भदोही पुलिस ने शासन स्तर पर चिन्हित सफेदपोश माफिया और पूर्व विधायक गैंग लीडर विजय मिश्रा तथा उनके गिरोह के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्यवाही की है। इस विशेष अभियान के तहत, आज दिनांक 07.07.2026 को विजय मिश्रा गैंग द्वारा अपराध से अर्जित 100 करोड़ 25 लाख रुपये की अवैध धनराशि से महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के उमरगां थाना, लातुर में स्थित 'लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज' (दाल मिल) को कुर्क किया गया है। यह कार्यवाही जिलाधिकारी भदोही के वाद संख्या 685/26 दिनांक 02.07.2026 के आदेश पर उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत की गई है। इस पूरी प्रक्रिया को पुलिस अधीक्षक भदोही श्री अभिनव त्यागी के निर्देशन में और अपर पुलिस अधीक्षक भदोही श्री शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार, विजय मिश्रा, विष्णु मिश्रा, रामलली मिश्रा और गिरोह के अन्य सदस्यों ने आर्थिक, भौतिक एवं अनुचित दुनियावी लाभ के लिए आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया था। इस गिरोह द्वारा अपराध से अर्जित अवैध धनराशि से जुटाई गई लगभग 2.41 अरब (दो अरब इकतालीस करोड़ उन्तीस लाख दस हजार चार सौ अस्सी रुपया पचास पैसा) से अधिक की अकूत संपत्ति को गैंगेस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत वर्ष 2022 से 2025 के मध्य भी कुर्क किया जा चुका है। गैंग लीडर विजय मिश्रा का लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है, जिनके विरुद्ध कुल 87 अभियोग पंजीकृत हैं, जिनमें से 07 मुकदमों में उन्हें मा० न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किया गया है। उनके गिरोह के सदस्यों में उनकी पत्नी रामलली मिश्रा, पुत्र विष्णु मिश्रा और दामाद मुकेश तिवारी भी शामिल हैं, जिनका भी आपराधिक रिकॉर्ड है। हाल की कानूनी कार्रवाइयों में, पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते मा० न्यायालय द्वारा विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और पुत्र प्रत्येक को 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा उनकी पुत्रवधू को 04 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया गया है, साथ ही उन पर कुल ₹5,26,000/- का अर्थदंड भी लगाया गया था।
भदोही पुलिस ने शासन स्तर पर चिन्हित सफेदपोश माफिया और पूर्व विधायक गैंग लीडर विजय मिश्रा तथा उनके गिरोह के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्यवाही की है। इस विशेष अभियान के तहत, आज दिनांक 07.07.2026 को विजय मिश्रा गैंग द्वारा अपराध से अर्जित 100 करोड़ 25 लाख रुपये की अवैध धनराशि से महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के उमरगां थाना, लातुर में स्थित 'लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज' (दाल मिल) को कुर्क किया गया है। यह कार्यवाही जिलाधिकारी भदोही के वाद संख्या 685/26 दिनांक 02.07.2026 के आदेश पर उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत की गई है। इस पूरी प्रक्रिया को पुलिस अधीक्षक भदोही
श्री अभिनव त्यागी के निर्देशन में और अपर पुलिस अधीक्षक भदोही श्री शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार, विजय मिश्रा, विष्णु मिश्रा, रामलली मिश्रा और गिरोह के अन्य सदस्यों ने आर्थिक, भौतिक एवं अनुचित दुनियावी लाभ के लिए आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया था। इस गिरोह द्वारा अपराध से अर्जित अवैध धनराशि से जुटाई गई लगभग 2.41 अरब (दो अरब इकतालीस करोड़ उन्तीस लाख दस हजार चार सौ अस्सी रुपया पचास पैसा) से अधिक की अकूत संपत्ति को गैंगेस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत वर्ष 2022 से 2025 के मध्य भी कुर्क किया जा चुका है। गैंग लीडर विजय मिश्रा
का लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है, जिनके विरुद्ध कुल 87 अभियोग पंजीकृत हैं, जिनमें से 07 मुकदमों में उन्हें मा० न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किया गया है। उनके गिरोह के सदस्यों में उनकी पत्नी रामलली मिश्रा, पुत्र विष्णु मिश्रा और दामाद मुकेश तिवारी भी शामिल हैं, जिनका भी आपराधिक रिकॉर्ड है। हाल की कानूनी कार्रवाइयों में, पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते मा० न्यायालय द्वारा विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और पुत्र प्रत्येक को 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा उनकी पुत्रवधू को 04 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया गया है, साथ ही उन पर कुल ₹5,26,000/- का अर्थदंड भी लगाया गया था।
- वाराणसी में आयोजित मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु' के पुत्र के विवाह समारोह में कई विशिष्ट अतिथि (वीवीआईपी) शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और नवदंपति को आशीर्वाद प्रदान किया।1
- जौनपुर में मृतक आजाद बिन्द की बहन सौम्या बिन्द ने जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपना धरना समाप्त कर दिया है।1
- वाराणसी के सदर क्षेत्र में, घायल व्यापारियों को अब जनप्रतिनिधियों का साथ मिल गया है। इस समर्थन के बाद, संबंधित मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग और भी अधिक तेज हो गई है।1
- जनता न्यूज़ टीवी ने अपनी ब्यूरो रिपोर्ट के माध्यम से दिन भर की खबरें और प्रमुख हेडलाइन्स प्रस्तुत की हैं।1
- बदायूं जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बार के भीतर नाच-गाना चलता दिख रहा है। इस वायरल वीडियो को देखने के बाद बदायूं के ही ध्रुव देव गुप्ता, जो युवा मंच संगठन के संस्थापक हैं, उन्होंने इस पर अपनी टिप्पणी की है।1
- पुरवा उसराव डौंडि में हुई बारिश से क्षेत्र में बहुत अच्छा महसूस हुआ है। इस बारिश के कारण अब खेतों की जुताई का काम शुरू किया जा सकेगा, जिससे कृषि संबंधी गतिविधियों को गति मिलेगी।1
- वाराणसी के चहनियां क्षेत्र स्थित बलुआ चहनियां सब्जी मंडी में हुई एक मारपीट की घटना में एक व्यापारी पिता-पुत्र घायल हो गए। रविवार देर शाम व्यापार मंडल अध्यक्ष भानु प्रताप यादव और खंडवारी ग्राम प्रधान पति सतीश गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर घायल पिता-पुत्र से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान, दोनों जनप्रतिनिधियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और स्पष्ट किया कि सब्जी मंडी में इस तरह की अराजकता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस मामले में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की।1
- भदोही पुलिस ने शासन स्तर पर चिन्हित सफेदपोश माफिया और पूर्व विधायक गैंग लीडर विजय मिश्रा तथा उनके गिरोह के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्यवाही की है। इस विशेष अभियान के तहत, आज दिनांक 07.07.2026 को विजय मिश्रा गैंग द्वारा अपराध से अर्जित 100 करोड़ 25 लाख रुपये की अवैध धनराशि से महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के उमरगां थाना, लातुर में स्थित 'लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज' (दाल मिल) को कुर्क किया गया है। यह कार्यवाही जिलाधिकारी भदोही के वाद संख्या 685/26 दिनांक 02.07.2026 के आदेश पर उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत की गई है। इस पूरी प्रक्रिया को पुलिस अधीक्षक भदोही श्री अभिनव त्यागी के निर्देशन में और अपर पुलिस अधीक्षक भदोही श्री शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार, विजय मिश्रा, विष्णु मिश्रा, रामलली मिश्रा और गिरोह के अन्य सदस्यों ने आर्थिक, भौतिक एवं अनुचित दुनियावी लाभ के लिए आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया था। इस गिरोह द्वारा अपराध से अर्जित अवैध धनराशि से जुटाई गई लगभग 2.41 अरब (दो अरब इकतालीस करोड़ उन्तीस लाख दस हजार चार सौ अस्सी रुपया पचास पैसा) से अधिक की अकूत संपत्ति को गैंगेस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत वर्ष 2022 से 2025 के मध्य भी कुर्क किया जा चुका है। गैंग लीडर विजय मिश्रा का लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है, जिनके विरुद्ध कुल 87 अभियोग पंजीकृत हैं, जिनमें से 07 मुकदमों में उन्हें मा० न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किया गया है। उनके गिरोह के सदस्यों में उनकी पत्नी रामलली मिश्रा, पुत्र विष्णु मिश्रा और दामाद मुकेश तिवारी भी शामिल हैं, जिनका भी आपराधिक रिकॉर्ड है। हाल की कानूनी कार्रवाइयों में, पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते मा० न्यायालय द्वारा विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और पुत्र प्रत्येक को 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा उनकी पुत्रवधू को 04 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया गया है, साथ ही उन पर कुल ₹5,26,000/- का अर्थदंड भी लगाया गया था।3