खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। खुल्दाबाद में दबंगों का आतंक मंदिर के पास मारपीट, फल ठेला पलटा, दुकानदार को दी जान से मारने की धमकी ________________________ प्रयागराज। 13 अगस्त 2026/ खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। पीड़ित लखी सोनकर और राहुल सोनकर का आरोप है कि इलाके के सानी, राहुल और अजय आए दिन लोगों से गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। इनकी दबंगई से स्थानीय दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं। इसी दौरान आरोपियों ने एक फल विक्रेता का ठेला भी पलट दिया। जब दुकानदार ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें पीड़ित अपनी आपबीती सुना रहे हैं। पीड़ितों ने मामले की लिखित शिकायत खुल्दाबाद चौकी में दे दी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है...!! रंजीत कुमार सोनकर (प्रधान संपादक) क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़
खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। खुल्दाबाद में दबंगों का आतंक मंदिर के पास मारपीट, फल ठेला पलटा, दुकानदार को दी जान से मारने की धमकी ________________________ प्रयागराज। 13 अगस्त 2026/ खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। पीड़ित लखी सोनकर और राहुल सोनकर का आरोप है कि इलाके के सानी, राहुल और अजय आए दिन लोगों से गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। इनकी दबंगई से स्थानीय दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं। इसी दौरान आरोपियों ने एक फल विक्रेता का ठेला भी पलट दिया। जब दुकानदार ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें पीड़ित अपनी आपबीती सुना रहे हैं। पीड़ितों ने मामले की लिखित शिकायत खुल्दाबाद चौकी में दे दी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है...!! रंजीत कुमार सोनकर (प्रधान संपादक) क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़
- पीड़ित से मिलने पहुंची भीम आर्मी और लाखन आर्मी,जातिगत राजनीति पर साधा निशाना प्रयागराज: यमुनापार के नेवती गांव में मामा-भांजा दलित उत्पीड़न मामले में पीड़ित परिवार से मिलने भीम आर्मी,आजाद समाज पार्टी और लाखन आर्मी के पदाधिकारी पहुंचे। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हाल जाना और न्याय की मांग की। इस दौरान नेताओं ने जाति देखकर नेतागिरी करने वाले संगठनों पर जमकर हमला बोला। भीम आर्मी नेताओं ने कहा कि "दलितों पर अत्याचार के समय मुंह बंद करने वाले अब चुनाव के समय दिखाई देंगे। हम पीड़ित को न्याय दिलाकर रहेंगे।" पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।2
- पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग प्रयागराज। करेली के 60 फीट रोड स्थित नाज हॉस्पिटल में प्रसव के बाद पत्नी की मौत से टूटे जौनपुर निवासी दीनानाथ मौर्य अब अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था, अस्पताल के मानकों और वहां इलाज करने वाली चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता एवं डिग्री की जांच कराने की मांग की। दीनानाथ मौर्य ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं। सामान्य प्रसव की उम्मीद में वह 25 अक्टूबर 2025 को पहली बार नाज हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद जुलाई 2026 तक उनकी पत्नी का इलाज वहीं चलता रहा। उनका आरोप है कि 17 जुलाई को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन प्रसव के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था। पत्नी दर्द से कराहती रहीं और चिकित्सक को बुलाने के बावजूद तत्काल उपचार नहीं मिल सका। बाद में सुबह करीब छह बजे चिकित्सक के पहुंचने और मरीज को आईसीयू में ले जाने की बात कही गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया। दीनानाथ का दावा है कि जब वह पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया और बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद वह पत्नी का शव लेकर वापस नाज हॉस्पिटल पहुंचे, जहां हंगामा हुआ और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दीनानाथ मौर्य की आवाज में पत्नी को खोने का दर्द साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जिस बच्ची को दुनिया में लाने के लिए वह और उनकी पत्नी महीनों से इंतजार कर रहे थे, उसी बच्ची के जन्म के बाद उसकी मां हमेशा के लिए उससे दूर हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य प्रसव के नाम पर उनसे करीब 51 हजार रुपये लिए गए। उनका कहना है कि उन्हें पैसे का नहीं, अपनी पत्नी और अपनी मासूम बच्ची की मां के चले जाने का गम है। दीनानाथ ने भावुक होकर कहा कि आज उनकी गोद में बच्ची तो है, लेकिन उसे मां का प्यार देने वाली उसकी मां नहीं है। बच्ची बड़ी होगी तो वह उससे उसकी मां के बारे में क्या कहेंगे—यह सवाल उन्हें भीतर से तोड़ रहा है। उनका कहना है कि एक महिला की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं होती, उसके साथ पूरा परिवार बिखर जाता है और बच्चों का जीवन भी बदल जाता है। दीनानाथ के मुताबिक घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करने और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीएमओ से शिकायत की। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। अब उनकी निगाह जांच रिपोर्ट पर टिकी है। दीनानाथ मौर्य ने मांग की कि नाज हॉस्पिटल की मान्यता, चिकित्सकीय सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रसव के दौरान मौजूद स्टाफ और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही जिस चिकित्सक पर वह इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, उनकी शैक्षिक योग्यता और चिकित्सकीय डिग्री की भी संबंधित विभाग से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। दीनानाथ ने यह भी कहा कि अस्पताल और वहां की चिकित्सक से जुड़े सामान्य प्रसव के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐसे प्रचार से प्रभावित होकर ही उन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल पर भरोसा किया था। उन्होंने मांग की कि इन दावों और अस्पताल में उपलब्ध वास्तविक चिकित्सकीय सुविधाओं की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई केवल अपनी पत्नी के लिए नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों के लिए है जो इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों पर भरोसा करते हैं। “मेरी पत्नी वापस नहीं आ सकती, लेकिन अगर मेरी लड़ाई से किसी दूसरी बच्ची को अपनी मां से और किसी पति को अपनी पत्नी से न बिछड़ना पड़े तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात होगी।” फिलहाल मामले में सीएमओ द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही, अस्पताल के मानकों और लगाए गए अन्य आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।4
- पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग प्रयागराज। करेली के 60 फीट रोड स्थित नाज हॉस्पिटल में प्रसव के बाद पत्नी की मौत से टूटे जौनपुर निवासी दीनानाथ मौर्य अब अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था, अस्पताल के मानकों और वहां इलाज करने वाली चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता एवं डिग्री की जांच कराने की मांग की। दीनानाथ मौर्य ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं। सामान्य प्रसव की उम्मीद में वह 25 अक्टूबर 2025 को पहली बार नाज हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद जुलाई 2026 तक उनकी पत्नी का इलाज वहीं चलता रहा। उनका आरोप है कि 17 जुलाई को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन प्रसव के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था। पत्नी दर्द से कराहती रहीं और चिकित्सक को बुलाने के बावजूद तत्काल उपचार नहीं मिल सका। बाद में सुबह करीब छह बजे चिकित्सक के पहुंचने और मरीज को आईसीयू में ले जाने की बात कही गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया। दीनानाथ का दावा है कि जब वह पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया और बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद वह पत्नी का शव लेकर वापस नाज हॉस्पिटल पहुंचे, जहां हंगामा हुआ और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दीनानाथ मौर्य की आवाज में पत्नी को खोने का दर्द साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जिस बच्ची को दुनिया में लाने के लिए वह और उनकी पत्नी महीनों से इंतजार कर रहे थे, उसी बच्ची के जन्म के बाद उसकी मां हमेशा के लिए उससे दूर हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य प्रसव के नाम पर उनसे करीब 51 हजार रुपये लिए गए। उनका कहना है कि उन्हें पैसे का नहीं, अपनी पत्नी और अपनी मासूम बच्ची की मां के चले जाने का गम है। दीनानाथ ने भावुक होकर कहा कि आज उनकी गोद में बच्ची तो है, लेकिन उसे मां का प्यार देने वाली उसकी मां नहीं है। बच्ची बड़ी होगी तो वह उससे उसकी मां के बारे में क्या कहेंगे—यह सवाल उन्हें भीतर से तोड़ रहा है। उनका कहना है कि एक महिला की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं होती, उसके साथ पूरा परिवार बिखर जाता है और बच्चों का जीवन भी बदल जाता है। दीनानाथ के मुताबिक घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करने और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीएमओ से शिकायत की। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। अब उनकी निगाह जांच रिपोर्ट पर टिकी है। दीनानाथ मौर्य ने मांग की कि नाज हॉस्पिटल की मान्यता, चिकित्सकीय सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रसव के दौरान मौजूद स्टाफ और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही जिस चिकित्सक पर वह इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, उनकी शैक्षिक योग्यता और चिकित्सकीय डिग्री की भी संबंधित विभाग से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। दीनानाथ ने यह भी कहा कि अस्पताल और वहां की चिकित्सक से जुड़े सामान्य प्रसव के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐसे प्रचार से प्रभावित होकर ही उन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल पर भरोसा किया था। उन्होंने मांग की कि इन दावों और अस्पताल में उपलब्ध वास्तविक चिकित्सकीय सुविधाओं की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई केवल अपनी पत्नी के लिए नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों के लिए है जो इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों पर भरोसा करते हैं। “मेरी पत्नी वापस नहीं आ सकती, लेकिन अगर मेरी लड़ाई से किसी दूसरी बच्ची को अपनी मां से और किसी पति को अपनी पत्नी से न बिछड़ना पड़े तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात होगी।” फिलहाल मामले में सीएमओ द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही, अस्पताल के मानकों और लगाए गए अन्य आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।2
- यमुनापार पंजाबी सभा के मीडिया प्रभारी सरदार पतविंदर सिंह बने। समाज हित एवं जनकल्याण के कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएगी। नैनी प्रयागराज/ यमुनापार पंजाबी सभा की महत्वपूर्ण बैठक नैनी गुरुद्वारा प्रांगण हाल में संपन्न हुई। सर्वप्रथम बैठक में उपस्थित सभी सम्मानित सदस्यों एवं अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। सभी एक-दूसरे का परिचय प्राप्त करने तथा सभा के गठन एवं उसके उद्देश्यों की जानकारी साझा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। यमुनापार पंजाबी सभा की कार्यकारिणी समिति इस प्रकार है:- प्रधान तरुण चावला (काके भइया),उपप्रधान कमल गुलाटी, कोषाध्यक्ष तरुण खुराना,महिला प्रभारी शरिता खुराना, मीडिया प्रभारी सरदार पतविंदर सिंह। प्रभारी सुशील सुनेजा,अविनाश कुमार,काके,राजू चड्ढा,मनीष खेड़ा, नीतू सेठी। हम सभी को विश्वास है कि मार्गदर्शन एव सभी के सहयोग से यमुनापार पंजाबी सभा समाज हित एवं जनकल्याण के कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएगी। सहयोग,सुझाव एवं सहभागिता के लिए धन्यवाद किया।2
- अमर शहीद ननका हेला के शहादत दिवस पर गोष्ठी आयोजित किया गया याद। प्रयागराज। अमर शहीद ननका हेला के शहादत दिवस 12अगस्त पर आज़ उनको याद करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। शहीद ननका हेला 30वर्ष की उम्र में शहर कोतवाली के ऊपर तिरंगा फहराते हुए ब्रितानिया हुकूमत के सिपाहियों की गोली का शिकार होगये थे और वही पर अपने प्राण त्याग दिए थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा महानगर अध्यक्ष सैयद इफ़्तेख़ार हुसैन एवं संचालन जीतराज हेला जितेंद्र ने किया। मुख्य वक्ता अखिल भारतीय हेला समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृज मोहन हेला ने शहीद ननका हेला के जीवन और उनके बलिदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के सभी जाने, अनजाने शहीदों को स्मरण करते हुए नमन किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से सैयद इफ़्तेख़ार हुसैन, बृज मोहन हेला,दान बहादुर मधुर,जीत राज हेला, अरविन्द हेला, सुशांत चंद्रा प्रधान, रेनू बाल्मीकि,पंकज पटेल, प्रभात यादव,संतोष हेला, एस एन भारतीय, विष्णु कुमार सिद्धार्थ, रामानंद सागर, रंजीत हेला, नाटे चौधरी, महेन्द्र निषाद, संतोष यादव, देवीलालयादव, पिन्टूवर्मा, नीरज पासी, वीरेन्द्र रावत, मो.सऊद, विजय हेला, सोनू राज, बृजेश कुमार, ओम प्रकाश, आदि मौजूद रहे।2
- खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। खुल्दाबाद में दबंगों का आतंक मंदिर के पास मारपीट, फल ठेला पलटा, दुकानदार को दी जान से मारने की धमकी ________________________ प्रयागराज। 13 अगस्त 2026/ खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। पीड़ित लखी सोनकर और राहुल सोनकर का आरोप है कि इलाके के सानी, राहुल और अजय आए दिन लोगों से गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। इनकी दबंगई से स्थानीय दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं। इसी दौरान आरोपियों ने एक फल विक्रेता का ठेला भी पलट दिया। जब दुकानदार ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें पीड़ित अपनी आपबीती सुना रहे हैं। पीड़ितों ने मामले की लिखित शिकायत खुल्दाबाद चौकी में दे दी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है...!! रंजीत कुमार सोनकर (प्रधान संपादक) क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़1