सरकारी आदेशों की उड़ रही धज्जियां, बदहाल सड़क से राहगीर परेशान जल्लापुर–सायर मार्ग पर गड्ढों और गंदे पानी से आवागमन बाधित, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई मरम्मत बीसलपुर,पीलीभीत।बीसलपुर क्षेत्र में सड़क व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार द्वारा लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी होती दिखाई दे रही है। चुर्रा सकतपुर क्षेत्र के गांव जल्लापुर से सायर जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत इन दिनों बेहद खस्ता हो चुकी है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और नालियों का गंदा पानी भी सड़क पर बह रहा है। पानी भरने और गड्ढों के कारण लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। कई बार राहगीर फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं।बाइक और साइकिल सवारों को भी इस मार्ग से गुजरने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। गड्ढों से बचते-बचाते वाहन निकालना किसी जोखिम से कम नहीं है। बरसात या पानी भरने की स्थिति में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी और कर्मचारी अब तक सड़क का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे हैं।ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो वह प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर इस मामले की लिखित शिकायत करेंगे।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर वे उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडे को ज्ञापन देकर सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग करेंगे। लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण रोजमर्रा के कामकाज और बच्चों के स्कूल जाने में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं, इसलिए प्रशासन को इस ओर जल्द ध्यान देना चाहिए।
सरकारी आदेशों की उड़ रही धज्जियां, बदहाल सड़क से राहगीर परेशान जल्लापुर–सायर मार्ग पर गड्ढों और गंदे पानी से आवागमन बाधित, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई मरम्मत बीसलपुर,पीलीभीत।बीसलपुर क्षेत्र में सड़क व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार द्वारा लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी होती दिखाई दे रही है। चुर्रा सकतपुर क्षेत्र के गांव जल्लापुर से सायर जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत इन दिनों बेहद खस्ता हो चुकी है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और नालियों का गंदा पानी भी सड़क पर बह रहा है। पानी भरने और गड्ढों के कारण लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। कई बार राहगीर फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं।बाइक और साइकिल सवारों को भी इस मार्ग से गुजरने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। गड्ढों से बचते-बचाते वाहन निकालना किसी जोखिम से कम नहीं है। बरसात या पानी भरने की स्थिति में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी और कर्मचारी अब तक सड़क का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे हैं।ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो वह प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर इस मामले की लिखित शिकायत करेंगे।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर वे उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडे को ज्ञापन देकर सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग करेंगे। लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण रोजमर्रा के कामकाज और बच्चों के स्कूल जाने में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं, इसलिए प्रशासन को इस ओर जल्द ध्यान देना चाहिए।
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- पूरनपुर,पीलीभीत।भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसानों ने केंद्र सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकालकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर और ग्रामीण जनता लगातार परेशान हो रही है, इसलिए अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज किया जा रहा है। सोमवार को क्षेत्र के किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालते हुए तहसील मुख्यालय तक मार्च किया। रैली के माध्यम से किसानों ने अपनी मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद किसान नेताओं ने एसडीएम को ज्ञापन देकर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि किसानों की फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी दी जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके। साथ ही किसानों ने कृषि कार्य में प्रयोग होने वाले डीजल की कीमत कम करने, किसानों के ऊपर बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने तथा कृषि से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग भी उठाई।किसान नेताओं ने बताया कि संगठन द्वारा देशभर में किसान-मजदूर और ग्रामीण जनता के मुद्दों को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 27 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान किसानों के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि 10 मार्च 2026 को ट्रैक्टर मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है, जिसके माध्यम से किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 23 मार्च 2026 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर के किसान, मजदूर और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होकर आगे की आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।इस मौके पर संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। रैली और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और भाकियू (चढूनी) के कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने पूरनपुर में निकाला ट्रैक्टर मार्च पुलिस रही मौके पर1
- पीलीभीत,कलीनगर- तहसील क्षेत्र के भीमपुर नौगजा गांव से मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के लिए चौथी बार डोला बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ रवाना किया गया।1
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