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अमित पंवार गांव तेज्जूपूर बांडर डाकखाना चूडियाला ब्लॉक भगवानपुर छोटी-तहसिल भगवानपुर बड़ी तहसील रूड़की जिला हरिद्वार राज्य उत्तराखंड बांडर पर रहता हूं मूंछ देश के नाम से जाना जाता है हिन्दी भाषा चलती है हिन्दी भाषा चलाता हूं
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- Post by अमित पंवार गांव तेज्जूपूर बांडर डाकखाना चूडियाला ब्लॉक भगवानपुर छोटी-तहसिल भगवानपुर बड़ी तहसील रूड़की जिला हरिद्वार राज्य उत्तराखंड बांडर पर रहता हूं मूंछ देश के नाम से जाना जाता है हिन्दी भाषा चलती है हिन्दी भाषा चलाता हूं4
- झबरेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सढोली में एक दलित परिवार की जमीन पर अवैध कब्जे और धमकी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने संबंधित अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में एसपी देहात रुड़की और झबरेड़ा पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- लक्सर के शिव चौक स्थित स्वागत गेस्ट हाउस में सैनी समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने महाराजा भागीरथ की मूर्ति की स्थापना अपने स्वयं के खर्चे पर कराने का निर्णय लिया। सैनी समाज ने नेताओं द्वारा महाराजा भागीरथ की मूर्ति को लेकर की जा रही राजनीति को बंद किए जाने पर भी विशेष जोर दिया। इसी बैठक के दौरान, सैनी समाज ने आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से अपने समाज के लिए टिकट की मांग भी रखी।1
- लक्सर के शिव चौक पर सैनी समाज की एक विशाल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज की एकता को मजबूत करने, राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने और महाराजा भागीरथ की प्रतिमा स्थापित करने जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान, समाज के नेताओं ने लक्सर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा सैनी समाज के उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की पुरज़ोर मांग उठाई। इसके साथ ही, यह भी घोषणा की गई कि महाराजा भागीरथ की प्रतिमा को समाज अपने स्वयं के खर्चे पर स्थापित करेगा, जो उनकी एकजुटता और स्वावलंबन को दर्शाता है। इस मौके पर डॉ. रिशिपाल फतवा, डॉ. सुभाष सैनी और जिला अध्यक्ष बाबूराम सैनी सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इन नेताओं ने सैनी समाज की एकजुटता और उनके राजनीतिक अधिकारों के महत्व पर ज़ोर दिया, जिससे समाज में नई ऊर्जा और दिशा का संचार हुआ।1
- भोपाल और उत्तर प्रदेश एटीएस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को सहारनपुर के नानौता कस्बे में छापेमारी कर मोहल्ला अफगानान निवासी 38 वर्षीय नईम अब्दुल्ला को हिरासत में ले लिया है। एजेंसियां उसे पूछताछ के लिए अपने साथ भोपाल ले गई हैं, जहाँ उसे भोपाल में दर्ज एक मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एटीएस ने लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर यह कार्रवाई की। टीम ने नईम के घर से चार मोबाइल फोन और धार्मिक साहित्य बरामद किया है, जिनमें से एक मोबाइल को आगे की जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। एजेंसियां नईम की डिजिटल गतिविधियों और उसके संपर्कों की गहनता से पड़ताल कर रही हैं। यह कार्रवाई भोपाल से पकड़े गए मोहम्मद फराज के मामले से जोड़कर देखी जा रही है। एटीएस के अनुसार, फराज पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है, और जांच में उसके अफगानिस्तान जाकर प्रशिक्षण लेने की तैयारी व विदेशी संपर्कों की बात सामने आने की जानकारी है। एजेंसियां अब देवबंद क्षेत्र से जुड़े संभावित संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और चैट रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- एक संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो आम लोगों के बैंक खातों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को अपने साइबर अपराध का माध्यम बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों अंकित चौहान और विशाल चौहान को गिरफ्तार किया है, जो सहारनपुर जिले के बेहट थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद चालाकी से काम करता था। आरोपी ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते थे, कभी अपने पिता को कैंसर का मरीज बताकर तो कभी गाड़ी जब्त होने की झूठी कहानी सुनाकर नकद रुपये मांगते थे। नकद लेने के बदले में वे संबंधित व्यक्ति के खाते में ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करते थे। शुरुआत में लोगों को यह सामान्य लेनदेन लगता था, लेकिन कुछ समय बाद उनके बैंक खाते फ्रीज हो जाते थे, तब उन्हें ठगी का अहसास होता था। जांच में पता चला कि यह पैसा साइबर ठगी से हासिल किया गया होता था, जिसके लिए आरोपी विशेष APK फाइलों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। ठगी की गई रकम को सीधे CSC सेंटरों और अन्य बैंक खातों में भेजा जाता था ताकि उसके वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। इसके बाद आरोपी नकद रकम को विभिन्न कैश डिपॉजिट मशीनों (CDM) के जरिए अपने साथियों के खातों में जमा कराते थे, जिसका मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़ी धनराशि के निशान मिटाना और जांच एजेंसियों को गुमराह करना था। इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब दाबकी कला गांव के दो CSC संचालकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बहाने बनाकर नकद पैसे लिए और उनके खातों में संदिग्ध रकम डाली, जिसके बाद उनके खाते फ्रीज हो गए और साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई, जिसमें आरोपियों के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से कई QR स्कैनर और संदिग्ध लेनदेन के स्क्रीनशॉट भी बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 1 लाख 48 हजार रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल किया गया एक POCO मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस फिलहाल इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है और जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी गिरफ्तारी की उम्मीद है।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर मनिहारान क्षेत्र में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने आए 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पत्नी ने अपने भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि युवक और उसकी पत्नी ने चार महीने पहले प्रेम विवाह किया था, जिसका परिवार के कुछ सदस्य विरोध कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले को जांच में ले लिया है और सभी पहलुओं से पड़ताल की जा रही है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- हरिद्वार जिले के लक्सर रायसी मार्ग पर एक बाइक सवार युवक पर अज्ञात वाहन में सवार लोगों ने हमला कर दिया। बताया गया है कि भीड़ को अपनी ओर आता देख हमलावर अपनी गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए।1