बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के खडूई बरियारपुर गांव में इन दिनों एक अनोखा प्रेम प्रसंग चर्चा का विषय बना हुआ है। एक मिस कॉल से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और अंततः शादी में परिणत हो गई, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। यह मामला इसलिए सुर्खियां बटोर रहा है क्योंकि इसमें 36 वर्षीय एक महिला, जिसे पांच बच्चों की मां बताया जा रहा है, ने 19 वर्षीय युवक के साथ विवाह कर लिया है। ग्रामीणों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने दोनों को थाना बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान, दोनों ने अपनी इच्छा से एक साथ रहने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि चूंकि दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं, इसलिए उनसे पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया। इस घटना को लेकर क्षेत्र में अभी भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के खडूई बरियारपुर गांव में इन दिनों एक अनोखा प्रेम प्रसंग चर्चा का विषय बना हुआ है। एक मिस कॉल से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और अंततः शादी में परिणत हो गई, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। यह मामला इसलिए सुर्खियां बटोर रहा है क्योंकि इसमें 36 वर्षीय एक महिला, जिसे पांच बच्चों की मां बताया जा रहा है, ने 19 वर्षीय युवक के साथ विवाह कर लिया है। ग्रामीणों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने दोनों को थाना बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान, दोनों ने अपनी इच्छा से एक साथ रहने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि चूंकि दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं, इसलिए उनसे पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया। इस घटना को लेकर क्षेत्र में अभी भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में 4 जून को काली माता रेस्टोरेंट में रावत समाज के दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के मामले में अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस फुटेज के सामने आने के बाद अरुण रावत पर मारपीट को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रेस्टोरेंट में लगे कैमरों की फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि विवाद की शुरुआत अजय रावत और पुष्पेंद्र रावत ने गोलू रावत के साथ मारपीट करके की थी। इसी झगड़े के बाद मामला बढ़ता गया और स्थिति बेकाबू हो गई। वीडियो में अरुण रावत घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके खिलाफ लगे आरोप निराधार प्रतीत हो रहे हैं। अरुण रावत के परिजनों और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें इस मामले में जानबूझकर निशाना बनाया गया है। उनका यह भी कहना है कि 4 जून को पुलिस थाने की दहलीज पर अरुण रावत पर जानलेवा हमला हुआ था।2
- दतिया जिले के भांडेर में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। इस अवसर पर, जलज चतुर्वेदी ने बयान दिया है कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कड़ी चुनौती देगी।1
- आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव बिहार में खान सर के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।1
- दतिया पुलिस ने जिले में अवैध शराब के निर्माण के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार शिवहरे और एसडीओपी सेवढ़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में, थाना डीपार पुलिस ने ग्राम ग्यारा स्थित कंजर डेरा पर दबिश दी। इस दौरान टीम ने 55 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब जब्त की और मौके पर पाए गए लगभग 5000 लीटर लाहन को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में, ग्यारा की पहाड़िया, राजपुर रोड निवासी 50 वर्षीय रमेश पुत्र गंगाराम कंजर के कब्जे से 30 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब जब्त की गई। वहीं, कंजर डेरा ग्यारा निवासी 50 वर्षीय शीला देवी पत्नी राजेन्द्र कंजर के पास से 25 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब मिली। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34 के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की है। इस अभियान में थाना डीपार प्रभारी उप निरीक्षक श्री यादवेन्द्र गुर्जर, उनि सियाराम गौड, प्रआर मंशाराम, आर दीपेंद्र गुर्जर, आर निजाम खान और आर आकाश यादव की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।2
- ग्वालियर में गैंगस्टर विक्रम राणा पर हमला किया गया है। यह घटना मुरार 7 नंबर चौराहे पर हुई, जहाँ आधा दर्जन हमलावरों ने विक्रम राणा पर लाठी-डंडों से मारपीट की। बताया गया है कि हमले के वक्त विक्रम राणा एक ऑटो में जा रहा था।1
- राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त हो गए। सूत्रों ने बताया कि यह घटना कल शाम को अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण हुई। एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर खड़े ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अपनी जगह से खिसक गए और विमानों से टकरा गए, जिसके चलते इन विमानों को नुकसान पहुंचा।1
- बागेश्वर धाम के महंत ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अब 'दोस्ती जिहाद' भी सामने आ गया है। इस बयान ने एक नए पहलू की ओर इशारा किया है, जो चर्चा का विषय बन गया है।1
- दतिया जिले के भाण्डेर थाना क्षेत्र में नदी में मिले एक युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने महज चार दिन में सुलझाने का दावा किया है। सोमवार शाम 05 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी सुनील शिवहरे ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के अनुसार, ग्राम अजीतपुरा निवासी विनोद यादव उर्फ खुशी यादव (38) बीते एक जून को दूध देने के लिए भाण्डेर गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। अगले दिन उसकी मोटरसाइकिल खेत में खड़ी मिली और पास की नदी से उसका शव बरामद हुआ। शुरुआती तौर पर परिजनों ने किसी पर संदेह नहीं जताया था, लेकिन घटना की परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में खुलासा हुआ कि जमीन और पारिवारिक संपत्ति के विवाद के चलते विनोद के बड़े भाई मनोज यादव ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने विनोद को कार में घुमाया, शराब पिलाई और नशे की हालत में उसे नदी में डुबोकर मार डाला, ताकि यह मामला दुर्घटना लगे। पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोज यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि इस मामले में शामिल पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़-लांच रोड पर एक गंभीर विद्युत हादसे में मंटू मास्टर के खेत के पास 33 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन युवक बुरी तरह झुलस गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तीनों घायलों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया। यह हादसा उस समय हुआ जब प्राइवेट कंपनी BTL द्वारा 11 केवी विद्युत लाइन पर मेंटेनेंस और शिफ्टिंग का काम किया जा रहा था। काम के दौरान ठेकेदार के कर्मचारियों ने ऊपर से गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा, जिसके परिणामस्वरूप तार आपस में संपर्क में आ गए और करंट फैल गया। हादसे में पुनीत आदिवासी (30 वर्ष), अंकित आदिवासी (30 वर्ष) और पारस वर्मा (20 वर्ष) गंभीर रूप से झुलसे हैं। इन्हें तत्काल इंदरगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति के चलते ग्वालियर रेफर कर दिया गया। लाइनमैन कालीचरण प्रजापति के अनुसार, ठेकेदार के मैनेजर ने केवल 11 केवी लाइन का परमिट लिया था, जबकि ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन का शटडाउन नहीं कराया गया। इसी लापरवाही को इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और मामले की जांच शुरू कर दी। बिजली विभाग के अधिकारी नीरज यादव ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि प्राइवेट कंपनी BTL तथा संबंधित ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायलों के परिजनों ने इस मामले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ितों को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। इस पूरे प्रकरण में BTL कंपनी की कार्यप्रणाली और बरती गई कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1