उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ दोनों हेडलाइट्स खराब होने के बावजूद एक प्राइवेट बस महज एक टॉर्च की रोशनी के सहारे देर रात सड़क पर दौड़ती नजर आई। बांदा-बबेरू मार्ग का बताया जा रहा यह वीडियो मंगलवार रात करीब 11 बजे का है। बस संचालक ने खराब हेडलाइट के ऊपर एक टॉर्च बांध रखी थी और उसी की कम रोशनी में लगभग 20 यात्रियों को सवार कर उनकी जान को खतरे में डाल दिया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) श्याम लाल ने बताया कि यह वीडियो उनके संज्ञान में आया है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि बस की हेडलाइट खराब होने तथा यातायात नियमों की अनदेखी की पुष्टि होती है, तो संबंधित बस संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़े करती है कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे वाहनों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ दोनों हेडलाइट्स खराब होने के बावजूद एक प्राइवेट बस महज एक टॉर्च की रोशनी के सहारे देर रात सड़क पर दौड़ती नजर आई। बांदा-बबेरू मार्ग का बताया जा रहा यह वीडियो मंगलवार रात करीब 11 बजे का है। बस संचालक ने खराब हेडलाइट के ऊपर एक टॉर्च बांध रखी थी और उसी की कम रोशनी में लगभग 20 यात्रियों को सवार कर उनकी जान को खतरे में डाल दिया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) श्याम लाल ने बताया कि यह वीडियो उनके संज्ञान में आया है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि बस की हेडलाइट खराब होने तथा यातायात नियमों की अनदेखी की पुष्टि होती है, तो संबंधित बस संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़े करती है कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे वाहनों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती।
- बांदा में नियमित मानदेय की मांग को लेकर पशु मित्रों और पैरावेटों ने कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। अपनी इस मांग के समर्थन में उन्होंने बांदा के सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन भी सौंपा है।1
- उत्तर प्रदेश के बाँदा में किसानों की समस्याओं और बिजली से जुड़ी दिक्कतों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। खरीफ की फसल का सीजन चलने के बावजूद सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिसके कारण किसानों को मजबूरी में ब्लैक में खाद खरीदनी पड़ रही है। कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर किए गए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम ठहराया। खाद की किल्लत के अलावा कांग्रेसियों ने स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों के मुद्दे पर भी प्रदेश सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शासन स्तर से ही उपभोक्ताओं के घरों का विद्युत लोड बढ़ा दिया गया है, जो आम जनता के साथ सीधा शोषण है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार पर तीखे निशाने साधे गए, जिसकी जानकारी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने दी।3
- खैराड़ा से मानिकपुर तक रेलवे दोहरीकरण कार्य का हाई लेवल निरीक्षण किया गया है। इस दौरान अधिकारियों और अफसरों ने मौके पर पहुंचकर परियोजना की प्रगति को परखा और समीक्षा की।1
- बांदा के अलीगंज स्थित रामलीला मैदान में हो रहे अतिक्रमण के मामले को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बांदा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है।1
- उत्तर प्रदेश के बाँदा जनपद में टॉर्च के सहारे सड़क पर दौड़ती एक प्राइवेट बस का हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। बाँदा से बबेरू जा रही इस प्राइवेट बस में यात्री सवार हैं और मुख्य लाइट के बजाय टॉर्च के सहारे इसे सड़क पर चलाया जा रहा है, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद बाँदा के परिवहन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि खुलेआम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कैसे किया जा रहा है। यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि इस बस को फिटनेस प्रमाणपत्र किसने दिया और क्या परिवहन विभाग सिर्फ कागजों पर चेकिंग करता है, जो इतनी घोर लापरवाही बरती जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में जिला कांग्रेस कमेटी ने किसानों को हो रही खाद की किल्लत और स्मार्ट मीटर की वजह से बढ़े बिजली बिलों के विरोध में प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी का आरोप है कि खरीफ के चालू सीजन में किसानों को यूरिया और डीएपी खाद के लिए लंबी कतारों में धक्के खाने पड़ रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसके साथ ही राज्य में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए कहा गया है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता अब भारी-भरकम बिजली बिलों से त्रस्त है और उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है। इस संबंध में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने मांग की है कि किसानों को बिना किसी देरी के पर्याप्त मात्रा में खाद मुहैया कराई जाए और स्मार्ट मीटर से जुड़ी धांधलियों की निष्पक्ष जांच कराकर उपभोक्ताओं को तुरंत राहत दी जाए। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर इन ज्वलंत जनसमस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया तो पार्टी किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना आंदोलन और ज्यादा उग्र करेगी।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ दोनों हेडलाइट्स खराब होने के बावजूद एक प्राइवेट बस महज एक टॉर्च की रोशनी के सहारे देर रात सड़क पर दौड़ती नजर आई। बांदा-बबेरू मार्ग का बताया जा रहा यह वीडियो मंगलवार रात करीब 11 बजे का है। बस संचालक ने खराब हेडलाइट के ऊपर एक टॉर्च बांध रखी थी और उसी की कम रोशनी में लगभग 20 यात्रियों को सवार कर उनकी जान को खतरे में डाल दिया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) श्याम लाल ने बताया कि यह वीडियो उनके संज्ञान में आया है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि बस की हेडलाइट खराब होने तथा यातायात नियमों की अनदेखी की पुष्टि होती है, तो संबंधित बस संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़े करती है कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे वाहनों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती।1
- मध्यप्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से केन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से बांदा जनपद की जीवनदायिनी केन नदी एक बार फिर अपने मनमोहक दृश्य में दिखाई देने लगी है। नदी के इस मनमोहक रूप को देखकर बांदा के जनपदवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है और किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि केन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे बह रही है।1