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इंदौर शहर ने एक बार फिर स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित की है।
Ravindra
इंदौर शहर ने एक बार फिर स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित की है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- इंदौर शहर ने एक बार फिर स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित की है।1
- रात के समय वाहन चलाते हुए सड़क पर बैठे पशुओं के प्रति विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। यह चेतावनी जारी की गई है कि सड़क पर पशुओं से हमेशा खतरा बना रहता है। वाहन चालकों को इन पशुओं से बचकर रहने और सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।1
- अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा में मातमी धुनों के बीच ताजिए निकाले गए। इस अवसर पर इमाम हुसैन को पूरी अकीदत और श्रद्धा के साथ याद किया गया।2
- शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में अवैध खनन रोकने पहुंचे तहसीलदार सचिन भार्गव को गोली मारने की कथित धमकी देने का मामला अब गर्मा गया है। यह घटना 25 जून को हुई, जब तहसीलदार भार्गव अपनी राजस्व एवं प्रशासनिक टीम के साथ क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतों की जांच और कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, और मौके पर हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर तहसीलदार को धमकी देता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसमें उससे कार्रवाई बंद करने या गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आए और मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, धमकी देने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। बताया गया है कि इन आरोपियों में एक ही परिवार के दादा, बेटे और पोते को नामजद किया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच कर रही है, और प्रशासन का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद, जिला प्रशासन ने सख्त संदेश देते हुए मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और सरकारी अधिकारियों को धमकाने जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर सीधा हमला बताया है। इस घटनाक्रम ने जिले में अवैध खनन के नेटवर्क और उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है, और प्रशासन ने संकेत दिया है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।2
- मध्य प्रदेश के सिरोंज में एक निजी अस्पताल के संचालक डॉ. संजीव माथुर के खिलाफ यौन शोषण के मामले में दुष्कर्म की धाराएं जोड़ी गई हैं। यह कार्रवाई 25 जून को पीड़ित युवती द्वारा कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद की गई। युवती ने 24 जून को डॉ. माथुर पर इलाज के दौरान छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शुरुआत में डॉ. माथुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75 (1), (i) के तहत मामला दर्ज किया था। थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर अब FIR में BNS की धाराएं 64(1), 332 (B), 351 (3) भी बढ़ा दी गई हैं, जो यौन शोषण और दुष्कर्म से संबंधित हैं। पुलिस ने आरोपी डॉ. संजीव माथुर को हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद पीड़ित युवती के भाई ने डॉक्टर के साथ मारपीट की थी, जिससे उनके सिर में चोट आई थी। डॉ. माथुर का इलाज वर्तमान में भोपाल के एक निजी अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है, जहां पुलिसकर्मी तैनात हैं। इस मामले को लेकर 26 जून को कुशवाह समाज ने सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। समाज ने आरोपी डॉक्टर और उनके अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।4
- बीना शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता काफी बढ़ा दी है। इसी कड़ी में एक ताजा वारदात सामने आई है, जहाँ शहर के एक एडवोकेट के घर के सामने से उनकी मोटरसाइकिल चोरी हो गई। यह घटना देर रात करीब 2 बजे की है, जब दो चोर बाइक चुराकर मौके से फरार हो गए। चोरी की यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जो क्षेत्र में चोरों के बेखौफ इरादों को उजागर करती है।1
- सागर जिले में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बीना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 54 बल्क लीटर अवैध शराब और एक पल्सर मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया और एसडीओपी अजय सनकत के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर दो कैरेट में शराब भरकर बीना की ओर ला रहा है। सूचना मिलते ही थाना बीना पुलिस टीम ने खिमलासा रोड पर घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर बाइक तेज गति से भगाने लगा, लेकिन रेलवे अंडरब्रिज के मोड़ पर उसकी बाइक फिसल गई। आरोपी मोटरसाइकिल और शराब से भरी कैरेट छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भाग निकला। पुलिस ने मौके से पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 15 जेडके 0983 और 300 पाव यानी 54 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार 500 रुपये है। जांच के दौरान वाहन मालिक से पूछताछ में पता चला कि घटना के समय मोटरसाइकिल उसका नाती रोहित कुशवाहा चला रहा था। पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी रोहित पिता रामदास कुशवाहा, निवासी प्रताप वार्ड, बीना को तलाश कर गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक जयसिंह, प्रधान आरक्षक अनिल पाण्डेय तथा आरक्षक दीपसिंह भदौरिया, बाबूलाल, राहुल सोलंकी, संदीप यादव और दिनेश राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीना पुलिस इस कार्रवाई को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मान रही है और उसने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- गुना शहर के एबी रोड स्थित श्रीराम फाइनेंस कार्यालय में गुरुवार को एक कर्मचारी सचिन सेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। 30 वर्षीय सचिन की मौत बिल्डिंग से गिरने के बाद जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई मनीष सेन ने बताया कि सचिन पिछले करीब दो वर्षों से श्रीराम फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था। परिवार के अनुसार, सचिन ने उन्हें ग्वालियर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का हवाला दिया था और पिछले तीन दिनों से वह घर नहीं आया था, हालांकि वह फोन पर संपर्क में था और हर बार यही कहता रहा कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ है। परिवार ने आरोप लगाया है कि कंपनी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी सचिन पर पैसों को लेकर लगातार दबाव बना रहे थे, और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर किसी भी तरह पैसे की व्यवस्था करने को कहा जा रहा था। परिजनों का दावा है कि सचिन ने फोन पर बताया था कि उसे कार्यालय में रोका गया है और घर नहीं जाने दिया जा रहा। मनीष सेन के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले सचिन बातचीत के दौरान घबराया हुआ लग रहा था। इसके बाद अचानक उनके बिल्डिंग से गिरने की सूचना मिली। परिवार ने आशंका जताई है कि सचिन या तो प्रताड़ना से परेशान होकर जान बचाने के लिए वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था, या उसके साथ कोई अप्रिय घटना हुई है। परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सचिन सेन अपने पीछे पत्नी और तीन वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं, और घटना के बाद से परिवार में शोक तथा आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में परिजन और परिचित अस्पताल पहुंचे। पुलिस के पक्ष में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने बताया कि सचिन सेन नामक युवक को बिल्डिंग से गिरने के बाद जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गहनता से छानबीन की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस घटनास्थल, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों से पूछताछ सहित सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।3