मोहन बड़ोदिया के न्यू चाइल्ड फ्यूचर एकेडमी में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ 152 पौधे लगाकर उन्हें सुरक्षित रखने तथा वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में बच्चों के उत्साह, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के संदेश ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य अक्षय चंद्रवंशी एवं शिक्षकों की उपस्थिति में हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर नीम, पीपल, आम, जामुन सहित कई प्रकार के छायादार, फलदार एवं औषधीय महत्व वाले पौधों का रोपण किया। पौधारोपण के साथ ही विद्यार्थियों ने पौधों को नियमित रूप से पानी देने, उनकी सुरक्षा करने तथा उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर प्राचार्य अक्षय चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। वृक्ष हमें शुद्ध ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण, वर्षा, छाया, फल और अनेक प्रकार की औषधियां प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और लगातार घटते वन क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसका संरक्षण भी करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने घर, आसपास और गांव में भी पौधारोपण के लिए लोगों को प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाते हुए बताया कि यदि आज पौधारोपण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और शुद्ध पर्यावरण मिलना कठिन हो जाएगा। इसलिए पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस संदेश को आत्मसात करते हुए पौधों की जिम्मेदारी लेने का संकल्प दोहराया। विद्यालय परिवार ने बताया कि लगाए गए सभी 152 पौधों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा प्रत्येक पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपी जाएगी, ताकि कोई भी पौधा नष्ट न हो और आने वाले वर्षों में यह परिसर हरा-भरा एवं पर्यावरण की दृष्टि से और अधिक समृद्ध बन सके। कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और अधिक से अधिक लोगों को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जोड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे तथा सभी ने पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प दोहराया।
मोहन बड़ोदिया के न्यू चाइल्ड फ्यूचर एकेडमी में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ 152 पौधे लगाकर उन्हें सुरक्षित रखने तथा वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में बच्चों के उत्साह, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के संदेश ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य अक्षय चंद्रवंशी एवं शिक्षकों की उपस्थिति में हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर नीम, पीपल, आम, जामुन सहित कई प्रकार के छायादार, फलदार एवं औषधीय महत्व वाले पौधों का रोपण किया। पौधारोपण के साथ ही विद्यार्थियों ने पौधों को नियमित रूप से पानी देने, उनकी सुरक्षा करने तथा उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर प्राचार्य अक्षय चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। वृक्ष हमें शुद्ध ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण, वर्षा, छाया, फल और अनेक प्रकार की औषधियां प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और लगातार घटते वन क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसका संरक्षण भी करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने घर, आसपास और गांव में भी पौधारोपण के लिए लोगों को प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाते हुए बताया कि यदि आज पौधारोपण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और शुद्ध पर्यावरण मिलना कठिन हो जाएगा। इसलिए पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस संदेश को आत्मसात करते हुए पौधों की जिम्मेदारी लेने का संकल्प दोहराया। विद्यालय परिवार ने बताया कि लगाए गए सभी 152 पौधों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा प्रत्येक पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपी जाएगी, ताकि कोई भी पौधा नष्ट न हो और आने वाले वर्षों में यह परिसर हरा-भरा एवं पर्यावरण की दृष्टि से और अधिक समृद्ध बन सके। कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और अधिक से अधिक लोगों को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जोड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे तथा सभी ने पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प दोहराया।
- मोहन बड़ोदिया के न्यू चाइल्ड फ्यूचर एकेडमी में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ 152 पौधे लगाकर उन्हें सुरक्षित रखने तथा वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में बच्चों के उत्साह, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के संदेश ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य अक्षय चंद्रवंशी एवं शिक्षकों की उपस्थिति में हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर नीम, पीपल, आम, जामुन सहित कई प्रकार के छायादार, फलदार एवं औषधीय महत्व वाले पौधों का रोपण किया। पौधारोपण के साथ ही विद्यार्थियों ने पौधों को नियमित रूप से पानी देने, उनकी सुरक्षा करने तथा उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर प्राचार्य अक्षय चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। वृक्ष हमें शुद्ध ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण, वर्षा, छाया, फल और अनेक प्रकार की औषधियां प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और लगातार घटते वन क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसका संरक्षण भी करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने घर, आसपास और गांव में भी पौधारोपण के लिए लोगों को प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाते हुए बताया कि यदि आज पौधारोपण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और शुद्ध पर्यावरण मिलना कठिन हो जाएगा। इसलिए पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस संदेश को आत्मसात करते हुए पौधों की जिम्मेदारी लेने का संकल्प दोहराया। विद्यालय परिवार ने बताया कि लगाए गए सभी 152 पौधों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा प्रत्येक पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपी जाएगी, ताकि कोई भी पौधा नष्ट न हो और आने वाले वर्षों में यह परिसर हरा-भरा एवं पर्यावरण की दृष्टि से और अधिक समृद्ध बन सके। कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और अधिक से अधिक लोगों को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जोड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे तथा सभी ने पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प दोहराया।1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया सहित पूरे क्षेत्र में पशुधन को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) के तहत संचालित यह अभियान 1 जुलाई से शुरू हुआ है और 15 सितंबर तक चलेगा। पशुपालन विभाग के अनुसार बारिश के मौसम में खुरपका-मुंहपका रोग का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन को भी कम कर देती है, जिससे समय पर टीकाकरण कराकर ही बचाव संभव है। विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि जब टीका कार्यकर्ता उनके गांव या घर पहुंचे तो वे अपने सभी पात्र पशुओं को एफएमडी का टीका जरूर लगवाएं। इस टीकाकरण की पूरी जानकारी 'भारत पशुधन ऐप' पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी, इसलिए पशुपालकों से टीका कार्यकर्ताओं को आवश्यक सहयोग देने को कहा गया है।1
- मध्य प्रदेश के शाजापुर में कई वर्षों पुराने श्राप से मुक्ति पाने के लिए गांव की बहनों ने एकजुट होकर सती माता की पूजा-अर्चना की। इस दौरान वर्षों पुराने इस श्राप से छुटकारा पाने के उद्देश्य से हजारों की तादाद में बहनों ने एकत्रित होकर एक पदयात्रा भी निकाली।1
- सुसनेर के ग्राम पंचायत पालड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम अरन्या का खेड़ा में गांव की शासकीय चरनोई भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। इस अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु ग्रामीण सोमवार की दोपहर साढ़े 3 बजे डग रोड पर तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार भंवर सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने गांव के सर्वे नंबर 94, 85, 54, 60, 61, 62, 59, 84, 87, 88, 86, 176 से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि इस भूमि पर गाँव के मवेशी चरते थे, लेकिन दबंग लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने से मवेशियों को चराने में काफी परेशानी हो रही है। अतिक्रमण के कारण गांव में विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है।1
- आगर मालवा जिले में आगर जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस सघन जनजागरूकता अभियान के तहत पुलिस टीम लगातार विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय बनी हुई है। इस अभियान के अंतर्गत आगर जिला पुलिस ने बस स्टैंड, स्थानीय बाजारों, ग्राम चौपालों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर सघन जनजागरूकता अभियान चलाया, जहां आम जनता और व्यापारियों की ओर से इस मुहिम को भरपूर समर्थन मिल रहा है।1
- Post by Anitm3021
- आज सोमवार दोपहर 3 बजे, ग्राम गुराड़ी के ग्रामीण डग रोड स्थित तहसील कार्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने तहसीलदार भंवर सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपकर गांव की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, सर्वे नंबर 146 और 147 की शासकीय जमीन गुराड़ी और श्यामपुरा के कांकड़ पर स्थित है। आरोप है कि श्यामपुरा के कुछ लोग इस जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे हैं और ट्रैक्टर से हकाई भी कर चुके हैं। गांवों के बीच विवाद न बढ़े, इसलिए ग्रामीणों ने जल्द से जल्द भूमि का सीमांकन करवाकर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है।1
- मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में सुसनेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से कुल ₹84,000 कीमत की नशीली सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद गिरफ्तार आरोपियों का पुलिस रिमांड जारी कर दिया गया है।1