मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में 4 जून को काली माता रेस्टोरेंट में रावत समाज के दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के मामले में अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस फुटेज के सामने आने के बाद अरुण रावत पर मारपीट को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रेस्टोरेंट में लगे कैमरों की फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि विवाद की शुरुआत अजय रावत और पुष्पेंद्र रावत ने गोलू रावत के साथ मारपीट करके की थी। इसी झगड़े के बाद मामला बढ़ता गया और स्थिति बेकाबू हो गई। वीडियो में अरुण रावत घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके खिलाफ लगे आरोप निराधार प्रतीत हो रहे हैं। अरुण रावत के परिजनों और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें इस मामले में जानबूझकर निशाना बनाया गया है। उनका यह भी कहना है कि 4 जून को पुलिस थाने की दहलीज पर अरुण रावत पर जानलेवा हमला हुआ था।
मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में 4 जून को काली माता रेस्टोरेंट में रावत समाज के दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के मामले में अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस फुटेज के सामने आने के बाद अरुण रावत पर मारपीट को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रेस्टोरेंट में लगे कैमरों की फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि विवाद की शुरुआत अजय रावत और पुष्पेंद्र रावत
ने गोलू रावत के साथ मारपीट करके की थी। इसी झगड़े के बाद मामला बढ़ता गया और स्थिति बेकाबू हो गई। वीडियो में अरुण रावत घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके खिलाफ लगे आरोप निराधार प्रतीत हो रहे हैं। अरुण रावत के परिजनों और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें इस मामले में जानबूझकर निशाना बनाया गया है। उनका यह भी कहना है कि 4 जून को पुलिस थाने की दहलीज पर अरुण रावत पर जानलेवा हमला हुआ था।
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में 4 जून को काली माता रेस्टोरेंट में रावत समाज के दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के मामले में अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस फुटेज के सामने आने के बाद अरुण रावत पर मारपीट को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रेस्टोरेंट में लगे कैमरों की फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि विवाद की शुरुआत अजय रावत और पुष्पेंद्र रावत ने गोलू रावत के साथ मारपीट करके की थी। इसी झगड़े के बाद मामला बढ़ता गया और स्थिति बेकाबू हो गई। वीडियो में अरुण रावत घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके खिलाफ लगे आरोप निराधार प्रतीत हो रहे हैं। अरुण रावत के परिजनों और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें इस मामले में जानबूझकर निशाना बनाया गया है। उनका यह भी कहना है कि 4 जून को पुलिस थाने की दहलीज पर अरुण रावत पर जानलेवा हमला हुआ था।2
- आज श्री बिहारी जी मंदिर में मलमास महीने के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर, संध्या के समय श्री बिहारी जी को 56 प्रकार का भोग अर्पित किया जाएगा। भोग अर्पण के उपरांत, मंदिर परिसर में भजन कीर्तन का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन उत्सव में दर्शन कर सौभाग्य प्राप्त करने का आग्रह किया है।1
- Post by Arvind Tiwari1
- दतिया से एक चौंकाने वाली जमीनी हकीकत सामने आई है, जो विकास के बड़े-बड़े दावों पर सवाल खड़ा करती है। जानकारी के अनुसार, दतिया के जिला अस्पताल में नौ माह की एक गर्भवती महिला को स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो पाया। इस घटना ने क्षेत्र में कथित तौर पर विकास की उड़ान भरती जमीनी हकीकत की पोल खोल दी है।1
- छतरपुर जिले की तहसील नोगांव के अंतर्गत रगौली ग्राम पंचायत में पिछले 15 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा श्री विष्णु महायज्ञ, बजरंग आश्रम पर आज पूर्ण हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। इस वर्ष के कार्यक्रम का आरंभ 31 मई, रविवार को कलश यात्रा के साथ हुआ था, जिसका समापन आज 7 जून, रविवार को पूर्ण आहुति और भंडारे के साथ किया गया। महायज्ञ के साथ ही रामलीला का भी आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक बजरंग बली जी महाराज बताए गए हैं, जिसमें स्व. श्री फट्टी बाबा, श्री स्वामी रामानंद जी महाराज रगौली और केशव दास राजपूत का भी उल्लेख है। मुख्य यजमान श्रीमती वीना अनूप तिवारी थीं, जबकि यज्ञाचार्य पं. श्री प्रेमनारायण चतुर्वेदी जी थे। पत्तल राजा, भाजपा किसान मोर्चा के जिला प्रभारी आईटी सोशल मीडिया छतरपुर, रामप्रसाद कुशवाहा भी इस कार्यक्रम के प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे। इस श्री विष्णु महायज्ञ को सफल बनाने में कार्यक्रम कमेटी के अध्यक्ष जयसिंह राजपूत, रुपसिंह राजपूत, रगौली के सरपंच विनोद राजपूत, भागसिंह यादव और डॉ. रामकृपाल श्रीवास (जिन्होंने निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान की) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह पूरा आयोजन सभी ग्राम वासियों के सहयोग से संपन्न हुआ।1
- ग्वालियर की सिद्धपीठ श्री गंगादास जी की बड़ी शाला में भक्ति, संगीत और राष्ट्र समर्पण का दो दिवसीय आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में वर्ष 1857 के स्वाधीनता संग्राम में बलिदान देने वाले संतों की स्मृति और ग्वालियर घराने के प्रख्यात गायनाचार्य पंडित सीताराम शरण दास जी महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर संगीत संस्था 'रागायन' के तत्वावधान में संगीत समारोह, श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सिद्धपीठ श्री गंगादास जी की बड़ी शाला के श्रीमहंत पूरण वैराठी पीठाधीश्वर स्वामी रामसेवकदास जी महाराज ने बताया कि यह स्थल केवल एक धार्मिक स्थान नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास और संत परंपरा का जीवंत अध्याय है। रामानंदी संप्रदाय के 52 द्वारों में प्रमुख यह तपोभूमि 1857 की क्रांति की भी साक्षी रही है। उन्होंने जानकारी दी कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के वीरगति प्राप्त करने के बाद, तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत गंगादास जी महाराज ने उनकी पार्थिव देह की रक्षा कर अंतिम संस्कार किया था। इस संघर्ष में अंग्रेजों से युद्ध करते हुए 745 साधुओं ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, जो संत परंपरा के अद्वितीय शौर्य का परिचायक है। स्वामी रामसेवक दास जी के अनुसार, 'रागायन' संस्था की स्थापना पंडित सीताराम शरण दास जी महाराज ने ही की थी। वर्ष 2000 में पंजीकृत यह संस्था आज ग्वालियर के वरिष्ठ संगीतज्ञों का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक मंच है, जो प्रतिवर्ष अपने संस्थापक की पुण्यतिथि और शहीद संतों की स्मृति में संगीत समारोह आयोजित करती है। यह संगीत समारोह 10 जून को सायं 6 बजे से लक्ष्मीबाई कॉलोनी, पड़ाव स्थित बड़ी शाला परिसर में सरस्वती पूजन और गुरु पूजन के साथ आरंभ होगा। इसके बाद, ग्वालियर घराने के वरिष्ठ गायक पंडित महेश दत्त पाण्डेय के सानिध्य में संजय देवले, सुजल जैन और हेमांग कोल्हटकर द्वारा गुरु वंदना प्रस्तुत की जाएगी। इस प्रस्तुति में हारमोनियम पर अनूप मोघे और तबले पर अविनाश महाजनी संगत करेंगे।1
- दिल्ली में इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में प्रमुख विपक्षी नेताओं में अखिलेश यादव, राहुल गांधी और ममता बनर्जी शामिल हैं। इनके अलावा, कई अन्य विपक्षी नेता भी इस अहम बैठक में मौजूद हैं।1
- ग्वालियर जिले के डबरा से एक प्रेमी युगल अपने परिजनों को बिना बताए घर से भाग गया। हालांकि, घर से भागने के तुरंत बाद युवती को अपनी इस हरकत पर गहरा पछतावा हुआ। युवती ने रोते हुए युवक से कहा कि उन्होंने घर से भागकर अच्छा नहीं किया और घरवालों पर क्या बीत रही होगी, उन्होंने एक बार भी इस बारे में नहीं सोचा। उसने अपनी इस गलती को एक 'बहुत बड़ी भूल' बताया। प्रेमी युगल के इस पछतावे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1