कॉर्पोरेट जगत में छंटनी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। टेक दिग्गज Oracle में काम करने वाले कई कर्मचारियों को कथित तौर पर 14 सितंबर की सुबह उस वक्त झटका लगा, जब अचानक उनके ऑफिस Slack, ईमेल और अन्य सिस्टम का एक्सेस बंद हो गया। कई कर्मचारियों को औपचारिक टर्मिनेशन मेल मिलने से पहले ही कंपनी के सिस्टम और यहां तक कि बायोमीट्रिक एक्सेस से बाहर कर दिया गया। अमेरिका से लेकर भारत तक काम कर रहे कुछ कर्मचारियों के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे उन्हें अपने ऑफिस सिस्टम का एक्सेस नहीं मिल रहा था। इसके बाद करीब 6 बजे कंपनी की ओर से औपचारिक टर्मिनेशन मेल भेजे गए। यानी कर्मचारियों को पहले ही यह संकेत मिल चुका था कि उनके साथ क्या होने वाला है। Business Insider और The Economic Times की रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया कि Oracle की मौजूदा कारोबारी जरूरतों को देखते हुए बड़े संगठनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं और इसी के तहत संबंधित कर्मचारियों के पद खत्म किए जा रहे हैं। ईमेल में यह भी बताया गया कि उस दिन उनका आखिरी कार्यदिवस होगा। छंटनी के बाद कर्मचारियों को अपना निजी ईमेल एड्रेस उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि आगे की छंटनी और कागजी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी वहां भेजी जा सके। साथ ही उन्हें कंपनी के किसी भी गोपनीय डेटा, फाइल या दस्तावेज को डाउनलोड नहीं करने की चेतावनी दी गई। इस छंटनी की खास बात यह बताई जा रही है कि इसकी चपेट में कुछ ऐसे कर्मचारी भी आए, जिनका प्रदर्शन रिकॉर्ड अच्छा रहा था। HR Technology टीम में काम करने वाले एक कर्मचारी के मुताबिक, उन्हें लगातार चार बार 4-स्टार और एक बार 5-स्टार रेटिंग मिली थी, इसके बावजूद उनकी नौकरी चली गई। इसी तरह Oracle Cloud Infrastructure में करीब चार साल से काम कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें कभी खराब रेटिंग नहीं मिली थी, फिर भी उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया। वहीं, 24 साल के अनुभव वाले एक सीनियर Quality Assurance इंजीनियर की नौकरी भी इस छंटनी में चली गई। यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि कॉर्पोरेट छंटनी में कर्मचारी का व्यक्तिगत प्रदर्शन रिकॉर्ड कंपनी के संगठनात्मक फैसलों को कितना प्रभावित करता है। हालांकि, इन कर्मचारियों के व्यक्तिगत दावों और छंटनी से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
कॉर्पोरेट जगत में छंटनी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। टेक दिग्गज Oracle में काम करने वाले कई कर्मचारियों को कथित तौर पर 14 सितंबर की सुबह उस वक्त झटका लगा, जब अचानक उनके ऑफिस Slack, ईमेल और अन्य सिस्टम का एक्सेस बंद हो गया। कई कर्मचारियों को औपचारिक टर्मिनेशन मेल मिलने से पहले ही कंपनी के सिस्टम और यहां तक कि बायोमीट्रिक एक्सेस से बाहर कर दिया गया। अमेरिका से लेकर भारत तक काम कर रहे कुछ कर्मचारियों के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे उन्हें अपने ऑफिस सिस्टम का एक्सेस नहीं मिल रहा था। इसके बाद करीब 6 बजे कंपनी की ओर से औपचारिक टर्मिनेशन मेल भेजे गए। यानी कर्मचारियों को पहले ही यह संकेत मिल चुका था कि उनके साथ क्या होने वाला है। Business Insider और The Economic Times की रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया कि Oracle की मौजूदा कारोबारी जरूरतों को देखते हुए बड़े संगठनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं और इसी के तहत संबंधित कर्मचारियों के पद खत्म किए जा रहे हैं। ईमेल में यह भी बताया गया कि उस दिन उनका आखिरी कार्यदिवस होगा। छंटनी के बाद कर्मचारियों को अपना निजी ईमेल एड्रेस उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि आगे की छंटनी और कागजी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी वहां भेजी जा सके। साथ ही उन्हें कंपनी के किसी भी गोपनीय डेटा, फाइल या दस्तावेज को डाउनलोड नहीं करने की चेतावनी दी गई। इस छंटनी की खास बात यह बताई जा रही है कि इसकी चपेट में कुछ ऐसे कर्मचारी भी आए, जिनका प्रदर्शन रिकॉर्ड अच्छा रहा था। HR Technology टीम में काम करने वाले एक कर्मचारी के मुताबिक, उन्हें लगातार चार बार 4-स्टार और एक बार 5-स्टार रेटिंग मिली थी, इसके बावजूद उनकी नौकरी चली गई। इसी तरह Oracle Cloud Infrastructure में करीब चार साल से काम कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें कभी खराब रेटिंग नहीं मिली थी, फिर भी उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया। वहीं, 24 साल के अनुभव वाले एक सीनियर Quality Assurance इंजीनियर की नौकरी भी इस छंटनी में चली गई। यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि कॉर्पोरेट छंटनी में कर्मचारी का व्यक्तिगत प्रदर्शन रिकॉर्ड कंपनी के संगठनात्मक फैसलों को कितना प्रभावित करता है। हालांकि, इन कर्मचारियों के व्यक्तिगत दावों और छंटनी से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
- *ग्राम कोटकसा मे महिलाएं व पुरुषो ने सामूहिक नशा मुक्ति अभियान रैली निकाल ग्रामीणों को दिया संदेश* *शराब बेचने वाले व पीने वाले उत्पादियों को करेंगे पुलिस के हवाले* बादलपार-- आदिवासी विकासखंड कुरई के अंतर्गत आने वाली बादल पार चौकी के ग्राम कोटकसा में 15 सितंबर मंगलवार को ग्राम की महिलाएं व पुरुषों ने सर्वसम्मती से निर्णय लिया गया कि ग्राम में कोई भी व्यक्ति शराब निकाल कर नही बचेगा और नाही शराब पीकर उत्पाद मचाएगा अगर जो भी गांव में उत्पाद मचाएगा उन्हें समिति पकड़ कर पुलिस के हवाले किया जाएगा इसे लेकर आज गांव की महिलाएं एवं पुरुषों रैली निकाल कर घर-घर संदेश दिया इस दौरान बताया गया कि गांव में शराब से घर में शराब पीकर उत्पाद मचाते हैं जिससे आए दिन रोज लड़ाई झगड़ा होते रहते हैं जिससे समाज धीरे-धीरे खोखला होते चला जा रहा है, जिसे अंकुश लगाना बहुत जरूरी हो गया है, महिलाएं घर में बहुत परेशान हो जाती है एवं पूर्व में कई बड़ी-बड़ी घटनाएं गांव में घटित हो चुकी है जिसे लेकर आज महिलाओं एवं पुरुषों ने पुलिस चौकी बादल पार को भी सूचना देकर गांव में बुलाई एवं पुलिस ने भी हर संभव मदद करने की बात कही ग्राम पंचायत सरपंच अनीता कुडापे,सचिव केके गोस्वामी चौकी प्रभारी इंजन सिंह मर्सकोले एवं आसपास की स्व सहायता समूह की महिलाएं भी उपस्थित थी जिसमें गांव में शराब बंदी को लेकर लिया गया था निर्णय में गांव में कोई शराब बचेगा ना कोई पिएगा एवं जो पीके उत्पाद मचाएगी उसे पुलिस के हवाले किया जाएगा एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी इस दौरान गांव की रविता तिजरे ,सीमा देशमुख, रोशनी देशमुख , श्यामलता देशमुख, सविता सोनी,बिस्तो मालाधारी, राधा हिंगे, गीता मालाधारी, रुक्मणी वर्मा, रंजीत वर्मा, इतवारा वर्मा, गीता देशमुख ,सुनील सोनी, प्यारती परते, लक्ष्मी परते, बबीता कहार, ज्योति वर्मा, जूली वर्मा, बेबी वरकड़े सहित बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गयाl1
- कन्हीवाड़ा के बेटे ने छू लिया आसमान, 16,460 फीट पर फहराया तिरंगा माउंट गोरिचेन क्षेत्र की ग्लेशियर चोटी पर सफल आरोहण, NIMAS का 28 दिवसीय कोर्स किया पूरा सिवनी। कन्हीवाड़ा के युवा जतिन बंदेवार ने अरुणाचल प्रदेश के माउंट गोरिचेन क्षेत्र में करीब 16,460 फीट की ऊंचाई पर ग्लेशियर चोटी का सफल आरोहण कर तिरंगा फहराया। साथ ही उन्होंने NIMAS का 28 दिवसीय बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स भी सफलतापूर्वक पूरा किया। कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हासिल की गई इस उपलब्धि से कन्हीवाड़ा और सिवनी जिले का नाम रोशन हुआ है। जतिन की सफलता ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है।1
- “जब टक्कर हुई ही नहीं, तो चालक नासिर खान का खून क्यों बहा? वायरल वीडियो के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई से प्रशासन क्यों पीछे?” *"जब टक्कर हुई ही नहीं, तो खून बहाया क्यों? सिवनी में कानून का डर खत्म या गुंडों की दबंगई? बस चालक नासिर खान पर जानलेवा हमले के आरोपियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजो!"* "मेहनत से गाड़ी चलाने वाले चालकों पर खुलेआम गुंडागर्दी! बिना किसी बात के बीच सड़क पर घेरकर मारना और चाकू से हमला करना कहां का न्याय है? पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन ले!" *"ना गाड़ी टकराई, ना प्रतिमा को खरोंच आई... फिर भी driver को लहूलुहान कर दिया! सिवनी पुलिस, वायरल वीडियो के आधार पर इन उपद्रवियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई कब होगी?"* "गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी! दिन-दहाड़े चालक को घसीटकर पीटने वाले 10-12 हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करो। ड्राइवरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बंद हो!" "*सड़क पर सेवा देने वाले ड्राइवरों पर ये बर्बरता क्यों? जब ट्रैक्टर चालक खुद कह रहा है कि कोई टक्कर नहीं हुई, तो इस जानलेवा हमले का हिसाब कौन देगा? #JusticeForDriver"* *"सिवनी में कानून-व्यवस्था को ठेंगा! चालक नासिर खान के साथ हुई बर्बर मारपीट के खिलाफ ड्राइवर महासंगठन मैदान में। गुंडों पर बलवा और जानलेवा हमले का केस दर्ज हो!"* #JusticeForDriver #SeoniNews #StopMobViolence #MPPolice #StrictActionRequired #MadhyaPradeshNews #DriverSafety #SeoniCrime #LawAndOrder #Seoni#हेडलाइंस#फॉलोअर1
- गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लखनादौन के धूमा में पार्टी का बड़ा आंदोलन वन विभाग के खिलाफ आंदोलन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लखनादौन के धूमा में पार्टी का बड़ा आंदोलन वन विभाग के खिलाफ आंदोलन पार्टी कार्यकर्ताओं ने 7 दिवस की चैतावनी1
- मंडला: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के अवसर पर विशेष उत्सव मनाने की अपील की गई है। कक्षा 12वीं के छात्र अखिलेश मार्को, शासकीय जगन्नाथ उत्कृष्ट विद्यालय, मंडला ने लोगों से अपने घरों में दीया जलाकर प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने और उत्सव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने का आह्वान किया है।1
- ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा, पलंग पर खेल रहे थे मासूम 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि बबलिया मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम चौदस निवासी बैजू यादव के घर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्रृंगार करते समय उनकी पत्नी को ड्रेसिंग टेबल के नीचे एक इंडियन कोबरा (नाग) दिखा। पास ही पलंग पर बच्चे खेल रहे थे। महिला ने तुरंत पति को सूचना दी, जिसके बाद बैजू यादव निवास के सर्पमित्र रंजीत ठाकुर को सूचना दी और अपने साथ उन्हें मौके पर लेकर आए। सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने सूझबूझ से कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाएं।1
- जनसुनवाई बनी सहारा, दो दिव्यांगजनों को मिली ट्राइसाइकिल सिवनी। जनसुनवाई में डूंडा सिवनी निवासी मानिक लाल डहरवाल और ग्राम अरी के टील्ली टोला निवासी शरद मरावी ने आवागमन की समस्या कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के सामने रखी। कलेक्टर ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्देश के बाद दोनों दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। इससे उनके रोजमर्रा के आवागमन में सुविधा होने के साथ दूसरों पर निर्भरता भी कम होगी। ट्राइसाइकिल मिलने पर दोनों हितग्राहियों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाले जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनते हुए पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर दिलाया जाए।1
- किरनापुर पुलिस पर महिला और पति की पिटाई का आरोप, भड़का समाज… पुलिस थाने पर पथराव के बाद लाठीचार्ज बालाघाट जिले के किरनापुर थाने में चौधरी दंपति पति पत्नी को रात में दरिंदगी के साथ में पीटाई का मामला जब सामने आया था । जब पीड़ित पक्ष ने बालाघाट एसपी को शिकायत भी किया था इस मामले में चार पुलिसकर्मी एवं थाना प्रभारी को सस्पेंड भी किया गया। उसके बाद मामला धीरे-धीरे आग की तरह बढ़ता गया, इसके बाद मरार माली समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी एवं एकदिवसीय रैली का आयोजन किया। जिस वक्त थाना परिसर के सामने से जा रही रैली में मौजूद आंदोलनकारी ने पुलिस थाने पर हमला बोल दिया, जिसके बाद थाने में तोड़फोड़ की गई, और पुलिस को मोर्चा संभालने के लिए आंसू गैस छोड़े गए और लाठी चार्ज भी करना पड़ा।1