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- Post by PS24NEWS1
- अवैध शराब बिक्री के खिलाफ न्यायालय जाएगी गरीब विकास संस्था प्रदेश में अवैध शराब बिक्री और सड़कों, स्कूल-कॉलेजों के आसपास संचालित हो रही शराब दुकानों के विरोध में गरीब विकास संस्था ने न्यायालय जाने का फैसला किया है। संस्था के संस्थापक राम प्रसाद पटेल का कहना है कि प्रदेश के कई इलाकों में नियमों के विपरीत सड़कों और शिक्षण संस्थानों के पास शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे हजारों परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही उन्होंने प्रदेश में गौ माता की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठाया। राम प्रसाद पटेल के मुताबिक इन सभी मामलों में उचित कार्रवाई कराने के लिए अब संस्था न्यायालय की शरण लेगी। बाइट - राम प्रसाद पटेल गरीब विकास संस्था1
- Post by शाहिद खान रिपोर्टर1
- Post by Naved khan1
- भोपा ल के मायनिंग करोबारी दिलीप गुप्ता के घर आयकर विभाग का छापा3
- भोपाल.... राजधानी में एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का बयान हमने गैस वितरको के साथ बैठक की है , गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी ना हो स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है इसको लेकर गाइडलाइन भी जारी की है ,निर्देश दिए गए हैं... शादी सीजन में गैस कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर कहा - अभी सिर्फ इसमें अत्यावश्यक सेवाओं हॉस्पिटल ,शैक्षणिक संस्थाओं को छूट दी गई है *बड़े तालाव से अतिक्रमणहटाने पर बोले कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह* सर्वे पूरा हो चुका है, छोटे बड़े सभी अतिक्रमण चिह्नित कर लिए गए हैं सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे1
- भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके शाहपुरा स्थित डीके कॉटेज कॉलोनी में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉलोनी की रहवासी समिति ने अचानक तोड़फोड़ शुरू कर दी। समिति के पदाधिकारियों ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए न केवल लोगों के घरों के सामने के रास्तों को 'कब्जा' बताकर ढहा दिया, बल्कि कई घरों के निर्माण को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। न नोटिस, न सूचना: सीधे कार्रवाई पीड़ित रहवासियों का आरोप है कि समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्य अपनी मनमानी पर उतारू हैं। इस पूरी कार्रवाई से पहले किसी भी घर को न तो कोई कानूनी नोटिस दिया गया और न ही कोई पूर्व सूचना दी गई। सुबह अचानक मजदूरों और हथौड़ों के साथ पहुँची समिति की टीम ने तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे रहवासी हक्के-बक्के रह गए। भोपाल में अपनी तरह का पहला मामला जानकारों का कहना है कि भोपाल के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है, जब किसी हाउसिंग सोसाइटी या समिति ने प्रशासन और नगर निगम के अधिकारों को अपने हाथ में लेकर इस तरह की बड़ी तोड़फोड़ की हो। आमतौर पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नगर निगम या जिला प्रशासन द्वारा कानूनी नोटिस के बाद की जाती है, लेकिन यहाँ समिति खुद ही 'जज' और 'जमीन मालिक' बन बैठी है। अध्यक्ष की मनमानी पर उठे सवाल कॉलोनी के लोगों में समिति के अध्यक्ष के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। यदि कोई अतिक्रमण था भी, तो उसके लिए विधिवत प्रक्रिया का पालन होना चाहिए था। निजी समिति को किसी का घर तोड़ने का संवैधानिक अधिकार किसने दिया, यह अब जांच का विषय है। फिलहाल, पीड़ित परिवार इस मामले में पुलिस और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस 'निजी बुलडोजर संस्कृति' पर क्या कार्रवाई करता है।1
- Post by PS24NEWS1