ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा, पलंग पर खेल रहे थे मासूम 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि बबलिया मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम चौदस निवासी बैजू यादव के घर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्रृंगार करते समय उनकी पत्नी को ड्रेसिंग टेबल के नीचे एक इंडियन कोबरा (नाग) दिखा। पास ही पलंग पर बच्चे खेल रहे थे। महिला ने तुरंत पति को सूचना दी, जिसके बाद बैजू यादव निवास के सर्पमित्र रंजीत ठाकुर को सूचना दी और अपने साथ उन्हें मौके पर लेकर आए। सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने सूझबूझ से कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाएं।
ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा, पलंग पर खेल रहे थे मासूम 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि बबलिया मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम चौदस निवासी बैजू यादव के घर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्रृंगार करते समय उनकी पत्नी को ड्रेसिंग टेबल के नीचे एक इंडियन कोबरा (नाग) दिखा। पास ही पलंग पर बच्चे खेल रहे थे। महिला ने तुरंत पति को सूचना दी, जिसके बाद बैजू यादव निवास के सर्पमित्र रंजीत ठाकुर को सूचना दी और अपने साथ उन्हें मौके पर लेकर आए। सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने सूझबूझ से कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाएं।
- ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा, पलंग पर खेल रहे थे मासूम 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि बबलिया मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम चौदस निवासी बैजू यादव के घर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्रृंगार करते समय उनकी पत्नी को ड्रेसिंग टेबल के नीचे एक इंडियन कोबरा (नाग) दिखा। पास ही पलंग पर बच्चे खेल रहे थे। महिला ने तुरंत पति को सूचना दी, जिसके बाद बैजू यादव निवास के सर्पमित्र रंजीत ठाकुर को सूचना दी और अपने साथ उन्हें मौके पर लेकर आए। सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने सूझबूझ से कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाएं।1
- देश का विरोध कांग्रेस के DNA में है। जब भारत की दुनिया में प्रशंसा हो रही है, तब कांग्रेस को उसमें भी बुराई खोजनी है। नाराज फूफाओं को तो हर खुशी में खोट ढूंढने का बहाना चाहिए।........ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान1
- धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* *कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है। दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है— थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़ किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फसल की लगातार निगरानी जरूरी विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।1
- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वामित्व योजना के तहत अपने संपत्ति संबंधी अधिकारों का अभिलेख एवं पंजीयन अवश्य कराएं। यह योजना ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैध स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्धारित प्रक्रिया में सहयोग करते हुए आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन की कार्रवाई समय पर पूर्ण कराएं। स्वामित्व अधिकार मिलने से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी और ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का सुरक्षित एवं वैध अधिकार प्राप्त होगा।1
- ग्राम पंचायत करोंदी में स्वच्छता अभियान की सराहनीय पहल स्थान: ग्राम पंचायत करोंदी ग्राम पंचायत करोंदी में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है।1
- एसपी की जनसुनवाई में पहुंचीं 55 शिकायतें, शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश जबलपुर। आम जनता की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान कुल 55 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें पति-पत्नी एवं पारिवारिक विवाद, जमीन संबंधी मामले, मारपीट और साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। पुलिस अधीक्षक ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें शीघ्र वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एसपी ने जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों से शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-4 अंजना तिवारी एवं उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आकांक्षा उपाध्याय उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर एवं देहात के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारियों द्वारा भी अपने-अपने स्तर पर जनसुनवाई कर आमजन की शिकायतें सुनी गईं। #Jabalpur #JabalpurPolice #SPJabalpur #SamaptUpadhyay #JanSunwai #PoliceJanSunwai #PublicHearing #JabalpurNews #PoliceAction #CyberCrime #CrimeNews #MadhyaPradeshNews4
- *हनुमानजी की भक्ति में रंगे रामभक्त, संगीतमय सुंदरकांड पाठ में उमड़ी श्रद्धा*। गोटेगांव। श्री राम रामायण समिति द्वारा पिछले 40 वर्षों से भी अधिक समय से निरंतर *हनुमानजी की भक्ति में रंगे रामभक्त, संगीतमय सुंदरकांड पाठ में उमड़ी श्रद्धा*। गोटेगांव। श्री राम रामायण समिति द्वारा पिछले 40 वर्षों से भी अधिक समय से निरंतर श्री रामचरितमानस अखंड पाठ की परंपरा निभाई जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को हनुमानजी को प्रिय संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन नरेंश, सतीश, महेश नामदेव जी के व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर किया गया। सुंदरकांड पाठ के दौरान रामभक्तों ने भजनों और संगीतमय प्रस्तुति के साथ श्रद्धापूर्वक पाठ किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान श्रीराम एवं हनुमानजी की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।1
- मां एचपी गैस एजेंसी बकोरी की मनमानी, एजेंसी बंद मिलने से भड़के उपभोक्ता मां एचपी गैस एजेंसी बकोरी की मनमानी, एजेंसी बंद मिलने से भड़के उपभोक्ता एजेंसी पर नियमों की अनदेखी, सिलेंडर व ई-केवाईसी के नाम पर ग्रामीणों के शोषण का आरोप बबलिया के उपभोक्ता बकोरी स्थित मां एचपी गैस एजेंसी की मनमानी से त्रस्त हैं। बबलिया के उपभोक्ता प्रहलाद वरकड़े, बाबूलाल यादव, मिलन सिंह सहित दर्जनों उपभोक्ता 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे से लाइन में खड़े रहे, लेकिन एजेंसी बंद मिली। यहां तक कि सिलेंडर खाली करने आए ट्रक चालक भी घंटों इंतजार करते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के नियमों को ताक पर रखकर घर-घर आपूर्ति के बजाय लोगों को रोज चक्कर कटवाए जा रहे हैं। मनमाने दामों पर गैस बेचने और नि:शुल्क ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है; पैसे न देने पर दिनभर बैठाकर परेशान किया जाता है। आदिवासी व ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से एजेंसी संचालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1