ऊंचाहार: डॉ. अमरनाथ त्रिपाठी ने फीता काटकर किया 'सुनीता मेडिकल स्टोर' का भव्य शुभारंभ रिपोर्ट- सागर तिवारी ऊंचाहार: डॉ. अमरनाथ त्रिपाठी ने फीता काटकर किया 'सुनीता मेडिकल स्टोर' का भव्य शुभारंभ ऊंचाहार (रायबरेली): क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। विकास खंड ऊंचाहार के अंतर्गत रामसांड़ा गांव के समीप नव-स्थापित 'सुनीता मेडिकल स्टोर' का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रतिष्ठित और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमरनाथ त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत फीता काटकर प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया। उद्घाटन के उपरांत उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता समय की मांग है। एक सही मेडिकल स्टोर न केवल दवाएं उपलब्ध कराता है, बल्कि आपातकालीन समय में ग्रामीणों के लिए जीवन रक्षक केंद्र की भूमिका भी निभाता है। मेडिकल स्टोर के संचालक ने बताया कि यहाँ उचित दरों पर ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं का संग्रह रखा गया है, ताकि स्थानीय निवासियों को छोटी-बड़ी दवाओं के लिए शहर की ओर न भागना पड़े। इस उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नई पहल की सराहना की।
ऊंचाहार: डॉ. अमरनाथ त्रिपाठी ने फीता काटकर किया 'सुनीता मेडिकल स्टोर' का भव्य शुभारंभ रिपोर्ट- सागर तिवारी ऊंचाहार: डॉ. अमरनाथ त्रिपाठी ने फीता काटकर किया 'सुनीता मेडिकल स्टोर' का भव्य शुभारंभ ऊंचाहार (रायबरेली): क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। विकास खंड ऊंचाहार के अंतर्गत रामसांड़ा गांव के समीप नव-स्थापित 'सुनीता मेडिकल स्टोर' का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रतिष्ठित और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमरनाथ त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत फीता काटकर प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया। उद्घाटन के उपरांत उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता समय की मांग है। एक सही मेडिकल स्टोर न केवल दवाएं उपलब्ध कराता है, बल्कि आपातकालीन समय में ग्रामीणों के लिए जीवन रक्षक केंद्र की भूमिका भी निभाता है। मेडिकल स्टोर के संचालक ने बताया कि यहाँ उचित दरों पर ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं का संग्रह रखा गया है, ताकि स्थानीय निवासियों को छोटी-बड़ी दवाओं के लिए शहर की ओर न भागना पड़े। इस उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नई पहल की सराहना की।
- ऊँचाहार: शादी की खुशियाँ खौफ में बदली, आतिशबाजी से गन्ने के खेत में लगी भीषण आग ऊँचाहार (रायबरेली): ऊँचाहार कोतवाली क्षेत्र के कोटिया चित्रा गांव में एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आतिशबाजी की एक चिंगारी ने गन्ने के खेत में विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया, जिससे समारोह में मौजूद मेहमानों और ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने दिखाया साहस आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास की बस्तियों पर भी खतरा मंडराने लगा था। आनन-फानन में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए और अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। दमकल विभाग को सूचना देने के साथ ही ग्रामीणों ने निजी संसाधनों और कड़ी मशक्कत के बाद घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। बड़ा हादसा टला गनीमत रही कि आग को समय रहते रोक लिया गया, वरना यह पास के रिहायशी इलाकों तक फैल सकती थी। इस घटना में गन्ने की फसल को काफी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सूखे खेतों के पास आतिशबाजी करते समय विशेष सावधानी बरतें।1
- Shailendra Gupta jansewak unchahar1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by KEN1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- खागा फतेहपुर ::- फतेहपुर जनपद के नगर पंचायत स्थिति सुजान सिंह पार्क मे आज दिनांक 19 अप्रैल 2026 दिन रविवार को सुबह 5:30 बजे से 7:30 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला खागा द्वारा अभ्यास वर्ग और परशुराम जयंती मनाई गई।अभ्यास वर्ग में समता, नियुद्ध ,पद विन्यास, दंड प्रहार, का अभ्यास कराया गया। जिला प्रचारक खागा मोहित नारायण जी का बौद्धिक रहा। तत्पश्चात सह विभाग संघ चालक कृष्ण स्वरूप जी द्वारा भगवान परशुराम जी के चित्र पर पुष्पर्चन किया गया। मोहित नारायण जी जिला प्रचारक ने बताया की परशुराम जयंती भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जो वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) को आती है। वे साहस, ज्ञान और शक्ति के प्रतीक हैं, जिन्होंने अन्यायपूर्ण और अत्याचारी शासकों का अंत कर धर्म की स्थापना की थी। उन्हें आठ चिरंजीवियों में से एक माना जाता है, जो आज भी अदृश्य रूप में मौजूद हैं। परशुराम जयंती मनाने के मुख्य कारण: भगवान विष्णु के अवतार: परशुराम जी का जन्म धरती पर पाप और अधर्म का नाश करने के लिए हुआ था। अन्याय के विरुद्ध संघर्ष: उन्होंने अपनी वीरता से अत्याचारी क्षत्रियों का संहार किया और समाज में धर्म व न्याय की पुनर्स्थापना की। शास्त्र और शस्त्र के ज्ञानी: वे एक आदर्श ब्राह्मण, गुरु और तपस्वी थे, जो ज्ञान और युद्ध दोनों में निपुण थे। शिव भक्त: महादेव की कठोर तपस्या से उन्होंने अपना दिव्य अस्त्र 'परशु' (फरसा) प्राप्त किया था, जिसके बाद वे परशुराम कहलाए। प्रेरणा और साहस: यह दिन हमें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने, अनुशासन और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में नगर संघ चालक उदयपाल जी, जिला सेवा प्रमुख डॉ धर्मेंद्र जी,नगर कार्यवाह उमेश जी, सह नगर कार्यवाह रितेश जी के साथ कृष्ण कुमार मिश्रा जी अरविंद सोनी जी राजेश सिंह जी आलोक केशरवानी जी आदि स्वयंसेवक उपस्थित रहे। Crime24hours/समाचार संपादक आलोक कुमार केशरवानी4
- Post by Shiv darshan1
- रायबरेली: पुलिस कार्यशैली पर सवाल, महिला ने लगाया मारपीट का आरोप रायबरेली: जनपद के डीह थाना क्षेत्र से पुलिसिया कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक पीड़ित महिला ने स्थानीय पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि पुलिस ने न केवल उसके साथ बदसलूकी की, बल्कि शारीरिक रूप से प्रताड़ित भी किया। इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की छवि को लेकर आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई गई है। अब देखना यह है कि विभाग अपने ही कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई करता है।1