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शहडोल जिले की ग्राम पंचायत बरकच्छ में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में कई तरह की कमियाँ हैं, और तैयार की जा रही सड़क भी कमजोर गुणवत्ता की है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ठेकेदार द्वारा पूरी सड़क बनाने के बजाय केवल आधा ही निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जहाँ सड़क पहले से ही टूटी-फूटी नहीं है, वहाँ नया निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा अधूरा रह जाने की आशंका है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तुरंत ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
Bhola prashad
शहडोल जिले की ग्राम पंचायत बरकच्छ में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में कई तरह की कमियाँ हैं, और तैयार की जा रही सड़क भी कमजोर गुणवत्ता की है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ठेकेदार द्वारा पूरी सड़क बनाने के बजाय केवल आधा ही निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जहाँ सड़क पहले से ही टूटी-फूटी नहीं है, वहाँ नया निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा अधूरा रह जाने की आशंका है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तुरंत ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश के मुकुंदपुर में युवाओं की चीत्कार अनसुनी रह गई है, जहाँ 12 साल के लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें अपना खेल मैदान नहीं मिला। नौतपा की भीषण गर्मी और कड़कती धूप के बावजूद, जब लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं, तब गाँव के युवाओं ने खुद ही खेल मैदान बनाने का बीड़ा उठाया है। जिला प्रशासन मैहर की उदासीनता और कागजों में उलझे रहने के कारण, युवाओं ने अब अपने गाँव के भविष्य की कमान अपने हाथों में ले ली है। यह प्रयास किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने हक और ग्रामीण अंचलों की खेल प्रतिभाओं को एक उचित मंच देने के लिए है। मुकुंदपुर की युवा शक्ति इस खेल मैदान को समतल करने के लिए लगातार पसीना बहा रही है, ताकि गाँव की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। युवाओं ने शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों से विनम्र प्रार्थना की है कि वे मुकुंदपुर के खिलाड़ियों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस खेल मैदान के लिए आधिकारिक रूप से जगह या स्वीकृति प्रदान करें। उनका मानना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही सम्मान और आवश्यक सुविधाएं मिलें, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। पूरी मुकुंदपुर युवा टीम और क्षेत्र के खिलाड़ी इस सहयोग के लिए जीवन भर आपके आभारी रहेंगे।2
- सतना जिले के भाजपा सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस को अपने कार्यकाल का हिसाब देने की चुनौती देते हुए कहा कि जिस मजाकिया लहजे में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम का उच्चारण किया गया, उसे भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।1
- पन्ना जिले के बीहरपुरवा गांव में खेत के एक कुएं की खुदाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। अचानक मिट्टी धंसने से पांच मजदूर मलबे में दब गए, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। जेसीबी मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है, जबकि प्रशासन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इस पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।1
- रीवा के पीटीएस शासकीय मेस में आरक्षकों द्वारा शराब और चिकन पार्टी करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने तुरंत इस पर अपना बयान जारी किया और जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि की जाएगी, जिसके बाद संबंधितों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश में संभागीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी ने ब्लॉक अध्यक्षों, मंडलम अध्यक्षों और नगर अध्यक्षों के लिए प्रशिक्षण शिविरों का शुभारंभ कर दिया है। इन शिविरों के माध्यम से पार्टी का साझा संकल्प है कि संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाए। एकजुटता के साथ कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाते हुए, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पार्टी जनता की आवाज बनकर उनके हक की लड़ाई मजबूती से लड़े।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान नगर परिषद में पाथ कर वसूली के दो ठेके होने के कारण ऑटो चालकों से दोबारा टैक्स वसूले जाने की समस्या सामने आई थी। इसी परेशानी को लेकर 26 मई को सुबह 10:00 बजे आधा दर्जन ऑटो चालक रामपुर बघेलान स्थित विधायक निवास पहुँचे और विधायक विक्रम सिंह से पथ कर वसूली के ठेकेदार के खिलाफ शिकायत की। विधायक श्री सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद के अधिकारियों को तुरंत बातचीत के लिए बुलाया। विधायक ने ऑटो चालकों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ऑटो चालकों से एक भी रुपया अतिरिक्त टैक्स के रूप में वसूला गया, तो दोषी बख्शे नहीं जाएँगे। उन्होंने ऑटो चालकों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिवार का भरण-पोषण उनके कठिन कार्य से होता है, और किसी भी ऑटो चालक से दोबारा टैक्स वसूली पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मुलाकात को विधायक कार्यालय का 'घेराव' बताया गया, जिसे ऑटो चालकों ने पूरी तरह से गलत करार दिया। ऑटो चालकों ने स्पष्ट किया कि वे केवल अपनी समस्याओं को बताने के लिए अपने क्षेत्रीय विधायक से मिलने गए थे, न कि उनका घेराव करने। ऑटो चालकों के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा यह 'घेराव' और 'ज्ञापन' बताकर विधायक की छवि धूमिल करने की एक रची हुई साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।1
- मैहर तहसील के ग्राम रिवारा निवासी किसान मथुरा साकेत ने मैहर कलेक्टर को एक शिकायत सौंपी है। इस शिकायत में उन्होंने अल्ट्राटेक प्रबंधन से जुड़े दिनेश यादव और प्रबंधन के लिए कार्य करने वाले सुमित लालवानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान मथुरा साकेत का कहना है कि उनकी जमीन और अधिकारों से जुड़े मामलों में लगातार अनदेखी की जा रही है, साथ ही उन पर दबाव भी बनाया जा रहा है। इस स्थिति के चलते वे मानसिक और आर्थिक दोनों रूपों से परेशान हैं। यह शिकायत सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है, और ग्रामीणों की नजरें अब इस पर टिकी हुई हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। अब देखना होगा कि मैहर का राजस्व अमला इस विषय पर निष्पक्ष जांच कर किसान के हित में कोई कदम उठाता है, या फिर उद्योग प्रबंधन के प्रति अपनी वफादारी साबित करता हुआ दिखाई देगा।1
- पन्ना की कलेक्टर उषा परमार ने पाँच लोगों की मौत की पुष्टि की है।1
- रीवा के पीटीएस मेस परिसर में कुछ कर्मचारियों पर शराब और चिकन पार्टी करने तथा अनुशासनहीनता का गंभीर आरोप सामने आया है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि आरक्षक ट्रेड अखिलेश खरवार, दीपक राठौर और कार्यवाहक प्रधान आरक्षक स्वीपर संतोष करोसिया ने नवआरक्षकों के भोजन के लिए उपयोग होने वाले शासकीय मेस परिसर का इस्तेमाल निजी पार्टी के लिए किया। वायरल तस्वीरों और वीडियो के आधार पर सामने आए इस मामले में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की बात भी कही जा रही है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह विभागीय अनुशासन और शासकीय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है।1