सरकार और प्रशासन द्वारा परिवार को अपेक्षित सहायता एवं सम्मान सुनिश्चित नहीं किया गया है। उपस्थित सभी गांधीवादियों ने एक स्वर में घोषणा की कि जब तक परिवार की चार प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह 'न्याय सत्याग्रह' जारी रहेगा। इन मांगों में शिवानंद को शहीद का दर्जा देना, परिवार के लिए सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और बच्चों की शिक्षा की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। वक्ताओं ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल इन मांगों पर निर्णय लेने का आग्रह किया, ताकि पीड़ित परिवार को सम्मानजनक सहायता और न्याय मिल सके। इस सत्याग्रह में रजत सिंह, सूफी सलीम, अशोक कुशवाहा, सतीश, शम्स, प्रियेश, नीरज, उत्तेज नारायण, मिर्ज़ा खुर्शीद अहमद (शहर अध्यक्ष) और अशोक मालवीय जैसे प्रमुख व्यक्ति शामिल थे।2
- देवरिया में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 15 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर त्वरित समाधान की मांग की। किसान नेताओं ने प्रमुखता से बताया कि बाजार में नकली कीटनाशक, नकली बीज और नकली खाद की बिक्री से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की अपील की। इसके साथ ही, किसानों ने फॉर्मर रजिस्ट्री न होने के कारण बीज वितरण रोके जाने का भी कड़ा विरोध किया और मांग की कि किसानों को उनकी खतौनी के आधार पर ही खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए। किसानों ने खराब पड़े सरकारी नलकूपों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें फिर से चालू करने, सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाने तथा किसानों से जुड़ी अन्य सभी समस्याओं का समाधान करने की भी मांग उठाई। किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) एक व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।1