झारखंड के गढ़वा जिले में सरकार द्वारा चलाई गई 'हर घर नल जल योजना' ग्रामीणों के लिए केवल एक सपना बनकर रह गई है। इस योजना के शुरू होने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर थी और उन्हें उम्मीद थी कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से मुक्ति मिलेगी। हालांकि, संग्रहे खुर्द पंचायत के लोगों से पीएचईडी विभाग गढ़वा द्वारा 30 रुपये की राशि भी वसूल की गई, लेकिन उन्हें कभी शुद्ध और स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हुआ। नल से शुद्ध पानी आने के बजाय गंदा, मिट्टी मिला हुआ पानी गिरता रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी शुद्ध जल प्राप्ति की यह योजना संग्रहे खुर्द पंचायत में नाकाम साबित हो रही है, जिसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और प्रशासनिक लापरवाही का विषय बताया गया है। शुद्ध और स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। ग्रामीणों को इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए कुछ कदम सुझाए गए हैं। इसमें सबसे पहले ग्राम पंचायत सचिव या सरपंच को लिखित शिकायत देना शामिल है, ताकि वे जल जीवन मिशन के दिशानिर्देशों के अनुसार ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से स्थायी समाधान करा सकें। इसके अतिरिक्त, राज्य के जन स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) या जल निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और 1800-180-6088 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके समस्या दर्ज कराने के विकल्प भी दिए गए हैं।
झारखंड के गढ़वा जिले में सरकार द्वारा चलाई गई 'हर घर नल जल योजना' ग्रामीणों के लिए केवल एक सपना बनकर रह गई है। इस योजना के शुरू होने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर थी और उन्हें उम्मीद थी कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से मुक्ति मिलेगी। हालांकि, संग्रहे खुर्द पंचायत के लोगों से
पीएचईडी विभाग गढ़वा द्वारा 30 रुपये की राशि भी वसूल की गई, लेकिन उन्हें कभी शुद्ध और स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हुआ। नल से शुद्ध पानी आने के बजाय गंदा, मिट्टी मिला हुआ पानी गिरता रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी शुद्ध जल प्राप्ति की यह योजना संग्रहे खुर्द पंचायत में नाकाम साबित हो
रही है, जिसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और प्रशासनिक लापरवाही का विषय बताया गया है। शुद्ध और स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। ग्रामीणों को इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए कुछ कदम सुझाए गए हैं। इसमें सबसे पहले ग्राम पंचायत सचिव या सरपंच को लिखित शिकायत देना शामिल है, ताकि वे
जल जीवन मिशन के दिशानिर्देशों के अनुसार ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से स्थायी समाधान करा सकें। इसके अतिरिक्त, राज्य के जन स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) या जल निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और 1800-180-6088 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके समस्या दर्ज कराने के विकल्प भी दिए गए हैं।
- गढ़वा जिले के कल्याणपुर में स्थित एक चिकित्सा केंद्र सभी बीमारियों के इलाज का दावा करता है, जिसके चलते यह अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस केंद्र पर दूर-दूर से मरीज अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहाँ मरीजों को बेहतर परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।1
- बरवाडीह थाना क्षेत्र के बरवाडीह-कुटमू मुख्य मार्ग पर स्थित ठुठाकुसुम के भगत सिंह चौक के समीप मंगलवार को एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। यहाँ दो पल्सर बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बाइक चालक बुरी तरह घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह टक्कर इतनी भीषण थी कि इसमें एक बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से, दोनों घायल चालकों को एंबुलेंस के माध्यम से बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।2
- सोनभद्र जिले के ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ वार्ड नंबर 15 स्थित ओम चौराहे के पास प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की और अवैध कब्जे को हटवाया। यह कार्रवाई नगर पंचायत ओबरा, मजिस्ट्रेट, लेखपाल और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में नाली निर्माण का कार्य चल रहा था। इस दौरान ठेकेदार रघुराज सिंह द्वारा कथित तौर पर मकान की बाउंड्री और दुकान के अंदर से नाली निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा था, जिस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई और नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया, जिसमें अवैध अतिक्रमण पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को हटवा दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा या अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और नियमों के तहत ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, और स्थानीय लोग पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बिडर ग्राम पंचायत के बावनझरिया गांव में शुक्रवार देर शाम उस समय मातम पसर गया, जब गुजरात में मजदूरी कर रहे 25 वर्षीय रामप्रसाद का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। रामप्रसाद लगभग चार-पांच महीने पहले बड़ौदा (गुजरात) में काम करने गए थे। परिजनों के अनुसार, रामप्रसाद की पत्नी को 15 जून 2026 को मोबाइल के ज़रिए रामप्रसाद की सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद, मृतक के ससुर और गांव के ठेकेदार के कुछ लोग घर पहुंचे और रामप्रसाद के पिता को गुजरात ले गए। रामप्रसाद के बड़े भाई शिवप्रसाद ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले ही ठेकेदार के लोगों ने रामप्रसाद का पोस्टमार्टम करा लिया था। परिजनों का यह भी आरोप है कि ठेकेदार के लोग घटना के समय और घटनाक्रम के बारे में कोई ठोस जानकारी या संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। रामप्रसाद का पार्थिव शरीर शुक्रवार, 17 जून को शाम करीब 7 बजे एक निजी एम्बुलेंस से बावनझरिया गांव पहुंचा। रामप्रसाद अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनका विवाह लगभग छह साल पहले हुआ था, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं है। शव घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के कार्यवाहक प्रधान श्रवण कुमार ने परिजनों के साथ दुख व्यक्त किया और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और सभी की आंखें नम थीं।3
- ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर रौशन आनंद, जिन्हें रौशन सर के नाम से भी जाना जाता है, ने मशहूर खान सर और उनके सहयोगियों पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या करवाने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रिंस यादव की मौत नेपाल के बिराटनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। गौरतलब है कि प्रिंस यादव पहले खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए एक हमले के मामले में नामजद आरोपी थे। हालांकि, खान सर ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है। इस पूरे विवाद के संबंध में, प्रीतम जी के अनुसार, अभी भी 'कुछ तो अंतर घाट है' और इस मामले की सच्चाई पर गौर किया जाना बाकी है।1
- गढ़वा के चर्चित समाजसेवी विकास माली का गया स्थित कार्यालय इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि इस कार्यालय से विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। कार्यालय की व्यवस्था और उसकी कार्यशैली को देखकर लोग काफी प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहीं से कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावी ढंग से निगरानी की जाती है। यह कार्यालय अपनी खासियत और कामकाज के तरीके के कारण लोगों के बीच लोकप्रियता बटोर रहा है।1
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड की चुतरू पंचायत के बांदु गांव निवासी सुदामा कोरवा के पुत्र श्याम कोरवा के आकस्मिक निधन से पूरे गांव में शोक का माहौल है। बुधवार शाम करीब 6:30 बजे चुतरू पंचायत के दक्षिणी क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) मो. आसीफ आलम को इस निधन की सूचना मिली। सूचना मिलते ही बीडीसी प्रतिनिधि के रूप में उनके पुत्र अजहर अंसारी तत्काल बांदु गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक श्याम कोरवा के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अजहर अंसारी ने अंतिम संस्कार और अन्य क्रियाकर्म में सहायता के उद्देश्य से अपनी ओर से परिवार को चावल भी उपलब्ध कराया।1
- गढ़वा से अपने घर लौट रहे रंका प्रखंड के चुतरू पंचायत स्थित बांदु निवासी दो युवक बेसरी मुख्य सड़क पर एक हाइड्रा वाहन की चपेट में आ गए, जिससे बुटन भुईया की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, भरत भुईया गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। इस दुर्घटना के बाद बांदु गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1